विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने शिवराजपुर में 700 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क का किया उद्घाटन, क्षेत्रवासियों को मिली बड़ी राहत

कोटद्वार : विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखण्ड एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने वार्ड नं० 32 शिवराजपुर में नव निर्मित इंटरलॉकिंग सड़क का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखने को मिला।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कुछ माह पूर्व जब वे इस क्षेत्र में आई थीं, तब सड़क की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। विशेषकर वर्षा ऋतु में कीचड़ और जलभराव के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों के लिए आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता था। स्थानीय निवासियों द्वारा इस समस्या को उनके संज्ञान में लाया गया, जिसके उपरांत उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए इस सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत एवं पूर्ण कराया।

उन्होंने कहा कि आज लगभग 700 मीटर लंबी इंटरलॉकिंग सड़क, जो मोटाढांग मुख्य मार्ग से मनोज पांथरी के घर तक निर्मित की गई है, से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि क्षेत्र की स्वच्छता एवं सौंदर्य में भी वृद्धि हुई है। यह सड़क स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन को सरल बनाने के साथ-साथ क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति प्रदान करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि उनकी प्राथमिकता कोटद्वार विधानसभा के प्रत्येक वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना है। सड़क, पेयजल, विद्युत एवं स्वच्छता जैसी आवश्यक सेवाओं को बेहतर बनाना उनका प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास एवं सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है और इसी के बल पर वे क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु निरंतर कार्यरत हैं।

इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष हरि सिंह पुंडीर, पार्षद दीपक पाठक, पार्षद सतीश गौड़, महेश नेगी, राजेंद्र जजेडी, नंदकिशोर कुकरेती, संजू द्विवेदी राजा, चली जोशी, खेमानंद जोशी, कैलाश जोशी, शंकर जोशी, यशोदा देवी, तारा देवी, मंजू देवी, चनिता देवी, आनंदी देवी एवं हेमा रावत सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत पुलिस का सघन अभियान, नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर कार्रवाई, 4 वाहन सीज करने के साथ ड्राइवरों के डीएल भी हुए जब्त

पौडी : ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जनपद पौड़ी पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई।

 

पौडी पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान 04 वाहन चालक (लक्ष्मणझूला-01, सतपुली-02, यातायात कोटद्वार-01) नशे में वाहन चलाते पकड़े गए। सभी के वाहन सीज कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई और संबंधित चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की गई। साथ ही रैश ड्राइविंग, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट व खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर 42 चालकों(पौड़ी-02, यातायात श्रीनगर-09, लक्ष्मणझूला-06, श्रीनगर-06, कोटद्वार-08, लैन्सडाउन-01, यातायात कोटद्वार-07 एवं कालागढ-02) के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई।  दैनिक चेकिंग में कुल 149 चालान कर यातायात नियम उल्लंघनकर्ताओं को कड़ा संदेश दिया गया।

कोटद्वार : पुलिस ने चेक बाउंस मामले में महिला वारंटी को किया गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही के साथ-साथ माननीय न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (N.B.W.) की शत-प्रतिशत तामील कर, अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। 

 

इसी क्रम में कोतवाली कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायाधीश कोटद्वार द्वारा जारी वाद संख्या -5355 /23, धारा-138 NI Act सम्बन्धित फरार वारण्टी रीता रावत को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार वारंटी को माननीय न्यायालय के समक्ष पेशकर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

गिरफ्तार वारंटी का नाम पता

रीता रावत,निवासी -काशीरामपुर तल्ला कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल

गंगोत्री धाम में दर्शन समय बदला, अब शाम 4 बजे तक खुला रहेगा मंदिर

गंगोत्री: गंगोत्री धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस वर्ष से मुख्य मंदिर के दर्शन समय में अहम बदलाव किया गया है। गंगोत्री मंदिर समिति के निर्णय के अनुसार अब श्रद्धालु सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक मां गंगा के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद मंदिर के कपाट सायंकालीन आरती के लिए पुनः खोले जाएंगे, जो शाम 7:45 बजे आयोजित होगी। आरती के बाद रात 10 बजे तक दर्शन जारी रहेंगे।

यह निर्णय गंगोत्री धर्मशाला में आयोजित मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक में आय-व्यय के साथ-साथ इस वर्ष की पूजा व्यवस्था, पुजारियों की नियुक्ति और अन्य व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।

समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि पिछले वर्ष तक मंदिर में दोपहर 2 बजे तक ही दर्शन होते थे, जिसके बाद कपाट कुछ समय के लिए बंद कर दिए जाते थे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस बार सर्वसम्मति से दर्शन समय बढ़ाकर शाम 4 बजे तक कर दिया गया है।

वहीं, समिति के मीडिया प्रभारी सतेंद्र सेमवाल ने बताया कि इस बदलाव का उद्देश्य यात्रियों को धाम में अधिक समय तक रुकने के लिए प्रेरित करना है। इस दौरान श्रद्धालु घाटों पर पूजा-अर्चना कर सकेंगे और शाम 7 बजे होने वाली गंगा आरती में भी शामिल हो पाएंगे।

बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही किसी भी प्रकार का लाइव दर्शन प्रसारण करने पर भी रोक रहेगी।

जरूरतमंदों को मिला नया जीवन आधार, मजबूत हुआ महिला एवं बाल संरक्षण तंत्र

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में महिला एवं बाल विकास/कल्याण विभाग द्वारा विगत वित्तीय वर्ष में पुनर्वास, संरक्षण एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से जरूरतमंद महिलाओं एवं बच्चों को सुरक्षा, संबल एवं मुख्यधारा से जोड़ने के प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

 

कोटद्वार स्थित महिला कल्याण पुनर्वास केंद्र में वर्ष के दौरान 28 संवासिनियों को आश्रय प्रदान किया गया, जिनमें पॉक्सो से प्रभावित बालिकाएं भी शामिल थीं। इन सभी को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ काउंसलिंग एवं शिक्षा के माध्यम से उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ किया गया। इनमें से 22 संवासिनियों का सफलतापूर्वक उनके परिवारों के साथ पुनर्वास किया गया।

जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कुल 183 मामलों का समयबद्ध निस्तारण करते हुए शून्य लंबितता सुनिश्चित की गयी है। इसके अंतर्गत 31 लापता बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया तथा 56 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। विभाग द्वारा पुलिस एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के समन्वय से चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से लेकर किशोर न्याय बोर्ड तक प्रभावी तंत्र विकसित किया गया है, जिससे त्वरित सहायता एवं न्याय सुनिश्चित हो सके।

जनजागरुकता के क्षेत्र में विभाग द्वारा 55 अभियान संचालित किए गए, जिनके माध्यम से बाल विवाह, साइबर अपराध एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति आमजन को जागरूक किया गया। साथ ही आर्थिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी विभाग द्वारा उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। समाज कल्याण विभाग के समन्वय से 16,922 विधवा महिलाओं को पेंशन का लाभ प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त परित्यक्ता महिलाओं को भी पेंशन योजनाओं से आच्छादित किया गया है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना एवं स्पॉन्सरशिप योजनाओं के अंतर्गत जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के प्रयास भी किए गए हैं। इसके साथ ही ‘पुअर प्रिजनर स्कीम’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की स्थिति का आकलन कर उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया गया है।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि जनपद में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े प्रत्येक प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभागों के समन्वय से पुनर्वास, संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रत्येक लाभार्थी को आत्मनिर्भर बनाकर उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। जिलाधिकारी ने बताया कि बाल संरक्षण, महिला सुरक्षा और सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में और अधिक सुदृढ़ व्यवस्था विकसित की जाएगी।

जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जनपद में महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में जमीनी स्तर पर सतत निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक प्रकरण में काउंसलिंग, पुनर्वास और पारिवारिक पुनर्स्थापन पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों के समन्वय से त्वरित हस्तक्षेप सुनिश्चित करते हुए जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं को समय पर सहायता उपलब्ध करायी जा रही है।

‘बी प्राक’ के सुरों के साथ ‘लम्हे – 2026’ का शानदार समापन

देहरादून: आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी के तीन दिवसीय वार्षिक टेक्नो–कल्चरल फेस्ट ‘लम्हे 2026’ का समापन प्रसिद्ध गायक बी प्राक की लाइव प्रस्तुति के साथ सम्पन्न हुआ। अपनी सुरीली आवाज़ और लोकप्रिय गीतों के लिए मशहूर बी प्राक ने मंच पर समा बाँध दिया। उनकी दमदार परफॉर्मेंस ने इस तीन दिवसीय उत्सव को एक यादगार और शानदार पल में बदल दिया।

समापन समारोह के दौरान सर्वश्रेष्ठ विजेताओं को ‘मिस्टर लम्हे’ और ‘मिस लम्हे’ से नवाज़ा गया। आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी दीपक सिंह रावत को मिस्टर लम्हे 2026 और जिज्ञासा यूनिवर्सिटी की छात्रा रिया मिश्रा को मिस लम्हे 2026 के खिताब से सम्मानित किया गया। दोनों ने अपने आत्मविश्वास, मंचीय प्रस्तुति, व्यक्तित्व और संवाद कौशल से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया।

समापन अवसर पर आयोजित समारोह में विश्वविद्यालय का वरिष्ठ प्रबंधन, डीन, फैकल्टी सदस्य और मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। माननीय कुलपति डॉ. अनिल सुब्बा राव पायला ने अपने संबोधन में प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि लम्हे जैसे आयोजन छात्रों में नवाचार, टीमवर्क, नेतृत्व और समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं उप-कुलपति डॉ. अनीथा रामचन्द्र ने आयोजन समिति और छात्रों की प्रतिबद्धता एवं कार्यकुशलता की प्रशंसा की।

समापन समारोह के मुख्य अतिथि अजीत यादव और डॉ. कविता सिंह थे। अजीत यादव, जो वर्तमान में लेक्साया हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड और हील्स मेडिसिन प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर हैं, ने कॉर्पोरेट लीगल और गवर्नेंस के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव साझा किए तथा छात्रों को नैतिक नेतृत्व और मल्टीडिसिप्लिनरी सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। वहीं इंग्लैंड स्थित वरिष्ठ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. कविता सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय अनुभव और हेल्थकेयर क्षेत्र में योगदान के माध्यम से युवाओं को समर्पण और उत्कृष्टता का संदेश दिया।

इस दौरान यूथ पार्लियामेंट, ग्रैंड्योर: फैशन शो और अन्य प्रमुख कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मान प्रदान कर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया। कार्यक्रम की गरिमा को पद्म से सम्मानित बाँसुरी वादक पं. रोनू मजूमदार की मनमोहक प्रस्तुति ने और बढ़ा दिया।

समारोह का समापन डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. अमित अदलखा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड भागीदारी, 60 से अधिक प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन और टीमवर्क को लम्हे 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। कुल मिलाकर ‘लम्हे 2026’ युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता, सांस्कृतिक आदान–प्रदान और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का उत्सव बनकर उभरा तथा आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी की समग्र शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

विजेताओं एवं उपविजेताओं की सूची
कार्यक्रम का नाम
विजेता
प्रथम उपविजेता
द्वितीय उपविजेता
प्रो–बोनो एक्सीलेंस प्रतियोगिता
स्वाति सौरभ – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी
प्रज्ञा सिंह – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी
मयंक भास्कर – डीआईटी यूनिवर्सिटी
नृत्य-ओ-लॉजी (सोलो)
नवाजिश –उत्तरांचल यूनिवर्सिटी
निखिल कुमार सिंह – ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी

टार्क शैंक
राज जैन, ध्रुव चौधरी – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी
शिवांक – डीआईटी यूनिवर्सिटी

स्लोगन मेकिंग प्रतियोगिता
निधि मानिहार – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी
खुशी नेगी – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी
रिया मिश्रा –जिज्ञासा यूनिवर्सिटी
टूरिज्म क्विज
नैना चौरसिया, चिराग कोरी – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी, देहरादून
मोहित डबराल, आर्यन सिंह पनाई – आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी, देहरादून

वॉर ऑफ बैंड्स
उत्तरांचल यूनिवर्सिटी टीम
डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी टीम
आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी टीम।

ग्रामीणों के आंदोलन के समर्थन में उतरे बद्रीनाथ विधायक बुटोला

ज्योतिर्मठ। चमोली जिले में एनटीपीसी जल विद्युत परियोजना के विरोध में पांच ग्राम सभाओं का आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। अणिमठ, पैनी, सेलंग, ढाक, बड़गांव और तपोवन के ग्रामीण अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर डटे हुए हैं, जिन्हें अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। रविवार को बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला आंदोलन स्थल पर पहुँचे और ग्रामीणों की मांगों को जायज ठहराते हुए अपना पूर्ण समर्थन दिया। विधायक ने सरकार और परियोजना प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वार्ता के जरिए इन मांगों का समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले समय में एक उग्र जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। विधायक बुटोला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एनटीपीसी की इस परियोजना के कारण ही आज पूरा ज्योतिर्मठ क्षेत्र भू-धंसाव जैसी भीषण आपदा की मार झेल रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि विकास के नाम पर स्थानीय लोगों के जल, जंगल और जमीन इस परियोजना की भेंट चढ़ चुके हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

औलावृष्टि का कहर : बंगाण क्षेत्र में सेब की फसल तबाह, 15–20 गांव प्रभावित

उत्तरकाशी/मोरी: जनपद के बंगाण (अरकोट) क्षेत्र में अचानक हुई भीषण औलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जानकारी के अनुसार इस आपदा से क्षेत्र के लगभग 15 से 20 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित गांवों में माकुड़ी, डागोली, गोकुल, बरनाली, झोटाड़ीधारा, मौड़ा, बलावट, चिंवा, किरानू, दुचानू, दामठी, थुनारा, भूटाणु, कलीच, किरोली, मैजानी सहित दर्जनों गांव शामिल हैं, जहां सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

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स्थानीय किसान कुलदीप रावत ने बताया कि औलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि सेब के पेड़ों पर आए फूल पूरी तरह झड़ गए। फूल नष्ट होने से इस बार फलों की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है, जिससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

विशेष रूप से माकुड़ी गांव, जिसे क्षेत्र में सेब उत्पादन का “हब” माना जाता है, वहां भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। किसानों का कहना है कि इस बार की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

किसानों की बढ़ी चिंता

सेब की खेती पर निर्भर इस क्षेत्र के किसानों के लिए यह नुकसान किसी बड़े झटके से कम नहीं है। कई किसानों की सालभर की आय इसी फसल पर टिकी होती है।

मुआवजे की मांग

स्थानीय लोगों और किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से राहत मिल सके।

कोटद्वार : ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की सख्त कार्रवाई, सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग करने वाले 5 लोगों के चालान

कोटद्वार : जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा सभी थाना प्रभारियों को सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर हुड़दंग करने एवं शांति भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

इसी क्रम में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोटद्वार क्षेत्र की कलालघाटी चौकी पुलिस द्वारा दिन एवं रात्रि के समय सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर शराब के नशे में हुड़दंग करते पाए गए 05 व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई। पुलिस टीम द्वारा मौके पर ही सभी संबंधित व्यक्तियों को कड़ी हिदायत देते हुए भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी भी दी गई।

बद्रीनाथ धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात

​ज्योतिर्मठ/बद्रीनाथ। सीमांत जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों सहित बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में शनिवार को हुए भारी हिमपात ने जनजीवन और यात्रा व्यवस्थाओं की रफ्तार थाम दी है। बद्रीनाथ धाम में सुबह से रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के कारण नर-नारायण और नीलकंठ पर्वत चांदी की तरह सफेद चादर से ढक गए हैं। कड़ाके की ठंड के बीच धाम में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे अधिकारी और कर्मचारियों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, नगर पंचायत द्वारा लगातार बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है, लेकिन निरंतर हो रहे हिमपात से रास्ते फिर बंद हो रहे हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की टीम भी धाम पहुंच चुकी है, लेकिन बदलते मौसम ने तैयारियों के सामने कड़ी चुनौती पेश की है।

​धाम में मौजूद स्थानीय निवासी नीतीश चौहान और अंशुमान भंडारी ने बताया कि कपाट खुलने से पहले होटलों और धर्मशालाओं के मरम्मत कार्य के लिए प्रशासन की अनुमति से लोग पहुंच तो रहे हैं, लेकिन हाड़ कंपाने वाली ठंड और बर्फबारी से काम करना मुश्किल हो गया है। वहीं, बीकेटीसी के पूर्व उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने चिंता जताई कि खराब मौसम के कारण धाम में चल रहे मास्टर प्लान के तहत निर्माण कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

​मामले पर ज्योतिर्मठ के उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत प्रशासन ने फिलहाल रविवार तक किसी भी नए व्यक्ति को बद्रीनाथ धाम जाने की अनुमति नहीं दी है। मौसम सामान्य होने के बाद ही आवाजाही सुचारू की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और धाम में तैनात टीम कपाट खोलने की तैयारियों में जुटी है। बिजली, पानी, संचार और क्षतिग्रस्त पैदल रास्तों का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद 15 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली जाएंगी ताकि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।