सीएम धामी का माणा दौरा, महिला सशक्तिकरण और विकास पर जोर
  • मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा
  • शत-प्रतिशत “लखपति दीदी” गांव माणा बना आत्मनिर्भरता का मॉडल
  • चारधाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील
  • स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए श्रद्धालुओं से खरीदारी का आह्वान

चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा पहुंचकर क्षेत्र का भ्रमण किया तथा वहां आए श्रद्धालुओं एवं स्थानीय जनता से आत्मीय संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुखद एवं प्लास्टिक मुक्त हरित यात्रा बनाने की अपील करते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री के आगमन पर माणा गांव की महिलाओं ने पारंपरिक मांगलगीत गाकर एवं स्थानीय उत्पाद भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस आत्मीय स्वागत के लिए ग्रामीण महिलाओं का आभार व्यक्त किया और उनकी परंपराओं एवं संस्कृति की सराहना की।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने गांव की शत-प्रतिशत “लखपति दीदियों” से मुलाकात कर उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों को गुणवत्तापूर्ण बताते हुए कहा कि ये उत्पाद न केवल स्थानीय आजीविका को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे स्थानीय उत्पादों की खरीद कर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमांत गांवों के विकास को नई दिशा मिली है और जो गांव पहले “अंतिम गांव” कहे जाते थे, उन्हें अब “प्रथम गांव” की संज्ञा देकर उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत उत्तराखंड के सीमांत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे इन क्षेत्रों में रोजगार, पर्यटन और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। माणा गांव सहित अन्य सीमांत क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्य प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से सीमांत गांव विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे।

ग्राम पंचायत माणा, विकासखण्ड ज्योतिर्मठ, जनपद चमोली, आज स्वयं सहायता समूहों और “लखपति दीदी” पहल के माध्यम से एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर कर सामने आया है। यहां कुल 12 स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे 82 महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ग्राम में एक ग्राम संगठन “सुनंदा महिला ग्राम संगठन” तथा एक क्लस्टर स्तरीय संगठन “योगबद्री क्लस्टर स्तरीय संगठन” कार्यरत है और विशेष बात यह है कि यहां सभी 82 महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में स्थापित हो चुकी हैं, जिससे माणा उत्तराखंड का प्रथम शत-प्रतिशत लखपति दीदी गांव बन गया है।

ग्राम की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पारंपरिक एवं गैर-कृषि कार्यों को बढ़ावा देते हुए आजीविका संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे ऊनी वस्त्र, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट उत्पाद, फर्नीचर, टोकरी निर्माण, दाल, कालीन, पापड़, मसाले तथा भोजनालय संचालन जैसे विविध कार्यों में संलग्न हैं और इन उत्पादों का विपणन कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि कर रही हैं। इसके अतिरिक्त कृषि, पशुपालन, डेयरी, होमस्टे, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, मशरूम उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों के माध्यम से भी महिलाएं स्वरोजगार के अवसर विकसित कर रही हैं। स्थानीय उत्पादों को सरस मॉल एवं विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने में सहायता मिल रही है और वे “लखपति दीदी” योजना से लाभान्वित हो रही हैं।

माणा गांव आज महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सीमांत क्षेत्र के समग्र विकास का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है, जहां सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय महिलाओं के परिश्रम ने विकास की एक नई मिसाल प्रस्तुत की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी, चारधाम यात्रा बनी सुरक्षित व सुगम, सीमाओं से परे तैयारी, अन्य राज्यों में पहुंचकर मजबूत हो रहा चारधाम यात्रा का हेल्थ नेटवर्क

देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अब विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के बाद आज केदारनाथ मंदिर के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में आस्था, उत्साह और श्रद्धा का विशाल प्रवाह देखने को मिल रहा है।

सीएम पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के मार्गदर्शन और स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यात्रा को सुरक्षित,व्यवस्थित और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। इस बार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को “प्रो-एक्टिव” रणनीति के तहत कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही यात्रा मार्गों पर तैनात की जा चुकी हैं। इन टीमों द्वारा स्वास्थ्य जांच, प्राथमिक उपचार, आपातकालीन सेवाएं और जागरूकता अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, क्विक रिस्पांस टीमें और अस्थायी स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का फोकस केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को पहले से जागरूक कर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करना भी है।

दूसरे राज्यों में भी पहुंची स्वास्थ्य जागरूकता मुहिम

इसी रणनीति के तहत उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को उन राज्यों में भेजा गया है, जहां से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए आते हैं। इस क्रम में सहायक निदेशक, स्वास्थ्य विभाग डॉ. अमित शुक्ला ने मध्य प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अशोक बर्नवाल, अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य), मध्य प्रदेश शासन से मुलाकात कर चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य तैयारियों और जागरूकता पर चर्चा की। उत्तराखंड सरकार द्वारा तैयार हिंदी एवं अंग्रेज़ी में स्वास्थ्य एडवाइजरी भी साझा की गई, ताकि इसे व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जा सके और श्रद्धालु यात्रा से पहले ही आवश्यक सावधानियां अपना सकें।

जागरूक श्रद्धालु, सुरक्षित यात्रा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में श्रद्धालुओं को यात्रा से पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण कराने, आवश्यक दवाइयां साथ रखने, पर्याप्त विश्राम करने और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे अनुकूलन अपनाने की सलाह दी गई है।बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार व्यक्तियों के लिए विशेष सावधानियां भी सुझाई गई हैं, जिससे किसी भी प्रकार के स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सके। चारधाम यात्रा के विधिवत शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार व्यवस्थाएं पारंपरिक स्वरूप से आगे बढ़कर अधिक संगठित, तकनीकी रूप से सक्षम और स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुदृढ़ हैं। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और अंतरराज्यीय समन्वय यह सुनिश्चित कर रहा है कि श्रद्धालु सुरक्षित, स्वस्थ और सहज तरीके से अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूर्ण कर सकें।

सुरक्षित और सुगम यात्रा सरकार की प्राथमिकता

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि चारधाम यात्रा प्रदेश की आस्था और पहचान का केंद्र है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को हर स्तर पर मजबूत रखा जाए और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य के प्रति किया जा रहा जागरूक

स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे ने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। यात्रा मार्गों पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और क्विक रिस्पांस टीमें सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी करे और किसी भी आपात स्थिति में उसे त्वरित उपचार उपलब्ध हो सके।

कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध – शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा
  • शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने हरिद्वार का भ्रमण कर तैयारियों का लिया जायजा
  • श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी कार्यों को समयबद्धता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
  • साधु-संतों से भी भेंट कर लिया आशीर्वाद

हरिद्वार : राज्य के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बुधवार को हरिद्वार का भ्रमण कर कुंभ मेला 2027 की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अनेक प्रमुख संतों से भेंट की और अधिकारियों की बैठक लेकर कुंभ से जुड़े कामों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कुंभ से जुड़ी सभी योजनाओं को तेजी से व पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ नगरी हरिद्वार श्रेष्ठ तीर्थधाम होने के साथ ही हमारी आध्यात्मिक राजधानी है। जिसे देखते हुए राज्य सरकार द्वारा हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू करने के साथ ही इस महा आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने मेला नियंत्रण भवन में अधिकारियों की बैठक लेकर कहा कि कुंभ के महा आयोजन को सुव्यवस्थित व सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के भरपूर सहयोग से कुंभ के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा का सर्वोच्च ध्यान रखते हुए इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने सड़कों का सुधार करने तथा पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्थाएं किए जाने पर जोर देते हुए शहरी विकास मंत्री ने ट्रैफिक प्रबंधन की बेहतर योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने घाटों के अनुरक्षण एवं विस्तार के साथ ही स्ट्रीट लाइट्स, टॉयलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था किए जाने के भी विशेष निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा में कोई कमी न रहने दी जाए। ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुजन बेहतर अनुभव लेकर जाएं और इस आयोजन से देश-दुनिया को अच्छा संदेश मिले।

उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों को सामूहिक जिम्मेदारी के साथ जुटकर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने साधु-संतों एवं अखाड़ों की सहमति के अनुरूप कुंभ से जुड़ी व्यवस्थाएं करने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। शहरी विकास मंत्री ने कहा कि कुंभ के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर राज्य सरकार द्वारा रु. 300 करोड़ से अधिक की धनराशि की योजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं और अनेक कार्य अभी भी स्वीकृत किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा भी पांच सौ करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े कामों को तेजी से पूरा करने के लिए निरंतर काम किया जाए और गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। श्री कैड़ा ने कहा कि तमाम कार्यों की निरंतर निगरानी कर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। लिहाजा किसी भी स्तर पर कोताही न बरती जाए और सभी विभाग बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान सचिव शहरी विकास नितेश झा तथा मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला की तैयारियों एवं विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। मेलाधिकारी ने बताया कि कुंभ मेला 2027 के लिए राज्य की मद से 55 कार्य स्वीकृत हुए हैं जिनमें से 36 स्थायी एवं 19 अस्थायी प्रवृत्ति के कार्य हैं। सभी कार्यों की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। स्थायी प्रवृत्ति के 34 कार्य प्रगति पर हैं एवं 2 योजनाओं पर जल्द काम शुरू होने वाला है। केंद्र सरकार के द्वारा स्वीकृत 500 करोड़ धनराशि से स्थायी प्रवृत्ति के कार्य कराए जाएंगे, जिसके लिए कार्यों का चयन हो गया है। जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित ने कुंभ मेला की तैयारियों के लिए जिला प्रशासन के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि हरिद्वार में अतिक्रमण हटाने एवं स्वच्छता को लेकर निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला योगेंद्र सिंह रावत एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने कुंभ मेला के दौरान सुरक्षा एवं ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किए जाने वाले इंतजामों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुंभ के दौरान सभी 32 सेक्टरों में अस्थायी पुलिस थाने स्थापित करने के साथ ही बाहरी क्षेत्रों में भी चार स्थायी पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने स्वच्छता एवं सफाई व्यवस्था को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि कुंभ मेला के दौरान 13 हजार टॉयलेट्स एवं 8 हजार मूत्रालय स्थापित किए जाएंगे और सफाई व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी।

बैठक में मेयर नगर निगम किरण जैसल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मंजीत सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष  आशुतोष शर्मा, पूर्व मेयर मनोज गर्ग, जिला महामंत्री भाजपा संजीव चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, संजय चोपड़ा सहित अनेक जन-प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

शहरी विकास मंत्री कैड़ा ने हरिद्वार भ्रमण के दौरान जगद्गुरु आश्रम में शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, निरंजनी अखाड़े में स्वामी रविंद्र पुरी, वेद निकेतन में स्वामी यतीश्वरानंद, पतंजलि योगपीठ में स्वामी रामदेव से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने कुंभ मेला 2027 के दिव्य और भव्य आयोजन को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए संतों व अखाड़ों से इस महा आयोजन में बढ़-चढ़कर सहयोग करने का आग्रह किया।

इससे पूर्व शहरी विकास मंत्री ने सीसीआर-2 भवन के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ ही कुंभ मेला के अन्य कार्यों का भी जायजा लिया।

अपर रोड, मां मनसा देवी उड़न खटोला आधी क्षेत्र का डीएम मयूर दीक्षित एवं एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने किया निरीक्षण
  • मां मनसा देवी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई दिक्कत न हो,अपर रोड एवं मानस देवी मार्ग के आस पास क्षेत्र में सड़क एवं फुटपाथ पर न हो कोई अतिक्रमण
  • जिलाधिकारी ने सभी दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि नाली के बाहर एवं फुटपाथ पर कोई भी दुकान/फड़ न हो संचालित
  • नियमों का पालन न करने वाले के विरुद्ध की जाएगी कड़ी कार्यवाही

हरिद्वार : मां मनसा देवी के दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सभी श्रद्धालुओं के दर्शन सुगमता से हो इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अपर रोड एवं मां मनसा देवी उड़न खटोला मार्ग एवं आस पास क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा संबंधित क्षेत्रों में संचालित हो रही दुकानों को किसी भी दशा में सड़क एवं फुटपाथ पर न लगाई जाए तथा जो भी दुकानें लगाई जा रही है नाली के अंदर ही लगाई जाए, नाली एवं फुटपाथ पर लगाई जाने वाली दुकानों के विरुद्ध आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने प्रबन्धक उड़न खटोला को निर्देश दिए है कि टिकट घर के आस पास कोई भी दुकान संचालित न हो, संचालित हो रही दुकानों को जिलाधिकारी द्वारा मौके पर हटाया गया। जिलाधिकारी ने उड़न खटोला संचालक को सख्त हिदायत दी है कि टिकट घर एवं उड़न खटोला मार्ग के आस पास कोई भी दुकान संचालित होती है तो उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जायेंगी।

जिलाधिकारी ने अपर रोड पर चल रहे सीवरेज कार्यों का निरीक्षण किया तथा कार्यदाई संस्था एवं कांट्रेक्टर को कार्य को त्वरित गति से करने के निर्देश दिए ताकि स्थानीय निवासियों एवं तीर्थ यात्रियों को आवागमन में कोई असुविधा एवं परेशानी न होने पाए। इस दौरान जिला व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव नैय्यर सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे

सीवरेज कार्यों के लिए शहर में खोदी गई सड़कों को जून तक कर लिया जाए पूर्ण – मदन कौशिक
  • विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित विकास योजनाओं की पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने की समीक्षा बैठक
  • पीएनजी गैस कनेक्शन को सभी धर्मशालाओं एवं आश्रमों में प्राथमिकता से कनेक्शन लगाने के दिए निर्देश
  • कुंभ मेले को भव्य एवं दिव्य बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों को प्राथमिकता से किए जाए पूर्ण

हरिद्वार : पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने विभिन्न विभागों के माध्यम से जनपद में संचालित विकास योजनाओं की एनआईसी सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आहूत की।इस अवसर पर मेयर नगर निगम किरण जैसल, जिला अधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर मौजूद रहे।

बैठक की समीक्षा करते हुए पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने जनपद में एलपीजी गैस समस्या के निराकरण के लिए सभी आश्रमों, धर्मशालाओं एवं होटलों में पीएनजी गैस कनेक्शन प्राथमिकता से लगाए जाने के लिए प्रबन्धक एचएनजीपीएल (पीएनजी) को दिए।उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार से कोई विलंब नहीं होना चाहिए, यदि कॉन्ट्रैक्टर एवं कार्मिकों की कमी है तो उसे बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि लोगों को शीघ्रता से पीएनजी गैस कनेक्शन उपलब्ध हो सके।

उन्होंने सीवरेज कार्य हेतु खोदी गई सड़कों की समीक्षा के दौरान परियोजना प्रबन्धक नमामि गंगे मीनाक्षी मित्तल को निर्देश दिए है कि नगर क्षेत्रांतर्गत सीवरेज के लिए जो भी कार्य किए जा रहे है तथा सीवरेज के लिए खोदी गई सड़कों को माह जून तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सीवरेज कार्यों को त्वरित गति से करने के लिए ओर अधिक श्रमिक बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे कि कार्य शीघ्रता से पूर्ण हो सके।

उन्होंने 2027 में आयोजित होने वाले कुंभ मेले को दिव्य, भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से कुंभ मेले को संचालित करने के लिए, जिस विभाग की ओर से जो भी कार्य एवं व्यवस्था की जा रही है उन्हें समय से पूर्ण कर ली जाए, इसमें सभी अधिकारी आपसे समन्वय के साथ धरातल कर कार्य करे।उन्होंने विद्युत विभाग को निर्देश दिए है कि अंडर ग्राउंड लाइन विद्युत लाइनों का कार्य शीघ्रता से किया जाए तथा जहा सिंगल लाइन है वहां डबल लाइन डालने के निर्देश दिए इसके साथ अभी आश्रमों एवं अखाड़ों को भी इंटर लेन लाइन से जोड़ने के भी निर्देश दिए ताकि कुंभ मेला क्षेत्रांतर्गत विद्युत व्यवस्था सुचारू रहे।

उन्होंने चार धाम यात्रा के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग एवं लोनिवि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि उनके द्वारा जो भी सड़क निर्माण कार्य किए जा रहे है, उन कार्यों को तत्परता से करे जिससे कि यातायात बाधित न हो एवं किसी भी क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने, जो भी कार्य किए जा रहे है उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण कराना सुनाश्चित करे।

बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए पंचायती राज एवं आपदा प्रबन्धन मंत्री को आश्वस्त किया है कि उनके द्वारा जो भी दिशा निर्देश एवं सुझाव दिए गए है, उनका संबंधित विभागों के अधिकारियों से अनुपालन सुनाश्चित कराया जाएगा। बैठक में मेयर नगर निगम किरण जैसल, सुशील त्यागी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य नगर आयुक्त नंदन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, एसएलओ आकाश जोशी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।

देवभूमि में मर्यादा का पालन करें श्रद्धालु – शंकराचार्य

बदरीनाथ । ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर समस्त सनातन धर्मावलंबियों को शुभकामनाएं दी हैं। बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उन्होंने इसे आध्यात्मिक चेतना का महापर्व बताया।

​भगवान बद्री विशाल की मानव पूजा का प्रारंभ

​शंकराचार्य जी ने कहा कि चारधाम यात्रा का आगाज़ होना हर सनातनी के लिए हर्ष का विषय है। गुरुवार को बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही अब देवताओं के स्थान पर मानवों द्वारा भगवान बद्री विशाल की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। उन्होंने इस अवसर को भक्ति और श्रद्धा के मिलन का प्रतीक बताया।
​तीर्थाटन और पर्यटन में संतुलन आवश्यक

​उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में महाराज श्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में तीर्थाटन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा:
​”तीर्थाटन को बढ़ावा देना आवश्यक है, लेकिन इस दौरान पर्यटन क्षेत्र की भी अनदेखी नहीं होनी चाहिए। हालांकि, यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि देवभूमि आने वाले पर्यटक धार्मिक मर्यादाओं और परंपराओं का पूर्णतः पालन करें।”

​अध्यात्म की रक्षा और गौ माता का अभियान

​स्वामी जी ने जोर देकर कहा कि यदि हमें अपनी सनातनी संस्कृति को सुरक्षित रखना है, तो अध्यात्म पर विशेष बल देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अध्यात्म की अनदेखी की गई, तो हमारी गौरवशाली संस्कृति खतरे में पड़ सकती है। ​साथ ही, उन्होंने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने के लिए उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए सजग रहें।

बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुई शंकराचार्य की गद्दी व गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा, 23 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

जोशीमठ: चारधाम यात्रा के तहत मंगलवार को नृसिंह मंदिर परिसर से विशेष पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश को बदरीनाथ धाम के लिए विधिवत रवाना किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। भगवान बदरी विशाल के भजनों, महिलाओं के मंगल गीतों और सेना के बैंड की मधुर धुनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

जानकारी के अनुसार, यात्रा का रात्रि विश्राम योग ध्यान बदरी में किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन भगवान कुबेर और उद्धव की डोली, आदि गुरु आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा तेल कलश के साथ बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया जाएगा। इस धार्मिक यात्रा में बदरीनाथ धाम के रावल भी शामिल रहे और परंपरागत विधि-विधान के साथ यात्रा आगे बढ़ रही है।

धार्मिक परंपराओं के अनुसार, 23 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का प्रमुख चरण शुरू हो जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुले

तुंगनाथ : विश्व के सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय और पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ जी के कपाट आज बुधवार को ग्रीष्मकाल के लिए विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज प्रातः काल चोपता से भगवान की चल-विग्रह डोली ने धाम के लिए प्रस्थान किया, जिसके बाद दोपहर 11:00 बजे शुभ मिथुन लग्न में मंदिर के मुख्य कपाट खोले गए। इस ऐतिहासिक और धार्मिक क्षण के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालु धाम में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर “हर-हर महादेव” और “बाबा तुंगनाथ” के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

उल्लेखनीय है कि कपाट खुलने की यह पवित्र प्रक्रिया बीते 20 अप्रैल को शुरू हुई थी, जब बाबा की डोली ने अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ (मर्कटेश्वर मंदिर) से प्रस्थान कर रात्रि प्रवास भूतनाथ मंदिर में किया था। इसके पश्चात 21 अप्रैल को डोली अपने दूसरे पड़ाव चोपता पहुंची। आज 22 अप्रैल को चोपता से धाम पहुँचने पर डोली का भव्य स्वागत किया गया और पारम्परिक रीति-रिवाजों के बीच मुख्य पुजारी द्वारा मंदिर के द्वार खोले गए। कपाट खुलने के उपरान्त भगवान की विशेष पूजा-अर्चना सम्पन्न की गई और लोक कल्याण की कामना की गई। अब आगामी छह माह तक भक्त भगवान तुंगनाथ के दर्शन इसी धाम में कर सकेंगे। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रा के सफल संचालन हेतु सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई हैं।

कोटद्वार : शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार

कोटद्वार : कोतवाली कोटद्वार पर 20 मार्च 2026 को वादिनी, निवासी- कोटद्वार द्वारा एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि राहुल कुमार,निवासी- आमपडाव कोटद्वार द्वारा मुझे शादी का झांसा देकर मेरे साथ शारिरीक सम्बन्ध बनाये तथा गाली गलौच कर जान से मारने की धमकी दी गयी। इस संबंध में तत्काल कोतवाली कोटद्वार पर मु0अ0सं0- 64/2026, धारा- 351(2), 352, 69 बीएनएस पंजीकृत किया गया।

प्रकरण संवेदनशील की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा महिला संबंधी अपराधों के प्रति अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।

निर्गत निर्देशों के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन कर मामले में त्वरित कार्यवाही कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान साक्ष्यों का संकलन करते हुए प्रकरण से संबंधित सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहनता से जांच की गई। साक्ष्यों एवं प्राप्त सूचनाओं के आधार पर उक्त प्रकरण में नामजद अभियुक्त राहुल कुमार को पुलिस टीम द्वारा देहरादून से गिरफ्तार किया गया गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को मा0 न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

 

नाम पता अभियुक्त

राहुल कुमार पुत्र छुट्टन सिंह निवासी- आमपडाव कोटद्वार

 

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0- 64/2026, धारा- 351(2), 352, 69 बीएनएस

केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले, गूंजा ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष

केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोषों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु धाम में मौजूद रहे।

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर केदारनाथ पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। धाम को लगभग 51 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया, जिसकी सुंदरता ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इससे पहले बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे केदारनाथ धाम पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से रवाना हुई डोली ने 17 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा तय करते हुए जंगलचट्टी, रामबाड़ा, लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारपुरी पहुंची।

धाम पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर डोली का भव्य स्वागत किया। डोली ने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद भंडार गृह में प्रवेश किया, जहां विधिवत पूजा संपन्न हुई। इस दौरान 8वीं सिखलाई रेजीमेंट के बैंड की मधुर धुनों और डमरू की गूंज से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस व आईटीबीपी के जवान तैनात हैं। इस मौके पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, पुजारी टी. गंगाधर लिंग, केदारसभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, जिलाधिकारी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।