कोटद्वार : नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी गिरफ्तार

कोटद्वार : बीती 18 अप्रैल को कोटद्वार निवासी वादी द्वारा कोतवाली कोटद्वार में एक लिखित शिकायती प्रार्थना पत्र  दिया गया, जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री के साथ एक व्यक्ति द्वारा उसके घर में दुष्कर्म किया गया तथा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले जाया गया है। उक्त तहरीर के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 91/26 धारा 65(1),78(1),137(2),351(2) BNS व ¾ पोक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

 

महिला एवं बाल अपराधों से संबंधित गंभीर प्रकरण को अत्यंत संवेदनशीलता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पौड़ी द्वारा मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए हैं ।

निर्गत निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल के निकट पर्यवेक्षण में तथा प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कोटद्वार प्रदीप नेगी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा प्रकरण में त्वरित गति से साक्ष्य संकलन एवं आवश्यक विवेचनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई। 

लगातार की गई सघन जांच, सुरागरसी एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित की गईं, जिनके आधार पर अभियुक्त मिलेश चौहान उर्फ आर्यन चौहान, निवासी नजीबमपुर, जनपद बिजनौर (उ0प्र0), की संलिप्तता की पुष्टि हुई। जिस पर पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा। 

 

नाम पता अभियुक्त

मिलेश चौहान उर्फ आर्यन चौहान (उम्र-21 वर्ष) पुत्र राजपाल सिंह, निवासी गांव नजीबमपुर पोस्ट आँफिस जलालाबाद थाना नजीबाबाद बिजनौर, उ0प्र0

कर्णप्रयाग भू-धंसाव : प्रभावित परिवारों के पुनर्वास में तेजी का भरोसा

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजा प्रक्रिया को तेज करने का भरोसा दिया है। कर्णप्रयाग के बहुगुणा नगर और सुभाषनगर में प्रभावित परिवारों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परिवार आपसी सहमति से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे और संभावित विस्थापन के संबंध में एकमत प्रस्ताव तैयार करें। इस प्रस्ताव को शासन को भेजा जाएगा, जिससे आगे की कार्रवाई में तेजी लाई जा सकेगी।

बैठक में अनिल नौटियाल ने बताया कि भू-धंसाव का मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन से चर्चा की है। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे जल्द से जल्द आपसी सहमति बनाकर लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि मुआवजा वितरण और भू-धंसाव क्षेत्र में ट्रीटमेंट कार्य शुरू किया जा सके।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में आवश्यक तकनीकी ट्रीटमेंट कार्य प्रस्तावित हैं, लेकिन मुआवजे को लेकर एकमतता न होने से कार्यों के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है। सहमति बनते ही विभाग प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू करेगा।

बैठक में सभासद कमला रतूड़ी ने प्रभावित परिवारों के साथ जल्द एकमत प्रस्ताव तैयार करने का आश्वासन दिया। सभासद सीमा देवी, हेमा डिमरी और रीना देवी ने भी क्षतिग्रस्त मकानों के उचित मुआवजे और त्वरित ट्रीटमेंट की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस दौरान पालिकाध्यक्ष गणेश शाह, एसडीएम सोहन सिंह रांगड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और प्रभावित परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।

बागेश्वर में फिर महसूस हुए भूकंप के हल्के झटके, 2.5 रही तीव्रता

बागेश्वर : सोमवार शाम उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक बार फिर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। यह झटका शाम करीब 6:26 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.5 दर्ज की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, भूकंप का केंद्र बागेश्वर क्षेत्र में ही जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। तीव्रता कम होने के कारण अधिकांश लोगों को इसका ज्यादा असर महसूस नहीं हुआ, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की कंपन दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर के भूकंप सामान्य श्रेणी में आते हैं और इनसे किसी बड़े नुकसान की आशंका नहीं होती। फिर भी, हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय रूप से संवेदनशील होने के कारण सतर्क रहना जरूरी है।

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन लगातार छोटे झटकों के कारण स्थानीय लोगों में हल्की चिंता बनी हुई है।

बरातियों से भरी बोलेरो पलटी, 11 लोग घायल, दो की हालत गंभीर

बागेश्वर : उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। कीमू गांव से धरमघर जा रही बरातियों से भरी बोलेरो वाहन शामा-भनार क्षेत्र के लाथी-माजखेत सड़क मार्ग पर अनियंत्रित होकर पलट गई।

हादसे में कुल 11 बराती घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस, एसडीआरएफ और राजस्व विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवा के जरिए घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

घायलों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह (35) और डिगर सिंह (40) को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

अन्य घायलों में प्रताप राम (78), शोबन राम (56), वीर सिंह (65), चंदर राम (60), कुशी राम (60) सभी निवासी गोगिना, तथा बलवंत सिंह (35), डम्पी (49), कुंदन सिंह (31), खेम सिंह (22) शामिल हैं।

प्रशासन की ओर से सभी घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल के अनुसार, पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

देहरादून में एलपीजी की कालाबाजारी का भंडाफोड़, 32 सिलेंडर बरामद, आरोपी गिरफ्तार

देहरादून : देहरादून में रसोई गैस की किल्लत के बीच प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया है। पटेलनगर कोतवाली पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 32 अवैध एलपीजी सिलेंडर बरामद हुए।

जिले में एलपीजी की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और रिफिलिंग पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) ने विशेष अभियान चलाया। इस दौरान गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री और रिफिलिंग में लिप्त एक व्यक्ति को पकड़ने में सफलता मिली।

सूचना के अनुसार, निरंजनपुर सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित एक बंद पड़े पेट्रोल पंप के कमरे में अवैध रूप से गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने शनिवार देर रात छापेमारी की। मौके से 27 घरेलू, 4 छोटे और 1 व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए।

इसके अलावा, एक वाहन भी कब्जे में लिया गया जिसमें 327 गैस सिलेंडर लदे हुए थे। हालांकि, वाहन चालक मौके से फरार हो गया। वाहन स्वामी से संपर्क करने पर पता चला कि यह खेप लोनी बोटलिंग गैस प्लांट से करीब 360 सिलेंडर लेकर निकली थी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग कर उन्हें बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी। इस मामले में कोतवाली पटेलनगर में भूपेंद्र मंडल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि गैस की कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी।

प्लास्टिक मुक्त चारधाम यात्रा के लिए एक्शन मोड में सरकार, ड्रोन से होगी निगरानी

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा 2026 को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प प्रकट किया है। इस क्रम में ठोस कदम उठाने के मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किए हैं। कूड़े और प्लास्टिक वेस्ट की मॉनिटरिंग ड्रोन से की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा 2026 को पूर्णतः प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री आवास में शहरी विकास विभाग, पर्यटन विभाग तथा वन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्लास्टिक बोतलों को हतोत्साहित करने के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह वाटर एटीएम एवं RO प्लांट स्थापित किए जाएं। कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्लास्टिक वेस्ट के लिए “मनी बैक” योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जाए। हर दुकान पर प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट अनिवार्य किया जाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा रूट में पड़ने वाली ग्राम पंचायतें तथा अन्य संस्थाएं कूड़े एवं प्लास्टिक वेस्ट की ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगी और इसके लिए एक अत्याधुनिक कमांड एंड कंट्रोल केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर स्थित 30 नगर निकायों को मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। यात्रा के दौरान सफाई व्यवस्था को मजबूत करने हेतु बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है तथा अतिरिक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे मार्ग, बाजार, घाट एवं सार्वजनिक स्थल निरंतर स्वच्छ बने रहें। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत 37 एमआरएफ केंद्र, 299 कम्पोस्ट पिट, 38 प्लास्टिक कम्पैक्टर/बेलिंग मशीनें तथा 266 कचरा परिवहन वाहन तैनात किए गए हैं, जिससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं के तहत सार्वजनिक शौचालयों का विस्तार किया गया है, जिसमें महिलाओं, पुरुषों एवं दिव्यांगजनों के लिए पृथक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं तथा 74 मोबाईल शौचालय इकाइयां भी संचालित की जाएंगी। यात्रा के दौरान वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यापक पार्किंग व्यवस्था विकसित की गई है, जिसमें छोटे-बड़े वाहनों हेतु हजारों पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं और वैकल्पिक पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु होटल, लॉज, धर्मशालाओं एवं आश्रमों में लगभग 28,395 कमरे तथा 67,278 बिस्तरों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। रात्रिकालीन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रमुख मार्गों पर 19,604 स्ट्रीट लाइटें स्थापित की गई हैं।

चारधाम यात्रा को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने पर विशेष फोकस किया गया है। वर्ष 2025 में प्लास्टिक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के बाद वर्ष 2026 में इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक अभियान का रूप दिया जाएगा। यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्वच्छ भारत” एवं “हरित, सतत विकास” के विजन से प्रेरित है और लक्ष्य है कि चारधाम यात्रा को पूर्णतः स्वच्छ, प्लास्टिक मुक्त एवं ठोस अपशिष्ट मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही QR कोड आधारित फीडबैक प्रणाली, त्वरित सहायता केंद्र (Quick Response Team), कंट्रोल रूम तथा आधुनिक मशीनों के माध्यम से यात्रा को तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु सभी सक्षम अधिकारियों को प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस क्रम में प्लास्टिक बोतलों के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसे जिलाधिकारी एवं पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड क्रियान्वित करेंगे। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत चारधाम यात्रा मार्ग के सभी नगर निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं को जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की लीद का वैल्यू एडिशन करते हुए पिरूल के साथ पैलेट तैयार कर एक इनोवेटिव व्यवस्था के तहत उसका प्रबंधन किया जाएगा। चारधाम यात्रा रूट पर सतत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वयंसेवी संस्थाएं, एनसीसी कैडेट्स, महिला मंगल दल एवं ग्राम पंचायतों का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही पूरे यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हेतु स्पेशलाइज्ड मैनपावर की तत्काल प्रभाव से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी कि श्री केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को अब ठंडे पानी के स्थान पर शीघ्र ही 24 घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। यह व्यवस्था पिरूल (चीड़ की पत्तियां) और खच्चरों की लीद से तैयार बायोमास पैलेट्स के माध्यम से संचालित गीज़रों द्वारा की जाएगी। यह देश का पहला प्रयोग है, जहां इतनी ऊंचाई वाले क्षेत्र में चौबीसों घंटे गर्म पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ये गीजर GMVN केदारनाथ एवं लिंचोली में लगाए जाएंगे। यह अभिनव प्रयोग केदारनाथ यात्रा मार्ग पर खच्चरों की लीद से होने वाली समस्या का समाधान करेगा, साथ ही जंगल की आग के प्रमुख कारण पिरूल से भी राहत दिलाएगा। इसके अतिरिक्त ट्रायल के तौर पर मार्ग में स्थित ढाबों को फायर पैलेट से चलने वाले चूल्हे भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो ऊर्जा संकट के समय अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे और सफल परीक्षण के बाद इन्हें बड़े स्तर पर वितरित किया जाएगा।

सूर्य देवभूमि चैलेंज का समापन, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बढ़ाया साहसिक पर्यटन और युवाओं का उत्साह

टिहरी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर (टिहरी) में भारतीय सेना और उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सूर्य देवभूमि चैलेंज के समापन समारोह में प्रतिभाग किया।  

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सूर्य देवभूमि चैलेंज में भारतीय सेना के 100 जांबाज़ जवानों के साथ देशभर से आए लगभग 200 साहसिक ट्रैकर्स ने प्रतिभाग किया। हाई एल्टीट्यूड मैराथन में भाग लेने वाले लोगों ने केदार-बदरी ट्रेल में हेलंग से कलगोट, कलगोट से मंडल होते हुए उखीमठ तक 113 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण यात्रा में सफलता प्राप्त की है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभागियों ने साहसिक प्रतियोगिता के साथ श्री बदरीनाथ, श्री केदारनाथ धाम सहित पंच केदार को जोड़ने वाले ऐतिहासिक और आध्यात्मिक मार्ग की भी यात्रा की है। उन्होंनेकहा कि सेना, देश की सीमाओं की रक्षा के साथ ही समाज और युवाओं को प्रेरित करने वाले ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं के भीतर अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का कार्य करते हैं। 

उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि ये आयोजन समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में सहायक सिद्ध होने के साथ ही सीमांत क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने में भी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा आत्मविश्वास से परिपूर्ण है, सीमांत क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और साहसिक खेलों तथा पर्यटन के क्षेत्र में हमारा देश वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान स्थापित कर रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही, वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत हमारे सीमावर्ती गांवों के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में भी अभूतपर्व कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष हर्षिल-मुखबा में शीतकालीन प्रवास के दौरान कई साहसिक खेलों को बढ़ावा दिया था। राज्य सरकार, राज्य में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। राज्य में एंगलिंग, राफ्टिंग, कयाकिंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, साइकिलिंग और माउंटेनियरिंग जैसी गतिविधियों को योजनाबद्ध तरीके से बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिससे न केवल सीमांत क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि पर्यटन, व्यापार और सामरिक विकास को भी नई मजबूती मिली है।

गढ़वाल स्काउट के मेजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि  कार्यक्रम की शुरुआत 16 अप्रैल को बदरीनाथ में आयोजित एक्सपो के साथ हुई। इसके बाद 17 अप्रैल को हेलंग से कलगोट, 18 अप्रैल को कलगोट से मंडल और 19 अप्रैल को मंडल से उखीमठ तक मैराथन चरण आयोजित किए गए। 

इस अवसर पर विधायक विनोद कण्डारी, मध्यकमान के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता, ओलम्पिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह बेनीवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, ब्लाक प्रमुख देवप्रयाग विनोद बिष्ट, कीर्तिनगर अंचला खण्डेवाल,  डीएम टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, कुलपति प्रकाश सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बोले – श्रीमद्भागवत जीवन को देती है सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा

यमकेश्वर : यमकेश्वर स्थित वानप्रस्थ आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का सजीव स्वरूप है, जो मानव को धर्म, ज्ञान और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करते हुए जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदमों का भी उल्लेख किया।

 

मुख्यमंत्री के जनपद आगमन पर जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने भागवत कथा के श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं सहयोग से चारधाम यात्रा मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कारण यात्रा अब अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक हो गई है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कालसी-हरीपुर क्षेत्र में यमुना नदी के तट पर घाटों के निर्माण कार्य, शारदा कॉरिडोर, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर तथा दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे प्रदेश की आर्थिकी एवं सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है।

स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों एवं प्रभावी कार्यशैली के परिणामस्वरूप यमकेश्वर क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिली है, जिससे क्षेत्रवासियों को व्यापक एवं प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो रहा है।

इस अवसर पर व्यास पीठ से भागवत कथा का वाचन कर रहे पूज्य गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने श्रीमद्भागवत के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, आस्था एवं सत्कर्म के मार्ग पर चलने का प्रेरणादायी संदेश दिया।

परमार्थ आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव एवं मानवता के उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व PCS वैभव गुप्ता ने किया पदभार ग्रहण
हरिद्वार : उत्तराखंड शासन के निर्देशों के क्रम में अपर जिलाधिकारी हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित हुए वैभव गुप्ता ने सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित से शिष्टाचार भेंटकर अपनी योगदान आख्या प्रस्तुत की तथा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व का पदभार ग्रहण किया। अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता इससे पूर्व शहरी विकास विभाग में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत रहे।
नव नियुक्त अपर जिलाधिकारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में लंबित राजस्व वादों का त्वरित निस्तारण, दैवीय आपदाओं से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई तथा राजस्व वसूली को सुदृढ़ बनाना शामिल रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के मामलों में संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
एडीएम वैभव गुप्ता ने कहा “हरिद्वार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के रूप में दायित्व संभालना मेरे लिए एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मेरी प्राथमिकताओं में लंबित राजस्व वादों का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण, दैवीय आपदाओं से संबंधित मामलों में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई तथा राजस्व वसूली को सुदृढ़ बनाना शामिल रहेगा। आमजन की समस्याओं का समाधान संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें और प्रशासन पर उनका विश्वास और मजबूत हो।”


ग्राफिक एरा बना बास्केटबॉल टूर्नामेंट का चैंपियन

सरदार भगवान सिंह विश्वविद्यालय में प्रथम राज्य बास्केटबॉल टूर्नामेंट का सफल आयोजन

 

 

 

 

 

 

 

देहरादून। सरदार भगवान सिंह (SBS) विश्वविद्यालय के लिए हाल ही में एक ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण दर्ज किया गया। संस्थान ने 16 से 18 अप्रैल, 2026 तक अपने परिसर में प्रथम 3-दिवसीय राज्य बास्केटबॉल टूर्नामेंट की सफलतापूर्वक मेजबानी की। यह आयोजन खेल उत्कृष्टता और युवा विकास के प्रति विश्वविद्यालय की बढ़ती प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा है।

टूर्नामेंट का भव्य शुभारंभ वंदे मातरम और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुआ। इस अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) जे. कुमार ने छात्रों के जीवन में शारीरिक फिटनेस और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) गौरवदीप सिंह ने खेल की भावना और निष्पक्षता बनाए रखने के आह्वान के साथ टूर्नामेंट के शुरू होने की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को ऐसा मंच प्रदान करना विश्वविद्यालय के लिए सौभाग्य की बात है।

प्रतियोगिता का सफर बेहद रोमांचक रहा। पहले दो दिनों में पूल ए और पूल बी के बीच तीव्र लीग मैच खेले गए। सेमीफाइनल मुकाबलों में दून विश्वविद्यालय ने देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय को मात दी, जबकि ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय ने डीआईटी (DIT) विश्वविद्यालय को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। तीसरे स्थान के लिए हुए कड़े मुकाबले में डीआईटी विश्वविद्यालय ने देवभूमि विश्वविद्यालय को पराजित कर जीत हासिल की।

खिताब के लिए दून विश्वविद्यालय और ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के बीच खेला गया फाइनल मैच बेहद रोमांचक रहा। अंततः ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर चैंपियनशिप की ट्रॉफी अपने नाम की।

टूर्नामेंट में व्यक्तिगत प्रतिभा को भी सराहा गया। लीग मैचों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभिषेक बोरा (देवभूमि), रेमा और जेम्स (डॉल्फिन इंस्टीट्यूट), सुजल और यशवर्धन (ग्राफिक एरा), हर्ष (डीआईटी), अंकुर (दून विश्वविद्यालय) और मयंक (उत्तरांचल विश्वविद्यालय) को ‘बेस्ट प्लेयर’ के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मेजर शाही मेहता (11 यूके एनसीसी बीएन) उपस्थित रहीं, जिन्होंने युवाओं को राष्ट्र सेवा और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन मोहम्मद अजमल के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। पूरे आयोजन का सफल समन्वय श्री अनूप सिंह नेगी और श्री मोहसिन खान द्वारा किया गया, जबकि तकनीकी देखरेख श्री बलविंदर सिंह और उनकी टीम ने की। इस सफल आयोजन ने SBS विश्वविद्यालय को राज्य में बास्केटबॉल के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। Read More ग्राफिक एरा बना बास्केटबॉल टूर्नामेंट का चैंपियन