बंगाल का चुनावी रण : बनगांव में धुरंधर धामी को सुनने उमड़ा जनसैलाब, बोले – भाजपा आई तो भय और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम!
  • बनगांव में धुरंधर धामी का दमदार रोड शो, ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना
  • सिंडिकेट के रूप में काम कर रही TMC – धामी

देहरादून। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई-इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते-और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।

मंत्री से वार्ता के बाद धरना खत्म करने पर राजी हुए पीआरडी स्वयं सेवक

सचिवालय में आयोजित बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा

देहरादून। सचिवालय स्थित एफआरडीसी सभागार में आयोजित बैठक में पीआरडी स्वयंसेवकों के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न मांगों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभागीय मंत्री रेखा आर्या से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर पीआरडी स्वयं सेवक धरना प्रदर्शन खत्म करने पर राजी हुए। बैठक में स्वयंसेवकों ने प्रमुख रूप से वर्षभर (365 दिन) रोजगार सुनिश्चित करने तथा होमगार्ड के समान मानदेय और डीए दिए जाने की मांग उठाई।

युवा कल्याण एवं पीआरडी मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोनों मांगों के संबंध में शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर उसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए, ताकि इन पर उचित निर्णय लिया जा सके। आश्वासन के बाद पीआरडी स्वयंसेवक प्रतिनिधियों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की सहमति जताई। इसके अलावा बैठक में खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी दिए जाने के विषय पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि खिलाड़ियों को विभाग में आउट ऑफ टर्न जॉब देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में इसी वर्ष से कक्षाएं शुरू करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया तेज करने, 142 पदों के सृजन तथा भूमि संबंधी लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, राजेश मंमगाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अप्रैल में लौटी कड़ाके की सर्दी : बद्रीनाथ, हेमकुंड और औली में ताज़ा बर्फबारी, तैयारियों पर मौसम की मार

चमोली : अप्रैल के पहले सप्ताह में भी उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। सोमवार को बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में हुई जबरदस्त बर्फबारी ने पूरी घाटी को चांदी जैसी सफेद चादर से ढक दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी बारिश और बर्फबारी के चलते जहाँ एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं तापमान में आई भारी गिरावट ने अप्रैल में ही दिसंबर-जनवरी जैसी कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया है।

बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने की तैयारियों के बीच खराब मौसम अब बाधा बनने लगा है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व उपाध्यक्ष और स्थानीय निवासी किशोर पंवार ने बताया कि लगातार हो रही बर्फबारी और बारिश के कारण धाम में मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि यदि मौसम का यही रुख रहा तो आगामी यात्रा व्यवस्थाओं और तैयारियों को समय पर पूरा करने में बड़ी चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कपाट खुलने से पहले बढ़ती ठंड ने प्रशासन और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दूसरी ओर, इस बेमौसम बर्फबारी ने पर्यटकों के चेहरे खिला दिए हैं। होटल कारोबारी अजय भट्ट का कहना है कि औली में जहाँ इस समय हल्की गर्मी शुरू हो जाती थी, वहां अब कड़ाके की ठंड पड़ रही है। उन्होंने बताया कि पर्यटकों के लिए यह बर्फबारी किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है; सैलानी अप्रैल के महीने में दिसंबर जैसे मौसम और ताजी बर्फ का लुत्फ उठा रहे हैं। हालांकि, बदलते मौसम ने व्यवस्थाओं के मोर्चे पर कुछ परेशानियां जरूर खड़ी की हैं, लेकिन कुदरत के इस विहंगम दृश्य ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

प्रभावितों की चेतावनी : पांच दिनों में हो मांग पूरी, नहीं तो एनटीपीसी पर करेंगे तालाबंदी

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकास खंड में एनटीपीसी की ओर से निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना प्रभावितों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाए जा रहे धरने के दौरान सोमवार को छठवें दिन उप जिलाधिकारी जोशीमठ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर अर्टीमेंटम दिया है कि पांच दिन के भीतर उनकी मांग पूरी नहीं की जाती है तो एनटीपीसी की सभी आवश्यक सेवाओं को बंद करते हुए तालाबंदी कर तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा। गौरतलब है कि एनटीपीसी निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावितों ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर तपोवन में धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। जो सोमवार को छठवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को ज्योतिर्मठ ब्लॉक के प्रधान संगठन के अध्यक्ष व ढाक के प्रधान मोहन बेंजवाल के नेतृत्व में प्रधान और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधि उप जिलाधिकारी जोशीमठ से मिले और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी गई है कि यदि परियोजना प्रभावितों की 13 सूत्रीय मांग पर पांच दिन के भीतर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है तो प्रभावित एनटीपीसी, एचसीसी के आवश्यक कार्यों के साथ ही उनके कार्यालयों पर तालाबंदी कर तहसील प्रशासन का घेराव शुरू कर देंगे।

इस दौरान तपोवन की प्रधान पूनम पंत, भंग्यूल के प्रधान मिथलेश फरस्वाण, बडागांव की प्रधान बीना देवी, सेलंग की प्रधान रोशनी देवी, पैनी की प्रधान विनीता देवी, कुंडी के प्रधान विक्रम फरस्वाण, रैणी के प्रधान दीपक राणा, थैंग के प्रधान दिनेश राणा, सुकी के प्रधान बलवंत सिंह रावत, डंग्रा की प्रधान बीना देवी, मेरग की प्रधान लक्ष्मी देवी, गणाई के प्रधान शिवलाल, लंगसी के प्रधान विनोद भंडारी, क्षेपंस जयश्री देवी, लक्ष्मी देवी, दीपेंद्र कैरणी, वर्षा देवी आदि मौजूद रहे।

वहीं दूसरी ओर भारी बारिश और ठंड के बीच परियोजना प्रभावितों का तपोवन में छठवें दिन भी धरना जारी रहा। कर्मकार बोर्ड के सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, अजीत पाल रावत, वन सरपंच महेंद्र सिंह रावत, शुभम रावत, बलवीर बिष्ट, बुद्धि सिंह झिक्वाण, मुसूली देवी, वीना देवी, देवेंद्र खानेड़ा सीपीआईएम के जिला सचिव गोविन्द विश्वाकर्मा, बीरेंद्र खानेड़ा, सूरज खानेड़ा, योगेश थपलियाल, मोहन चमोला, धर्मपाल बजवाल, पंकज खानेड़ा, देवेंद्र कोसवाल, सुमित्रा चमोला, लक्ष्मी देवी, सतीश चंद्र डोभाल आदि मौजूद रहे।

तपोवन विष्णुगाड परियोजना पर गतिरोध बरकरार : ग्रामीणों-एनटीपीसी की त्रिपक्षीय वार्ता बेनतीजा, छह दिन से काम ठप

ज्योतिर्मठ । तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत आठ गांवों के ग्रामीणों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच ज्योतिर्मठ तहसील में हुई त्रिपक्षीय वार्ता बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई। उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ की मध्यस्थता में आयोजित इस बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी चर्चा के लिए सभी पक्ष पूर्ण तथ्यों और जानकारियों के साथ उपस्थित हों, ताकि गतिरोध दूर किया जा सके। इधर, पिछले छह दिनों से परियोजना के सभी प्रवेश द्वारों पर ग्रामीणों के क्रमिक अनशन और निर्माण कार्य पूरी तरह बंद होने के कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित ग्रामीण मुख्य रूप से रोजगार, चारापत्ती और सामुदायिक विकास कार्यों जैसी मांगों पर अड़े हैं, जिसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बैठक में प्रधान संघ के अध्यक्ष मोहन बैंजवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा बिष्ट और ग्राम प्रधान रोशनी बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

श्री बदरीनाथ धाम पहुंच बीकेटीसी सीईओ विशाल मिश्रा ने लिया यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा

बदरीनाथ : श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बदरीनाथ धाम में यात्रा व्यवस्थाओं को जायजा लिया। रूद्रप्रयाग के डीएम तथा बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा ने बदरीनाथ धाम पहुंच कर बदरीनाथ मंदिर सिंहद्वार परिसर, दर्शन पथ, तप्त कुंड, बस टर्मिनल तथा यात्री विश्राम गृहों का जायजा लिया। उन्होंने बीकेटीसी अधिकारियों को यात्रा से पूर्व व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के निर्देश दिए। बदरीनाथ धाम में शीतकालीन सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों तथा मंदिर समिति के कर्मचारियों से भी मुलाकात कर संवाद किया। यात्रा को सरल तथा सुगम दर्शन के निर्देश देते हुए उनका कहना था कि भीड़ प्रबंधन तथा क्राउड क्यू मैनेजमेंट पर खास फोकस रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। आगामी 23 अप्रैल को खुलने जा रहे बदरीनाथ धाम के कपाट को लेकर उन्होंने तमाम मसलों पर मंदिर समिति के अधिकारियों के साथ संवाद भी किया और कहा कि इस मामले में हीलाहवाली नहीं होनी चाहिए। इस दौरान मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, कनिष्ठ अभियंता गिरीश रावत, जगमोहन बर्त्वाल, भागवत मेहता आदि मौजूद रहे।

मोल्टा गांव के बलवंत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, मामला गरमाया

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकास खंड के मोल्टा गांव निवासी बलवंत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गरमाने लगा है। उत्तराखंड क्रांति दल ने मामले में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर जांच की मांग की है। उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सिंह सजवाण ने ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया है कि सोमवार पांच अप्रैल को कुछ लोग सादे कपड़ों में ज्योतिर्मठ विकास खंड के मोल्टा गांव पहुंचे। जो स्वयं को हरियाणा पुलिस के बता रहे थे। उन्होंने घर की तलाशी के नाम पर सामान को तितर बितर करना शुरू किया। इस पर परिजनों ने विरोध किया तो पुलिस वालों ने परिजनों की एक न सुनी और अभ्रदता करते रहे और बलवंत सिंह को अपने साथ ले गए। इसके बाद दिन में परिजनों को फोन पर सूचना मिली की बलवंत सिंह की तबीयत खराब होने के चलते उन्हें श्रीनगर बेस चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। इस पर परिजन जब बेस अस्पताल पहुंचे तो उन्हें बलवंत सिंह मृत अवस्था में मिला और हरियाणा पुलिस के सिपाही बताने वाले एक भी व्यक्ति वहां नहीं मिला। इस पर परिजन सोमवार को जब थाना गोपेश्वर में तहरीर देने पहुंचे तो उनकी तहरीर लिखने से इंकार कर दिया गया।

केंद्रीय महामंत्री सजवाण का आरोप है कि कथित हरियाणा पुलिस के जवानों की ओर से बलवन्त सिंह को इस हाल में छोड़कर भाग जाना अपने आप में संदिग्धता को दर्शाता है। इस पर चमोली पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करनी चाहिए। लेकिन चमोली पुलिस की ओर से भी हीलाहवाली की जा रही है जो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एसपी को ज्ञापन सौंप कर परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की गई है।

उक्रांद के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज पुरोहित ने कहा कि इस प्रकार की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा कि हरियाणा पुलिस के जवानों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, अन्यथा उत्तराखंड क्रांति दल को उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। इस दौरान अशोक बिष्ट, धीरज राणा, महेंद्र नेगी, धीरेंद्र फरस्वाण आदि मौजूद रहे।

 

उत्तराखंड की कानून व्यवस्था ने जंगलराज को भी दे दी मात – राजीव महर्षि

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता तथा मीडिया कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख राजीव महर्षि ने प्रदेश मे दिन ब दिन बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आए दिन एक के बाद एक घट रही दुर्दांत घटनाओं के चलते उत्तराखंड सर्वाधिक आपराधिक घटनाओं वाला राज्य बन गया है।

महर्षि ने कहा कि राज्य सरकार इन दिनों चार साल बेमिसाल का ढोल पीट रही है, जबकि धरातल पर अपराधों की बाढ़ आ रखी है। अभी तक उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में ही सर्वाधिक अपराध वाला राज्य था लेकिन अब तो देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को भी पीछे छोड़ रहा है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है और पुलिस का इकबाल खत्म होने का सीधा निष्कर्ष सरकार की विफलता है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार की भरसक कोशिश शराब से राजस्व जुटाने की है। इस साल भी प्रदेश में लोगों की इच्छा को ताक पर रख कर शराब की 65 नई दुकानें खोल दी गई हैं। देर रात तक खुल रही शराब की दुकानें अपराध वृद्धि का सबब बन गई हैं। शांतिप्रिय कहे जाने वाले उत्तराखंड के लिए यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। अभी हाल में देश के दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले सेना के रिटायर ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की आपराधिक तत्वों के हाथों बेवजह मौत की घटना ने पुलिस की कार्यशैली को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है। यदि पुलिस का इकबाल बुलंद होता तो इस तरह की घटना नहीं होती। आपराधिक तत्वों का हथियारों के साथ उत्तराखंड में टहलना पुलिस की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में दून एक्सप्रेस वे शुरू होने के बाद इस तरह की घटनाएं और अधिक बढ़ सकती हैं कयोंकि पश्चिम उत्तर प्रदेश से देहरादून की दूरी काफी कम हो जायेगी।

महर्षि ने कहा कि चार साल पहले अंकिता हत्याकांड के बाद से समूचे प्रदेश में आपराधिक वारदातों का सिलसिला तेज हुआ है और पुलिस किसी भी वारदात को रोकने में नाकाम रही है। आज स्थिति यह है कि तमाम हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड अपराधों के मामले में शीर्ष पर है। चार साल बेमिसाल का ढोल पीट रही सरकार इस ओर से आँखें मूंदे हुए है। महिलाओं, बच्चों के विरुद्ध अपराधों में बेतहाशा वृद्धि भविष्य के लिए गंभीर खतरे का सायरन बजा रही है लेकिन प्रदेश की पुलिस बेपरवाह है।

महर्षि ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार आबकारी राजस्व वृद्धि का लोभ छोड़ कर अपराधों की रोकथाम पर ध्यान दे अन्यथा लोग कानून हाथ में उठा सकते हैं, यह आशंका बराबर बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि “मित्र पुलिस” का लवादा छोड़ कर पेशेवर ढंग से अपराध नियंत्रण के लिए सरकार को हिम्मत दिखानी होगी। पुलिस को फ्री हैंड दिए बिना यह संभव नहीं है। केवल देवभूमि का राग अलापने से काम चलने वाला नहीं है। देवतुल्य जनता, देवतुल्य लोग कह कर काम चलने वाला नहीं है, लोगों को यह भरोसा दिलाना भी जरूरी है कि सुबह शाम यदि वे घर से बाहर निकल रहे हैं, चाहे वे सैर पर क्यों न हों, यह गारंटी होनी चाहिए कि वे सुरक्षित घर लौट आयेंगे।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था की जितनी लचर स्थिति उत्तराखंड में है, वह राज्य स्थापना के बाद सर्वाधिक चिंताजनक स्थिति में है। पूरे प्रदेश में लोग त्राहि त्राहि कर रहे हैं जबकि सरकार अपने गुणगान में इस कदर मस्त हैं कि लोगों की पीड़ा उन्हें सुनाई ही नहीं दे रही है। महर्षि ने कहा कि अभी तक हरिद्वार और उधम सिंह नगर ही आपराधिक ग्राफ में सबसे ऊपर थे, अब राजधानी देहरादून सबसे ऊपर है। आए दिन हत्या, लूट, दुष्कर्म और अन्य आपराधिक घटनाओं से लोगों ने असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है किंतु सरकार बेपरवाह बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सरकार ने कानून व्यवस्था को सुधारने की दिशा में कदम नहीं बढ़ाया तो विवश होकर कांग्रेस को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा और उसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

बंगाल के चुनावी रण में उत्तराखंड के ‘धाकड़’ धामी, बनगांव में धुरंधर धामी का दमदार रोड शो, धामी को सुनने के लिए बनगांव में उमड़ा जनसैलाब, ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना
  • सिंडिकेट के रूप में काम कर रही TMC – धामी
  • भाजपा आई तो भय और भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम!

बनगांव : पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई—इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।

उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते—और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।

























शादी-विवाह समारोह में गैस सिलेंडर के लिए ₹10 के स्टांप पेपर पर देना होगा शपथ पत्र 
  •  शादी के कार्ड व आधार कार्ड के साथ शपथ पत्र संलग्न करते हुए 10 दिन पूर्व करना होगा आवेदन
  • देहरादून नगर क्षेत्र अंतर्गत जिला पूर्ति कार्यालय; तथा समस्त तहसीलों में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पूर्ति /निरीक्षक कार्यालय में किया जाएगा आवेदन
देहरादून :  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, उत्तराखण्ड शासन से विवाह समारोह हेतु अधिकतम 02 व्यावसायिक सिलेण्डर आवंटित किये जाने के निर्देश प्राप्त हुये हैं। उत्तराखंड शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिलाधिकरी सविन बंसल ने समस्त उप जिलाधिकारी/क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक को निर्देश दिये  कि विवाह समारोह हेतु आवेदन पत्र प्राप्त होने पर सम्बन्धित को गैस एजेन्सी के माध्यम से अधिकतम 02 व्यावसायिक सिलेण्डर उपलब्ध कराये जाय। साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये यह भी निर्देश दिये गये हैं कि आवेदन पत्र के साथ रूपये 10/- का स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र, शादी का कार्ड एवं आधार कार्ड अवश्य प्राप्त किया जाय। यह व्यावसायिक सिलेण्डर अस्थायी रूप से दिये जा रहे हैं जिन्हे उपयोग करने के उपरान्त आवेदनकर्ता को सम्बन्धित गैस एजेन्सी को शीघ्र उपलब्ध कराना होगा। जनपद देहरादून में अभी तक इस हेतु कुल 75 आवेदन पत्र प्राप्त हुये हैं जिन्हेे व्यावसयिक सिलेण्डर दिये जाने हेतु निर्देश दिये जा रहे हैं। 
सम्बन्धित गैस एजेन्सियों को अस्थायी कनेक्शन दिये जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। इसके लिये गैस एजेन्सियों को 10 प्रतिशत व्यावसायिक सिलेण्डर स्टाक में इस हेतु रखे जाने हेतु निर्देश दिये गये हैं। साथ ही छोटे दुकानदारों/विद्यार्थी/श्रमिकों का गैस की परेशानी न हो इस हेतु सम्बन्धित गैस एजेन्सियों को 05 कि0ग्रा0 के  गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। आयल कम्पनियों को अधिक से अधिक व्यावसायिक सिलेण्डर एवं 05 कि0ग्रा0 के  गैस सिलेण्डर गैस एजेन्सियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। 
जिला प्रशासन में सभी आवेदनकर्ताओं से अनुरोध किया कि विवाह समारोह से 10 से 12 दिन पूर्व सम्बन्धित कार्यालय में आवेदन करें जिससे समय से सम्बन्धित गैस एजेन्सियों को निर्देश दिये जा सके।

डीएम की क्यूआरटी ने नगर निगम देहरादून क्षेत्र अंतर्गत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से 04 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त

जिलाधिकारी  सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगाने हेतु गठित क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) द्वारा सतत प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 13   शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 13388  अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 807 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है।  एलपीजी का घरेलू 16767 तथा व्यवसायिक का 4442 स्टॉक उपलब्ध है।  घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।