संगीत और संस्कृति के संग आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में शुरू हुआ तीन दिवसीय उत्सव ‘लम्हे – 2026’

देहरादून: आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी में आज तीन दिवसीय वार्षिक टेक्नोकल्चरल फेस्ट ‘लम्हे–2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। 02 से 04 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में दिल्ली विश्वविद्यालय, दून विश्वविद्यालय, यूपीईएस, आईसीएफएआई, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देवभूमि विश्वविद्यालय, उत्तरांचल विश्वविद्यालय तथा एसजीआरआर सहित उत्तराखंड और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की भागीदारी देखने को मिल रही है। फेस्ट में विभिन्न संस्थानों से हजारों छात्रछात्राएं हिस्सा ले रहे हैं।

पहले दिन का उद्घाटन समारोह कार्यक्रम का सबसे खास और यादगार आकर्षण रहा। इस अवसर पर विश्वविख्यात मोहन वीणा वादक पं. विश्व मोहन भट्ट जी ने अपनी मोहक मोहन वीणा प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्म भूषण, पद्म श्री, ग्रैमी अवॉर्ड और संगीत नाटक अकादमी सम्मान से अलंकृत पं. विश्व मोहन भट्ट जी के सुरों ने पूरे वातावरण को शांति, आत्मिक सुकून और भारतीय शास्त्रीय संगीत की गरिमा से भर दिया। विद्यार्थियों और उपस्थित अतिथियों ने उनके वादन को अविस्मरणीय अनुभव बताया और तालियों के साथ उनका स्वागत किया।

उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री हरि हर पटनायक, चेयरमैन, उत्तराखंड ग्रामीण बैंक ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं तकनीकी आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनमें रचनात्मकता के साथ अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. अनिल सुब्बाराव पायला ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजनों से विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि ‘लम्हे’ विश्वविद्यालय की उस सोच को दर्शाता है, जहां शिक्षा के साथ-साथ कला, संस्कृति और रचनात्मकता को भी समान महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर उप कुलपति प्रो. अनिथा रामचन्द्र और रजिस्ट्रार कर्नल प्रणव कुमार भी शामिल रहे और छात्रों का उत्साह बढ़ाया। वहीं डीन स्टूडेंट वेलफेयर, प्रो. अमित अदलखा ने बाहर से आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘लम्हे’ छात्रों को खुलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करता है और अगले तीन दिनों तक उन्हें पूरे उत्साह के साथ भाग लेने के लिए प्रेरित करता है।

पहले दिन मुख्य मंच पर आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहीं। सुर सरगम (सोलो एवं डुएट सिंगिंग) प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने मधुर गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कॉसप्ले रिक्रिएशन्स में छात्रों ने लोकप्रिय किरदारों को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर रचनात्मकता का परिचय दिया, जबकि “ग्रैंड्योर – द फैशन शो” में आत्मविश्वास, स्टाइल और थीमआधारित परिधानों ने रैम्प पर समा बांध दिया। इन कार्यक्रमों ने पहले दिन को यादगार बना दिया।

मुख्य मंच आयोजनों के साथसाथ विभिन्न स्कूलों द्वारा भी अनेक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स में बिज़नेस हैकाथॉन, लीन प्रोसेस रेस व नुक्कड़ नाटक, स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रनीति 2026 व क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन, स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में कुकिंग व बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, स्कूल ऑफ मीडिया में ओपन माइक, फोटोग्राफी व शॉर्ट फिल्म तथा स्कूल ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स में टेक क्विज़ और गेमिंग इवेंट्स आयोजित हुए।

दिन का समापन बैंड नाइट के साथ हुआ, जहां लोकप्रिय बैंड ‘ज़िक्र एंकोर’ की शानदार प्रस्तुति ने माहौल को उत्साह और रोमांच से भर दिया। छात्रों की भारी मौजूदगी और जोश ने आयोजन को और भी यादगार बना दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आगामी दिनों में डीजे नाइट, बॉलीवुड नाइट (बी प्राक) सहित कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जो लम्हे–2026 को एक यादगार उत्सव बनाएंगे।

अब एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी भी करेगी चारधाम यात्रियों को जागरूक, विश्वविद्यालय ने अपनी बेबसाइट पर अपलोड की चिकित्सा स्वास्थ्य की जानकारी
  • उच्च हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा हेतु स्वास्थ्य परामर्श और सावधानियां प्रदर्शित
  • 1 अप्रैल को लोकभवन में आयोजित हो चुका है सेमिनार

देहरादून : चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य संबन्धित समस्या को देखते हुए एचएनबीयू मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अब अपनी बेबसाइट पर भी विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा दी गयी चिकित्सीय सलाह के आधार पर लाभकारी जानकारी अपलोड कर दी है। ताकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले श्रद्धालु चारधाम यात्रा के दौरान सावधानियां बरत सकें और परामर्शों का पालन कर अपनी यात्रा को सुगम बना सकें।

हाल ही में 1 अप्रैल को एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी की ओर से देहरादून स्थित लोकभवन में ’स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा’ को लेकर एक सेमिनार आयोजित किया जा चुका है। यात्रा के दौरान आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और सुरक्षा उपायों के बावत विस्तृत जानकारी को अब यूनिवर्सिटी द्वारा अपनी बेबसाइट पर भी प्रदर्शित कर दिया गया है। वेबसाइट पर ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध होने से अब देश-विदेश से आने वाले तीर्थ यात्री और आमजन भी इस महत्वपूर्ण चिकित्सीय परामर्श से अवगत हो सकेंगे। इससे उन्हें पहाड़ी क्षेत्रों के अनुरूप यात्रा से पूर्व सभी समस्याओं की जानकारी तो प्राप्त होगी ही, साथ ही वो मानसिक व शारीरिक तौर से यात्रा की तैयारी भी कर सकेंगे। बतादें कि आगामी 19 अप्रैल को इस वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। उत्तराखंड के चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित हैं और इन ऊंचाई वाले स्थानों पर तीर्थ यात्रियों को स्वास्थ्य संबन्धित कई प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। इन्हीं मुद्दों पर 1 अप्रैल को आयोजित सेमिनार को चिकित्सा विशेषज्ञों के अलावा राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.), और राज्य के स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने भी संबोधित किया था।

इस संबन्ध में एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल विवि की कुलपति प्रो. भानु दुग्गल ने बताया कि बेबसाइट पर वह सभी मुख्य जानकारियां उपलब्ध करवा दी गई हैं, जिन्हें लोकभवन मे आयोजित सेमिनार के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा बताया गया था। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को यात्रा के दौरान अपने स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानियां बरतने में मदद मिलेगी और चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से सेमिनार में राज्यपाल द्वारा दिया गया मूल मंत्र ’आस्था के साथ सावधानी’ भी चरित्रार्थ हो सकेगा।

प्रो. दुग्गल ने बताया कि सेमिनार में पद्मश्री डाॅ. एस.सी. मनचंदा, राजकीय मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी के ऑर्थोपेडिक विभाग के हेड डाॅ. पंकज सिंह और एम्स गोरखपुर के न्यूरोलाॅजिस्ट डाॅ. आशुतोष तिवारी सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक यात्रा तैयारियों, यात्रा के दौरान स्वास्थ्य परेशानियों और उनसे बचाव के बारे में विभिन्न सत्रों को संबोधित करते हुए यात्रियों के हित में लाभकारी जानकारियां दे चुके हैं। विवि द्वारा इन सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों के सुझावों और परामर्शों को अपनी बेबसाइट https://www.hnbumu.ac.in पर प्रदर्शित कर दिया गया है। कुलपति प्रोफे. दुग्गल ने टीम में शामिल विवि के रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक एवं अन्य ऑफ़िस स्टाफ़ आदि के योगदान व तैयारियों की सराहना भी की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जुगमन्दर हॉल के नवीनीकरण कार्य का किया लोकार्पण, देहरादून में पार्कों के विकास कार्यों का शिलान्यास
  • “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही राज्य सरकार
  • देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास
  • 1400 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को नगर निगम देहरादून में निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण एवं संवर्धन के अंतर्गत 02 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की लागत से जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केदारपुरम स्थित ए.बी.सी. सेंटर में कैनालों के निर्माण एवं नगर निगम क्षेत्रांतर्गत 06 स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार “विकास भी और विरासत भी” को ध्यान में रखते हुए कार्य कर रही है। आज हमारा देहरादून अपनी समृद्ध पहचान और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ रहा है। तेज विकास के साथ-साथ अपनी संस्कृति और पहचान को सहेजने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी क्षेत्रों को सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के शहरों, कस्बों और नगरों में स्वच्छता की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।

अमृत योजना के माध्यम से शहरों में जल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और हरित क्षेत्रों के विकास की दिशा में भी अनेक कार्य किए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देशभर के शहरों को आधुनिक, सुविधायुक्त और भविष्य के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का स्वयं का घर होने का सपना साकार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने तथा अन्य क्षेत्रों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जा रहे हैं। देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और विकसित शहर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।

स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, ओडीएफ अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून को आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने के लिए 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं।

कचरा प्रबंधन के लिए आधुनिक मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का निर्माण किया गया है। कूड़ा वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना भी की गई है। हरित और स्वस्थ देहरादून के निर्माण के लिए शहर में 35 पार्कों का निर्माण कराया गया है। केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित शहर का सबसे बड़ा पार्क विकसित किया गया है। वीर बलिदानियों की स्मृति में विशेष स्मृति पार्कों के माध्यम से 50 हजार वर्ग मीटर से अधिक हरित क्षेत्र विकसित किया गया है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जलभराव वाले चिन्हित स्थानों पर रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए शहर में 30 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 11 स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए गए हैं। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देहरादून ने देशभर में 19वां स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करेंगे। इससे आवागमन और तेज होगा। इन संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देहरादून को देश के शीर्ष स्वच्छ शहरों की श्रेणी में शामिल करने के लिए और अधिक मेहनत करनी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है। पिछले एक वर्ष में नगर निगम देहरादून द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम ने राजस्व संग्रहण को लगभग 52 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 73 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है, जिससे राजस्व में 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पहले जहां लगभग 190 से 200 वाहन डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे थे, आज उनकी संख्या बढ़कर लगभग 300 हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण न हो, यह राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है। सरकारी और निगम की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करना नगर निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने नगर निगम के सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस पर सक्रिय कार्रवाई की अपेक्षा की। उन्होंने जनता से देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, रामसिंह कैड़ा, खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, सहदेव सिंह पुंडीर, नगर आयुक्त देहरादून नमामि बंसल एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

उत्तराखंड शासन ने IPS अधिकारियों के किये स्थानान्तरण, टिहरी के एसएसपी का भी हुआ ट्रांसफर, देखें सूचि

देहरादून : उत्तराखंड शासन ने IPS अधिकारियों के तदबाले किए हैं। इसमें टिहरी गढ़वाल के SSP का भी तबादला किया गया है।

डीएम स्वाति एस. भदौरिया के प्रयासों से पौड़ी का जिला पुस्तकालय बना आकर्षक एवं आधुनिक अध्ययन केंद्र, पहाड़ी शैली में मिला नया स्वरूप, घंटाघर बना जिला पुस्तकालय की पहचान, समय के साथ अनुशासन का संदेश
  • जिलाधिकारी के प्रयासों से आधुनिक सुविधाओं से सजा जिला पुस्तकालय, छात्रों को मिला बेहतर अध्ययन माहौल

पौड़ी : कभी अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा पौड़ी मुख्यालय का जिला पुस्तकालय अब एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हो गया है। विशेष बात यह है कि पुस्तकालय को पारंपरिक पहाड़ी शैली में तैयार किया गया है, जो स्थानीय वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य को साकार करते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के प्रयासों से पुस्तकालय का व्यापक कायाकल्प किया गया। जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान यहां पढ़ाई के अनुकूल वातावरण का अभाव, पेयजल सुविधा की कमी तथा भवन की जर्जर स्थिति सामने आने पर निर्माण खंड लोनिवि को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद कार्य तेजी से प्रारंभ किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य कराया गया। उन्होंने बताया कि कार्यों के अंतर्गत भवन के दोनों तलों का नवीनीकरण, आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था, शौचालयों का उन्नयन, पाथवे एवं रेलिंग निर्माण, द्वारों का नवीनीकरण तथा पुस्तकालय तक सुगम पहुंच के लिए मार्ग का विकास किया गया। साथ ही यहां पहली बार पेयजल कनेक्शन स्थापित किया गया।

पुस्तकालय में विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुस्तकों की समुचित उपलब्धता के साथ आधुनिक फर्नीचर, सुव्यवस्थित पठन-पाठन व्यवस्था, बुक स्टोरेज, वाई-फाई जोन तथा स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गयी है। साथ ही, जिलाधिकारी की सतत निगरानी में भवन की बाह्य अवसंरचना को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करते हुए उसमें घंटाघर का आकर्षक एकीकरण किया गया है, जो इसे विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। पुस्तकालय की छत पर निर्मित यह घंटाघर इस भवन की विशेष पहचान प्रतिदिन प्रातः 6 बजे से सायं 6 बजे तक समय का संकेत देता है और परिसर को अनुशासित एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करता है।

वर्तमान में यह पुस्तकालय विद्यार्थियों को स्वच्छ, शांत एवं सुविधायुक्त अध्ययन वातावरण उपलब्ध करा रहा है। यहां पुस्तक भंडारण की सुव्यवस्थित व्यवस्था, आरामदायक बैठने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल, उन्नत शौचालय एवं आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं, जिससे छात्र पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से अध्ययन कर पा रहे हैं। हाल ही में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा पुस्तकालय का लोकार्पण किया गया, जिसमें उन्होंने कार्यों की सराहना करते हुए इसे एक उत्कृष्ट पहल बताया।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस पुस्तकालय का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना, उन्हें सकारात्मक एवं अनुशासित अध्ययन वातावरण प्रदान करना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक लक्ष्यों की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जनपद के छात्रों को बेहतर अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, जिसके तहत यह पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड, रीना नेगी ने बताया कि पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक पहाड़ी शैली को भी बनाए रखा गया है।

संसद सत्र में सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उठाए उत्तराखंड से जुड़े जनहित के प्रमुख मुद्दे
  • ऊर्जा, आवास, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, डिजिटल सेवाएं, कृषि, वन संपदा, न्याय व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर केंद्र ने दी जानकारी

देहरादून/नई दिल्ली । हरिद्वार से सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा संसद सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों को प्रभावी रूप से उठाया गया, जिन पर केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के माध्यम से विस्तृत और तथ्यपरक जानकारी प्रस्तुत की गई। इन विषयों में ऊर्जा, आवास, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, डिजिटल सेवाएं, कृषि, वन संपदा, न्याय व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन जैसे व्यापक क्षेत्र शामिल रहे।

ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। राज्य में हजारों रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों को शून्य बिजली बिल का लाभ मिला है और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहरी विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U 2.0) के माध्यम से हजारों आवासों का निर्माण एवं वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे शहरी गरीबों को सम्मानजनक जीवन का आधार मिल रहा है। यह योजना ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा भूजल स्तर में सुधार, जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण, अमृत सरोवर, अटल भूजल योजना तथा डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे उपायों के माध्यम से ठोस प्रगति की जानकारी दी गई। साथ ही जल जीवन मिशन के अंतर्गत उत्तराखंड में 97 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल जल कनेक्शन पहुंचना प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म U-WIN के जरिए मातृ एवं शिशु टीकाकरण को सुदृढ़ किया गया है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए ‘गोल्डन ऑवर’ में कैशलेस उपचार सुनिश्चित करने की नई योजना भी लागू की गई है, जो जनजीवन की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विमानन क्षेत्र में तेजी से बढ़ते बेड़े और कनेक्टिविटी के साथ सुरक्षा, समय-पालन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, यात्री सहायता नियंत्रण कक्ष (PACR) के माध्यम से शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।

औद्योगिक और लॉजिस्टिक विकास के क्षेत्र में हरिद्वार–लक्सर क्षेत्र में मल्टी-मोडल कार्गो टर्मिनलों की स्वीकृति से उद्योगों को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण, रेल सुविधाओं के विस्तार और यातायात अवसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

डिजिटल क्षेत्र में प्रसार भारती द्वारा “वेव्स ओटीटी” और “पीबी-शब्द” जैसी पहलों के माध्यम से सूचना तंत्र को सशक्त किया जा रहा है, जिससे देशभर में बहुभाषी और सुलभ सूचना उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।

कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में औषधीय पौधों, सुगंधित खेती, पीरूल एवं रेज़िन जैसे वन संसाधनों के समुचित उपयोग पर बल दिया गया, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके। वन संपदा को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।

न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में उत्तराखंड में फास्ट ट्रैक न्यायालयों के विस्तार से त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वहीं, बाल संरक्षण, शिक्षा (पुस्तकों पर जीएसटी से छूट), तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी सरकार की स्पष्ट और जनहितकारी नीतियां सामने आई हैं।

इसके अतिरिक्त, हिमालयी क्षेत्रों में आपदा जोखिम को कम करने के लिए उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणाली, ग्लेशियर मॉनिटरिंग और जलवायु अनुकूलन उपायों पर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई है।

इस अवसर पर सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं उत्तराखंड के समग्र विकास को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यह गति केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड ऊर्जा, जल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और औद्योगिक विकास के क्षेत्रों में निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा तथा ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।

डीएम सविन बंसल के निर्देशन में राज्य में पहली बार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए ऋषिकेश में बन रहा आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल
  • राज्य में प्रथमबार समाज के महत्वपूर्ण अंग दिव्यांगजनों के लिए ऋषिकेश में बन रहा आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल
  • मेधावी दिव्यांगजन खिलाड़ियों के प्रति जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल; आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल कार्य प्रारम्भ 
  • डीएम के प्रयासों से सुविधाओं के अभाव में छुपे हुए सितारों को मिलेगा राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर चमने का मौका 
  • दिव्यांगजन के लिए निर्माणाधीन राज्य के पहले आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल लिए डीएम ने जिला खनन न्यास से रूपये 62.67 लाख की धनराशि जारी
  • मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की इस पहल से छुपी हुई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय; अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर 
देहरादून : जनपद देहरादून में दिव्यांगजनों के लिए खेल सुविधाओं के विस्तार एवं उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल की गई है। राज्य में प्रथमबार दिव्यांगजनों की मांग एवं उनकी विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में उनके उपयोगार्थ एक आधुनिक इंडोर बैडमिंटन हॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जिसका निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने दिव्यांगजनों इंडोर बैडमिंटन हॉल निर्माण हेतु भूमि चयनित करते हुए 02 किश्तों में 62.67 लाख की राशि प्रदान की गई है जिसमें नगर निगम ऋषिकेश को प्रथम किस्त 25.41 लाख धनराशि पूर्व में जारी कर दी गई है शेष धनराशि 37.26 का अनुमोदित की कर दी गई है।
जिला प्रशासन की इस पहल से जहां मेधावी दिव्यांगजन खिलाडियों हेतु इंडोर बैडमिंटन हॉल की सुविधा मिलेगी वहीं प्रतिभावान दिव्यांग खिलाड़ियों को अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा जिससे छुपी हुई प्रतिभा सामने आ सकेंगी तथा राज्य, राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर देश एवं राज्य का नाम रोशन कर सकेंगे। जिलाधिकारी के इस प्रसाय से ऐसे सितारे जो बहुत कुछ कर सकते हैं किन्तु सुविधओं के आभाव में कुछ नही कर पा रहें हैं उनको अब इस आधुनिक बैडमिंटन हॉल में अपना हुनर दिखाते हुए  राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेरने का मौका मिलेगा। 
जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों हेतु इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए Urgent Need Basis पर जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) मद के अंतर्गत पूर्व में रूपये 25.41 लाख की धनराशि स्वीकृत एवं निर्गत की जा चुकी है। उक्त धनराशि नगर निगम, ऋषिकेश को चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है, जिस पर निर्माण कार्य प्रारम्भ हो चुका है। इसी क्रम में नगर निगम, ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत संशोधित आंगणन के अनुसार अब इस परियोजना की कुल लागत रूपये 62.67 लाख आंकी गई है। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त, नगर निगम ऋषिकेश द्वारा प्रस्तुत शेष रूपये 37.26 लाख की अतिरिक्त धनराशि की मांग पर डीएम ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।  
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास प्रशासन की प्राथमिकता में है। यह इंडोर बैडमिंटन हॉल न केवल उनके शारीरिक विकास एवं स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में सशक्त रूप से जोड़ने का कार्य भी करेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि परियोजना समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण हो, जिससे दिव्यांगजनों को शीघ्र ही इस सुविधा का लाभ मिल सके।
प्रदेश के सहकारी बैंक का लाभ बढ़कर हुआ 269 करोड़ – डाॅ. धन सिंह रावत
  • राज्य व जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने कमाया मुनाफा
  • कहा – कुशल वित्तीय प्रबंधन से 39.88 करोड़ कम हुआ बैंकों का एनपीए

देहरादून : सूबे के राज्य सरकारी बैंकों एवं जिला सहकारी बैंकों की 290 शाखाओं ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर अपनी वित्तीय मजबूत कर 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। एनपीए नियंत्रण के मोर्च पर भी बैकों ने सख्त वित्तीय अनुशासन दिखाते हुये 39.88 करोड़ का एनपीए कम किया है, जोकि विगत वित्तीय वर्ष की तुलना में 6 फीसदी से अधिक कम हुआ है।

सूबे के सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी एक बयान में बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के चलते प्रदेश में सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में दस जनपदों के जिला सहकारी बैंकों व राज्य सहकारी बैंकों की 290 शाखाएं लाभ की स्थिति में पहुंच गई है जबकि पिछले वित्तीय वर्ष यह संख्या 280 थी। डाॅ. रावत ने बताया कि इस अवधि में सहकारी बैंकों ने 269.72 करोड़ का लाभ अर्जित कर 150.82 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 28.96 करोड़ अधिक है।

विभागीय मंत्री ने बताया कि सहकारी बैंकों की बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, ऋण वितरण में सुधार तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। एनपीए की समयबद्ध वसूली के परिणामस्वरूप बैंकों की वित्तीय स्थिति लगातार सुदृढ़ हो रही है साथ ही एनपीए में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष बैंकों का सकल एनपीए जहां 690.11 करोड़ था वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह कम होकर 650.23 करोड़ रहा गया है यानी विगत वर्ष के मुकाबले 6.22 फीसदी सकल एनपीए में कमी दर्ज की गई है। जिसके चलते बैंकों का शुद्ध एनपीए जहां विगत वर्ष 183.87 करोड़ था वह घटकर अब 173.65 करोड़ रह गया है। डाॅ. रावत ने बताया कि सहकारी बैंकों का वित्तीय प्रदर्शन प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिये बेहद सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त एनपीए वसूली नीति और पारदर्शी व्यवस्था का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। डाॅ. रावत ने कहा कि प्रदेश में सहकारी क्षेत्र को और मजबूत बनाने के लिये डिजिटल बैंकिंग, आधुनिक तकनीक और वित्तीय प्रबंधन पर और बेहतर ढंग से काम किया जायेगा, ताकि सहकारी बैंक ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन सके।

लाभ की स्थिति में 290 बैंक शाखाएं

सहकारिता मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि सहकारी बैकों में बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में 290 बैंक शाखाएं लाभ की स्थिति में आ गई है। जिसमें जनपद देहरादून की 21, कोटद्वार 29, चमोली 30, उत्तरकाशी 17, हरिद्वार 22, ऊधमसिंह नगर 32, नैनीताल 36, टिहरी 37, पिथौरागढ़ 26 तथा अल्मोड़ा की 28 बैंक शाखाओं सहित राज्य सहकारी बैंक की 12 शाखाएं शामिल है। जबकि प्रदेश भी की 41 सहकारी बैंक शाखाएं घाटे में रही। डाॅ. रावत ने कहा कि इन बैंक शाखाओं को घाटे से उभारने के लिये पृथक से और प्रयास करने पड़ेंगे इसके लिये उन्होंने विभागीय अधिकारियों को ठोस रणनीति बनाने के भी निर्देश दिये।

मजबूत वित्तीय प्रबंधन से सहकारी बैंकों ने कमाया मुनाफा

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य एवं जिला सहकारी बैंकों ने बेहतर वित्तीय प्रदर्शन कर अच्छा 269.28 करोड़ का लाभ अर्जित किया है। जिसमें देहरादून जनपद में जिला सहकारी बैंकों ने 29.11 करोड़ का सकल लाभ उठाया। इसी प्रकार कोटद्वार में 30 करोड़, चमोली 31.79, उत्तरकाशी 25.12, हरिद्वार 9.32, ऊधमसिंह नगर 25.24, नैनीताल 22.65, टिहरी 31.12, पिथौरागढ़ 21.65 तथा अल्मोड़ा में 16.91 करोड़ जबकि राज्य सहकारी बैंकों ने 26.37 करोड़ का सकल लाभ अर्जित किया।

देहरादून : जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में अभद्रता करने पर अधिवक्ता के लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति

देहरादून :  जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में अदालती कार्यवाही के दौरान कथित अभद्र आचरण, न्यायालय की अवमानना तथा पीठासीन अधिकारी के प्रति असम्मानजनक टिप्पणियां करने के आरोप में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं दून बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेमचंद शर्मा के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

जिला मजिस्ट्रेट देहरादून सविन बंसल की ओर से इस मामले में अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत उत्तराखंड राज्य बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को रिपोर्ट भेजी गई है। रिपोर्ट में अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के वकालती लाइसेंस को निरस्त करने पर विचार करने का अनुरोध किया गया है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी की ओर से इस संबंध में उत्तराखंड विधिज्ञ परिषद, नैनीताल के सचिव को भी पत्र भेजा गया है, जिसमें पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।

सूत्रों के अनुसार बीते  25 मार्च 2026 को विभिन्न वादों की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिवक्ता द्वारा न्यायालय की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न करते हुए पीठासीन अधिकारी एवं न्यायालय के प्रति आपत्तिजनक एवं असम्मानजनक टिप्पणियाँ की गईं। इस प्रकार का व्यवहार न्यायालय की गरिमा एवं विधिक प्रक्रिया के प्रतिकूल है। इस प्रकार के अनुचित व्यवहार पर प्रथमबार किसी अधिवक्ता के विरूद्ध कार्यवाही की संस्तुति की गई है।  

पीठासीन अधिकारी के विरूद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग व न्यायालय की अवमानना को गंभीरता से लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट देहरादून सविन बसंल द्वारा अधिवक्ता प्रेमचंद शर्मा के विरुद्ध अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु उत्तराखण्ड विधिज्ञ परिषद् को संस्तुति प्रेषित की गई है। साथ ही, प्रकरण को अनुशासन समिति (Disciplinary Committee) को संदर्भित करने एवं जांच अवधि के दौरान अधिवक्ता के प्रैक्टिस अधिकारों के निलंबन पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।

जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर न्यायालय, देहरादून में न्यायालय की गरिमा को ठेस पहुँचाने, न्यायालय की अवमानना करने, अदालती कार्यवाही के दौरान अभद्र आचरण करने तथा आधारहीन आरोप लगाने के प्रकरण में वरिष्ठ अधिवक्ता  प्रेमचन्द्र शर्मा के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु संस्तुति की गई है। उक्त प्रकरण में अधिवक्ता का Professional Misconduct मानते हुए जिला न्यायालय, देहरादून द्वारा अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अंतर्गत उनका वकालती लाइसेंस निरस्त किए जाने हेतु उत्तराखण्ड राज्य बार काउंसिल एवं बार काउंसिल ऑफ इंडिया को औपचारिक संस्तुति प्रेषित की गई है।

सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिवक्ता पूर्व में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासूका), 1980 के अंतर्गत निरुद्ध रह चुके हैं तथा न्यायालय में कई अवसरों पर अभद्र व्यवहार एवं न्यायालय तथा सहकर्मियों पर अनुचित दबाव बनाने के प्रयास भी कर चुके हैं। यह भी संज्ञान में आया है कि न्यायालय की कार्यवाही के दौरान लगातार अनुशासनहीनता एवं अवमाननापूर्ण व्यवहार किया गया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई एवं न्यायालय की गरिमा को आघात पहुँचा। इन सभी तथ्यों के आधार पर यह कठोर संस्तुति की गई है। विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि यह प्रकरण राज्य में प्रथम अवसर है जब किसी अधिवक्ता के लाइसेंस निरस्तीकरण हेतु इस प्रकार की संस्तुति राज्य एवं राष्ट्रीय बार काउंसिल को प्रेषित की गई है।

 

उत्तराखंड : घर के आंगन में खेल रही 4 साल की बच्ची को गुलदार ने बना लिया निवाला

चौबट्टाखाल (पौड़ी): उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में गुलदार (तेंदुआ) का आतंक एक बार फिर सिर उठा गया है। चौबट्टाखाल क्षेत्र के ग्राम सभा तिमली के भतकोट गांव में गुरुवार रात करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिसमें घर के आंगन में खेल रही 4 वर्षीय दृष्टि नाम की बच्ची को गुलदार ने जबड़े में जकड़कर खींच ले गया। बाद में बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया।

मृतका दृष्टि ग्राम भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की बेटी थी। परिजनों ने बताया कि बच्ची रात का खाना खाने के बाद घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोच लिया। गुलदार बच्ची को आंगन से खींचकर नीचे खेतों की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने और चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद घर से थोड़ी दूरी पर झाड़ियों में दृष्टि का शव मिला।

ग्रामीणों में दहशत

इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों ने बताया कि भतकोट और आसपास के क्षेत्रों में गुलदार का आतंक पहले भी देखा गया है, लेकिन इतने छोटी बच्ची पर घर के आंगन में हमला होना अत्यंत चिंताजनक है। लोग अब रात में घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन अधिकारी ने बताया कि गुलदार को पकड़ने या खदेड़ने के लिए जाल बिछाए जा रहे हैं और ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं।

पहाड़ों में बढ़ता मानव-वन्यजीव संघर्ष

यह घटना पौड़ी गढ़वाल में हाल के दिनों में गुलदार के हमलों की कड़ी में नई है। इससे पहले भी चौबट्टाखाल और आसपास के इलाकों में तेंदुए के हमलों की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से ग्रामीणों ने मांग की है कि गुलदार के आतंक को तुरंत नियंत्रित किया जाए, अन्यथा ऐसे हादसे और बढ़ सकते हैं।