अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के दिए निर्देश

देहरादून : प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने आज विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आज हमने बैठक में शामिल सभी सदस्यों से सुझाव हासिल किये हैं तथा विभाग के अंतर्गत और कितने जनकल्याणकारी कार्य किये जा सकते हैं इस बारे में चर्चा की है। 

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों के प्रति जनमानस को जागरूक किया जाए तथा होर्डिंग तथा अन्य प्रचार-प्रसार माध्यमों से जनकल्याणकारी योजनाओं को साझा किया जाए। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों की समय-समय पर देखरेख की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य करने की नियत हो तो सारे कार्य अच्छे ढंग से पूर्ण किये जा सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि जनता के विकास के साथ-साथ प्रदेश का भी विकास हो। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में नये तथ्यों पर समीक्षा की जायेगी। उन्होंने विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रवृत्ति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि कैम्प लगाकर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से छात्रवृत्ति वितरित की जाए ताकि लोगों को योजना की जानकारी मिल सके। मंत्री ने मुख्यमंत्री हुनर योजना के तहत एनजीओ के माध्यम से हो रहे कौशल विकास कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कौशल कार्यक्रमों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को भी देना सुनिश्चित करें। 

इस अवसर पर विशेष सचिव पराग मधुकर धकाते, उप सचिव एचएस बसेड़ा, अध्यक्ष मदरसा बोर्ड मुफ्ती शमून कासमी, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड शादाब शम्स, उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक आयोग फरजाना बेगम तथा अन्य विभागीय अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने की कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा, विभिन्न संगठनों से भी कुंभ मेला की व्यवस्थाओं को लेकर किया विचार-विमर्श, सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा करने के निर्देश

हरिद्वार : कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को मेला नियंत्रण भवन में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की तथा प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुझाव एवं सहयोग पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेला का दिव्य एवं भव्य आयोजन सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। हरिद्वार में सीवर लाइन निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने खोदी गई सड़कों को तत्काल ठीक करने के निर्देश दिए। अपर रोड का कार्य एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा शेष कार्य 30 जून तक समाप्त करने के निर्देश दिए गए। सीवर कार्यों की दैनिक निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी, अपर मेलाधिकारी एवं परियोजना प्रबंधक की समिति को प्रतिदिन की प्रगति की निगरानी करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार अपर रोड को सही करने के संबंध में निरीक्षण कर 10 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

मुख्य सचिव ने गंगा नदी की स्वच्छता एवं अविरलता बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गंदा पानी या सीवर गंगा में न जाने पाए। उन्होंने सभी नालों को सीवर लाइन से जोड़ने तथा आज ही निरीक्षण कर वीडियोग्राफी सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए ।

मुख्य सचिव ने कुकिंग गैस की समस्या के समाधान के लिए पीएनजी कनेक्शन वितरण हेतु शिविर आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी आश्रमों, धर्मशालाओं, होटलों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक सप्ताह के भीतर आवेदन प्राप्त किए जाँय। विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने भूमिगत लाइनों में खराबी आने पर त्वरित सुधार, खंभों को हटाने तथा वितरण बॉक्स को उपयुक्त स्थानों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।

घाटों की सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए प्रभावी प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने नियमित पुलिस पेट्रोलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं सीसीटीवी कैमरों की स्थापना पर बल दिया। साथ ही मनसा देवी मंदिर एवं चंडी देवी मंदिर मार्गों के सुधार कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा से पूर्व पूर्ण करने के लिए संबंधित विभागों को युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने तथा इसकी अवस्थापना सुविधाओं को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों के भीतर तीन मेगावाट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं नई लाइन के निर्माण के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कुंभ मेले के दौरान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने, एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस तथा बोट एंबुलेंस की तैनाती पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य सचिव ने कुंभ मेला-2027 के लिए प्रस्तावित ट्रैफिक एवं पार्किंग योजना पर सभी हितधारकों से सुझाव लेने तथा मंडलायुक्त स्तर पर अंतिम रूप देकर अनुमोदन हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगमता का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने बताया कि अब तक 36 स्थायी एवं 19 अस्थायी कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 32 सेक्टरों का विस्तृत सेक्टर प्लान तैयार किया गया है। सभी कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण करने हेतु विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है।

बैठक में सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इससे पूर्व मुख्य सचिव ने श्री गंगा सभा, व्यापार मंडल, आश्रम-होटल-धर्मशाला संचालकों, टैक्सी एवं ऑटो यूनियन तथा सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कुंभ मेला व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की तथा उनके सुझाव एवं समस्याएं जानीं। उन्होंने सभी से कुंभ मेला-2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में सहयोग करने का आह्वान किया।

कर्नाटक के युवक ने अलकनंदा में लगाई छलांग, SDRF ने किया रेस्क्यू

ज्योतिर्मठ/गोविंदघाट। बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर विष्णुप्रयाग से करीब तीन किलोमीटर आगे टंया पुल के पास गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब कर्नाटक से आए एक 25 वर्षीय पर्यटक ने उफनती अलकनंदा नदी में छलांग लगा दी। गनीमत रही कि युवक लहरों के साथ बहते हुए नदी के बीचों-बीच एक टापू (पत्थरों के संजाल) में फंस गया। घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला और बेहद कठिन परिस्थितियों में साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर युवक की जान बचाई।

रहस्यमयी तरीके से लगाई छलांग, मिट्टी में दबाया फोन

रेस्क्यू टीम का नेतृत्व कर रहे SI कुलदीपक पाण्डेय ने बताया कि गोविंदघाट पुलिस के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति नदी के बीच टापू पर फंसा हुआ है। जांच में पता चला कि कर्नाटक निवासी मोनिश बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर निकला था। घटना स्थल पर मोनिश ने बेहद रहस्यमयी ढंग से अपने जूते और बैग राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे रखे थे, जबकि अपना मोबाइल फोन मिट्टी के नीचे दबा दिया था। इसके बाद उसने उफनती नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।

साहसिक ऑपरेशन: उफनती लहरों के बीच ‘देवदूत’ बनी SDRF

नदी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। SDRF के जवानों ने आधुनिक ‘रोप इक्विपमेंट’ और लाइफ जैकेट के सहारे उफनती लहरों के बीच प्रवेश किया। भारी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए टीम युवक तक पहुँचने में कामयाब रही और उसे सुरक्षित किनारे तक खींच लाई। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद टीम ने युवक को SHO गोविंदघाट के सुपुर्द किया, जहाँ से उसे प्राथमिक उपचार के लिए तत्काल गोविंदघाट अस्पताल भेजा गया।

ये रहे रेस्क्यू टीम के सदस्य

इस सफल और साहसिक ऑपरेशन मे वा टीम में एस आई कुलदीपक पाण्डेय ,एचसी राहुल थापा, एसटी प्रमोद मठपाल, संदीप कुमार, शेखर नगरकोटी, गिरीश टाकुली, ललित भकुनी, प्रकाश सिंह, मुकेश कुमार और जसबीर सिंह शामिल रहे।

नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर डीएम सविन बंसल सख्त; होमस्टे, होटल एवं वेडिंग प्वाइंट्स पर सघन सत्यापन के निर्देश
  • डीएम ने सीडीओ को दिए टीम गठित कर होमस्टे व्यापक सत्यापन के निर्देश
  • मादक वस्तु में लिप्त रहने वाले होमस्टे, होटल्स की अब खैर नही; सीधे जेल 
  • सरकार की होमस्टे हेतु गाईडलाईन मानक अनुरूप चैकलिस्ट की होगी सघन निगरानी  
  • जिले में 1057 होमस्टे पंजीकृत;  नगरीय क्षेत्र में 350 होमस्टे पंजीकृत  
देहरादून :  जनपद के नगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक घटनाओं एवं नशे से संबंधित गतिविधियों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। डीएम ने सीडीओ, एसडीएम, डीटीडीओ, डीईओ के साथ महत्वपूर्ण बैठक लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि टीम गठित कर जनपद में संचालित होमस्टे, होटल, वेडिंग प्वाइंट्स एवं अन्य आवासीय/व्यावसायिक इकाइयों का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले होमस्टे, होटल एवं अन्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित होमस्टे गाइडलाइन के अनुरूप चेकलिस्ट बनाकर सघन निरीक्षण किया जाए तथा सभी मानकों का शत्-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। जनपद में वर्तमान में कुल 1057 होमस्टे पंजीकृत हैं, जिनमें से लगभग 350 नगरीय क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। जिलाधिकारी ने इन सभी इकाइयों की प्राथमिकता के आधार पर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि होमस्टे, होटल एवं वेडिंग प्वाइंट्स में ओकेजनल बार लाइसेंस जारी करने से पूर्व सभी मानकों एवं शर्तों की गहन जांच की जाए। बिना लाइसेंस या निर्धारित समयावधि के उपरांत मदिरा परोसने की शिकायत मिलने पर संबंधित संपत्ति स्वामी, लीजधारक अथवा किरायेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि बिना अनुमति मदिरा परोसने अथवा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करते हुए न्यूनतम रूपये 1 लाख का जुर्माना लगाया जाए तथा आवश्यकतानुसार विधिक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सतत निगरानी एवं प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से भी अपील की गई है कि यदि कहीं भी अवैध गतिविधि, बिना लाइसेंस मदिरा परोसने या नियमों के उल्लंघन की जानकारी प्राप्त होती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे। 
जिला प्रशासन की क्यूआरटी की कार्यवाही, घरेलू गैस सिलेंडर के व्यवसायिक उपयोग पर 06 सिलेंडर जब्त
देहरादून : एलपीजी गैस की कालाबाजारी रोकने तथा शतप्रतिशत् होमडिलिविरी सुनिश्चित करवाने के जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में जिले में क्षेत्रवार क्यूआरटी टीम गठित की गई है। क्यूआरटी टीम आज क्षेत्रवार गैस एजेंसियों के निरीक्षण करते हुए एलपीजी गैस की मांग, आपूर्ति आदि सभी गतिविधियों देखी।  
जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग को रोकने हेतु संयुक्त रूप से रिंग रोड 6 नंबर पुलिया रायपुर रोड रायपुर बाजार में लगभग 40 होटल ढाबा एवं रेस्टोरेंट की जांच की गई जिसमें 6 सिलेंडर घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग होते हुए पाए गए जिन्हें मौके पर सीज किया गया एवं आधुनिक गैस सर्विस जोगीवाला की सुपुर्द की में दिया गया। इसके साथ ही टीम द्वारा दून फ्यूल सहस्त्रधारा रोड पेट्रोल पंप एवं नंदा गैस सर्विस सहस्त्रधारा क्रॉसिंग का निरीक्षण किया गया। 
जिला प्रशासन द्वारा प्रसारित  1077, 0135-2626066, 2726066  और व्हाट्सएप नंबर 7534826066 के माध्यम से कुल 8 शिकायतें एलपीजी गैस की आपूर्ति के सम्बन्ध में दर्ज हुई है, वही कंट्रोलरूम में मौजूद जिला खाद्य पूर्ति विभाग, देहरादून में एलपीजी गैस की आपूर्ति, सिलेंडर उपलब्धता या अन्य किसी प्रकार की समस्या को लेकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में आज लगभग 15185  अधिक उपभोक्ताओं को घरेलू तथा 1056 उपभोक्ताओं को व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आपूर्ति की गई है। एलपीजी का घरेलू 48503 तथा व्यवसायिक का 4301 स्टॉक उपलब्ध है। घरेलू के साथ ही व्यवसायिक एलपीजी गैस सिलेंडर का लोड निंरतर बढाया जा रहा है।    
शासन-प्रशासन एवं प्रेस का एक ही उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक नागरिक का जीवन खुशहाल बनाना है – मुख्य सचिव
  • प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन
  • लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहा है, जो आने वाली पीढ़ी का मार्ग प्रशस्त करेगा-मुख्य सचिव
  • 2027 का कुंभ सभी के सहायों से दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा – मुख्य सचिव
हरिद्वार : जनपद भ्रमण पर पहुंचे मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, इस अवसर पर मुख्य सचिव ने नव निर्वाचित प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महासचिव सूर्यकांत बेलवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज ने कार्यकारणी के नवनिर्वाचित पदाधिकारियो जिसमें दीपक मिश्रा, देवेंद्र शर्मा उपाध्यक्ष, कुलभूषण शर्मा, जोगेंद्र सिंह मावी सचिव, महताब आलम सांस्कृतिक समारोह सचिव, तनवीर अली प्रचार सचिव, काशीराम सैनी को कोषाध्यक्ष पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने नवनिर्वाचित कार्यकारणी सदस्य को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, जिसमें संजीव शर्मा, डॉ शिवा अग्रवाल, कुमार दुष्यंत, ठाकुर शैलेंद्र सिंह, कुमकुम शर्मा, सुदेश आर्य, बालकृष्ण शास्त्री, के के पालीवाल, अमित कुमार शर्मा, ललितेंद्र नाथ, रोहित सिखौला, विकास चौहान, नरेश दीवान शैली, आफताब खान, शिव प्रकाश शिव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम जनसंबोधित करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाए दी तथा सभी को हनुमान जयंती की भी शुभकामाए दी। उन्होंने कहा कि आज के शुभ अवसर पर प्रेस क्लब हरिद्वार के नवनिर्वाचित कार्यकारणी को शपथ दिलाई गई है जो अपने दायित्वों का निर्वहन कुशलता के साथ करेंगे, उन्होंने कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जो समाज के हित में कार्य कर रहे है तथा अपने ज़िम्मेदारियों का निर्वहन कुशलतापूर्वक कर रहे है तथा आने वाली पीढ़ी का भी मार्ग प्रशस्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रेस प्रतिनिधि जमीन से जुड़े हुए है तथा उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी महत्वपूर्ण है, जिससे माध्यम से आमजन मानस की समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जायेगा, उन्होंने कहा शासन प्रशासन एवं प्रेस का एक ही उद्देश्य है कि आम नागरिक का जीवन खुशहाल बनाना है, इसके लिए यह जरूरी है कि प्रेस एवं शासन – प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना है। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का प्रभाव इतना बढ़ गया है कि तत्काल दुनिया भर में खबर पहुंच जाती है, जिसके लिए यह जरूरी है कि खबर की सत्यता का भी होना आवश्यक है, जिसमें जिम्मेदारी भी ओर बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि 2027 कुंभ को सेवी के सहयोग से दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि ने नवनिर्वाचित सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी, उन्होंने कहा कि 2027 का कुंभ दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया जाएगा, जिस तरह से 2010 का कुंभ मेलाधिकारी आनन्द बर्द्धन के नेतृत्व में दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित किया गया था, जिसमें करोड़ो की संख्या में श्रद्धालु आए थे तथा हाईटेक व्यवस्था की गई थी, जिसमें व्यवस्था दूरस्त की गई थी तथा 2027 का कुंभ मुख्य सचिव के निर्देशन एवं नेतृत्व में आयोजित हो रहा है, जो दिव्य एवं भव्य ढंग से आयोजित होगा, इसमें सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी एवं महासचिव सूर्यकांत बेलवाल ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथि महानभावों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया।
प्रेस क्लब हरिद्वार द्वारा मुख्य अतिथि मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, विशिष्ट अतिथि निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पूरी महाराज, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर को स्मृति चिन्ह एवं शॉल भेंटकर स्वागत किया। इस अवसर पर शिव शंकर जायसवाल, कौशल सिखौला, सुनील दत्त पांडे, आदेश त्यागी, श्रवण झा, दीपक नौटियाल, राहुल वर्मा, गुलशन नैय्यर, संजय आर्य, प्रदीप गर्ग, दीपक मिश्रा, मुदित अग्रवाल, प्रदीप जोशी, नरेश गुप्ता, डॉ मनोज कुमार सोही, लव कुमार शर्मा सहित सभी प्रेस प्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
 
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का किया स्थलीय निरीक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश
  • सभी कार्यों को तय समय में पूर्ण करने के निर्देश, गुणवत्ता पर विशेष जोर
  • ‘ग्रीन घाट’ एवं सौंदर्यीकरण पर विशेष फोकस
  • हरिद्वार बाईपास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने हेतु एनएचएआई को निर्देश, साप्ताहिक समीक्षा के आदेश
हरिद्वार : कुम्भ मेला–2027 की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति  की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए तथा विभागीय समन्वय को सुदृढ़ बनाते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए।
कुंभ क्षेत्र के कार्यों के विस्तृत निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने अपर गंगा नहर के बाएं तट पर स्थित शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक निर्माणाधीन घाट एवं बैरागी कैम्प घाट का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि घाटों का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुगम आवागमन को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप किया जाए, ताकि कुम्भ के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
उन्होंने बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए घाटों पर रैम्प एवं अन्य सुगम्यता संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, साथ ही चेंजिंग रूम एवं प्रसाधन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि इस बार कुम्भ मेला–2027 के लिए ‘ग्रीन घाट’ विकसित किए जाएं, जिसके तहत घाटों पर हरित पट्टियां विकसित कर उन्हें फूलों एवं पौधों से सजाया-संवारा जाए।
इसके पश्चात उन्होंने ज्वालापुर–ईदगाह–पीएसी–शिवालिक नगर मोटर मार्ग के किलोमीटर-3 पर पथरी रौ नदी पर निर्माणाधीन 60 मीटर लंबे प्री-स्ट्रेस्ड आरसीसी सेतु के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए।
मुख्य सचिव ने बहादराबाद–सिडकुल मार्ग (भाईचारा ढाबा से बीएचईएल सेक्टर-6 होते हुए शिवालिक नगर चौक एवं बीएचईएल मध्य मार्ग तक) के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग कुम्भ के दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।
उन्होंने धनौरी–सिडकुल लिंक मार्ग पर पथरी रौ नदी में पुरानी गंग नहर सायफन के डाउनस्ट्रीम में बन रहे 90 मीटर स्पान के पुल के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस पुल से संबंधित नदी तल के कार्य वर्षाकाल से पूर्व पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि वर्षा ऋतु में जलस्तर बढ़ने से कार्य प्रभावित न हो।
मुख्य सचिव ने हरिद्वार बाईपास रिंग रोड परियोजना के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने एनएचएआई के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाईपास निर्माण कार्य अविलंब पूर्ण किया जाए तथा सप्ताहवार लक्ष्य निर्धारित कर टाइमलाइन के अनुसार प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कुम्भ मेला प्रारंभ होने से पूर्व पूर्ण होना अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही दिल्ली राजमार्ग पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी हरिद्वार को इसकी प्रगति का दैनिक ब्यौरा उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य सचिव ने बैरागी कैम्प में 1500 किलोलिटर क्षमता के ओवरहेड टैंक, एवं कार्यों की प्रगति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जलापूर्ति संबंधी कार्य समय से पूर्ण कर कुम्भ के दौरान निर्बाध एवं स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि कुम्भ मेला–2027 एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं समर्पण के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने निर्माण कार्यों के साथ-साथ यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाए, ताकि तैयारियों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए।
मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में संचालित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने इस व्यवस्था में नवीनतम आईटी अनुप्रयोगों एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सचिव शहरी विकास नितेश झा, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पांडे, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, मेलाधिकारी सोनिका, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, नगर आयुक्त नंदन कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, हरिद्वार विकास प्राधिकरण के सचिव मनीष कुमार, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
 




नीति आयोग के उप सचिव गौरव कटियार ने की संपूर्णता अभियान 2.0 की प्रगति की समीक्षा, अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
हरिद्वार : आकांक्षी जनपद एवं आकांक्षी विकासखंड के अंतर्गत संचालित संपूर्णता अभियान 2.0 की प्रगति की समीक्षा हेतु नीति आयोग, भारत सरकार से गौरव कटियार, उप सचिव एवं अमितेश पांडेय, कंसलटेंट की अध्यक्षता में विकास भवन, हरिद्वार के कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, हरिद्वार के साथ जनपद के समस्त रेखीय विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक के दौरान संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत चिन्हित इंडिकेटर्स को संतृप्त किए जाने हेतु अब तक आयोजित गतिविधियों एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार द्वारा अवगत कराया गया कि निर्धारित इंडिकेटर्स में से 08 इंडिकेटर्स पूर्णतः संतृप्त किए जा चुके हैं, जबकि शेष इंडिकेटर्स को अप्रैल माह तक संतृप्त किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
बैठक के दौरान गौरव कटियार, उप सचिव, नीति आयोग द्वारा इंडिकेटर्स को समयबद्ध रूप से संतृप्त किए जाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा संबंधित विभागों को निर्धारित समयसीमा में लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आकांक्षी जनपद एवं आकांक्षी विकासखंड में सेवा वितरण एवं विकास संकेतकों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
 








नगर पंचायत बदरीनाथ का 50 सदस्यीय दल पहुंचा श्री बदरीनाथ धाम, यात्रा तैयारियां की शुरु
  • नगर पंचायत बदरीनाथ ने धाम में यात्रा तैयारियां की शुरु
  • धाम में पैदल मार्ग, पथ प्रकाश, शौचालय सहित यात्री सुविधाओं को दुरस्त करने का कार्य हुआ शुरु
चमोली : श्री बदरीनाथ धाम की यात्रा के शुरु होने में अब महज 21 दिनों का समय शेष है। ऐसे में नगर पंचायत बदरीनाथ की ओर से धाम में यात्रा की तैयारियों को लेकर व्यवस्थाओं को चाक चौबंद करने का कार्य शुरु कर दिया है। नगर पंचायत की ओर से बदरीनाथ में 50 सदस्यीय दल को यात्रा तैयारियों के लिए भेज दिया गया है। दल की ओर से यहां आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरस्त करने का कार्य किया जा रहा है।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि बदरीनाथ धाम की यात्रा के सुचारु और व्यवस्थित संचालन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। जहां एनएचआईडीसीएल, बीआरओ और लोनिवि (एनएच) को सभी सड़क मार्गों के सुधारीकरण के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों को भी यात्रा से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि बदरीनाथ धाम में यात्री सुविधाओं को व्यवस्थित करने के लिए नगर पंचायत बदरीनाथ के 50 सदस्यों के दल को धाम में भेजा गया है। दल की ओर से धाम के पैदल रास्तों की मरम्मत के साथ ही पथ प्रकाश, शौचालय, फास्ट ट्रैक और सफाई व्यवस्था को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। कहा कि नगर पंचायत के साथ ही यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े सभी विभागों को यात्रा से पूर्व व्यवस्थाओं को चाक-चौबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।



धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध सरकार – मुख्यमंत्री

रामनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य सरकार उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चारधाम यात्रा को और अधिक सशक्त और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि बजरंगबली की कृपा से ही किसी को उनके दरबार में आने का अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद वे यहां नहीं आ पाए, लेकिन इस बार अचानक कार्यक्रम बनना बजरंगबली की कृपा का ही परिणाम है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए धार्मिक और सांस्कृतिक विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में चल रहे विकास कार्यों को ऐतिहासिक बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और इसकी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में राज्य में सख्त कानून लागू किए जा रहे हैं और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य के केदारखंड और मानसखंड सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे के विकास पर लगातार कार्य हो रहा है, जिससे हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं। साथ ही शीतकालीन यात्रा भी जारी है और अब तक करीब 1.60 लाख श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन कर चुके हैं। आगामी चारधाम यात्रा के लिए भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि शीतकाल में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक उत्तराखंड पहुंच रहे हैं, जो धार्मिक पर्यटन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य इसे और अधिक मजबूत करना है, ताकि उत्तराखंड की पहचान वैश्विक स्तर पर और सशक्त हो सके। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखंड की निरंतर प्रगति की कामना की।