उत्तराखण्ड में बदला मौसम का मिजाज, 11 अप्रैल तक बारिश के आसार

देहरादून : उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान पहाड़ी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

​7 और 8 अप्रैल को प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, जिससे पहाड़ी इलाकों के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है। 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की भी चेतावनी दी गई है

​अलर्ट:- अगले 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट और 7-8 अप्रैल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

​खतरा: ओलावृष्टि, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।

​तापमान:-आगामी 2-3 दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट आ सकती है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

​डॉ. तोमर ने बताया कि यह विक्षोभ 11 अप्रैल तक सक्रिय रह सकता है, जिसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होगा।

उत्तराखंड : IPS अधिकारियों को CAT से राहत, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर लगी रोक

देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है, जहां उत्तराखंड कैडर के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) से राहत मिली है। अधिकरण ने फिलहाल उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े आदेश पर रोक लगा दी है। मामला आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी से जुड़ा है, जो वर्तमान में उत्तराखंड में आईजी रैंक पर तैनात हैं। केंद्र सरकार ने 5 मार्च 2026 को आदेश जारी कर नीरू गर्ग को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डीआईजी पद पर प्रतिनियुक्ति देने का फैसला किया था।

इसके अगले ही दिन 6 मार्च को राज्य सरकार ने दोनों अधिकारियों को कार्यमुक्त भी कर दिया। हालांकि, दोनों अधिकारियों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए पहले नैनीताल हाईकोर्ट का रुख किया, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जाने की सलाह दी थी।

इसके बाद CAT में दाखिल याचिका में अधिकारियों ने दलील दी कि उन्होंने कभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन या सहमति नहीं दी। साथ ही, आईजी स्तर के अधिकारी होने के बावजूद उन्हें डीआईजी जैसे निचले पद पर भेजा जाना उनके लिए पेशेवर रूप से ‘डिमोशन’ के समान है।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि वे पहले ही केंद्रीय बलों में जाने से अपनी अनिच्छा जता चुके थे और उन्हें इस संबंध में निर्धारित अवधि के लिए छूट भी दी गई थी। सभी पक्षों को सुनने के बाद CAT ने अंतरिम राहत देते हुए प्रतिनियुक्ति आदेश पर रोक लगा दी है। साथ ही, राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस मामले से जुड़े नियमों और प्रक्रिया का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

मानवीय संवेदना : असहाय विधवा क्षमा का बैंक ऋण डीएम सविन बंसल ने करवाया माफ, बैंक से मिली ‘नो ड्यूज’ एनओसी

देहरादून : जिला प्रशासन द्वारा मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए असहाय विधवा क्षमा परवीन को बड़ी राहत प्रदान की गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर उनका बकाया ऋण वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के माध्यम से निस्तारित कराते हुए बैंक से एनओसी (अन्नापत्ति प्रमाण पत्र) व नो ड्यूज प्रमाण पत्र जारी कराई गई। सेटलमेंट उपरान्त शेष धनराशि का भुगतान जिला प्रशासन ने बैंक को कर दिया है।

क्षमा परवीन 28 मार्च 2026 को जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि उन्होंने वर्ष 2014 में अपनी बड़ी बेटी के विवाह हेतु डीसीबी बैंक से सवा लाख रुपये का ऋण लिया था। उसी वर्ष उनके पति का निधन हो गया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया। इसके पश्चात वर्ष 2020 में कोविड-19 के दौरान उनकी बड़ी विवाहित बेटी का भी निधन हो गया। लगातार विपरीत परिस्थितियों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उनकी तबियत रहने लगी। वह शेष ऋण का भुगतान करने में असमर्थ रहीं।

1 बेटी खो चुकी, 1 नन्ही नातिन व 3 अविवाहित बेटियों की असहाय विधवा माता क्षमा परवीन का डीएम ने करवाया बैंक ऋण माफ करवाते हुए बैंक से दिलाई नो ड्यूज जारी करवा दिया गया है। विधवा क्षमा का बैंक ऋण वन टाइम सेटलमेंट कराते हुए एनओसी जारी की गई तथा शेष 33 हजार धनराशि भी डीएम ने स्वयं जमा करवाई है। बेटी के विवाह के लिए वर्ष 2014 में डीसीबी बैंक से लिया था सवा लाख का ऋण लिया था। पति की वर्ष 2014 व बड़ी विवाहित बेटी की वर्ष 2020 में कोविड में मृत्यु हो चुकी है। पति की वर्ष 2014 व बड़ी विवाहित बेटी की वर्ष 2020 में कोविड में चुकी हो चुकी है। पारिवारिक संकट एवं बच्चों की जिम्मेदारियां के चलते शेष ऋण चुकाने में रही असमर्थ हो गयी। 3 अविवाहित बेटियों, तथा 5 वर्षीय नातिन के भरणपोषण शिक्षा की जिम्मेदारी विधवा क्षमा पर आन पड़ी तो जिला प्रशासन देहरादून की सहायता रूपी टीम सहारा बन गयी। नातिन आयरा को आरटीई के तहत नजदीकी प्राईवेट स्कूल में दाखिला दिला दिया है। छोटी बेटी फैजा की शिक्षा नंदा- सुनंदा से पुनर्जीवित करते हुए 27 हजार फीस प्रोजेक्ट ‘‘नंदा-सुनंदा’’ से दिलाई तथा मौके पर ही आय प्रमाण पत्र जारी करवाया गया है।

वर्तमान में क्षमा परवीन पर 3 अविवाहित बेटियों, 1 पुत्र तथा एक 5 वर्षीय नातिन के भरण-पोषण की संपूर्ण जिम्मेदारी है। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए छोटी बेटी फैजा की शिक्षा नंदा-सुनंदा से तथा नातिन की शिक्षा आरटीई के तहत् नजदीकी प्राईवेट स्कूल में दाखिला दिलवाया। आरटीई के तहत् दाखिले में आ रही आय प्रमाण पत्र की बाधा तत्काल दूर करते हुए मौके पर ही आय प्रमाण पत्र जारी कराते हुए नजदीकि प्राईवेट स्कूल में दाखिला दिला दिया है।

जिलाधिकारी ने विधवा क्षमा परवीन को मामले में बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण को वन टाइम सेटलमेंट के तहत समाप्त कराया गया तथा एनओसी जारी कराई गई। उनकी छोटी बेटी की शिक्षा को “नंदा-सुनंदा योजना” के अंतर्गत वर्ष भर की स्कूल फीस 27 हजार जमा करते हुए पुनर्जीवित कराया गया। 5 वर्षीय नातिन आयरा का निकटवर्ती विद्यालय में आरटीई के तहत प्रवेश सुनिश्चित कराने हेतु मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया जिस पर आयरा का एडमिशन करा दिया है। जिला प्रशासन जरूरतमंद एवं असहाय नागरिकों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है तथा ऐसे प्रकरणों में प्राथमिकता के आधार पर राहत प्रदान की जाएगी।

जिलाधिकारी सविन बंसल का सख्त रुख – असहाय मामलों में 3 ई-एफआईआर दर्ज

देहरादून। जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में आज फिर जला जनता दर्शन 50 से अधिक शिकायत प्राप्त जिलाधिकारी सविन बंसल प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान शासन में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करने के फलस्वरूप प्राप्त 212 शिकायतों में से लगभग 120 फरियादियों की शिकायत सुन पाए थे। जिलाधिकारी सविन बसंल ने आज अपने कार्यालय कक्ष में जनमानस की शिकायतें सुनी। जिलाधिकारी प्रत्येक दिन अपने कार्यालय कक्ष में आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनते है तथा सम्बन्धित विभागों से उनका समयबद्ध निस्तारण भी करवाते है। डीएम स्वयं शिकायतों की मॉनिटिरिंग करते है। डीएम अपने कार्यालय कक्ष में प्रतिदिन अपने कार्यों के साथ ही जनमानस की शिकायतें भी सुनते है प्रतिदिन फरियादियों की संख्या 40 से अधिक ही होती है।

जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में चले आज के जनदर्शन में संगतियावाला भानियावाला निवासी दीपा ने गुहार लगाई कि एकल अभिभावक है उनकी 04 वर्षीय बेटी का लालन पोषण की जिम्मेदारी है उन्होंने डीएम से उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलवाने का अनुरोध किया जिस जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को असहाय दीपा को उज्ज्वला गैस कनैक्शन दिलाते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए। दीपा जिलाधिकारी का धन्यवाद किया दीपा इससे पूर्व दीपा की बेटी को स्कूल में दाखिला दिलाया तथा दीप के प्रकरण पर ई एफआईआर भी कराई ।

जिला उत्तरकाशी तहसील पुरोला ग्राम वेष्टी पल्ली निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग मंजरी देवी ने अपने आवेदन पत्र के माध्यम से फरियाद लगाई कि उनके परिवार में एक पुत्र व एक पौत्री है पुत्र मानसिकरूप से बीमार है जिनका उपचार चल रहा है पौत्री शारीरिक रूप से असहाय है तथा बिस्तर से उठने में असमर्थ है। अपनी उम्र एवं शारीरिक अक्षमता के कारण पौत्री को नही संभाल पा रही हॅंू, उनके बाद पौत्री का क्या होगा इसकी चिंता लगी रहती है, मंजरी देवी ने अपनी पौत्री को दिव्यांगजनों हेतु कार्य कर रहे संस्थान में प्रवेश दिलाने का अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को रफेल होम में प्रवेश दिलाते हुए समन्वय करते हुए कृत कार्यवाही से अवगत कराने के निर्देश दिए।

अधोईवाला निवासी बीना देवी एवं त्यागी रोड निवासी राखी ने अपनी खराब पारिवारिक स्थिति के कारण बेटी की फीस भरने में असमर्थता के चलते पढाई बाधित होने की फरियाद सुनाते हुए डीएम से सहायता की गुहार लगाई जिस पर जिलाधिकारी ने बीना देवी की 02 पुत्रियों तथा राखी की पुत्री की स्कूल फीस हेतु प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा से कराने के जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास को निर्देश दिए।

नेमी रोड डालनवाला निवासी प्राची सिंह जिनकी जिला प्रशासन द्वारा नंदा-सुंनदा से एमसीए में दाखिला दिलाने के साथ ही संस्थान तक आवागमन पूर्ण व्यय जिला प्रशासन वहन कर रहा है ने शिक्षा हेतु लैपटॉप का अनुरोध किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब फंड से लेपटॉप दिलाने हेतु कार्यवाही के निर्देश दिए।

ब्रहा्रमपुरी निवासी मनीष शर्मा ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई कि वर्ष 2006 में चार बच्चों को कंरट से बचाने में उनके बुरी तरह झुलस जाने के कारण काट दिए गए है। उनके 02 बच्चें है उन्होने जिलाधिकारी से सहायता की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अधिकारी शस्त्र को राइफल क्लब से 25000 आर्थिक सहायता हेतु पत्रावली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बुजुर्गों महिलाओं एवं असहायों के तीन शिकायती प्रकरणों पर ईएफआईआर भी दर्ज कराई गई।

नगर क्षेत्र में बंदरों का बढ़ता आतंक, लोगों ने पिंजरे लगाने की मांग उठाई

कर्णप्रयाग (चमोली)। नगर क्षेत्र में बंदरों का उत्पात बढ़ता जा रहा है। बंदर राहगीरों पर झपट्टा मार रहे है और लोगों के घरों में घुसकर खाद्यान्न सामग्री को भी नष्ट कर रहे हैं। नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों की संख्या बढ़ती जा रही है।  बस स्टेशन, मैन मार्केट, अपर बाजार, तहसील वार्ड, देवतोली, सुभाषनगर, शक्तिनगर, गांधीनगर, नगर क्षेत्र के अंर्तगत बंदरों के कारण लोगों का  चलना मुश्किल हो रहा है। स्थानीय रेखा देवी ,सुनीता, आशा, मंजू, का कहना है कि बंदरों के उत्पात से बच्चों को स्कूल जाते आते समय डर लगा रहता है। क्षेत्र में बंदरों को बिजली के तारों पर झूलते तथा इधर से उधर जाते हुए देखे जा सकते हैं। मोहन,  सोहन, पुष्कर राणा, मदन विष्ट, रामबहादुर, हरिनारायण, हिरओम, आशीष, ने कहा कि दुकानों पर भी बंदर फल सब्जियों उठाकर बर्बाद कर देते हैं। नगर पालिका तथा वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग उठाई है।

ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे लाइन : रुद्रप्रयाग में सुरंग के अंदर मिट्टी धंसी, पानी के साथ आया मलबा, मची अफरा तफरी

रुद्रप्रयाग : ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के तहत रुद्रप्रयाग में निर्माणाधीन सुरंग में बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, बीती रात सुरंग के भीतर अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर मलबा भर गया है। सुरंग के ऊपर मौजूद जल स्रोत के कारण पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा अंदर आ गया, जिससे सुरंग का रास्ता अवरुद्ध हो गया।

घटना के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति का आकलन किया जा रहा है और अगले दो दिनों में पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

जीजीआईसी ज्योतिर्मठ में प्रवेश उत्सव की धूम

ज्योतिर्मठ। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) ज्योतिर्मठ में नए शिक्षा सत्र का आगाज बेहद उत्साह और उमंग के साथ ‘प्रवेश उत्सव’ के रूप में किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस ऊर्जावान कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसएमसी अध्यक्ष सीमा भुजवान और पीटीए अध्यक्ष रीना नेगी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ नव प्रवेशित छात्राओं के भव्य स्वागत के साथ हुआ, जिससे विद्यालय का वातावरण उत्सवमय हो गया।

​शिक्षिका की अनुकरणीय पहल बनी चर्चा का विषय

​इस वर्ष के प्रवेश उत्सव का विशेष आकर्षण विद्यालय की शिक्षिका कुमारी दीप्ति रहीं, जिन्होंने अपनी बहन का प्रवेश अपने ही सरकारी विद्यालय में कराया। उनकी इस पहल को शिक्षा जगत में एक आदर्श एवं अनुकरणीय कदम माना जा रहा है। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि जब सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक स्वयं अपने परिजनों का दाखिला वहां कराएंगे, तो इससे सरकारी शिक्षण व्यवस्था के प्रति जनमानस का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

छात्राओं को उपहार और उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद

​कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की प्रधानाचार्या उर्मिला बहुगुणा, पीटीए अध्यक्ष और एसएमसी अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से सभी नव प्रवेशित छात्राओं को डायरी और पेन भेंट कर उनका अभिनंदन किया। प्रधानाचार्या ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में विद्यालय के सक्रिय सहयोगी बनें। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘पीएम श्री विद्यालय’ योजना के लाभों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला और बालिकाओं के बहुमुखी विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

​रंगारंग प्रस्तुतियों ने बांधा समां

​प्रवेश उत्सव के अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसका उपस्थित अभिभावकों ने भरपूर आनंद लिया। इस दौरान विद्यालय परिवार की ओर से अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में शिक्षिका तारा राणा, अनीता नौटियाल, रेखा राज, उमेश कपरुवान, सुमित्रा राणा, शकुंतला, पुष्पा फरस्वाण, दीपमाला, प्रीति रावत, कुमारी दीप्ति, कुमारी शिवानी, कुमारी कविता एवं कुमारी आकांक्षा शर्मा सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

यात्राकाल में यात्रियों की सीमित संख्या का विरोध, होगा धरना प्रदर्शन

ज्योतिर्मठ (चमोली)। चारधाम होटल एसोसिएशन उत्तराखंड ने जोशीमठ के उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रदेश सरकार के चारधाम यात्रा काल में यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता का विरोध में धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि विगत तीन वर्षों से चारधाम होटल एसोसिएशन के सदस्य एवं पदाधिकारी विभिन्न शासकीय बैठकों में चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों की सीमित संख्या की बाध्यता का विरोध करते रहे हैं। इस वर्ष 16 फरवरी को गढ़वाल आयुक्त की बैठक में भी चारो धामों के अध्यक्षों ने सीमित संख्या की बाध्यता का विरोध करते हुए विकल्प सुझाए थे। इन पर आश्वासन भी दिया गया था लेकिन अभी तक इस पर शासन ने कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया है। इससे चारों धामों के होटल व्यवसायी, व्यापार सभा, तीर्थ पुरोहित, हक-हकुकधारियों में भारी रोष व्याप्त है।

महेता ने बताया कि सभी की सहमति से इसको लेकर बुधवार आठ अप्रैल से आंदोलन किए जाने का निर्णय लिया गया है। बुधवार को ज्योतिर्मठ तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। कहा कि यदि शासन में उनकी मांगे नहीं मानी जाती है तो चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद 25 अप्रैल से चारों धामों मेंयात्रा मागों पर व्यापक आदोलन किया जाएगा और सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, होटल, लॉज, होमस्टे, आश्रम धर्मशालाओं को बंद रखा जाएगा। इस दौरान अजय भट्ट, विशाल नैथाणी आदि मौजूद रहे।

गुनियाला के ग्रामीणों ने उठाई आवाज, भू-स्खलन का हो स्थाई समाधान

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बेमरू के गुनियाला गांव के ऊपर बौंठा तोक में हो रहे भू-स्खलन से गांव को खतरा बना हुआ है। इसको लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर भू-स्खलन के रोकथाम को स्थाई समाधान की मांग की है।

जिला पंचायत के उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खत्री ने बताया कि वर्ष 2013-14 में भारी वर्षा के कारण गुनियाला के ऊपर बौंठा तौक में भारी भू-स्खलन हुआ था। इससे ग्रामीणों की काश्ताकरी की भूमि नष्ट हो गई थी। इसकी जानकारी तत्समय जिला प्रशासन को दी गई  थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। गुनियाला गांव के ऊपर दैवीय आपदा से भारी भू-स्खलन को रोकने के लिए चैकडेम तथा नाला निर्माण की मांग भी की गई थी। कहा कि हर बार बरसात के मौसम में यहां पर लगातार भू-स्खलन होता रहता है। इससे ग्रामीणों का भारी नुकसान के साथ ही जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर भू-स्खलन के रोकथाम को स्थाई समाधान किए जाने की मांग की गई है। इस दौरान सरपंच इंद्र सिंह नेगी, अशोक, मोहन सिंह, भरत सिंह, कुंवर सिंह आदि मौजूद रहे।

बद्रीनाथ धाम में कपाट खुलने से पहले विशेष सफाई अभियान, ​50 पर्यावरण मित्रों की ‘एडवांस टीम’ तैनात

ज्योतिर्मठ। भू-वैकुंठ भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की तिथि नजदीक आते ही धाम में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। आगामी 23 अप्रैल को होने वाले कपाट उद्घाटन से पूर्व, नगर पंचायत बद्रीनाथ की टीम ने धाम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए एक वृहद विशेष सफाई अभियान चलाया।

​मंदिर परिसर से लेकर झीलों तक स्वच्छता की मुहिम

​नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण मित्रों की एक समर्पित टीम ने मंगलवार को धाम के विभिन्न हिस्सों में सफाई की। इस अभियान के तहत मुख्य मंदिर परिसर के साथ-साथ अलकनंदा नदी के घाटों, बद्रीश झील और शेष नेत्र झील की गहन सफाई की गई। टीम ने झीलों और नदी किनारों से कूड़ा-करकट हटाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

​50 पर्यावरण मित्रों की ‘एडवांस टीम’ तैनात

​अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि कपाट खुलने के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और धाम की पवित्रता बनी रहे, इसके लिए नगर पंचायत की 50 सदस्यीय एडवांस टीम पहले ही बद्रीनाथ पहुंच चुकी है। यह टीम लगातार धाम की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखने में जुटी हुई है।

​श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार बद्री विशाल की नगरी

​बद्रीनाथ धाम में वर्तमान में बर्फबारी और ठंड के बावजूद पर्यावरण मित्र पूरी निष्ठा के साथ सफाई कार्य में लगे हैं। नगर पंचायत का मुख्य उद्देश्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और दिव्य वातावरण प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार, कपाट खुलने तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि पूरी बद्रीश पुरी भव्य और स्वच्छ नजर आए।