अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर ने देवप्रयाग संगम घाट एवं चार धाम यात्रा मार्ग का किया स्थलीय निरीक्षण, दिए निर्देश

देवप्रयाग : मंगलवार को आयोजित होने वाले पावन बैसाखी पर्व के अवसर पर थाना देवप्रयाग (पौड़ी) क्षेत्र अंतर्गत संगम स्थल देवप्रयाग में संभावित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एवं स्नान व्यवस्था के दृष्टिगत सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक, कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर द्वारा संगम घाट, रामकुंड, देवप्रयाग का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

 

निरीक्षण के दौरान घाटों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, बैरिकेडिंग एवं पुलिस बल की तैनाती से संबंधित दिशा निर्देश  दिए गए। स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाने, संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने, लाउडस्पीकर के माध्यम से जन-जागरूकता, तथा आपदा/आपात स्थिति से निपटने हेतु पुलिस बल को सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए गए।

साथ ही आगामी कुछ दिनों में शुरू होने वाली चारधाम यात्रा की तैयारियों को परखने हेतु अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार द्वारा श्रीनगर क्षेत्रान्तर्गत चारधाम यात्रा रूट – कीर्तिनगर पुल से सिरोबगड़ का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधीनस्थ कार्मिकों को निम्न आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गएः-

🔹 यात्रा मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु एवं सुरक्षित बनाए रखने हेतु नियमित चेकिंग एवं पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

🔹 संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती की जाए।

🔹 यात्रा मार्गों पर स्थापित साइन बोर्ड, बैरिकेडिंग एवं दिशा-सूचक संकेतों को समय-समय पर चेक कर सही स्थिति में रखा जाए।

🔹 वैकल्पिक मार्गों का भी नियमित निरीक्षण कर उन्हें सुचारु एवं उपयोगी बनाए रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल डायवर्जन किया जा सके।

🔹 श्रद्धालुओं की सहायता हेतु प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क/सहायता केंद्र सक्रिय रखे जाएं।

🔹 स्थानीय प्रशासन एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सभी व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण किया जाए।

🔹 किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु त्वरित रिस्पॉन्स टीम को अलर्ट मोड पर रखा जाए।

यात्रा मार्ग पर पशु क्रुरता नियमों का प्रभावी ढंग से होगा अनुपालन – डीएम गौरव कुमार

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर अश्व वंशीय पशुओं के संरक्षण को लेकर स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विभाग और हितधारक पशु क्रुरता के नियमों और प्रावधानों पर प्रभावी अनुपालन करें। डीएम गौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर अश्व वंशीय पशुओं के संरक्षण को लेकर कार्यशाला आयोजित हुई। इस दौरान डीएम ने संबंधित विभागों और हितधारकों को पशु क्रूरता के नियमों और प्रावधानों के प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर संचालित अश्व वंशीय पशुओं के संरक्षण करना है।

जिलाधिकारी ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में गढ़वाल आयुक्त की ओर से दिए गए निर्देश पर हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर तीर्थयात्रियों के आवागमन और सामाग्री ढुलान में प्रयुक्त अश्व वंशीय पशुओं के संरक्षण के लिए योजना तैयार की गई। इसके तहत अश्व वंशीय पशुओं के अस्तबल, पेयजल, चिकित्सा के साथ अन्य व्यवस्थाओं को चाक-चैबंद किया जा रहा है। पशु क्रूरता के नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यात्रा से संबंधित विभागीय अधिकारियों और हितधारकों को कार्यशाला के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।

कार्यशाला में पीपल फॉर एनिमल की ट्रस्टी व सचिव गौरी मौलेखी ने अश्व वंशीय पशुओं के संरक्षण की जानकारी देते हुए यात्रा मार्ग पर अश्व संचालन के लिए पंजीकरण के साथ ही चिप टैंगिंग, म्यूल टास्क फोर्स का गठन, पशु क्रूरता व अव्यवस्था सुधार के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था के सुझाव जिला प्रशासन के सम्मुख रखे। उन्होंने अधिकारियों और हितधारकों पशु क्रूरता अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने के साथ ही पुलिस प्रशासन से पशु क्रूरता करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर अश्व वंशीय पशुओं के पेयजल और आवासीय व्यवस्था को चाक-चैबंद करने संबंधी सुझाव भी दिए।

इस दौरान अपर जिलाधिकारी चमोली विवेक प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह, डा.उत्तम कुमार, डा. सिद्धार्थ खत्री समेत अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

एलपीजी कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, आपूर्ति बढ़ाने पर जोर

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि जिला योजना समितियों की बैठकें अप्रैल माह तक अनिवार्य रूप से आयोजित करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए अपने जनपदों के प्रभारी मंत्रियों से बैठक की तिथियां शीघ्र निर्धारित किए जाने की बात कही। उन्होंने जिलाधिकारियों को जनपद स्तरीय वनाग्नि समितियों और ग्रीष्मकालीन पेयजल समितियों की बैठकें भी शीघ्र आयोजित कर अपना प्लान शीघ्र प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने कुंभ – 2027 के कार्यों की अद्यतन जानकारी भी ली। उन्होंने सभी निर्माण संबंधी ऐसे कार्य जो कुंभ क्षेत्र में शुरू होने हैं, उनका शीघ्र जीओ जारी कर निर्माण कार्य शुरू करवाए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कुंभ – 2027 के दौरान कुंभ क्षेत्र में यातायात, पार्किंग और रूट प्लान सहित जंक्शन इम्प्रूवमेंट पर भी विस्तार से चर्चा की एवं मेलाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। उन्होंने सचिव पीडब्ल्यूडी से भी विभिन्न महत्त्वपूर्ण स्थानों पर साइनेज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने पूंजीगत व्यय के नए कार्यों की स्वीकृतियां 30 मई तक जारी किए जाने का लक्ष्य दिया। उन्होंने कहा कि मानसून के कारण कार्य प्रभावित इसके लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां 30 मई तक अनिवार्य रूप से जारी कर दी जाएं। उन्होंने सभी कार्यों की प्राथमिकताएं भी तय किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक के दौरान प्रदेश में एलपीजी गैस वितरण की अद्यतन स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाए जाने के साथ ही कालाबाजारी रोके जाने के लिए कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभागों एवं जनपदों में भी ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागों द्वारा अपने जनपद स्तरीय कार्यालयों में भी 100 प्रतिशत ई-ऑफिस लागू किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को फारेस्ट लैंड ट्रांसफर के मामलों में तेजी लाने के लिए के लिए इस हेतु गठित जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें निर्धारित समय पर अनिवार्य रूप से आयोजित कर ली जाएं। एवं इनसे सम्बन्धित प्रस्तावों को शासन एवं वन विभाग को तत्काल भेजे जाएं ताकि आगे की कार्रवाई हो सके। मुख्य सचिव ने जनगणना कार्य की प्रगति की भी जानकारी ली। उन्होंने सभी निर्धारित कार्यों को ससमय पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए। जनगणना कार्य में तकनीकी सहायक शीघ्र अपॉइंट किया जाए। उन्होंने एचएलबी का डिमार्केशन दिया जाना है, शीघ्र किया जाए। उन्होंने भ्रामक अफवाहों को दूर करने के लिए लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जायें। इसके लिए सोशल मीडिया आदि का भी प्रयोग करके सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

मुख्य सचिव ने सभी जनपदों को अंश निर्धारण, किसान पंजीकरण और डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अंश निर्धारण का कार्य पूर्ण किए जाने के लिए 30 अप्रैल, 2026 का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण का कार्य सीएससी के माध्यम से भी करवाया जा सकता है। उन्होंने आयुक्त राजस्व को लगातार यह डेटा जिलाधिकारियों को शेयर किए जाने के भी निर्देश दिए ताकि जिलाधिकारी इस कार्य में ऐक्टिव भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल फ़ैनाई, आर मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, डॉ पंकज कुमार पांडेय, चंद्रेश कुमार यादव, श्रीधर बाबू अद्धांकी, रविनाथ रमन, डॉ आर राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप, डॉ अहमद इकबाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नीब करौरी बाबा के जीवन पर फिल्म, सीएम धामी ने किया पोस्टर का लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में बाबा नीब करौरी महाराज पर आधारित फिल्म के प्रोमो और पोस्टर का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फिल्म केवल एक सिनेमाई प्रस्तुति नहीं है, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और मानवता के उच्च आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि बाबा नीब करौरी महाराज जी का दिव्य जीवन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाएँ सरलता, करुणा, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश देती हैं, जो वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित प्रयास भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण एवं प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह फिल्म समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी और नई पीढ़ी को अपने सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री ने फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों, निर्देशक एवं निर्माता दल को इस सराहनीय एवं आध्यात्मिक प्रयास के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर योगगुरु स्वामी रामदेव एवं स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, फिल्म निर्देशक शरद सिंह ठाकुर एवं अन्य कलाकार मौजूद थे।

रसोई गैस संकट से अब छात्रों को मिलेगी राहत

गोपेश्वर (चमोली)। नगर क्षेत्र में अध्ययन कर रहे छात्रों को अब रसाई गैस की समस्या से जुझना नहीं पड़ेगा। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने जिला पूर्ति अधिकारी को आदेश जारी कर पांच किग्रा के गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष अमित मिश्रा ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर नगर क्षेत्र में अध्ययन करने के लिए दूर दराज क्षेत्रों से आए छात्रों के पास गैस बुक न होने से उन्हें गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इस कारण छात्रों के सामने खाना पकाने की समस्या पैदा हो गई है। ऐसे में छात्रों की समस्या को ध्यान में रखते गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने की मांग की। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को आदेश जारी करते हुए तत्काल छात्रों के लिए पांच किग्रा के सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए है। अब छात्रों को रसोई गैस के संकट से निजात मिलने की संभावना बढ़ गई है।

बताते चलें कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोपेश्वर में जनपद के विभिन्न इलाकों के छात्र अध्ययन करते हैं। रसाई गैस के लिए पंजीकरण न होने के चलते उनके सम्मुख गैस का संकट खड़ा होने से खान पान की समस्या खड़ी हो गई है। इसके चलते छात्रों को खाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा था। अब छात्रों को इस संकट से निजात मिलेगी।

स्वच्छता में जनभागीदारी जरूरी: सीएम धामी, बल्लूपुर में अभियान में शामिल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बल्लूपुर चौक में नगर निगम, देहरादून द्वारा आयोजित “स्वेच्छा से स्वच्छता” कार्यक्रम में प्रतिभाग कर प्रदेशवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वयं सफाई अभियान में भाग लेते हुए जनसामान्य को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। नगर निगम, देहरादून द्वारा 7 अप्रैल से 13 अप्रैल 2026 तक चलाए गए इस विशेष सफाई अभियान का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाना है। अभियान के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा होनी चाहिए। जब तक प्रत्येक नागरिक स्वेच्छा से इस दिशा में योगदान नहीं देगा, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं है। हमें अपने घर, मोहल्ले और शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी स्वयं निभानी होगी। मुख्यमंत्री ने नगर निगम, देहरादून के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जनभागीदारी आधारित कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएं, ताकि स्वच्छता के प्रति जागरूकता निरंतर बनी रहे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक मती सविता कपूर, महामंत्री संगठन अजेय कुमार एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

महिलाओं को सशक्त नेतृत्व की दिशा देगा नारी शक्ति वंदन अधिनियम – रेखा आर्या

हरिद्वार। हरिद्वार में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा। सोमवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पार्टी के तमाम पदाधिकारियों के साथ होटल ग्रैंड पार्क में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना।

रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का विचार करीब चार दशक से चर्चा में रहा है। इसके बाद कई बार प्रयास हुए और 2010 में यह विधेयक राज्यसभा से पारित भी हुआ, लेकिन लोकसभा में लंबित रह गया। मंत्री ने कहा कि वर्षों तक कई राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में महिला आरक्षण का जिक्र किया, लेकिन इसे लागू करने के लिए ठोस इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। रेखा आर्या ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद के विशेष सत्र में प्राथमिकता देकर पारित कराया, जो मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीयत का उदाहरण है।

उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में भाग लेंगी, बल्कि निर्णय लेने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी। मंत्री ने कहा कि इस कानून से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी, महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी और समाज में उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा। साथ ही, यह नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा। अंत में रेखा आर्या ने कहा कि अब नारी केवल अपेक्षा करने वाली नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली और समाज को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति के रूप में उभरेगी।

इस अवसर पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रीता चमोली, जिला अध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा, जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा, नपेंद्र चौधरी, नीतीश वालिया, प्रेम शंकर, डॉक्टर चित्रा, विपिन चौधरी आदि उपस्थित रहे।

उत्तराखंड में 15 अप्रैल तक मौसम शुष्क, 16 से बदलेगा मिजाज, पढ़ें पूरा अपडेट

देहरादून। उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के लिए ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 13 अप्रैल (सोमवार) से 15 अप्रैल (बुधवार) तक राज्यभर में मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस दौरान न पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना है और न ही मैदानी इलाकों में वर्षा होगी।

16 अप्रैल से मौसम में बदलाव

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार, 16 अप्रैल से प्रदेश में मौसम करवट लेगा। इस दिन राज्य के करीब पांच पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। साथ ही, 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार जताए गए हैं। हालांकि, अन्य पहाड़ी जिलों और मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।

17 और 18 अप्रैल को भी यही रहेगा रुझान

शुक्रवार (17 अप्रैल) और शनिवार (18 अप्रैल) को भी मौसम का यही पैटर्न जारी रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है, जबकि मैदानी जिलों में मौसम सामान्य रहेगा।

तापमान में होगी बढ़ोतरी

मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों में उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई है। इसके चलते गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा।

 शहरों में बढ़ रहा तापमान

प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे दिन के समय गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए

लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में विधानसभा क्षेत्र डीडीहाट, गंगोलीहाट, कपकोट एवं बागेश्वर से संबंधित मुख्यमंत्री घोषणाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन घोषणाओं पर अभी तक शासनादेश जारी नहीं हुए हैं, उनके संबंध में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि लंबित घोषणाओं पर अधिकतम 20 दिनों के भीतर शासनादेश जारी कर दिए जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राज्य सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का संबंधित क्षेत्र के विधायकगणों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका प्रभावी समाधान निकाला जाए, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन भूमि स्थानांतरण से जुड़े मामलों की जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि वन भूमि से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाकर विकास कार्यों में बाधा को दूर किया जाए। साथ ही, इस विषय में विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत निर्मित सड़कों के रख-रखाव के लिए संबंधित विभागों की एक समन्वय समिति गठित की जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति द्वारा सड़कों के मेंटिनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित बना रहे।

बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़कों के पैच वर्क का कार्य वर्षाकाल से पूर्व अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। मुख्यमंत्री ने खेल अवसंरचना के विकास पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर खेल मैदानों के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है, वहां 15 दिनों के भीतर आवश्यक धनराशि जारी की जाए, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सके और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कनालीछीना से पिपली बगड़ीगांव तक मोटर मार्ग के चौडीकरण की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने कपकोट के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कपकोट के साथ पूर्व माध्यमिक स्कूल संचालित करने की कार्यवाही के साथ मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बागेश्वर जिला अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिये।

मुख्यमंत्री ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनहित से जुड़े कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दें और समयबद्ध तरीके से सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में विधायक डीडीहाट बिशन सिंह चुफाल, विधायक कपकोट सुरेश गड़िया, विधायक बागेश्वर मती पार्वती दास, वर्चुअल माध्यम से विधायक गंगोलीहाट फकीर राम, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, एस.एन.पाण्डेय, संबंधित विभागीय सचिव, वर्चुअल माध्यम से कुमांऊ कमिश्नर दीपक रावत, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ आशीष भटगांई, जिलाधिकारी बागेश्वर मती आकांक्षा कोण्डे मौजूद थे।

जनगणना प्रशिक्षण के पहले दिन प्रगणकों व सुपरवाइजरों को दी गयी विभिन्न जानकारी

पौड़ी : जनगणना–2027 के तहत आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रथम दिवस सोमवार को नगर पालिका सभागार, ईटीसी हॉल–1 और ईटीसी हॉल–2 में तीन केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जनगणना से जुड़ी मूलभूत अवधारणाओं, कानूनी प्रावधानों तथा तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जनगणना की परिभाषा, इसकी राष्ट्रीय उपयोगिता तथा चरणबद्ध प्रक्रिया के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के आंकड़े सरकार की नीतियों, योजनाओं और संसाधनों के वितरण का आधार होते हैं, इसलिए इसकी शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। फील्ड ट्रेनरों द्वारा मकान सूचीकरण (गृह सूचीकरण अभियान) के अंतर्गत भवन, मकान, परिवार एवं परिसर की स्पष्ट परिभाषाएं समझायी गयी। साथ ही गृह सूचीकरण खंड के सीमांकन, मानचित्रण प्रक्रिया और क्षेत्र निर्धारण की जानकारी भी दी गयी, जिससे फील्ड स्तर पर कार्य करने में आसानी हो।

प्रशिक्षण में डिजिटल तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर देते हुए गृह सूचीकरण मोबाइल अनुप्रयोग के संचालन, स्थापना और लॉगिन प्रक्रिया की जानकारी दी गयी। प्रतिभागियों को अनुप्रयोग के माध्यम से मानचित्रण और आंकड़ा प्रविष्टि की प्रारंभिक समझ भी करायी गयी, जिससे कार्य को पारदर्शी और त्वरित बनाया जा सके। प्रशिक्षण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों के बारे में बताते हुए फील्ड में कार्य के दौरान सटीकता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्व-गणना (स्वयं गणना) को बढ़ावा देने के लिए आमजन को जागरुक करने को कहा गया, ताकि नागरिक स्वयं अपनी जानकारी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से दर्ज कर सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर पालिका सभागार में फील्ड प्रशिक्षक प्रदीप बिष्ट और कमलेश जोशी, ईटीसी हॉल–1 में शिव सिंह रावत और ज्योति मोहन तथा ईटीसी हॉल–2 में अमित गौड़ और दीपक बेलवाल ने प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विषयों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया।