पोखड़ा ब्लॉक के भटकोट में आदमखोर बाघ ने 4 वर्षीय बच्ची को बनाया, मौके पर पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल

पौड़ी: पौड़ी जनपद के पोखड़ा विकास खंड के भटकोट गांव में गुरुवार शाम को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। एक आदमखोर बाघ ने घर के अंदर घुसकर चार वर्षीय मासूम बच्ची दृष्टि को उठा लिया और लगभग 200 मीटर दूर ले जाकर उसे मार डाला। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

घटना की जानकारी देते हुए बताया गया कि हरेंद्र सिंह अपने परिवार के साथ घर में भोजन कर रहे थे। उनकी छोटी बेटी दृष्टि दरवाजे के पास खेल रही थी। तभी अचानक बाघ ने झपट्टा मारा और बच्ची को उठाकर जंगल की ओर भाग निकला। पिता ने पीछा किया, लेकिन बाघ ने बच्ची का सिर और गर्दन का बड़ा हिस्सा खाकर उसकी जान ले ली।

कांग्रेस अध्यक्ष का दौरा

इस घटना के बाद शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल कांग्रेसी नेताओं के साथ भटकोट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और गहरी संवेदना व्यक्त की। गोदियाल ने मौके पर ही क्षेत्रीय डीएफओ से फोन पर बात की और नाराजगी जताई कि सितंबर 2025 से ही इस इलाके में आदमखोर बाघ सक्रिय है, फिर भी वन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

गोदियाल ने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग शीघ्र बाघ को पकड़ने या मारने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो कांग्रेस आंदोलन करने को मजबूर होगी।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गणेश गोदियाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही वन मंत्री से मिलकर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते वन्य जीव-मानव संघर्ष पर ठोस कार्रवाई की मांग करेगा।

दौरे के दौरान गणेश गोदियाल के साथ कवींद्र इष्टवाल, संजय गुसाईं (प्रमुख, पोखड़ा), संजय जोशी (कनिष्ठ प्रमुख), कुलदीप नेगी (ज्येष्ठ प्रमुख, बीरोंखाल), जितेंद्र सिंह बिष्ट, सुमित रावत, प्रदीप रावत, पूनम कैंतुरा (जिला पंचायत सदस्य), हर्षवर्धन सिंह बिष्ट, रश्मि देवी (प्रधान, गडरी), अनुसूया प्रसाद ध्यानी (पूर्व बीडीसी) तथा बलबीर सिंह रावत (प्रधान, ऐरोली) आदि मौजूद रहे।

केदारनाथ यात्रा से पहले बड़ा एक्शन : हेली बुकिंग फ्रॉड पर रुद्रप्रयाग पुलिस की कड़ी कार्रवाई, 265 डिजिटल प्लेटफॉर्म ब्लॉक

रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखण्ड सरकार के निर्देशों पर रुद्रप्रयाग पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगने वाले गिरोहों पर कड़ा प्रहार करते हुए पुलिस ने अब तक 265 संदिग्ध वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक या रिपोर्ट किया है।

दरअसल, हर वर्ष केदारनाथ यात्रा शुरू होने से पहले साइबर अपराधी हेलीकॉप्टर सेवा के नाम पर फर्जी वेबसाइट, फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। कई लोग इनके झांसे में आकर आर्थिक नुकसान भी उठा चुके हैं। इस बार ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए एसपी रुद्रप्रयाग निहारिका तोमर के नेतृत्व में “साइबर फ्रॉड कम्बैट फोर्स” का गठन किया गया है, जो लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए हुए है।

सोशल मीडिया पर सख्त कार्रवाई

पुलिस ने 111 संदिग्ध फेसबुक पेजों में से 106 को सफलतापूर्वक टेकडाउन कराया है। साथ ही 16 इंस्टाग्राम अकाउंट्स को भी संदिग्ध गतिविधियों के चलते रिपोर्ट किया गया है और उनकी जांच जारी है।

मोबाइल नंबर और व्हाट्सएप पर कार्रवाई

साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 110 मोबाइल नंबरों में से 55 को ब्लॉक कर दिया गया है, जबकि बाकी नंबरों को ब्लॉक करने की प्रक्रिया जारी है।

बैंक खातों पर शिकंजा

साइबर अपराधियों से जुड़े 6 बैंक खातों की जांच की गई, जिनमें से एक खाते को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है। अन्य खातों पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

फर्जी वेबसाइट्स पर नजर

हेलीकॉप्टर टिकट दिलाने का दावा करने वाली 22 संदिग्ध वेबसाइट्स को चिन्हित कर डोमेन रजिस्ट्रार को रिपोर्ट भेजी गई है।

एसपी की अपील

एसपी निहारिका तोमर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग केवल अधिकृत वेबसाइट https://www.heliyatra.irctc.co.in/ के माध्यम से ही करें। किसी भी अन्य वेबसाइट, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप के जरिए बुकिंग करने से बचें, अन्यथा साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग पुलिस साइबर अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और ठगी होने की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार गैरोला ने ऋषिकेश के संस्कृत विद्यालयों का किया औचक निरीक्षण, कहा – संस्कृत को बोलचाल की भाषा बनाना लक्ष्य

ऋषिकेश : संस्कृत नगरी ऋषिकेश में संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने विभिन्न संस्कृत विद्यालयों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं और पहलों की जानकारी भी साझा की।

संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक कुमार गैरोला ने ऋषिकेश स्थित विभिन्न संस्कृत विद्यालयों का भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय का निरीक्षण किया, इसके बाद कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय तथा श्री भरत संस्कृत विद्यालय ऋषिकेश का भी औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सचिव के आगमन से संस्कृत विद्यालयों में उत्साह और ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

निरीक्षण के दौरान सचिव गैरोला ने कहा कि राज्य सरकार संस्कृत भाषा और शिक्षा के संवर्धन के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में संस्कृत को बोलचाल की भाषा बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में 13 संस्कृत ग्राम स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा संस्कृत पढ़ने वाली बालिकाओं और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को क्रमशः गार्गी एवं डॉ. भीमराव छात्रवृत्ति प्रदान कर उन्हें संस्कृत अध्ययन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा संस्कृत विद्यालयों में साहित्य, व्याकरण, ज्योतिष और वेद जैसे पारंपरिक विषयों के साथ-साथ विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है, ताकि संस्कृत के छात्र समाज में प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार द्वारा जल्द ही संस्कृत के विद्यार्थियों को आईएएस और पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाएगी।

सचिव गैरोला ने कहा कि संस्कृत का ज्ञान पूरे विश्व को शांति के मार्ग पर ले जाने की क्षमता रखता है। इसके लिए विद्यार्थियों को संस्कृत के साथ-साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान भी आवश्यक है। इस दिशा में विभाग उत्तराखंड संस्कृत संस्थान के माध्यम से संस्कृत छात्रों को विदेशी भाषाएं सीखने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगा।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों से विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से समाचार पत्रों का अध्ययन कराने और संस्कृत संभाषण को बढ़ावा देने हेतु दैनिक संस्कृत समाचार सुनने की व्यवस्था विद्यालयों व छात्रावासों में अनिवार्य करने का आह्वान किया। साथ ही प्रज्ञा चक्षु, मंत्र चिकित्सा जैसे संस्कृत ग्रंथों के गूढ़ ज्ञान को भी प्रोत्साहित करने की बात कही।

इस अवसर पर संस्कृत विभाग के उपनिदेशक वाजश्रवा आर्य, भरत मंदिर संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र दत्त भट्ट, श्री मुनीश्वर वेदांग संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवान, कृष्ण कुंज संस्कृत विद्यालय की प्रधानाचार्या पूजा वशिष्ठ, मनोज द्विवेदी, जितेंद्र प्रसाद भट्ट, शंकर मणि भट्ट, डॉ. भानु प्रकाश उनियाल, श्रीमती शशि गौड़, सुरेश पंत, आचार्य हर्षमणि नौटियाल, प्रियव्रत रतूड़ी, सुमित चमोली सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।