बद्रीनाथ धाम में युद्धस्तर पर तैयारियां, भारी बर्फबारी के बीच जल आपूर्ति बहाल करने में जुटा जल संस्थान

​बदरीनाथ। विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने में अब महज 15 दिन का समय शेष रह गया है, जिसे देखते हुए धाम में बिजली, पानी, सीवर और पैदल रास्तों को दुरुस्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मंगलवार सुबह से शुरू हुए भारी हिमपात और कड़ाके की ठंड ने जहाँ एक ओर मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं उत्तराखंड जल संस्थान के जांबाज कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों की परवाह किए बगैर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जल संस्थान (फील्ड बद्रीनाथ) के लाइनमैन कुलदीप बुरियाल ने बताया कि धाम में 8 सदस्यीय समर्पित टीम दिन-रात कार्य कर रही है और अब तक लगभग 70 प्रतिशत पानी की लाइनों को दुरुस्त किया जा चुका है। भारी बर्फबारी के बीच जमी हुई पाइपलाइनों को चालू करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन विभाग का लक्ष्य कपाट खुलने से पहले शत-प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित करना है ताकि देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े।

पौड़ी गढ़वाल : पांच केंद्रों पर हुआ प्रशिक्षण, एचएलओएफ के तहत होगा सर्वे

पौड़ी : जनगणना 2027 के तहत जनपद में तैयारियां तेज़ हो गयी हैं। इसी क्रम में बुधवार को घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज के दो प्रशिक्षण केंद्रों, खंड विकास कार्यालय पौड़ी, प्रशिक्षण प्रसार केंद्र पौड़ी तथा नगर पालिका पौड़ी सभागार में प्रगणकों और सुपरवाइजरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भवनों तथा मूलभूत सुविधाओं के आंकलन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गयी।

नायब तहसीलदार पौड़ी जबर सिंह असवाल ने बताया कि जनपद में कुल पांच स्थानों पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 250 प्रगणक और सुपरवाइजर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए सभी कार्मिकों को बारीकी से प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि सर्वेक्षण के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। उन्होंने जानकारी दी कि यह गणना एचएलओएफ (आवास सूचीकरण एवं मूलभूत सुविधाएं) के अंतर्गत की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक भवन, आवासीय स्थिति और उसमें उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली आदि का विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नगर पालिका पौड़ी सभागार में शहरी क्षेत्रों के भवनों और सुविधाओं की गणना से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया, जबकि घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज के दोनों केंद्रों, खंड विकास कार्यालय सभागार और प्रशिक्षण प्रसार केंद्र में ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वेक्षण की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करने, डिजिटल माध्यमों के उपयोग और निर्धारित प्रपत्रों को सही तरीके से भरने के बारे में विस्तार से बताया गया।

इस अवसर पर मतगणना प्रशिक्षक प्रदीप बिष्ट, ज्योति मोहन, अमित गौड़, कमलेश जोशी, शिव सिंह, दिनेश बेलवाल और मुकेश रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

विवाह समारोहों में गैस सिलेंडर आपूर्ति के लिए एसओपी लागू, अधिकतम दो सिलेंडर की अनुमति

पौड़ी : विवाह समारोहों में गैस सिलेंडरों के सुचारु, पारदर्शी एवं नियंत्रित वितरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गयी है। इसके अंतर्गत यह निर्धारित किया गया है कि किसी भी विवाह समारोह के लिए अधिकतम 02 व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति ही अनुमन्य होगी।

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक आवेदनकर्ता को संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय अथवा गोदाम में आवेदन प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ 10 रुपये के स्टाम्प पर शपथ पत्र, विवाह कार्ड एवं आधार कार्ड की प्रति संलग्न करनी होगी। शपथ पत्र उपलब्ध न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारी द्वारा आवेदन स्वीकार कर सत्यापन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदन के आधार पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक द्वारा अस्थायी कनेक्शन जारी करने हेतु संबंधित गैस एजेंसी को संस्तुति प्रेषित की जाएगी। इसके पश्चात गैस एजेंसी द्वारा आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर आवेदनकर्ता को अस्थायी कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा तथा एसओपी के अनुरूप व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। इस संबंध में संबंधित अधिकारी को अवगत कराना एवं अभिलेखों का पृथक एवं विस्तृत विवरण संधारित करना भी अनिवार्य होगा।

उन्होंने यह भी बताया कि विवाह समारोह के अगले दिन आवेदक द्वारा उपलब्ध कराए गए गैस सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसी में वापस जमा कराना अनिवार्य होगा, जिसकी सूचना गैस एजेंसी द्वारा संबंधित क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक को उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने समस्त क्षेत्रीय खाद्य अधिकारियों, पूर्ति निरीक्षकों एवं गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि शासन द्वारा जारी एसओपी एवं कार्यालय आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि आमजन को पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकें।

पौड़ी गढ़वाल : रेस्टोरेंट संचालक को ब्लैकमेल करने व धमकी देकर वसूली करने वाले 3 अभियुक्त गिरफ्तार

श्रीनगर : 13 फरवरी को वादी एस.के. जैन, निवासी श्रीनगर द्वारा कोतवाली श्रीनगर में एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि अक्षत नामक व्यक्ति एवं उसके साथियों द्वारा उनके रेस्टोरेंट के खाने में कॉकरोच मिलने की शिकायत पर FSSAI में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाने साथ ही रेस्टोरेंट/होटल की प्रतिष्ठा खराब करने तथा फोटो/वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर उनकी पुत्री से 50,000/- रुपये की धोखाधड़ी की गई। इस संबंध में कोतवाली श्रीनगर पर मु0अ0सं0- 09/26, धारा- 308(2), 318(4), 61(2) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा आमजन के साथ की गई एक्सटोर्शन व धोखाधड़ी की इस घटना को गम्भीरता से लेते हुये इस पर त्वरित कार्यवाही कर विवेचना के सफल निस्तारण हेतु प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर को निर्देशित किया गया। जिसके क्रम में प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर कुलदीप नेगी के पर्यवेक्षण व उपनिरीक्षक मुकेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर प्रकरण में विवेचना प्रारंभ की गई। 

गठित पुलिस टीम द्वारा जुटायी गई आवश्यक जानकारी, बैंक डीटेल आदि से विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आये कि अभियुक्त अक्षत आनन्द उर्फ साहिल, सोहेल अख्तर एवं रितेश मिश्रा द्वारा सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत दिनांक 24.11.2025 को श्रीनगर स्थित ट्रॉपिकल रेस्टोरेंट में भोजन किया गया था जिसके पश्चात इन लोगों द्वारा खाने में कॉकरोच मिलने की शिकायत पर वीडियो बनाई गई तथा उसके बाद लगातार रेस्टोरेंट/होटल संचालक को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) में इसकी शिकायत करने की धमकी दी गई। साथ ही फर्जी नोटिस तैयार कर रेस्टोरेंट/होटल संचालक को व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी गई। इसके जरिए रेस्टोरेंट को बदनाम करने, लीगल नोटिस देने एवं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रेस्टोरेंट मालिक को कम से कम 2.5 लाख रूपये देने हेतु दबाव बनाया गया। 

अभियुक्त अक्षत द्वारा लगातार कॉल एवं संदेशों के माध्यम से जबरन वसूली हेतु दबाव बनाया गया, जिसके पश्चात परेशान होकर रेस्टोरेंट संचालक की पुत्री ने प्रथम किस्त के रूप में 50,000/- रुपये यूपीआई के माध्यम से अक्षत के कहने पर उसके साथी सोहेल अख्तर के खाते में ट्रांसफर की गई। 

पुलिस टीम द्वारा लगातार प्रयासरत रहकर अभियुक्तों  की लोकेशन, मुखबीर आदि माध्यमों से अभियुक्तों का पता लगाया गया। जिसके पश्चात पुलिस टीम द्वारा मुख्य अभियुक्त अक्षत आनन्द उर्फ साहिल, सोहेल अख्तर व रितेश मिश्रा को झज्जर, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तों मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। विवेचना के दौरान साजिश में शामिल सह-अभियुक्त सोहेल अख्तर व रितेश मिश्रा को धारा 35(3) बीएनएसएस के अंतर्गत नोटिस दिया गया, किन्तु अभियुक्तों द्वारा विवेचनात्मक कार्यवाही में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया इस कारण दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

 

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0- 09/26, धारा- 308(2), 318(4), 61(2) BNS

 

नाम पता अभियुक्तगण

1. अक्षत आनन्द उर्फ साहिल (उम्र 22 वर्ष), पुत्र रविन्द्र पोदार, निवासी- बेगूसराय, बिहार, हाल- छतरपुर, दिल्ली।

2. सोहेल अख्तर (उम्र 23 वर्ष) पुत्र सुलेमान अख्तर, निवासी- हजारीबाग, थाना- सदर झारखण्ड, हाल- अम्बेडकर कॉलोनी इन्क्लेव दिल्ली।।

3. रितेश मिश्रा (उम्र 22 वर्ष) पुत्र नन्दलाल मिश्रा, निवासी- सरायकला, झारखण्ड, हाल पता- झझर, हरियाणा

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार पर सतर्कता का बड़ा प्रहार, दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार

देहरादून : उत्तराखंड में सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। अल्मोड़ा और किच्छा में हुई इन ट्रैप कार्रवाइयों से सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है।

लमगड़ा ब्लॉक में लेखाकार गिरफ्तार

अल्मोड़ा जिले के विकासखंड लमगड़ा में तैनात लेखाकार हर सिंह बिष्ट उर्फ हरीश सिंह बिष्ट को सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी की टीम ने 8 अप्रैल 2026 को रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया।

आरोप है कि आरोपी ने शिकायतकर्ता से शौचालय निर्माण कार्य से जुड़ी 3 लाख रुपये की एफडीआर रिलीज कराने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता टीम ने जाल बिछाकर ब्लॉक कार्यालय में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

किच्छा में उद्यान निरीक्षक पर कार्रवाई

दूसरे मामले में किच्छा स्थित उद्यान विभाग के ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पांडे को 9 अप्रैल 2026 को ट्रैप टीम ने गिरफ्तार किया।

बताया जा रहा है कि आरोपी ने आम के 16 पेड़ों को काटने की अनुमति देने के बदले 12 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि होने पर टीम ने योजना के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

 

नैनीताल हाईकोर्ट में NIM अनियमितता मामले पर सुनवाई, केंद्र-राज्य सरकार से मांगा जवाब

नैनीताल : नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) में वर्ष 2018 से 2022 के बीच कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस प्रकरण पर सुनवाई की। अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद संबंधित पक्षकारों द्वारा अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इस पर पक्षकारों ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

क्या है मामला?

यह जनहित याचिका दिनेश चंद्र उनियाल द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उत्तरकाशी स्थित NIM में वर्ष 2018 से 2022 के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं हुईं। याचिका में यह भी कहा गया है कि रोजगार देने के नाम पर गड़बड़ियां की गईं, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

सरकार का पक्ष

मामले में राज्य और केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है। उनका कहना है कि संस्थान में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा इस प्रकरण की जांच पहले ही की जा चुकी है, जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई।

कोर्ट का रुख

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को आरोपों के संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई तक पक्षकारों को अपना पक्ष स्पष्ट करने का समय दिया है।

 

चारधाम यात्रा के आपदा सुरक्षित संचालन के लिए उत्तराखण्ड को हर सहयोग देगा एनडीएमए – वत्स
देहरादून : राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में चारधाम यात्रा के दौरान संभावित आकस्मिकताओं एवं आपदा की स्थिति में प्रभावी रूप से निपटने हेतु एक विस्तृत टेबल टाॅप एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य एवं विभागाध्यक्ष कृष्णा एस वत्स ने टेबल टाॅप एक्सरसाइज की अध्यक्षता करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा केवल उत्तराखण्ड राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन है। गृह मंत्रालय एवं भारत सरकार का विशेष फोकस इस यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराना है, जिसके लिए एनडीएमए द्वारा राज्य को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने चारधाम यात्रा के सफल संचालन हेतु राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यात्रा मार्गों पर जोखिम आकलन को और अधिक बहुआयामी बनाया जाना चाहिए। इसके अंतर्गत रूट स्पेसिफिक रिस्क मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा संभावित खतरों के दृष्टिगत एंटीसिपेटरी एक्शन (पूर्वानुमान आधारित कार्यवाही) को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी धामों की कैरिंग कैपेसिटी का समुचित ध्यान रखा जाए तथा माइक्रो लेवल पर विस्तृत रिस्क असेसमेंट किया जाए। संवेदनशील एवं जोखिमयुक्त स्थानों (हॉटस्पॉट्स) की पहचान कर वहां के लिए विशेष एवं ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही यात्रियों तक समयबद्ध एवं प्रभावी एलर्ट पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे स्वयं भी आवश्यक सुरक्षात्मक कदम उठा सकें।

वत्स ने इम्पैक्ट बेस्ड फोरकास्टिंग को अपनाने पर विशेष बल दिया तथा कहा कि इससे संभावित आपदाओं के प्रभाव का बेहतर पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा। उन्होंने क्राउड एवं ट्रैफिक मैनेजमेंट को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए उन्होंने मोबाइल हेल्थ यूनिट्स की संख्या बढ़ाने को कहा। साथ ही हेली सेवाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने तथा सभी हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाताओं द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे किसी भी प्रकार की हेली दुर्घटना को रोका जा सके।

इस अवसर पर सचिव, एनडीएमए एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भारत सरकार मनीष भारद्वाज ने कहा कि चारधाम यात्रा के प्रबंधन एवं संचालन में उत्तराखण्ड राज्य ने एक बैंचमार्क स्थापित किया है। उन्होंने यात्रा को लेकर राज्य सरकार द्वारा अपनाए जा रहे दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से ही इस प्रकार की बड़ी व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संचालित की जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान आपदा प्रबंधन के दृष्टिकोण से शून्य मृत्यु के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रियों के मोबाइल फोन में सचेत एप को अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए, ताकि समय पर चेतावनी एवं अलर्ट संदेश प्राप्त हो सकें और किसी भी संभावित जोखिम से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार तथा यूएसडीएमए द्वारा चारधाम यात्रा को लेकर की गई तैयारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने एनडीएमए का माॅक अभ्यास कराने के लिए आभार भी जताया। इस अवसर पर एडवाइजर आपरेशन, एनडीएमए, कर्नल कीर्ति प्रताप सिंह, ज्वाइंट एडवाइजर आपरेशंस, ले. कर्नल एसके शाही, लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर कुमार बहल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन महावीर सिंह चैहान, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो0 ओबैदुल्लाह अंसारी, कमाण्डेंट एनडीआरएफ संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।  

 

आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में स्टार्टअप्स को मौका दें

कृष्णा वत्स ने छोटे शहरों एवं प्रमुख पड़ाव स्थलों पर भी इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों, विशेषकर एआई/एमएल के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करने की बात कही तथा इस क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स को अवसर देने का सुझाव दिया। संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु उन्होंने कम्युनिकेशन ऑन व्हील्स जैसी मोबाइल संचार तकनीकों के उपयोग पर विशेष जोर दिया, जिससे दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी निर्बाध संचार सुनिश्चित किया जा सके।

 

तैयारियों को परखने का माध्यम है माॅक अभ्यास

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि चारधाम यात्रा के दृष्टिगत आयोजित यह माॅक अभ्यास हमारी तैयारियों को परखने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। निरंतर माॅक ड्रिल्स एवं टेबल टाॅप एक्सरसाइज के माध्यम से हम अपनी संस्थागत एवं फील्ड स्तर की क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहे हैं। विगत वर्षों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इन अभ्यासों से हमें वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अपनी रणनीतियों को बेहतर बनाने का अवसर मिला है। इनसे विभिन्न विभागों के बीच समन्वयए त्वरित निर्णय क्षमता एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हमारा प्रयास है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं निर्विघ्न बनाया जाए। इसके लिए माइक्रो लेवल पर तैयारी, जोखिमों की पूर्व पहचान एवं समयबद्ध प्रतिक्रिया अत्यंत आवश्यक है, जिसमें ऐसे अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

काल्पनिक परिदृश्यों से परखी तैयारियां

टेबल टाॅप एक्सरसाइज के दौरान लीड कंसलटेंट मेजर जनरल सुधीर बहल एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी द्वारा जनपदों की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियों को काल्पनिक आपदा परिदृश्यों के आधार पर परखा गया। इस दौरान यह आकलन किया गया कि सूचना प्राप्त होते ही प्रथम प्रतिक्रिया कितनी शीघ्र एवं प्रभावी ढंग से दी गई तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रबंधन किस प्रकार किया गया। अभ्यास के दौरान विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय, कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम की प्रभावशीलता, संचार तंत्र की सक्रियता तथा सूचना के आदान-प्रदान की गति पर विशेष ध्यान दिया गया। यह भी परखा गया कि आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन एवं अन्य रेखीय विभाग किस प्रकार एकीकृत रूप से कार्य करते हैं और आपसी तालमेल के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्यों को किस स्तर तक प्रभावी बनाते हैं।

चमोली : विवाह समारोहों के लिए अब मिलेंगे अधिकतम 2 व्यावसायिक सिलेंडर

चमोली : वैश्विक संकट के चलते एलपीजी आपूर्ति में आ रही चुनौतियों को देखते हुए उत्तराखंड शासन के निर्देशानुसार जनपद चमोली में नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिलाधिकारी गौरव कुमार के आदेशानुसार, अब विवाह समारोहों के लिए अधिकतम 02 व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए बाकायदा 10 प्रतिशत की एसओपी (SOP) निर्धारित की गई है, ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे और आमजन को कठिनाई न हो। जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इच्छुक आवेदकों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे, जिसका गहन परीक्षण करने के बाद विभाग अस्थायी गैस कनेक्शन जारी करने की संस्तुति देगा। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए आवेदन करें और किसी भी प्रकार की भ्रांति की स्थिति में सीधे जिला पूर्ति विभाग से संपर्क करें, ताकि आयोजनों में गैस आपूर्ति को लेकर कोई व्यवधान उत्पन्न न हो।

बदरीनाथ में बर्फबारी से तैयारियों की रफ्तार थमी

ज्योतिर्मठ। पहाड़ों में बीते मंगलवार से जारी अनवरत बारिश और बर्फबारी के चलते भू-बैकुंठ बदरीनाथ धाम ने आधे फिट से अधिक बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। हालांकि बर्फ पिघलने का सिलसिला भी बना हुआ है, लेकिन मौसम के इस कड़े मिजाज ने आगामी कपाट खुलने की तैयारियों और मास्टर प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्यों पर फिलहाल ब्रेक लगा दिया है। धाम में पैदल रास्तों को दुरुस्त करने और पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने में जुटे मजदूरों को खराब मौसम की वजह से भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ एक ओर बदरीनाथ धाम में विकास कार्य प्रभावित हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली में हुई जमकर बर्फबारी ने पर्यटन कारोबार में नई जान फूंक दी है। औली पहुँचे सैलानी इस ताज़ा बर्फबारी का भरपूर आनंद ले रहे हैं, जिससे वहां के वातावरण में काफी उत्साह और रौनक देखी जा रही है।

CM धामी ने कुंभ एवं जिला योजना के लिए प्रदान की ₹1200 करोड़ की धनराशि

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कुम्भ मेला-2027 के तहत अवस्थापना सुविधाओं के विकास में तेजी लाए जाने तथा जिला योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु ₹ 1200 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस क्रम में विभिन्न विभागों की 28 महत्वपूर्ण योजनाओं हेतु ₹ 282.29 करोड़ की योजनाओं का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

कुम्भ मेला-2027 को दिव्य एवं भव्य स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना संरचना के अंतर्गत राज्य के सभी जनपदों हेतु कुल ₹ 1018.21 करोड़ की धनराशि जनपदवार आवंटित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस धनराशि से जनपदों में संचालित विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को और अधिक गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जन कल्याण से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता के साथ क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश की जनता को योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त हो सके।