उद्योग मित्रों की समस्याओं को शीघ्रता से किया जाए निस्तारण – सीडीओ डॉ. ललित नारायण मिश्र
  • उद्योग लगाने के लिए एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता से किया जाए निस्तारण
हरिद्वार : उद्योग मित्रों की समस्याओं के त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में  मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभागार में जिला स्तरीय उद्योग मित्र समिति एकल खिड़की जिला प्राविधिक समिति की बैठक आयोजित की गयी। जिसमें विभिन्न औद्यौगिक इकाईयों से प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की गयी। 
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि उद्योग बंधुओं की जो भी समस्याएं है उन समस्याओं का सम्बन्धित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए समस्याओं का त्वरित गति से निस्तारण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये है कि जिन इकाईयों में पेय जल की समस्या है उन क्षेत्रों में प्राथमिकता ओवरहेड टैंक एवं पाइप लाइन डलवाने का कार्य किया जाए तथा सलेमपुर राजपूताना औद्योगिक क्षेत्र में स्ट्रीट लाईट लगाने हेतु एचआरडीए को आवश्यक कार्यवाही के निदेश दिये। उन्होंने उद्योगिग संगठन द्वारा रामनगर एवं सलेमपुर राजपूताना उद्योगिक क्षेत्र में फायर स्टेशन की मांग को लेकर नगर आयुक्त नगर निगम रुड़की को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।राष्ट्रीय राजमार्ग भगवानपुर में ग्राम रायपुर से ग्राम चौली तक सड़क पर कोई दुघटना न हो इसके लिए एनएचआई रूड़की को वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिये।  
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने महाप्रबन्धक उद्योग को निर्देश दिये है कि एकल खिड़की व्यवस्था के तहत प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार ससमय अनुसार कार्यवाही करना सुनिश्चित करे तथा जो आवेदन विभिन्न विभागों के स्तर पर लम्बित है उनसे आपसी समन्वय के साथ लम्बित आवेदनों का निस्तारण तत्परता से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि मिनी औद्योगिक इकाईयों को आवंटित भूखण्ड/शेड के पश्चात इकाईयों की स्थापना उत्पादन नही किया जा रहा है तो ऐसे इकाईयों को अंतिम अवसर देते हुए नोटिस निर्गत करने के निर्देश दिए। 
उन्होंने उद्योगिक इकाइयों को यह भी निर्देश दिए है कि किसी भी उद्योगिक इकाइयो द्वारा पानी की निकासी के लिए रिवर्स बोरिंग किसी भी दशा में न किया जाए।इसके लिए उन्होंने प्रदूषण विभाग को उद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण करने के निर्देश दिए एवं किसी उद्योगिक ईकाई द्वारा ऐसा किया जाता है तो उनके विरुद्व नियमानुसार कार्यवाही की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, महाप्रबन्धक उद्योग उत्तम कुमार तिवारी, क्षेत्रीय प्रबन्धक सिडकुल कमल कफल्टिया, सीओ सदर एसपी बलूनी, असिस्टेंट लेबर कमिश्नर प्रशांत कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई ओमजी गुप्ता, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम रूड़की अमरजीत कौर, सहायक नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार दीपक गोस्वामी, उद्योग मित्र ऋषभ गुप्ता, केतन भारद्वाज, अजय कुमार गर्ग, शिवम गोयल, मनोज गौतम, प्रवीण गर्ग,  विवेक अग्रवाल, नितेश कुमार जैन सहित सम्बन्धित अधिकारी एवं विभिन्न औद्योगिक इकाईयों के उद्योग मित्र मौजूद रहें।
चारधाम यात्रा से पहले मंडलायुक्त विनय शंकर पांडे व आईजी राजीव स्वरूप ने हर की पैड़ी पर किया गंगा पूजन

हरिद्वार : चारधाम यात्रा शुरू होने से एक दिन पूर्व आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने हर की पैड़ी में मां गंगा की पूजा अर्चना कर चार धाम यात्रा को निर्विघ्न,सुरक्षित एवं कुशलता पूर्वक संपन्न कराने के लिए मां गंगा से प्रार्थना की।

इस अवसर पर मां गंगा की पूजा अर्चना करते हुए आयुक्त गढ़वाल मंडल ने कहा कि हरिद्वार को चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार माना जाता है और यहीं से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आगे की यात्रा के लिए रवाना होते हैं, ऐसे में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है, कमिश्नर ने बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर लगातार व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है, ऋषिकुल मैदान में रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित किए गए हैं जहां यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंधन किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि चार दहन यात्रा के दौरान कही ओवर रेटिंग न हो ,मौसम की जानकारी यात्रियों समय समय पर मिलती रहे,सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराई गई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष करीब 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम यात्रा की थी जबकि इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही 18 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, आंकड़ों से साफ है कि इस बार भी यात्रा में भारी भीड़ की संभावना है, ऐसे में सुरक्षा, ट्रैफिक और सुविधाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इस अवसर पर श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम, महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी,उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट कुश्म चौहान सहित श्री गंगा सभा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

चारधाम यात्रा : सुबह चार से रात दस बजे तक ही यात्री वाहन संचालन

-डीएम गौरव कुमार की अपील श्रद्धालु नियमों का पालन कर यात्रा को सफल बनाएं

गोपेश्वर (चमोली। आगामी चारधाम यात्रा के दौरान यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देशानुसार यात्रा मार्गों पर यात्रियों के वाहनों का संचालन सुबह चार बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। रात्रि 10 बजे से सुबह चार बजे तक यात्री वाहनों का संचालन यात्रा मार्ग पर  प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान भरी माल वाहक वाहनों का आवागमन संबंधित क्षेत्र के थाना पुलिस चैकी, चेकपोस्ट के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के को पुलिस, प्रशासन तथा संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया है। यात्रा मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था तथा आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने के लिए सभी भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए यात्रा करें, ताकि यात्रा सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

ग्रामोत्थान परियोजना बनी ग्रामीण महिलाओं की आजीविका का आधार, दुग्ध उत्पादन और विपणन से महिलाओं को घर बैठे बेहतर आय

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में ग्रामोत्थान परियोजना महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार देकर उनकी आय का बेहतर आधार बन कर सामने आ रही है। चमोली जनपद में अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) सहायतित  ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से संचालित सामुहिक आजीविका सुदृढ़ीकरण योजना ग्रामीण महिलाओं की आय का बेहतर आधार बनने लगी है। योजना के तहत चमोली में विभिन्न उद्यमों के साथ ही दुग्ध उत्पान और विपणन की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। इससे जनपद में पशुपालकों की आय में भी वृद्धि दर्ज की गई है।

दशोली विकाखंड में परियोजाना की ओर से समुदाय आधारित उद्यम/व्यक्तिगत उद्यम के तहत हरियाली कलस्टर लेवर फैडरेशन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन और विपणन का कार्य कर रही है। इसके तहत फैडरेशन से सबंद्ध 57 महिला स्वयं सहायता समूहों की 59 महिलाएं दुग्ध उत्पादन कर रही हैं। इसके लिए क्लस्टर की ओर से गोपेश्वर में आउटलेट स्थापित किया गया है। जहां से प्रतिदिन 120 लीटर दूध का विपणन किया जा रहा है। इससे क्लस्टर प्रतिमाह एक लाख 65 हजार से अधिक की आय अर्जित कर रहा है। इसके अलावा क्लस्टर की ओर से दुग्ध से बने उत्पाद दही, छांछ, पनीर और अन्य उत्पादों का भी विपणन किया जा रहा है। दुध उत्पादन करने वाली महिलाओं को अपने उत्पादों को बेचने के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है और उन्हें घर पर ही बेहतर आय प्राप्त हो रही है।

  • कौंज पोथनी गांव निवासी ममता देवी का कहना है कि पूर्व में उन्हें अपने दूध के विपणन के लिए स्वयं बाजार तक जाना पड़ रहा था। इसमें अधिक समय जाया होने से उन्हें घर के कामों के लिए समय नहीं मिलता था। दर निर्धारित न होने से आय भी नियमित नहीं हो पा रही थी, लेकिन ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से तैयार विपणन की व्यवस्था से समय की बचत के साथ ही बेहतर आय प्राप्त हो रही है।
  • रौली ग्वाड़ गांव निवासी नीलम देवी का कहना है कि ग्रामोत्थान परियोजना की ओर से गठित महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने दूध के विपणन में सुगमता हुई है। जहां क्लस्टर के स्वयं सेवक घर पर आकर दूध क्रय कर लेते हैं और नियमित तौर पर मासिक आय मिल रही है। इससे आजीविका में सुधार हुआ है।

बोले अधिकारी

जिले परियोजना की ओर से पांच समुदाय आधारित उद्यम के माध्यम से 82 महिला स्वयं सहायता समूहों 410 महिलाओं को जोड़ा गया है। इनके माध्यम से आउटलेट संचालन, दुग्ध उत्पान, रेस्टोरेंट जैसे उद्यमों का संचालन किया जा रहा है। इनके माध्यम से बीते वर्ष जनपद के महिला स्वयं सहायता समूहों ने एक करोड़ 39 लाख की आय अर्जित की है। वर्तमान 26 नए उद्यमों की स्थापना की प्रक्रिया गतिमान है।

शशिकांत यादव, जिला परियोजना प्रबंधक, ग्रामोत्थान, चमोली।

आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय में चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

देहरादून: आईएमस यूनिसन विश्वविद्यालय के विधि संकाय (School of Law) ने 17 अप्रैल 2026 को अपार उत्साह एवं शैक्षणिक गंभीरता के साथ स्वास्थ्य सेवा, व्यापार एवं वाणिज्य में उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग से उत्पन्न कानूनी, नैतिक एवं विनियामक चुनौतियाँ विषय पर अपने चतुर्थ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। 17-18 अप्रैल 2026 को आयोजित यह दो-दिवसीय सम्मेलन नाइजीरिया के स्काईलाइन विश्वविद्यालय के सहयोग से संपन्न हो रहा है।

इस उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता मुख्य अतिथि के रूप में सर्वोच्च न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता, भारत सरकार की पूर्व विदेश राज्य मंत्री एवं संस्कृति राज्य मंत्री, मीनाक्षी लेखी ने की। लेखी पूर्व में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य रह चुकी हैं। वर्ष 2014 में 16वीं लोकसभा तथा 2019 में 17वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित होकर वे कानूनी उत्कृष्टता एवं सार्वजनिक सेवा की प्रेरणास्रोत रही हैं।

मुख्य अतिथि ने विश्वविद्यालय की शहीद-स्मृति दीवार (Wall of Martyrs) पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा कुलपति डॉ. अनिल सुब्बाराव पैला एवं प्रो कुलपति डॉ. अनिता रामाचंद्र सहित विश्वविद्यालय के गणमान्य पदाधिकारियों द्वारा उनका उष्ण अभिनंदन किया गया। सम्मेलन अध्यक्षों — IMS यूनिसन विश्वविद्यालय के विधि संकाय के डीन डॉ. अमित अडलखा एवं नाइजीरिया के स्काईलाइन विश्वविद्यालय के विधि अध्ययन संकाय के डीन डॉ. मुहम्मद नुरुद्दीन (जो वर्चुअल माध्यम से उपस्थित हुए) — ने समस्त प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया।

सभा में उपस्थित विद्वानों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लेखी ने वर्ष 2016-2019 के दौरान संसदीय विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष के रूप में लैंगिक समानता की अभिव्यक्ति से संबंधित एक प्रसंग साझा किया, जिसमें उन्होंने संसदीय एवं कानूनी ग्रंथों में पुल्लिंग सर्वनाम “he” के स्थान पर “she” जैसे लैंगिक-तटस्थ समावेशी शब्दों के प्रयोग की अनुशंसा की थी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि संतुलित कानूनी ढाँचे तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करते हुए वैश्विक वाणिज्यिक प्रणाली में निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं अनुपालन सुनिश्चित करने में अपरिहार्य हैं, क्योंकि कानून समाज से परे नहीं, बल्कि उसी के व्यापक दायरे में संचालित होता है। अपने संबोधन के समापन में उन्होंने व्यापार, वाणिज्य एवं स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा स्वचालन से उत्पन्न चुनौतियों पर विद्वानों, विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं को एकत्रित करने के लिए आयोजकों की सराहना की।
इस सम्मेलन को अभूतपूर्व प्रतिसाद प्राप्त हुआ है — 55 प्रतिष्ठित संस्थानों से 110 से अधिक शोध-सारांश प्राप्त हुए हैं, जिनमें बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, कलिंग इंस्टिट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT), नाइजीरिया का लागोस विश्वविद्यालय तथा सह-आयोजक संस्था स्काईलाइन विश्वविद्यालय, नाइजीरिया सम्मिलित हैं। यह व्यापक भागीदारी सम्मेलन के विषय की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करती है एवं उभरती प्रौद्योगिकियों पर अंतःविषयक संवाद की बढ़ती आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है।

यह सम्मेलन छह प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित है: कृत्रिम बुद्धिमत्ता की जवाबदेही एवं स्वचालित निर्णय-निर्माण; कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व, पर्यावरणीय संधारणीयता एवं अभिशासन; नैतिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली निर्माण में उभरती प्रौद्योगिकियों की भूमिका; उभरती प्रौद्योगिकियाँ: तकनीकी, कानूनी एवं विनियामक ढाँचे; कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में साइबर सुरक्षा एवं डेटा संरक्षण; तथा डिजिटलीकरण का सामाजिक-आर्थिक प्रभाव।

उद्घाटन सत्र का समापन संयोजक डॉ. शुऐब मोहम्मद के धन्यवाद-ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने आगामी दो दिनों में होने वाली गहन शैक्षणिक विचार-विमर्श की पृष्ठभूमि तैयार की। सम्मेलन में विशेषज्ञ पैनल, शोध-प्रस्तुतियाँ एवं सहयोगी सत्रों का आयोजन होगा, जो एक जिम्मेदार एवं संधारणीय AI-संचालित वाणिज्यिक पारिस्थितिकी तंत्र को आकार देने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

 

चारधाम यात्रा से पहले एक्शन मोड में प्रशासन, डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने स्थलीय निरीक्षण कर परखी हर व्यवस्था, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
  • यात्रा मार्ग, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, मेडिकल और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर डीएम का फोकस, स्थलीय निरीक्षण में दिए स्पष्ट निर्देश
  • कंट्रोल रूम से ट्रांजिट कैंप तक व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी की पैनी नजर, चारधाम यात्रा को लेकर कसी तैयारी

पौड़ी : चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं यात्री हितकारी बनाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने श्रीनगर स्थित तहसील सभागार में रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के उपरांत जिलाधिकारी ने स्वयं यात्रा मार्गों पर उतरकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया और सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में जिलाधिकारी ने यात्रा मार्गों पर साइनेज, शौचालय एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यात्रियों को भुगतान के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने हेतु खाद्य अभिहित अधिकारी को नियमित निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने होटल एवं ढाबों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के लिए पर्यटन विभाग को भी निर्देश दिए गए। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कीर्तिनगर पुल से सिरोबगड़ तक मार्ग को तीन जोन में विभाजित करते हुए प्रत्येक जोन में तीन स्थायी एवं तीन अस्थायी चौकियां स्थापित करने तथा संयुक्त निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने को कहा गया।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु जिलाधिकारी ने मुख्य पार्किंग स्थलों के साथ-साथ अतिरिक्त पॉकेट पार्किंग चिन्हित करने, ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाने तथा स्थानीय हितधारकों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे अवैध होर्डिंग/बैनर जो यातायात को बाधित कर रहे हैं, उनके विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपजिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा ने अवगत कराया कि यात्रा संचालन हेतु तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम तथा कलियासौड़ में पोर्टा केबिन स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों को रोके जाने की दशा में होल्डिंग एरिया एवं ट्रांजिट कैंप में विद्युत, पेयजल, शौचालय सहित सभी मूलभूत सुविधाएं सुदृढ़ रूप से उपलब्ध रहें।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने फरासू, धारी देवी एवं भट्टीसेरा में स्थापित मेडिकल रिलीफ पोस्ट पर चिकित्सकों एवं सहायकों की रोस्टर के अनुसार तैनाती सुनिश्चित करने तथा जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही बेस चिकित्सालय में अतिरिक्त चिकित्सकों की तैनाती करने को कहा। उन्होंने यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था एवं पेयजल आपूर्ति के प्रभावी पर्यवेक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा फरासू एवं चमधार क्षेत्रों में अस्थायी सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त यात्रियों के ठहराव स्थलों का समय से समतलीकरण कराने तथा मुख्य मार्गों के साथ वैकल्पिक मार्गों को भी सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कीर्तिनगर पुल से सिरोबगड़ तक यात्रा व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान कीर्तिनगर पुल के समीप स्थित सेल्फी प्वाइंट पर सुरक्षा रेलिंग लगाने, उफल्डा क्षेत्र में हैंडपंप को सुचारु रखने तथा सड़क किनारे नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा मार्गों के किनारों पर स्वच्छता बनाए रखने एवं कूड़ा संग्रहण केंद्रों को व्यवस्थित करने पर भी जोर दिया।

एनआईटी मैदान स्थित यात्री ठहराव स्थल पर पेयजल, शौचालय एवं विद्युत व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने एनआईटी ट्रांजिट कैंप तक जाने वाले मार्ग को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है, वहां भोजन एवं पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, आवास विकास मैदान में निरीक्षण के दौरान परिसर में खड़े निजी वाहनों को हटाने तथा पेयजल टंकी की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान जिलाधिकारी ने जल संस्थान के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर शिकायत निवारण प्रणाली का परीक्षण भी किया।

जिलाधिकारी ने कलियासौड़ क्षेत्र में पोर्टा केबिन के समीप पड़े मलबे को तीन दिन के भीतर हटाकर उसे अस्थायी पार्किंग स्थल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, साथ ही कंट्रोल रूम के संपर्क नंबरों की सक्रियता भी परखी गई। फरासू स्थित स्लाइडिंग जोन में मलबा हटाने एवं सड़क चौड़ीकरण की प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही चिकित्सा राहत इकाई के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग को आवश्यक दवाओं एवं मानव संसाधन की मांग तत्काल प्रेषित करने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग की चेकपोस्ट एवं बैरियरों पर यात्रियों के लिए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु वाटर एटीएम अथवा टैंकर के साथ स्टैंड पोस्ट स्थापित करने के निर्देश जल संस्थान को दिए गए। तहसील प्रशासन एवं नगर निगम को अवैध पार्किंग पर नियंत्रण रखने तथा छोटे-छोटे पार्किंग स्थल चिन्हित करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने धारीदेवी मंदिर में पूजा अर्चना की तथा सभी की कुशलक्षेम की कामना की। उन्होंने धारीदेवी मंदिर के समीप सड़क सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य को भी शीघ्र प्रारंभ कराने को कहा गया। जिलाधिकारी ने पर्यटकों के साथ संवाद भी किया और व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक तथा सुझाव भी लिए।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, पुलिस उपाधीक्षक तुषार बोरा, तहसीलदार दीपक भंडारी, सहायक नगर आयुक्त रविराज भंगारी एवं गायत्री बिष्ट, थानाध्यक्ष श्रीनगर कुलदीप सिंह, एई जल संस्थान अर्पित मित्तल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम – सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, देश की मातृशक्ति के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदर्शी सोच के साथ नारी शक्ति को लोकतंत्र के सर्वाेच्च मंचों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है शिव भी तभी समर्थ हैं जब वे शक्ति से युक्त हों, शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं हो सकता है, इसलिए नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा कि आज की महिला खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, तो स्टार्टअप खड़ा करने वाली एंटरप्रेन्योर भी है। वो गाँव की पंचायत में विकास की योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है, तो देश की संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता भी है।

उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वो वास्तव में हक़दार है। परन्तु अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शपथ लेने के बाद “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

*महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है प्रदेश सरकार*

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में शिक्षा, रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है। राज्य सरकार ‘‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज’’ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक लखपति दीदियों की सालाना आय एक लाख से अधिक हो चुकी। प्रदेश सरकार ने जहां एक और महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए “समान नागरिक संहिता” लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है। कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है। महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण की व्यवस्था से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार मिलेगा। अब महिलाएं भी हर बड़े फसलों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से महिलाओं का सम्मान, अधिकार और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है और उनका सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा महिलाओं की यात्रा केवल अधिकारों की नहीं अपितु आत्म सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी तय करने की भी है।

महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यह महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है। अब महिलाएं स्वयं नीतियां बनाएंगी, अपने अनुभवों के आधार पर समाज को दिशा देंगी। यही वास्तविक सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की महिलाओं को अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए अक्सर पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्हें अवसर सीमित मिले, मंच सीमित मिले, और निर्णय लेने के अधिकार भी सीमित रहे। लेकिन आज की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, भाजपा नेत्री दीप्ति रावत, रूचि भट्ट सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

देहरादून में हुई फ्लिपकार्ट मिनट्स की लॉन्चिंग, तेज डिलीवरी और रोजगार के नए अवसरों के साथ स्थानीय सेलर्स और किसानों के विकास को मिलेगी गति
  • स्थानीय स्तर पर ग्राहकों से मिली जानकारियों का लाभ लेते हुए फ्लिपकार्ट मिनट्स दे रहा है आंचल, पतंजलि, हिमशक्ति और दून राइस समेत स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय विभिन्न ब्रांड्स की व्यापक वैरायटी।

देहरादून। भारत के घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने देहरादून में अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस फ्लिपकार्ट मिनट्स के विस्तार की घोषणा की है। इस कदम के साथ फ्लिपकार्ट ने कुछ ही मिनट में रोजाना की जरूरत वाली वस्तुओं की डिलीवरी करते हुए उपभोक्ताओं को सहूलियत और बेहतर मूल्य प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर (एमएफसी) अभी बल्लूपुर चौक में संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से ग्रॉसरी, फल एवं सब्जी, मोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य कैटेगरी के उत्पादों की आपूर्ति हो सकेगी। स्थानीय उपभोक्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर फ्लिपकार्ट मिनट्स के माध्यम से उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर लोकप्रिय ब्रांड्स की बड़ी रेंज तक पहुंच प्रदान की जा रही है, जिनमें आंचल, पतंजलि, हिमशक्ति और दून राइस जैसे ब्रांड शामिल हैं। इससे रोजमर्रा के इस्तेमाल के उत्पाद ज्यादा आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

फ्लिपकार्ट मिनट्स के वाइस प्रेसिडेंट कुणाल गुप्ता ने कहा, “नॉन-मेट्रो शहर तेजी से बड़े ग्रोथ हब के रूप में उभर रहे हैं। ऐसे में देहरादून में फ्लिपकार्ट मिनट्स की लॉन्चिंग उन उपभोक्ताओं के लिए उठाया गया एक रणनीतिक कदम है, जो स्पीड और क्वालिटी दोनों को प्राथमिकता देते हैं। स्थानीय सेलर्स और किसानों के साथ गहरी साझेदारी के माध्यम से हम स्थानीय आजीविका को सपोर्ट करने के लिए आर्थिक बुनियादी ढांचा (इकोनॉमिक इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रदान करने के साथ-साथ रोजाना के इस्तेमाल के उत्पादों की खरीदारी को ज्यादा समावेशी और सुगम बना रहे हैं।”

ये एमएफसी इस क्षेत्र में फ्लिपकार्ट के मौजूदा बड़े सप्लाई चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के पूरक की तरह काम करेंगे। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रॉसरी, लार्ज और नॉन लार्ज फुलफिलमेंट सेंटर्स के रूप में कई लोकेशन पर उपलब्ध है। एक्सटेंसिव और माइक्रो फुलफिलमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी ऑपरेशंस में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

रणनीतिक रूप से देहरादून के ज्यादा मांग वाले जोन में सर्विस देने के लिए तैयार इन एमएफसी को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे रोजाना के इस्तेमाल वाले उत्पादों (डेली एसेंशियल्स) और अक्सर ऑर्डर की जाने वाली (फ्रिक्वेंटली ऑर्डर्ड) कैटेगरी की बड़ी रेंज की हाइपरलोकल डिलीवरी की जा सके। इससे शहर में खरीदारी ज्यादा सुगम और प्रासंगिक बन सकेगी। फ्लिपकार्ट उत्तराखंड में हजार से ज्यादा स्थानीय विक्रेताओं एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ मिलकर काम करता है, ताकि ग्राहकों को ताजा फल एवं सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकें। मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क और एआई द्वारा संचालित मांग पूर्वानुमान (डिमांड फोरकास्टिंग) की मदद लेते हुए फ्लिपकार्ट मिनट्स किसानों के साथ मिलकर काम करता है, ताकि उनका सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही रणनीतिक मार्गदर्शन देते हुए लंबी अवधि में विकास में सक्षम बनाने के लिए उन्हें राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच भी प्रदान की जाती है।

ऑपरेशन प्रहार के तहत हरिद्वार पुलिस की कार्रवाई, गैंग लीडर समेत तीन गिरफ्तार

हरिद्वार : एसएसपी नवनीत सिंह के निकट पर्यवेक्षण में हरिद्वार पुलिस लगातार मुख्यालय स्तर से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत आपराधिक तत्वों के खिलाफ विधि अनुसार कड़ी कार्यवाही कर रही है। उक्त कार्यवाही के क्रम में थाना पथरी पुलिस द्वारा नशे के सौदागरों, संदिग्ध व्यक्ति/वाहनों/ईनामी/गैंगस्टरों की की तलाश हेतु सघन चैकिंग अभियान चलाते हुए संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिशें दी गई। 16 अप्रैल 2026 को पथरी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रोह नदी के पुल पर मोजूद 03 संदिग्ध व्यक्तियों को पुछताछ के लिए रोका। पुलिस को देख भागने का प्रयास कर रहे तीनों संदिग्ध को जवानों ने घेर घोट कर पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि तीनों संदिग्ध आपराधिक गैंग से ताल्लुक रखते हैं जिनमें एक संदिग्ध स्वयं गैंग लीडर भूरा उर्फ बबलू है जिसे वर्ष 2025 में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था। तीनों को नियमानुसार पुलिस हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।

दून इंटरनेशनल स्कूल ने रचा नया इतिहास, सीबीएसई 10वीं में 100% रिजल्ट

देहरादून। दून इंटरनेशनल स्कूल ने एक बार फिर उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को कायम रखते हुए सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया।

विद्यालय प्रबंधन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कुल 142 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 47 विद्यार्थियों ने 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर स्कूल का नाम रोशन किया।

विद्यालय के छात्र रुद्राक्ष रावत (रोल नंबर 25113331) ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। उनके इस शानदार प्रदर्शन पर स्कूल परिवार में हर्ष का माहौल है।

विषयवार प्रदर्शन भी बेहद उत्कृष्ट रहा। 22 विद्यार्थियों ने अंग्रेज़ी में, 22 विद्यार्थियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तथा 8 विद्यार्थियों ने सामाजिक विज्ञान में पूर्णांक 100 अंक प्राप्त किए।

विद्यालय के निदेशक एच.एस. मान, प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश बर्त्वाल एवं समस्त शिक्षकों ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं ने एक बार फिर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से विद्यालय की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की यह उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। वर्षों से विद्यालय के छात्र लगातार उत्कृष्ट परिणाम देकर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

विद्यालय प्रबंधन ने सभी सफल विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।