देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का आज लोकार्पण, कार से एलिवेटेड रोड के सफर पर निकले पीएम मोदी

सहारनपुर/देहरादून: प्रधानमत्री Narendra Modi आज बहुप्रतीक्षित Dehradun–Delhi Expressway का लोकार्पण करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर में उतर चुका है, जहां से वह कार के जरिए एलिवेटेड रोड के निरीक्षण के लिए रवाना हुए।

प्रधानमंत्री मोदी इस दौरान एलिवेटेड कॉरिडोर के व्यू प्वाइंट का जायजा ले रहे हैं और परियोजना की प्रगति व सुविधाओं की जानकारी ले रहे हैं। यह एक्सप्रेसवे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली—तीनों राज्यों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।

इस परियोजना के शुरू होने के बाद देहरादून से दिल्ली के बीच यात्रा समय में काफी कमी आने की उम्मीद है, जिससे आवागमन तेज और सुगम होगा। साथ ही, क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

 
 
LPG आपूर्ति व्यवस्था पर कड़ी निगरानी, 3 गैस गोदामों का औचक निरीक्षण

पौड़ी : जनपद में एलपीजी गैस आपूर्ति प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने तथा अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशानुसार शनिवार को पूर्ति विभाग की टीमों द्वारा व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। 

जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि जनपद में अभियान के तहत 3 गैस गोदामों का औचक निरीक्षण किया गया। जिनमें कोटद्वार, थलीसैंण और पौड़ी में एक–एक गैस गोदाम का निरीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी किसी प्रकार की अनियमितता पायी जाएगी, वहां तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे।

 

देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे : रफ्तार का फायदा या बढ़ता खतरा?

देहरादून : बहुप्रतीक्षित Dehradun–Delhi Expressway को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। दावा किया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद देहरादून से दिल्ली का सफर महज ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। जहां यह परियोजना कनेक्टिविटी और विकास के लिहाज से अहम मानी जा रही है, वहीं तेज रफ्तार के कारण बढ़ते सड़क हादसों का खतरा भी चिंता का विषय बनता जा रहा है।

सफर होगा आसान, समय की बचत

इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी। इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि व्यापार और आवागमन भी तेज होगा। खासकर Dehradun से Delhi आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। लंबे जाम और खराब सड़कों की समस्या से भी निजात मिलने की उम्मीद है।

हादसों का बढ़ता जोखिम

हालांकि, तेज रफ्तार इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा जोखिम भी बन सकती है। हाल ही में Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से पहले इसी एक्सप्रेसवे पर एक के बाद एक कई गाड़ियां आपस में टकरा गई थीं। यह घटना इस बात का संकेत है कि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर जरा सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी है। स्पीड लिमिट, लेन अनुशासन, और ड्राइवर की सतर्कता सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। यदि इनका सही तरीके से पालन नहीं किया गया, तो दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है।

संतुलन की जरूरत

एक्सप्रेसवे जहां विकास और सुविधा का प्रतीक है, वहीं इसके साथ जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बेहतर होगा कि सरकार और संबंधित एजेंसियां सुरक्षा उपायों को और मजबूत करें, साथ ही लोगों में जागरूकता भी बढ़ाई जाए। कुल मिलाकर, देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे यात्रा को तेज और आसान जरूर बनाएगा, लेकिन सुरक्षित ड्राइविंग और सख्त नियमों के बिना यह सुविधा खतरे में भी बदल सकती है।

कोटद्वार : शेयर मार्केट के नाम पर ठगी, मुख्य आरोपी गुजरात से गिरफ्तार

कोटद्वार : शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले मुख्य अभियुक्त को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। मामला 12 दिसंबर 2025 का है, जब कोटद्वार निवासी अनिल सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि फेसबुक के जरिए उन्हें शेयर मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही वह एक व्हाट्सएप ट्रेडिंग ग्रुप से जुड़ गए, जहां मौजूद अज्ञात लोगों ने उन्हें झांसे में लेकर अलग-अलग माध्यमों से कुल 11 लाख 10 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी के निर्देश पर तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने बैंक खातों, डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर अहम सुराग जुटाए। जांच में सामने आया कि यह पूरा साइबर फ्रॉड नेटवर्क गुजरात से संचालित किया जा रहा था।

लगातार प्रयासों और सटीक तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीम ने 10 अप्रैल 2026 को अहमदाबाद से मुख्य अभियुक्त रहेवर राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोगों को शेयर मार्केट में निवेश का लालच देकर ठगी करता था।

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की तैयारी में जुटी है।

 

पौड़ी पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं… और कानून के हाथ अब हर जगह तक पहुंच रहे हैं।

देहरादून–दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, पीएम मोदी ने डाट काली मंदिर में की पूजा

देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज बहुप्रतीक्षित Dehradun–Delhi Expressway का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण किया और देहरादून स्थित Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना भी की।

भव्य स्वागत और धार्मिक कार्यक्रम

प्रधानमंत्री के देहरादून पहुंचने पर 12 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद वह डाट काली मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा की। पूजा के उपरांत बच्चियों ने उनके समक्ष महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् प्रस्तुत किया, जिसे पीएम मोदी ने ध्यानपूर्वक सुना और प्रसन्नता व्यक्त की।

एलिवेटेड कॉरिडोर का किया निरीक्षण

इससे पहले प्रधानमंत्री ने एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड हिस्से का निरीक्षण किया। उन्होंने कार से उतरकर व्यू प्वाइंट से कॉरिडोर का जायजा लिया और परियोजना की विशेषताओं की जानकारी ली।

एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं

  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला प्रोजेक्ट।
  • कुल लंबाई: 213 किलोमीटर।
  • कुल लागत: 11,963 करोड़ रुपये।
  • 6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर।
  • 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर।
  • 200 मीटर लंबे 2 एलिफेंट अंडरपास और 6 एनिमल पास।
  • डाट काली के पास 370 मीटर लंबी सुरंग।
  • 2 रेलवे ओवरब्रिज, 10 पुल और 7 इंटरचेंज।
  • करीब 20 किलोमीटर वन क्षेत्र परियोजना में शामिल।
  • 1.95 लाख पेड़ों का रोपण।
  • लगभग 19 प्रतिशत ईंधन की बचत का अनुमान।
  • दिल्ली से देहरादून की दूरी अब लगभग 2.5 घंटे में पूरी होगी।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। यात्रा समय कम होने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उत्तराखंड में सड़कों-रोपवे का जाल : गडकरी ने कई बड़ी परियोजनाओं का किया ऐलान

देहरादून: केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने उत्तराखंड के विकास को नई गति देने के लिए कई अहम सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है।

केदारनाथ और यमुनोत्री के लिए बड़ी योजनाएं

गडकरी ने बताया कि Kedarnath के लिए रुद्रप्रयाग से Gaurikund तक 1300 करोड़ रुपये की परियोजना दिसंबर 2026 तक शुरू कर दी जाएगी।

वहीं Yamunotri के लिए धरासू से यमुनोत्री तक 2500 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना 2028 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

रोपवे परियोजनाओं पर जोर

उन्होंने बताया कि Sonprayag से केदारनाथ तक 12 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जा रहा है। इसके अलावा Govindghat से Hemkund Sahib तक 12.4 किलोमीटर का रोपवे भी निर्माणाधीन है। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और यात्रा समय में कमी आएगी।

भूस्खलन से निपटने के लिए योजनाएं

गडकरी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की समस्या को ध्यान में रखते हुए 4300 करोड़ रुपये की लागत से 296 कार्यों को मंजूरी दी गई है, जबकि 5800 करोड़ रुपये के 194 अन्य कार्यों की तैयारी की जा रही है।

देहरादून और हरिद्वार में बाइपास

उन्होंने बताया कि Dehradun में 1700 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बाइपास बनाया जाएगा। इसके अलावा Haridwar में 2300 करोड़ रुपये की लागत से चार लेन बाइपास का काम जल्द शुरू होगा। देहरादून से Mussoorie के लिए 800 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन सड़क की डीपीआर तैयार की जा रही है।

अन्य प्रमुख परियोजनाएं

  • 5200 करोड़ रुपये से TanakpurPithoragarh होते हुए Lipulekh मार्ग का निर्माण
  • पांवटा साहिब–देहरादून फोरलेन सड़क मई तक पूरी होगी
  • 1106 करोड़ रुपये की Rishikesh बाइपास परियोजना अगस्त तक शुरू होगी
  • 936 करोड़ रुपये की देहरादून–आशारोड़ी फोरलेन सड़क अगले साल तक पूरी होगी
  • 630 करोड़ रुपये की Joshimath से मलारी दो लेन सड़क दिसंबर 2026 तक तैयार होगी

विकास और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कई स्थानों पर सड़क के बजाय सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम होगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब तक राज्य को करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं दे चुकी है, जबकि 80 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अभी डीपीआर चरण में हैं।

सीएम धामी ने डीएवी पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में किया प्रतिभाग, छात्र-छात्राओं को किया संबोधित

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को डी०ए०वी० पीजी कॉलेज, देहरादून में आयोजित छात्रसंघ समारोह में प्रतिभाग करते हुए छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्य शक्ति बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि युवा केवल देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान भी हैं। उनकी ऊर्जा, संकल्प और नवाचार की सोच ही भारत के विकास की दिशा निर्धारित करती है। उन्होंने छात्र राजनीति को नेतृत्व विकास, संगठन क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जैसे संगठनों से जुड़कर युवाओं में राष्ट्र सेवा, चरित्र निर्माण और सामाजिक चेतना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि परिषद के कार्यकर्ता, शिक्षा संस्थानों से लेकर देश की सीमाओं तक राष्ट्रहित में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महान समाज सुधारक स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण करना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनमें ‘मेक इन इंडिया’, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसी पहलें शामिल हैं, जिन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, जैसे आधुनिक पाठ्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, साइंस सिटी और एस्ट्रो पार्क जैसे परियोजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सुदृढ़ किया जा रहा है। 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना, 20 मॉडल कॉलेजों का निर्माण, महिला छात्रावास, आईटी लैब एवं परीक्षा भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्तियां भी की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डी०ए०वी० पीजी कॉलेज के अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति शैक्षणिक ब्लॉक की छत पर दो अतिरिक्त तल (प्रथम एवं द्वितीय) के निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, रामसिंह कैड़ा, विधायक उमेश कुमार, प्राचार्य डी.ए.वी पीजी कॉलेज प्रो. कौशल कुमार, छात्र संघ अध्यक्ष ऋषभ मल्होत्रा, महामंत्री करन नेगी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।

 

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, पीएम मोदी ने तीन राज्यों को दी बड़ी सौगात

देहरादून: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने आज उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी सौगात देते हुए 11,963 करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किलोमीटर लंबे Dehradun–Delhi Expressway का लोकार्पण किया। लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे लोगों को आज बड़ी राहत मिली है।

ढाई घंटे में पूरा होगा सफर

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से देहरादून से दिल्ली के बीच यात्रा समय घटकर करीब ढाई घंटे रह जाएगा। इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और कनेक्टिविटी को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

पीएम मोदी के संबोधन की मुख्य बातें

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि “आने वाला दशक उत्तराखंड का दशक होगा” और राज्य तेजी से विकास के नए आयाम छू रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पीएम ने B. R. Ambedkar को नमन करते हुए कहा कि देश का संविधान गरीब, वंचित और शोषित वर्ग को न्याय दिलाने का माध्यम है। उन्होंने विकास में इंफ्रास्ट्रक्चर की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि सड़क और रेल नेटवर्क देश की “भाग्य रेखाएं” हैं, जो बेहतर भविष्य की गारंटी देती हैं।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे से Dehradun, Haridwar, Rishikesh, Mussoorie और चारधाम यात्रा को बड़ा लाभ मिलेगा।

उन्होंने उत्तराखंड में बारहमासी पर्यटन (सालभर पर्यटन) को बढ़ावा देने की जरूरत भी बताई।

पर्यावरण और संस्कृति पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि विकास के साथ-साथ प्रकृति और संस्कृति का संतुलन जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक्सप्रेसवे में वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, ताकि वन्यजीवों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने लोगों से तीर्थस्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने की अपील की और कूड़ा न फैलाने का संदेश दिया।

आने वाले धार्मिक आयोजन

प्रधानमंत्री ने आगामी Kumbh Mela को भव्य और दिव्य बनाने की बात कही। साथ ही Nanda Devi Raj Jat का उल्लेख करते हुए इसे आस्था का प्रमुख केंद्र बताया।

महिलाओं की भूमिका पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अहम है और उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी दीक्षिता जोशी ने दी डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि

पौड़ी। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट स्थित उनकी प्रतिमा पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने उपस्थित सभी को शुभकामनाएं भी दीं और उनके विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

संयुक्त मजिस्ट्रेट ने कहा कि भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर ने भारतीय समाज को समानता, न्याय और अधिकारों की दिशा में नयी सोच दी। उन्होंने बताया कि उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है, जिससे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल्यों को अपनाकर ही समाज में सच्ची समरसता स्थापित की जा सकती है।

इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए डॉ. अंबेडकर के आदर्शों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया तथा उनके विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा नरेंद्र टम्टा, क्रांति किशोर, जसपाल रावत, लक्ष्मण सिंह नेगी, मनीष कुमार, अनिरुद्ध, भक्ति लाल शाह सहित अन्य उपस्थित रहे।

देहरादून में पीएम मोदी का रोड शो, 12 किमी तक उमड़ा जनसैलाब

देहरादून: पीएम Narendra Modi के उत्तराखंड दौरे के दौरान राजधानी देहरादून में पहली बार 12 किलोमीटर लंबा भव्य रोड शो आयोजित किया गया। इस दौरान सड़कों पर भारी भीड़ उमड़ी और “मोदी-मोदी” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।

डाट काली मंदिर में लिया आशीर्वाद

रोड शो से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने Dat Kali Temple में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने शहर में रोड शो किया और लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

कड़ी सुरक्षा और रूट डायवर्जन

रोड शो के दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा और यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर रूट डायवर्जन किया गया।

जनसभा को करेंगे संबोधित

रोड शो के बाद प्रधानमंत्री गढ़ी कैंट स्थित मैदान में जनसभा को संबोधित करेंगे। उनके दौरे को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।

एक्सप्रेसवे और परियोजनाओं की सौगात

प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान Dehradun–Delhi Expressway का लोकार्पण किया, जिसकी कुल लंबाई 213 किलोमीटर और लागत करीब 11,963 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, देश के पहले 1000 मेगावाट क्षमता वाले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी उद्घाटन किया जाएगा।

उत्तराखंड से खास जुड़ाव

प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड से गहरे संबंध रहे हैं। वह प्रधानमंत्री बनने के बाद कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं और Kedarnath Temple, Badrinath Temple और Mukhba जैसे धार्मिक स्थलों का भी दौरा कर चुके हैं।