चारधाम यात्रा और शादी सीजन से पहले तैयारी तेज, ईंधन आपूर्ति पर सरकार सख्त

देहरादून : आगामी चारधाम यात्रा, पर्यटन सीजन और शादी-विवाह के बढ़ते दौर को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने आवश्यक ईंधन आपूर्ति को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में बुधवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें घरेलू और कमर्शियल गैस के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया।

बैठक में राज्य स्तरीय समन्वयक, विभिन्न तेल कंपनियों के प्रतिनिधि और सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हुए। खाद्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में आम जनता को एलपीजी या ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त रखा जाए, खासकर यात्रा अवधि के दौरान जब लाखों श्रद्धालुओं के राज्य में आने की संभावना है।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि शादी-विवाह के सीजन के कारण कमर्शियल गैस सिलेंडरों की मांग में वृद्धि हो रही है, वहीं पर्यटन गतिविधियों के चलते भी ईंधन की खपत बढ़ी है। कुछ जिलों से परिवहन और वितरण में समन्वय से जुड़ी चुनौतियों की जानकारी भी दी गई। इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि वे सभी गैस एजेंसियों के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, जिलों से प्राप्त समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की जा रही है और एजेंसियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखा जाएगा।

खाद्य सचिव ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, जरूरत पड़ने पर तुरंत हस्तक्षेप करने और आपूर्ति श्रृंखला को बाधित न होने देने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उत्तराखण्ड की हर्षा ने CBSE 10वीं में हासिल किए पूरे 500 में 500 अंक

रुद्रपुर : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में उत्तराखण्ड के रुद्रपुर की छात्रा हर्षा ने इतिहास रच दिया है। हर्षा ने 500 में से 500 अंक प्राप्त कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है, जिससे न केवल उनके स्कूल बल्कि पूरे राज्य में गर्व का माहौल है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल की इस मेधावी छात्रा की शानदार सफलता के बाद स्कूल में जश्न का माहौल देखने को मिला। शिक्षक, छात्र और अभिभावक सभी इस उपलब्धि से बेहद उत्साहित नजर आए।

स्कूल के चेयरमैन सुरजीत सिंह ने हर्षा की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखण्ड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने हर्षा की मेहनत, लगन और अनुशासन को सफलता का मुख्य आधार बताया और कहा कि यह उपलब्धि साबित करती है कि दृढ़ निश्चय के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

भावुक होते हुए उन्होंने यह भी कहा कि हर्षा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि स्कूल की आलोचना करने वालों के लिए हर्षा की यह सफलता एक सशक्त जवाब है। उन्होंने हर्षा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह आगे भी नई ऊंचाइयों को छुएगी।

वहीं, हर्षा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद भी इतने अच्छे अंक आने की उम्मीद नहीं थी। हर्षा के अनुसार, उनके शिक्षकों ने हर विषय को सरल तरीके से समझाया और परिवार ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी ट्यूशन के, स्व-अध्ययन और नियमित अभ्यास के जरिए यह मुकाम हासिल किया।

हर्षा की मां ने भी अपनी बेटी की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने बताया कि हर्षा शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रही है और उसने हर दिन पूरी ईमानदारी से तैयारी की। उन्होंने कहा कि बेटी की इस सफलता ने पूरे परिवार को गर्व महसूस कराया है।

हर्षा की यह उपलब्धि उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं। यह सफलता एक स्पष्ट संदेश देती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

स्व-गणना से समय की बचत और सटीक आंकड़े मिलेंगे – डीएम स्वाति एस. भदौरिया

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के अंतर्गत संचालित स्व-गणना अभियान की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया तथा आगामी चरणों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाय।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है, जो नीतिगत निर्णयों, योजनाओं के निर्माण एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनती है। ऐसे में इस कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता और समयबद्धता के साथ संपादित किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर यदि तकनीकी, प्रबंधन अथवा अन्य प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो उसे तत्काल चिन्हित कर संबंधित स्तर पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों से विकासखंड एवं क्षेत्रवार स्व-गणना की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने जिन क्षेत्रों में कार्य की गति अपेक्षाकृत धीमी पायी गयी, वहां विशेष अभियान चलाकर प्रगति में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नियमित निगरानी और फील्ड स्तर पर प्रभावी समन्वय के माध्यम से कार्य में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता इस अभियान को अधिक प्रभावी बना सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम, नगर एवं वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों, स्वयं सहायता समूहों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अन्य स्थानीय संगठनों के माध्यम से व्यापक जनजागरुकता अभियान संचालित किए जाएं। इसके तहत विशेष बैठकों, प्रचार-प्रसार गतिविधियों एवं संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को स्व-गणना की प्रक्रिया एवं उसके महत्व के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि अधिक से अधिक नागरिक स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।

जिलाधिकारी ने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करने, उनकी समस्याओं को सुनने तथा उन्हें आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित एवं सक्षम कार्मिक ही इस महत्वपूर्ण कार्य को बेहतर ढंग से संपादित कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत सीमांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है, वहां बिना विलंब किए आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, ताकि आगामी चरणों में कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके। साथ ही उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वयं स्व-गणना करने के निर्देश दिए, जिससे वे इस प्रक्रिया की बारीकियों को समझकर आमजन को अधिक प्रभावी ढंग से मार्गदर्शन दे सकें।

जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना की व्यवस्था नागरिकों के लिए एक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक माध्यम है, जिसके माध्यम से वे अपने घर बैठे ही अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि आंकड़े सीधे डिजिटल रूप में दर्ज होने के कारण त्रुटियों की संभावना भी न्यूनतम हो जाती है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जनगणना पोर्टल पूर्णतः सुरक्षित है तथा नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता का पूर्ण ध्यान रखा जाता है।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 25 अप्रैल से 24 मई तक सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जनगणना कार्य का सतत एवं प्रभावी पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अवधि में यह विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाए कि समस्त कार्य पूर्ण शुद्धता के साथ, बिना किसी छूट अथवा दोहराव के संपादित हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रगणकों द्वारा पेपर शेड्यूल के माध्यम से आंकड़े संकलित जाएं, उनकी समस्त प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से संबंधित चार्ज स्तर पर पोर्टल में समयबद्ध रूप से दर्ज करायी जाय, जिससे डेटा की शुद्धता एवं एकरूपता बनी रहे। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि प्रगणकों द्वारा कार्य पूर्ण होने के उपरांत जमा किए गए लेआउट मैप्स को चार्ज कार्यालय में सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं अभिलेखीय मानकों के अनुरूप संरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में सत्यापन एवं संदर्भ हेतु उनका प्रभावी उपयोग किया जा सके।

उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि वे se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण करें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि जनगणना-2027 का यह अभियान सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा सके।

बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष पौड़ी हिमानी नेगी तथा ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी की स्वगणना की प्रक्रिया भी की गयी। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला खनन अधिकारी अंकित मुयाल, जिला शिक्षाधिकारी (बेसिक) अंशुल बिष्ट, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

चारधाम यात्रा से पहले बदरीनाथ पहुंचे CDS अनिल चौहान, तैयारियों का लिया जायजा

चमोली: उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा से पहले Anil Chauhan ने Badrinath Temple पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

सीडीएस अनिल चौहान सबसे पहले बदरीनाथ हेलीपैड पहुंचे, जहां स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, तीर्थयात्रियों की सुविधाओं और आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।

बैठक के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की जाएं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन का प्रमुख आधार है, इसलिए श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलना बेहद जरूरी है।

चारधाम यात्रा : कपाट खुलने के तिथियां 

  • 19 अप्रैल को Yamunotri Temple और Gangotri Temple के कपाट खुलेंगे।
  • 22 अप्रैल को Kedarnath Temple के कपाट खुलेंगे।
  • 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

यात्रा को लेकर सभी संबंधित विभागों द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।

गर्मी से बचाव के लिए बड़ा कदम, स्कूलों में वॉटर बेल और हीट वेव से निपटने के व्यापक निर्देश जारी

देहरादून : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं गर्मियों के मौसम में नियमित अंतराल पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव सुनिश्चित हो।

मुख्य सचिव ने बुधवार को ग्रीष्मकाल में हीट वेव की तैयारियों को लेकर शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विद्यालय के समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन करने, कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का भंडारण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव संबंधी व्यवहारिक जानकारी देना सुनिश्चित किया जाए। राज्य में बढ़ते तापमान एवं संभावित हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता पर रखी जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों में सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाने और बसों, स्टेशन, बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि हीट वेव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभाग समन्वित एवं सक्रिय रूप से कार्य करें। प्रत्येक जनपद में हीट वेव एक्शन प्लान तैयार करते हुए संवेदनशील (हॉटस्पॉट) क्षेत्रों की पहचान की जाए तथा वहां विशेष निगरानी एवं राहत व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इसके साथ ही 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। 

मुख्य सचिव ने पेयजल की उपलब्धता को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, बस स्टैंड, पंचायत भवनों आदि में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिन क्षेत्रों में जल संकट की संभावना है, वहां अग्रिम कार्ययोजना बनाकर टैंकरों की व्यवस्था, नलकूपों एवं पंपिंग सिस्टम की नियमित निगरानी तथा वैकल्पिक जल आपूर्ति व्यवस्था तैयार रखी जाए। उच्च मांग की स्थिति में आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की पूर्व व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

स्वास्थ्य सेवाओं के संदर्भ में मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी चिकित्सालयों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त बेड, समर्पित वार्ड, आवश्यक दवाइयां, ओआरएस एवं आइस पैक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखते हुए उनमें आइस पैक तथा ओआरएस अनिवार्य रूप से रखा जाए तथा चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ को हीट वेव प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाए। आमजन को हीट वेव के लक्षण, बचाव एवं प्राथमिक उपचार के संबंध में व्यापक रूप से जागरूक किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सालयों में मरीजों के बैठने के स्थान पर शेड और पंखे हों। 

मुख्य सचिव ने हीट वेव के दौरान श्रमिकों एवं खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि कार्य समय में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जाए, विशेषकर दोपहर के समय भारी कार्य से बचा जाए। कार्यस्थलों पर छायादार विश्राम स्थल, आइस पैक, स्वच्छ पेयजल, ओआरएस तथा प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्रमिकों को हीट वेव से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी आश्रय (कूलिंग स्पेस), पानी के प्याऊ/वॉटर कियोस्क स्थापित किए जाएं और जरूरतमंद लोगों तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पार्कों को अधिक समय तक खोलने, गरीब एवं संवेदनशील वर्गों तक राहत पहुंचाने तथा पशुओं के लिए भी पानी एवं शेल्टर की समुचित व्यवस्था करने पर विशेष जोर दिया गया। 

मुख्य सचिव ने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए  निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि ट्रांसफॉर्मर एवं अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। वर्तमान में गैस आपूर्ति प्रभावित होने के चलते किचन में विद्युत उपकरणों के प्रयोग में वृद्धि हुई है। सामान्यतौर पर गर्मियों में एसी, पंखे, कूलर के कारण विद्युत मांग में वृद्धि रहती है। इसलिए बिजली की मांग इस सीजन बढ़ सकती है, लिहाजा उच्च मांग के समय वैकल्पिक योजना तैयार रखते हुए आवश्यक सेवाओं पर प्रभाव न पड़ने दिया जाए। 

इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, सीसीएफ सुशांत कुमार पटनायक, डॉ. पराग मधुकर धकाते, सी. रविशंकर, विनोद कुमार सुमन एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनपदों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी उपस्थित थे।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, महिला सशक्तिकरण की दिशा में युगांतकारी कदम : सीएम धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संसद द्वारा 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम, देश की मातृशक्ति के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण ही हमारे समाज और देश की प्रगति का आधार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दूरदर्शी सोच के साथ नारी शक्ति को लोकतंत्र के सर्वाेच्च मंचों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है शिव भी तभी समर्थ हैं जब वे शक्ति से युक्त हों, शक्ति के बिना कोई भी सृजन या सामर्थ्य संभव नहीं हो सकता है, इसलिए नारीशक्ति के सामर्थ्य के बिना राष्ट्र और समाज की वास्तविक उन्नति की कल्पना असंभव है। उन्होंने कहा कि आज की महिला खेत में अन्न उगाने वाली किसान भी है, तो स्टार्टअप खड़ा करने वाली एंटरप्रेन्योर भी है। वो गाँव की पंचायत में विकास की योजनाएँ बनाने वाली जनप्रतिनिधि भी है, तो देश की संसद में नीति निर्धारण करने की क्षमता रखने वाली सशक्त नेतृत्वकर्ता भी है।

उन्होंने कहा कि आज तक हमारे देश की आधी आबादी को वो सम्मान नहीं मिल पाया है, जिसकी वो वास्तव में हक़दार है। परन्तु अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नारी शक्ति को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में एक नए युग का शुभारंभ हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में शपथ लेने के बाद “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान सुनिश्चित करने का काम किया है।

महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित है प्रदेश सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी मातृशक्ति के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। इसी क्रम में राज्य में शिक्षा, रोजगार उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया है। राज्य सरकार द्वारा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही, ’सशक्त बहना उत्सव योजना’ और ‘मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना’ के माध्यम से राज्य की मातृशक्ति को नए अवसर और शक्ति प्रदान करने का काम भी किया है। राज्य सरकार ‘‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के अंतर्गत महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को एक ब्रांड के रूप में विकसित करने पर भी ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” की पहल के अंतर्गत, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से “हाउस ऑफ हिमालयाज’’ नाम से अम्ब्रेला ब्रांड की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार के प्रयासों से प्रदेश की 2 लाख 65 हजार से अधिक लखपति दीदियों की सालाना आय एक लाख से अधिक हो चुकी। प्रदेश सरकार ने जहां एक और महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किया वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए “समान नागरिक संहिता” लागू की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है। कई दशकों से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित भी किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं बल्कि भारत के भविष्य को दिशा देने वाला परिवर्तनकारी प्रयास है। महिलाओं को संसद एवं विधानसभाओं में आरक्षण की व्यवस्था से महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होने का अधिकार मिलेगा। अब महिलाएं भी हर बड़े फसलों में प्रभावी भूमिका निभाएंगे।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से महिलाओं का सम्मान, अधिकार और विश्वास में बढ़ोतरी होगी। प्रधानमंत्री जी ने हमेशा महिला नेतृत्व को प्राथमिकता दी है और उनका सशक्तिकरण किया है। उन्होंने कहा महिलाओं की यात्रा केवल अधिकारों की नहीं अपितु आत्म सम्मान, सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी तय करने की भी है।

महिला सशक्तिकरण बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि इस कानून की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यह महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व नहीं देता, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया का केंद्र बनाता है। अब महिलाएं स्वयं नीतियां बनाएंगी, अपने अनुभवों के आधार पर समाज को दिशा देंगी। यही वास्तविक सशक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों की महिलाओं को अपने अधिकारों की आवाज उठाने के लिए अक्सर पुरुषों पर निर्भर रहना पड़ता था। उन्हें अवसर सीमित मिले, मंच सीमित मिले, और निर्णय लेने के अधिकार भी सीमित रहे। लेकिन आज की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। कार्यक्रम में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, भाजपा नेत्री दीप्ति रावत, रूचि भट्ट सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।

देहरादून में हुई फ्लिपकार्ट मिनट्स की लॉन्चिंग, तेज डिलीवरी और रोजगार के नए अवसरों के साथ स्थानीय सेलर्स और किसानों के विकास को मिलेगी गति
  • स्थानीय स्तर पर ग्राहकों से मिली जानकारियों का लाभ लेते हुए फ्लिपकार्ट मिनट्स दे रहा है आंचल, पतंजलि, हिमशक्ति और दून राइस समेत स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय विभिन्न ब्रांड्स की व्यापक वैरायटी।

देहरादून। भारत के घरेलू ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट ने देहरादून में अपनी क्विक कॉमर्स सर्विस फ्लिपकार्ट मिनट्स के विस्तार की घोषणा की है। इस कदम के साथ फ्लिपकार्ट ने कुछ ही मिनट में रोजाना की जरूरत वाली वस्तुओं की डिलीवरी करते हुए उपभोक्ताओं को सहूलियत और बेहतर मूल्य प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है। माइक्रो फुलफिलमेंट सेंटर (एमएफसी) अभी बल्लूपुर चौक में संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से ग्रॉसरी, फल एवं सब्जी, मोबाइल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई अन्य कैटेगरी के उत्पादों की आपूर्ति हो सकेगी। स्थानीय उपभोक्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर फ्लिपकार्ट मिनट्स के माध्यम से उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर लोकप्रिय ब्रांड्स की बड़ी रेंज तक पहुंच प्रदान की जा रही है, जिनमें आंचल, पतंजलि, हिमशक्ति और दून राइस जैसे ब्रांड शामिल हैं। इससे रोजमर्रा के इस्तेमाल के उत्पाद ज्यादा आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।

फ्लिपकार्ट मिनट्स के वाइस प्रेसिडेंट कुणाल गुप्ता ने कहा, “नॉन-मेट्रो शहर तेजी से बड़े ग्रोथ हब के रूप में उभर रहे हैं। ऐसे में देहरादून में फ्लिपकार्ट मिनट्स की लॉन्चिंग उन उपभोक्ताओं के लिए उठाया गया एक रणनीतिक कदम है, जो स्पीड और क्वालिटी दोनों को प्राथमिकता देते हैं। स्थानीय सेलर्स और किसानों के साथ गहरी साझेदारी के माध्यम से हम स्थानीय आजीविका को सपोर्ट करने के लिए आर्थिक बुनियादी ढांचा (इकोनॉमिक इन्फ्रास्ट्रक्चर) प्रदान करने के साथ-साथ रोजाना के इस्तेमाल के उत्पादों की खरीदारी को ज्यादा समावेशी और सुगम बना रहे हैं।”

ये एमएफसी इस क्षेत्र में फ्लिपकार्ट के मौजूदा बड़े सप्लाई चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर के पूरक की तरह काम करेंगे। यह इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रॉसरी, लार्ज और नॉन लार्ज फुलफिलमेंट सेंटर्स के रूप में कई लोकेशन पर उपलब्ध है। एक्सटेंसिव और माइक्रो फुलफिलमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी ऑपरेशंस में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

रणनीतिक रूप से देहरादून के ज्यादा मांग वाले जोन में सर्विस देने के लिए तैयार इन एमएफसी को इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिससे रोजाना के इस्तेमाल वाले उत्पादों (डेली एसेंशियल्स) और अक्सर ऑर्डर की जाने वाली (फ्रिक्वेंटली ऑर्डर्ड) कैटेगरी की बड़ी रेंज की हाइपरलोकल डिलीवरी की जा सके। इससे शहर में खरीदारी ज्यादा सुगम और प्रासंगिक बन सकेगी। फ्लिपकार्ट उत्तराखंड में हजार से ज्यादा स्थानीय विक्रेताओं एवं किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ मिलकर काम करता है, ताकि ग्राहकों को ताजा फल एवं सब्जियां उपलब्ध कराई जा सकें। मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क और एआई द्वारा संचालित मांग पूर्वानुमान (डिमांड फोरकास्टिंग) की मदद लेते हुए फ्लिपकार्ट मिनट्स किसानों के साथ मिलकर काम करता है, ताकि उनका सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही रणनीतिक मार्गदर्शन देते हुए लंबी अवधि में विकास में सक्षम बनाने के लिए उन्हें राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच भी प्रदान की जाती है।

CBSE रिजल्ट घोषित, इन बच्चों ने किया टॉप

ज्योर्तिमठ केंद्रीय विद्यालय का दबदबा: 10वीं के परीक्षा परिणाम में लहराया

ज्योर्तिमठ : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में केंद्रीय विद्यालय ज्योतिर्मठ ने एक बार फिर अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता को सिद्ध किया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम इस वर्ष भी शत-प्रतिशत रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए संस्थान का मान बढ़ाया है।

शानदार उपलब्धि: काव्यांजलि राणा रही अव्वल

विद्यालय स्तर पर शीर्ष तीन स्थानों पर छात्राओं और छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। काव्यांजलि राणा ने 89.4% अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। वहीं, अनमोल डिमरी ने 87% अंकों के साथ दूसरा और पूर्णिमा पुरोहित ने 86.6% अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।

सफलता का श्रेय शिक्षकों के मार्गदर्शन को

इस शानदार सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार पाठक ने सभी सफल विद्यार्थियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने इस उत्कृष्ट परिणाम का मुख्य श्रेय विद्यालय के समर्पित शिक्षक वर्ग को दिया। कहा कि यह परिणाम शिक्षकों के सही मार्गदर्शन और बच्चों के निरंतर परिश्रम का प्रतिफल है। हमारे अध्यापकों ने जिस निष्ठा के साथ बच्चों को शिक्षित किया, उसी का परिणाम है कि आज विद्यालय का रिजल्ट 100% रहा है।

विद्यालय की इस उपलब्धि पर अभिभावकों ने भी प्रसन्नता व्यक्त की है। मेधावियों की इस सफलता ने यह साफ कर दिया है कि बेहतर संसाधनों और सही मार्गदर्शन से पहाड़ की प्रतिभाएं किसी भी ऊंचे मुकाम को हासिल कर सकती हैं।

श्रीनगर में चारधाम यात्रा की सुरक्षा पर समीक्षा बैठक, अधिकारियों को निर्देश जारी

श्रीनगर : आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत जनपद में यात्रा की व्यापक सुरक्षा एवं सुचारु व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन, ए.पी. अंशुमान द्वारा श्रीनगर में आज 15 अप्रैल को समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित अत्यधिक संख्या, बढ़ते यातायात दबाव, दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट), संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों की सुरक्षा, पार्किंग प्रबंधन, रूट डायवर्जन योजना तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को लेकर समीक्षा की गई। 

अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात का सुचारु एवं चरणबद्ध संचालन, प्रमुख स्थलों पर बैरिकेडिंग एवं साइन बोर्ड की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम की सक्रियता तथा मेडिकल एवं रेस्क्यू टीमों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही धामों में मौसम की स्थिति, मार्गों की स्थिति, श्रद्धालुओं की संख्या की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाए व श्रद्धालुओं को भी अवगत कराने हेतु आवश्यक प्रबंध किये जाए। 

अधिकारियों द्वारा नियमित ड्यूटिरत कर्मियों को ब्रीफ किया जाए व यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ मधुर व सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने हेतु प्रेरित किया जाए। क्योंकि श्रीनगर चार धाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है अतः यहां पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाए जिससे यात्रियों के साथ साथ स्थानीय नागरिकों को भी किसी प्रकार की असुविधा ना हो और यात्रा का सफल एवं सकुशल रूप से संचालन हो सके। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार, क्षेत्राधिकारी पौड़ी तुषार बोरा, प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर कुलदीप नेगी, प्रभारी महिला थाना प्रियंका भारद्वाज सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय विद्यालय को आदर्श शिक्षण संस्थान बनाने की दिशा में पहल, डीएम ने की समीक्षा बैठक

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में कोटद्वार के किशनपुरी स्थित केंद्रीय विद्यालय में प्रबंधन समिति की पहली बैठक आयोजित की गयी। इस दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, संसाधनों की उपलब्धता, व्यवस्थाओं की स्थिति एवं भावी आवश्यकताओं की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि विद्यालय को एक आदर्श शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जा सके।

बैठक से पूर्व जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद कर उनकी पढ़ाई, रुचियों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी ली। कक्षाओं में पहुंचकर उन्होंने छोटे बच्चों से उनके सपनों और करियर लक्ष्यों पर भी चर्चा की, जिस दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला और उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों की जिज्ञासा और उमंग से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने उन्हें खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने के लिए प्रेरित किया, ताकि उनका समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में कक्षा 1 से 6 तक नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या, कक्षाकक्षों तथा शिक्षकों की उपलब्धता, कार्यालय, शौचालय, बैठक कक्ष सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भरा जाए, जिससे शिक्षण कार्य में निरंतरता एवं गुणवत्ता बनी रहे।

प्रबंधन समिति की बैठक के दौरान नामांकन बढ़ाने, शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने तथा संसाधनों के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने विद्यालय में स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर एवं प्रिंटर की स्वीकृति प्रदान करते हुए क्रय समिति में तकनीकी एवं वित्तीय सदस्यों के नामांकन को अनुमोदित किया।

बैठक में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सीसीटीवी कैमरे, डेस्क एवं इन्वर्टर की आवश्यकता रखी गई। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि आवश्यक बजट जिला प्रशासन स्तर से उपलब्ध कराया जाएगा तथा प्राथमिकता के आधार पर सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अन्य आवश्यक संसाधनों हेतु प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही उपजिलाधिकारी को कार्यकारी समिति के गठन एवं उसके कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने विद्यालय में खेल सुविधाओं के विस्तार, सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन तथा अभिभावकों के सुझावों को प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में प्ले एरिया एवं चिल्ड्रन पार्क विकसित करने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर कार्यवाही की जाएगी।

बैठक के दौरान राजकीय इंटर कॉलेज कण्वघाटी के प्रधानाचार्य द्वारा मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत टीन शेड निर्माण की मांग रखी गई, जिस पर जिलाधिकारी ने लोनिवि दुगड्डा को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त, बैठक में प्राप्त सुझावों पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के माध्यम से उन्हें गोद लेकर शिक्षा में सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार एवं आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके लिए सभी विभागों के समन्वित प्रयास सुनिश्चित किए जाएंगे।

प्रभारी प्राचार्या मनीषा मखीजा ने अवगत कराया कि केंद्रीय विद्यालय का संचालन 12 जून 2025 से प्रारंभ हुआ है तथा वर्तमान में विद्यालय में शिवाजी, अशोक, टैगोर एवं रमन सदनों के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इस अवसर पर नगर आयुक्त कोटद्वार पी.एल. शाह, उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्भय सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज कण्वघाटी सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।