सीएम धामी ने उठाई महिला अधिकारों की आवाज, नारी शक्ति वंदन बिल को बताया ऐतिहासिक
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, महिला सशक्तिकरण के प्रयासों पर न हो किसी भी प्रकार की राजनीति
  • मुख्यमंत्री धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र को किया संबोधित

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के लिए आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र – ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने सदन के सामने महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन बिल को यथाशीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए सर्वसम्मत संकल्प व्यक्त करने का प्रस्ताव रखा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य आंदोलनकारियों के साथ ही उत्तराखंड में नारी शक्ति का प्रतीक गौरा देवी, टिंचरी माई, बिशनी देवी शाह, जशूली शौक्याण, कुंती वर्मा, भागीरथी देवी, मंगला देवी, हंसा धनाई, सरला बहन, बेलमती चौहान, सुशीला बहन, कमला पंत जैसी महिलाओं को नमन करने के साथ किया। मुख्यमंत्री ने सदन से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे उपायों का समर्थन करने में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी को देवी मानकर उसकी आराधना की जाती है। माँ दुर्गा, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती के रूप में हम नारी के साहस, समृद्धि और ज्ञान के स्वरूप का वंदन करते हैं। उन्होने कहा कि भारत के इतिहास में रानी लक्ष्मीबाई, सावित्रीबाई फुले से लेकर अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला तक नारी शक्ति के असंख्य प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिलते हैं। नारी शक्ति अब केवल ’’सहभागिता’’ तक सीमित नहीं है, बल्कि ’’नेतृत्व’’ की भूमिका निभा रही है। चंद्रयान-3 मिशन की ऐतिहासिक सफलता हो, क्रिकेट का विश्व कप जीतना हो, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी से पास-आउट होना हो, या फिर सेना और वायु सेना में अग्रिम पंक्ति के मोर्चों पर काम करना हो, ये सब नारी शक्ति के उदाहरण हैं। इसी तरह उत्तराखंड भी अदम्य साहस की प्रतीक तीलू रौतेली, उत्तराखंड की लक्ष्मी बाई कही जाने वाली रानी जिया रानी और चिपको आंदोलन की अग्रदूत गौरा देवी नारी शक्ति का उदाहरण हैं।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम युगांतकारी कदम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नारी शक्ति के सामर्थ्य को समझते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लेकर आए थे। इस ऐतिहासिक अधिनियम के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया था। ये इन सदनों में केवल मातृशक्ति की संख्या बढ़ाने का प्रयास भर नहीं था, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम था। प्रधानमंत्री ने इस विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए समस्त देशवासियों के साथ-साथ सभी राजनीतिक दलों से भी सहयोग और समर्थन का आह्वान किया था। इसी कड़ी में अगले लोकसभा चुनावों तक देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने के उद्देश्य से 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस ऐतिहासिक संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक प्रयास किया। परंतु विपक्षी दलों ने मिलकर इस ऐतिहासिक और युग परिवर्तनकारी पहल को संसद में पारित नहीं होने दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकसभा में संख्या बल के कारण जब बिल पारित नहीं हो पाया तो, विपक्षी दल के नेता तालियाँ बजा रहे थे। उस दृश्य को देखकर महाभारत की वो सभा याद आ गई, जिसमें द्रौपदी का अपमान किया गया था।

विपक्ष कर रहा भ्रम फैलाने का प्रयास

उन्होंने कहा कि विपक्ष अब महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है। जबकि लोकसभा में ही गृहमंत्री अमित शाह ने साफ कर किया था कि परिसीमन के माध्यम से किसी भी राज्य की सीटों के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा, इसीलिए सीटें बढ़ाने का प्राविधान बिल में रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने दशकों तक सत्ता में रहने के बावजूद महिलाओं को उनका वास्तविक अधिकार देने के बारे में कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया। पर जब पहली बार किसी ने सच्चे मन से महिलाओं के हित में कार्य करने का प्रयास किया तो उसे भी नहीं करने दिया। जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री लोकसभा में ये स्पष्ट कह चुके थे की यदि ये बिल पास हो जाएगा तो इसका पूरा श्रेय वो विपक्ष को देने को तैयार हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अब देश की मातृशक्ति पूरी तरह से समझ चुकी है कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहा है।

केंद्र सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में शपथ लेने के साथ ही नारी सशक्तिकरण को शासन की प्राथमिकता में रखकर कार्य करना प्रारम्भ कर दिया था। यही कारण है कि पिछले 11 वर्षों में जेंडर बजट में पाँच गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 के बजट में महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण हेतु 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2015 में शुरू हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान से पिछले 11 वर्षों में लिंगानुपात और बालिका शिक्षा में उल्लेखनीय परिवर्तन आए हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला-पुरुष लिंगानुपात में 12 अंकों की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही, माध्यमिक स्तर पर स्कूलों में लड़कियों का कुल नामांकन अनुपात 3 प्रतिशत से भी अधिक बढ़ा है। इतना ही नहीं, बीते 11 वर्षों में संस्थागत प्रसव 61 प्रतिशत से बढ़कर 97 प्रतिशत हो गया है। आज “सुकन्या समृद्धि योजना” के अंतर्गत बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए 8.2 प्रतिशत की उच्च ब्याज दर के साथ टैक्स-फ्री बचत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है।

तीन तलाक से दिलाई मुक्ति

वहीं “प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना” के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, “स्वच्छ भारत मिशन” के द्वारा घर-घर शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं को गरिमा और सुरक्षा प्रदान की गई है। जिससे खुले में शौच की समस्या से मुक्ति मिली और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सम्मान दोनों की रक्षा हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को इस कुप्रथा से कानूनी संरक्षण प्रदान करने का काम किया है। जबकि पूर्व में सरकारों ने इस विषय पर सुप्रीम कोर्ट का जजमेंट तक बदलने का काम किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प का ही परिणाम है कि आज देश के सामान्य घरों की बेटियां रसोई से रायसीना हिल तक का सफर तय कर रही है। राष्ट्रपति आदरणीय द्रौपदी मुर्मू से लेकर ‘’ऑपरेशन सिंदूर’’ में अग्रणी भूमिका निभाने वाली विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी इसका उदाहरण हैं।

उत्तराखंड को मिलता फायदा

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कुछ लोग उत्तराखंड में भी महिला आरक्षण पर वही झूठ और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि परिसीमन के बाद उत्तराखंड विधानसभा में कुल सीटों की संख्या 105 हो सकती थी, जिसमें से 35 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती थी। इसी तरह सांसदों कि संख्या भी 5 से बढ़कर 7 या 8 हो जाती, इससे हर किसी का फायदा ही था, फिर भी विपक्ष ने बिल पास नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि यदि सामान्य घरों से महिलाएं राजनीति में आ जाएंगी तो कुछ दलों की वंशवादी राजनीति की दुकानें बंद हो जाएंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी के पहले मंत्रीमंडल और राजीव गांधी की कैबिनेट में केवल एक- एक महिला मंत्री थीं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मौजूदा मंत्रिमंडल में 7 महिला मंत्री हैं।

प्रदेश में मजबूत हो रही मातृशक्ति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। इस वर्ष जेंडर बजट के अंतर्गत लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश सरकार द्वारा ’’उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन’’ के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है।

इसके साथ ही, ’’सशक्त बहना उत्सव योजना’’ और ’‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’’ के माध्यम से हमने राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम किया है। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण और ‘’एकल महिला स्वरोजगार योजना’’ के माध्यम से महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान कर रही है। साथ ही साथ ’’मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने का काम भी किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक बहनों ने “लखपति दीदी’’ बनकर महिला सशक्तिकरण की दिशा में इतिहास रचा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है, वहीं, सहकारी समितियों में भी आज महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा लोहाघाट में लगभग 256 करोड़ रुपये की लागत से राज्य का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।

एक दिन जरूर पूरा होगा संकल्प

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में सर्वप्रथम “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का ऐतिहासिक कार्य किया है। यूसीसी से उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। अब यूसीसी की मांग पूरे देश में उठ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने धारा 370 हटाने, अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण और दुश्मन को उसके घर में घुसकर मारने का काम किया है। उसी प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार देश की आधी आबादी को उनका पूरा अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य भी अवश्य करेगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दलगत हितों से ऊपर उठकर सकारात्मक और स्पष्ट रुख अपनाया जाए, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित अधिकार मिल सके।

18 मई को खुलेंगे रुद्रनाथ धाम के कपाट, अलर्ट मोड में प्रशासन
  • केंद्रीय गृह सचिव की प्रस्तावित यात्रा को लेकर रुद्रनाथ ट्रैक रूट की तैयारियां तेज, डीएम ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश
  • 18 मई को खुलेंगे रुद्रनाथ जी के कपाट, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयारियां तेज

चमोली। अगले माह प्रस्तावित केंद्रीय गृह सचिव की रुद्रनाथ यात्रा एवं श्री रुद्रनाथ जी यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं एवं केंद्रीय गृह सचिव भ्रमण के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, आवास, बिजली, सुरक्षा रेलिंग तथा बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां रेलिंग लगाई जाए और यात्रियों के विश्राम के लिए उपयुक्त स्थान विकसित किए जाएं।

उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं का पूर्व में ही स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए। वन विभाग को भी यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ रखने, पेयजल निगम को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, उरेड़ा को विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ईडीसी और मंदिर समिति को अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों ने और ईडीसी कमेटी गंगोल गांव के अध्यक्ष रामसिंह राणा ने भी यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव साझा किए, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार किया गया।

गौरतलब है कि 18 मई 2026 को श्री रुद्रनाथ जी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। साथ ही, प्रस्तावित केंद्रीय गृह सचिव की यात्रा को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां तेजी से की जाएंगी , ताकि यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ सर्वेश दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ सहित मंदिर समिति एवं ईडीसी कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

डीएलआरसी बैठक में डीएम सख्त, एक सप्ताह में समस्याएं दूर करने के निर्देश

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सभागार में जिलास्तरीय पुनरीक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति, कम ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेश्यो) वाले बैंकों की स्थिति, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, वित्तीय समावेशन एवं आरसी से जुड़े मामलों पर की गई।

डीएम ने निर्देश दिए कि सरकार प्रायोजित ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी समस्याओं का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर किया जाए। उद्योग विभाग की ओर से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण आवेदनों के निरस्तीकरण का स्पष्ट कारण न देने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों की आय बढ़ाने के लिए वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने और लक्ष्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को केसीसी वितरण में तेजी लाने और किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पीएमईजीपी, एनआरएलएम, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम-स्टे योजना, पीएम-स्वनिधि, पीएम अजय एवं एससीपी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

डीएम ने बैंक अधिकारियों को सीडी रेश्यो में सुधार लाने और विभागीय अधिकारियों को केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का प्रभावी प्रचार-प्रसार कर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में एलडीएम डीएस गर्ब्याल ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋण, प्रगति और सीडी रेश्यो की जानकारी दी गई।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीडीओ केके पंत, नाबार्ड के एजीएम श्रेयांश जोशी, आरबीआई एलडीओ रजनीश सैनी आदि मौजूद रहे।

भूमि विवाद सुलझाकर जल्द शुरू हों हाईवे कार्य – डीएम गौरव कुमार

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने एनएचआईडीसीएल को भूमि विवाद मामलों को जल्द निस्तारण कर हाइवे सुधारीकरण के कार्य जल्द शुरू करने को कहा। 

डीएम ने बीआरओ के अधिशासी अभियंता को ज्योतिर्मठ से मारवाड़ी क्षेत्र के मध्य मार्ग सुधारीकरण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने को कहा। सभी लंबित प्रस्तावों का संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कार्यों में अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों को लंबित भूमि विवाद मामलों को उपजिलाधिकारी के साथ समन्वय कर सुलझाते हुए कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भनेर पानी क्षेत्र में सड़क चैड़ीकरण के लिए आवश्यक ब्लास्टिंग की अनुमति लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, बीआरओ के अधिशासी अभियंता केटी राव, एनएचआईडीसीएल के अधिकारी आदि मौजूद रहे।

खाद्य सुरक्षा पर सरकार सख्त, प्रदेशभर में सघन जांच अभियान, जांच को भेजे फलों-सब्जियों के 33 नमूने, आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा – चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं के सेहत की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

देहरादून : चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में सघन अभियान शुरू कर दिया है। विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे के मार्गदर्शन और अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के नेतृत्व में टीमें सभी जनपदों में युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। खासतौर पर चारधाम यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों, फल-सब्जी मंडियों और अस्थायी खाद्य दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध हो सके।

यात्रा मार्गों पर कड़ी निगरानी

चारधाम यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु प्रदेश में पहुंचते हैं, ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। इसे देखते हुए विभाग ने यात्रा रूट पर विशेष टीमें तैनात की हैं, जो लगातार निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और फूड स्टॉल्स में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और लाइसेंसिंग की गहन जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।

फलों और सब्जियों पर विशेष अभियान

इसी कड़ी में 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में फल और सब्जियों में कीटनाशकों और कृत्रिम रूप से पकाने वाले रसायनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न जनपदों से कुल 33 नमूने एकत्रित किए गए। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिक रहे फल और सब्जियां स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हों और उनमें हानिकारक रसायनों का अत्यधिक उपयोग न किया गया हो।

इन जिलों से लिए गए नमूने

अभियान के तहत हरिद्वार जनपद से सर्वाधिक 12 नमूने लिए गए, जिनमें तरबूज, खरबूजा, आम, केला, सेब, पपीता, करेला, भिंडी और परवल शामिल हैं। ऊधमसिंह नगर से 3 नमूने (तरबूज, केला, लौकी), बागेश्वर से 3 (आम, केला, अंगूर) और पिथौरागढ़ से 2 नमूने (तरबूज, लौकी) एकत्र किए गए। टिहरी और अल्मोड़ा से 2-2 नमूने लिए गए, जिनमें आम, सेब, तरबूज और बैंगन शामिल हैं। रुद्रप्रयाग से 2 (भिंडी, सेम), नैनीताल से 5 (सेब, आम, मौसंबी, टमाटर, लौकी) और चमोली से 2 नमूने (खीरा, केला) जांच के लिए संग्रहित किए गए।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी नमूने में मानकों से अधिक कीटनाशक या कृत्रिम पकाने वाले रसायन पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यापारियों और आपूर्तिकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निलंबन, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है।

जनता से सतर्क रहने की अपील

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने आमजन और यात्रियों से अपील की है कि वे फल और सब्जियां खरीदते समय सतर्कता बरतें। अत्यधिक चमकदार या अस्वाभाविक रूप से पके हुए फलों से बचें और किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें। विभाग का कहना है कि जनसहयोग से ही खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच, मिलावट पर जीरो टॉलरेंस – आयुक्त सचिन कुर्वे

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा राज्यभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विशेष रूप से यात्रा मार्गों, होटल-ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जा रही है। फल और सब्जियों में कीटनाशकों तथा कृत्रिम पकाने वाले रसायनों के उपयोग को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि वे जागरूक रहें और संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मानकों पर खरे न उतरने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी 

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि विभाग की टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों के नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों के उपयोग को रोका जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में यदि कोई भी नमूना मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य आमजन और यात्रियों को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में कांवड़ यात्रा को लेकर विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित, दिए निर्देश
  • कुंभ मेला से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से संपादित करने के साथ ही कांवड़ के दौरान यातायात प्रबंधन व सुरक्षा उपायों को लेकर विचार-विमर्श कर तय की गई रणनीति
  • मेलाधिकारी द्वारा निर्माण कार्यों को समय से पूरा करने के साथ ही कांवड़ के दौरान निर्माण कार्यों को लेकर विशेष एहतियात बरतने के निर्देश
हरिद्वार : आगामी कांवड़ यात्रा को सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के उद्देश्य से सीसीआर सभागार में कुंभ मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांवड़ के दौरान यातायात प्रबंधन व सुरक्षा उपायों को लेकर विचार-विमर्श करने के साथ ही कुंभ मेला से जुड़े निर्माण कार्यों को समयबद्ध ढंग से संपादित करने की रणनीति भी तय की गई। बैठक में तय किया गया कि कांवड़ यात्रा क्षेत्र में पड़ने वाले कुंभ से संबंधित जो निर्माण कार्य जल्दी पूरा हो सकते हैं, उन्हें हर हाल में 30 जून तक पूरा करा लिया जाए और बाकी कार्यों को जारी रखने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर इस तरह का नियोजन किया जाए कि उससे कांवड़ यात्रा में बाधा उत्पन्न न हो और कांवड़ियों की सुरक्षा भी प्रभावित न हो।
मेला नियंत्रण भवन में आयोजित उक्त बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने निर्देश दिए कि कांवड़ मेले को सुचारु रूप से सम्पन्न कराने हेतु शहर क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर, गुणवत्ता के साथ, मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण करने का पूरा प्रयास किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जो कार्य मेला शुरू होने से पहले पूर्ण होना संभव नहीं है, उनके लिए ऐसी कार्ययोजना बनाई जाए जिससे कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे तथा यातायात बाधित न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण कार्यों के कारण किसी प्रकार की असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने घाटों एवं पुलों पर कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा हेतु विशेष प्रबंध करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ यात्रा को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने तथा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अधीन सभी निर्माणाधीन सड़कों के कार्य दो माह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं। इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बहादराबाद क्षेत्र में यातायात बाधित कर रहे विद्युत पोल को आज ही हटाया जाए तथा ज्वालापुर क्षेत्र में भी ऐसे पोलों को प्राथमिकता के आधार पर हटाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मनसा देवी पैदल मार्ग के सुधार कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शहर में संचालित सभी सीवरेज कार्य 30 जून तक हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि उनकी परिसंपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न होने दिया जाए तथा अतिक्रमण के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जाए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने हेतु सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सभी आवश्यक कार्य कांवड़ यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में निर्माण सामग्री सड़क किनारे न रखी जाए, जिससे यातायात बाधित न हो। उन्होंने सड़क किनारे एवं निर्माण स्थलों के निकट पड़े मलबे व अन्य सामग्री को हटाने और गड्ढों को शीघ्रता से दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वैभव गुप्ता, एसपी (क्राइम) निशा यादव, एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह, एडिशनल एसपी विपिन कुमार, सचिव एचआरडीए मनीष कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हरिद्वार जितेंद्र कुमार, अधीक्षण अभियंता लोनिवि डी.के. सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।












चमोली : नीट परीक्षा 2026 में अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
चमोली : आगामी 03 मई 2026 को आयोजित होने वाली यूजीसी-नीट परीक्षा को सुचारु एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है।जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के क्रम में अभ्यर्थियों की सुविधा और सहायता के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।
परीक्षा के दिन यदि किसी अभ्यर्थी को ट्रैफिक जाम, मार्ग अवरोध, या अन्य किसी कारणवश परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, तो वे तत्काल हेल्पलाइन नंबर 9411352136/ 7895500501 पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य समस्या या आपात स्थिति में भी इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से पूर्व परीक्षा केंद्र के लिए प्रस्थान करें तथा किसी भी समस्या की स्थिति में घबराने के बजाय हेल्पलाइन का उपयोग करें। प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि प्रत्येक अभ्यर्थी को परीक्षा में सम्मिलित होने का समान अवसर मिल सके।

गंगा संरक्षण समिति की बैठक में डीएम मयूर दीक्षित के सख्त निर्देश, नालों का पानी गंगा में जाने पर रोक के आदेश
  • मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने के लिए किसी भी दशा में नालियों एवं गदेरों का गंदा पानी गंगा नदी में न जाए – जिलाधिकारी
  • मां गंगा में कोई भी स्थानीय नागरिक एवं श्रद्धालु कूड़ा कचरा एवं कपड़े न फैंके   इसके लिए सभी घाटों पर साइन बोर्ड एवं लोगो को जागरूक करने के लिए प्रचार प्रसार करने के दिए निर्देश
  • जिन घाटों का मरमत कार्य नहीं हो पा रहा है कोई भी संस्था एवं इच्छुक श्रद्धालु घाटों के मरम्मत कार्य करने के लिए जिला कार्यालय से कर सकते है संपर्क
हरिद्वार : जिला गंगा संरक्षण समिति की 72 वीं बैठक जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित की गई।इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध भी उपस्थित रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि मां  गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल रखने के लिए गंगा नदी में नालों एवं गदेरों का गंदा पानी किसी भी दशा में न जाए, इसके लिए उन्होंने जल संस्थान एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि संबंधित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि मां गंगा को स्वच्छ रखने के लिए किसी भी दशा में स्थानीय नागरिक एवं तीर्थयात्रियों द्वारा कूड़ा कचरा एवं कपड़े न फैंके जाए , इसके लिए सभी घाटों पर नगर निगम को साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए साथ ही लास स्वीकर के माध्यम से भी तीर्थयात्रियों एव स्थानीय लोगों को जागरूक किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देह दिए है कि हरकी पौड़ी क्षेत्रांतर्गत घाटों एवं पुलों पर किसी प्रकार से कोई अतिक्रमण न किया जाए, इसके लिए निरंतर आवश्यक कार्यवाही कने के निर्देश दिए गए।उन्होंने यह भी निर्देश दिए है कि हरकी पौड़ी क्षेत्रांतर्गत किसी भी दशा में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न किया जाए।उन्होंने कहा कि जो घाट क्षतिग्रस्त होंगे है तथा उनकी मरम्मत नहीं की जा रही है, ऐसे घाटों की मरम्मत के लिए उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं, सोसायटी, कंपनी एवं कोई भी व्यक्ति मरमत कार्य कराना चाहते है तो इसके लिए जिला कार्यालय से संपर्क करने की अपेक्षा की गई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिन पुलो पर जाली लगाए जाने का कार्य किया जाना है, उससे भी शीघ्रता से कर लिया जाए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, आरएम सिडकुल कमल किशोर, उप मुख्य नगर आधिकारी दीपक गोस्वामी, आरओ यूके पीसीपी डॉ राजेंद्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कैलाश चन्द्र टम्टा, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी हेमचंद्र, जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे सत्यदेव आर्य, यूके पीसीबी रुड़की प्रति, समिति के सदस्य रामेश्वर गौड़, अध्यक्ष बीइंग भगीरथ मिशन शिखर पालीवाल एवं सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहें।




केंद्रीय गृह सचिव की प्रस्तावित यात्रा को लेकर रुद्रनाथ ट्रैक रूट की तैयारियां तेज, डीएम गौरव कुमार ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश
  • 18 मई को खुलेंगे रुद्रनाथ जी के कपाट, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तैयारियां तेज
चमोली : अगले माह प्रस्तावित केंद्रीय गृह सचिव की रुद्रनाथ यात्रा एवं श्री रुद्रनाथ जी यात्रा की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रद्धालुओं एवं केंद्रीय गृह सचिव भ्रमण के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर पेयजल, शौचालय, आवास, बिजली, सुरक्षा रेलिंग तथा बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जहां आवश्यकता हो, वहां रेलिंग लगाई जाए और यात्रियों के विश्राम के लिए उपयुक्त स्थान विकसित किए जाएं। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं का पूर्व में ही स्थलीय निरीक्षण कर लिया जाए। वन विभाग को भी यात्रा मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ रखने, पेयजल निगम को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने, उरेड़ा को विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ईडीसी और मंदिर समिति को अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।बैठक में मंदिर समिति के सदस्यों ने और ईडीसी कमेटी गंगोल गांव के अध्यक्ष राम सिंह राणा ने भी यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव साझा किए, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार किया गया।
गौरतलब है कि 18 मई 2026 को श्री रुद्रनाथ जी के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। साथ ही, प्रस्तावित केंद्रीय गृह सचिव की यात्रा को देखते हुए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां तेजी से की जाएगी , ताकि यात्रा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ सर्वेश दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ सहित मंदिर समिति एवं ईडीसी कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।





उत्तराखंड में स्तन कैंसर जांच को नई रफ्तार, आधुनिक तकनीक से पौड़ी-टिहरी में सप्ताह में दो बार स्क्रीनिंग शिविर शुरू, सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने कहा – दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं आधुनिक जांच सुविधाएं
  • पहाड़ की महिलाओं के लिए बड़ी राहत, अब घर के नजदीक मिलेगी समय पर जांच और उपचार की सुविधा

देहरादून : उत्तराखंड में महिलाओं के स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य के पौड़ी गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्तन कैंसर की समय रहते पहचान के लिए आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से सप्ताह में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में बढ़ते स्तन कैंसर के मामलों की शुरुआती पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।

कहां-कहां लगाए गए हैं डिवाइस

एनएचएम के सहायक निदेशक डॉ. फीदुज्जफर ने कहा आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से स्क्रीनिंग से स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान संभव होगी। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक यह सुविधा पहुंचे और समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित किया जा सके। एनएचएम द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जनपद पौड़ी में दो आधुनिक तकनीक डिवाइस जिला चिकित्सालय में और एक उप-जिला चिकित्सालय में स्थापित किए गए हैं। वहीं टिहरी गढ़वाल में एक डिवाइस जिला चिकित्सालय में लगाया गया है। इन डिवाइसों के माध्यम से अत्याधुनिक तकनीक से स्तन कैंसर की प्रारंभिक जांच की जा सकेगी, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं को भी लाभ मिलेगा।

हर मंगलवार-शुक्रवार को लगेंगे शिविर

निर्देशों के तहत सभी एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) क्लीनिकों में कैंप मोड में सप्ताह में दो बार स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए जाएंगे। ये शिविर प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को लगाए जाएंगे। हालांकि इस सप्ताह शुक्रवार को अवकाश होने के कारण पहला शिविर शनिवार को आयोजित किया जाएगा। प्रति कैंप में अधिक से अधिक महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है।

संदिग्ध मामलों को तुरंत मिलेगा उपचार

स्क्रीनिंग के दौरान जिन महिलाओं में स्तन कैंसर के लक्षण संदिग्ध पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया जाएगा। इससे समय रहते जांच और उपचार शुरू हो सकेगा, जो इस बीमारी से बचाव में बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि समय पर पहचान होने से स्तन कैंसर के मामलों में मृत्यु दर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण

एनएचएम ने इस अभियान के सफल संचालन के लिए प्रत्येक एनसीडी क्लीनिक में एक चिकित्सा अधिकारी (MO) और एक स्टाफ नर्स (SN) को नामित करने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों कर्मचारी शिविरों के आयोजन और संचालन के लिए जिम्मेदार होंगे। साथ ही, सभी स्क्रीनिंग से संबंधित डेटा एनसीडी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा और प्रतिदिन शाम 4 बजे तक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

महिलाओं के लिए बड़ी राहत

इस पहल से खासतौर पर ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिलेगी, जिन्हें अब जांच के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस अभियान से न केवल स्तन कैंसर की समय पर पहचान संभव होगी, बल्कि महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। कुल मिलाकर, उत्तराखंड में शुरू की गई यह पहल महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम कदम साबित हो सकती है, जो भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में मील का पत्थर बनेगी।

महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण – डॉ. रश्मि पंत

निदेशक एनएचएम उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत ने कहा यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआती स्तर पर कैंसर की पहचान होने से उपचार की सफलता दर बढ़ती है और जीवन बचाया जा सकता है।

कैंसर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करेगा – मनुज गोयल

मिशन निदेशक, एनएचएम उत्तराखंड मनुज गोयल ने कहा यह कार्यक्रम राज्य में कैंसर नियंत्रण के प्रयासों को मजबूत करेगा। नियमित शिविरों के माध्यम से हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की स्क्रीनिंग कर पाएंगे और संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान सुनिश्चित होगी। हमारी प्राथमिकता है कि हर महिला तक यह सुविधा पहुंचे।

दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रही हैं आधुनिक जांच सुविधाएं – सचिन कुर्वे

सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सचिन कुर्वे ने कहा राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्तन कैंसर जैसे गंभीर रोग की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। आधुनिक तकनीक डिवाइस के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक आधुनिक जांच सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करेगी, बल्कि महिलाओं में जागरूकता भी बढ़ाएगी। हमने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को गंभीरता से लागू करें और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए। समय पर स्क्रीनिंग से इस बीमारी पर नियंत्रण संभव है और हम इसी दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं।