तहसील दिवस पर मूलभूत समस्याओं के समाधान की उठी मांग

पोखरी (चमोली)। चमोली जिले के पोखरी ब्लाॅक सभागार में आयोजित तहसील दिवस में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान की दरकार फरियादियों ने एसडीएम के सम्मुख रखी। इस दौरान 48 शिकायतें दर्ज की गई। इसमें से अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर लिया गया। पोखरी में एसडीएम सोहन सिंह रांगड की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों ने पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं को रखा। सिमखोली के प्रधान ईश्वर सिंह ने सिमखोली में सड़क निर्माण, मसोली की प्रधान दिव्या देवी ने हाईस्कूल में शौचालय निर्माण, मसोली में खेल मैदान निमार्ण, ब्रह्माण थाला के प्रधान दीपक थपलियाल ने ब्रह्माण थाला सड़क सुधारीकरण, प्रधान कल्याण सिंह, राकेश रावत, दीपक थपलियाल ने मनरेगा में भुगतान न होने से हो रही परेशानियों की बात एसडीएम के सम्मुख रही। कहा कि यदि जल्द ही भूगतान नहीं किया जाता है तो जनप्रतिनिधियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।  सिनाऊ की प्रधान संतोषी देवी ने खेल मैदान पर अतिक्रमण, क्षेत्र पंचायत सदस्य कुलदीप राणा ने नोठा गांव को सड़क से जोड़ने, खन्नी गांव के नीचे हो रहे भू-स्खलन को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाने की बात रखी।

उप जिलाधिकारी सोहन सिंह रागड ने बताया कि तहसील दिवस में 48 शिकायत दर्ज हुई है। इसमें से अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।  बताया कि  अधिकांश शिकायतें सड़क, शिक्षा, पेयजल से संबंधित रही। इनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान खंड विकास अधिकारी शिवसिंह भंडारी, जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र सिंह राणा, प्रधान संघ अध्यक्ष तेजपाल रावत, तहसीलदार कमल किशोर ध्यानी, वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी व बैंजी लाल शाह, नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी बीना नेगी आदि मौजूद रहे।

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बदला, कई जिलों में आज बारिश और तूफान का ऑरेंज अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज मंगलवार को प्रदेश के कई पर्वतीय जिलों में बारिश और तेज तूफान की संभावना है।

केंद्र की ओर से देहरादून समेत टिहरी, हरिद्वार और उत्तरकाशी के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ बारिश और करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, अन्य जिलों के लिए हल्की बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार 12 अप्रैल तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज इसी तरह बदला रहेगा। बीते कुछ दिनों से पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही हल्की बारिश और बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड का असर बरकरार है। वहीं, सोमवार शाम चली तेज हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे शाम के समय ठंड का एहसास हुआ। हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना रहा।

महिला संबंधी प्रकरण एवं मोटर वाहन अधिनियम संबंधी मामले में 2 वारण्टी गिरफ्तार

पौड़ी : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही के साथ-साथ न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (N.B.W.) की शत-प्रतिशत तामील कर, अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। 

 

इसी क्रम में थाना धुमाकोट पुलिस टीम द्वारा न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, धुमाकोट द्वारा निर्गत NBW सम्बन्धित फौ०वा०सं०- 05/2026, धारा- 74, 76, 79, 118, 351, 352 BNS से संबंधित वारण्टी अभियुक्त सत्यपाल सिंह को बरनाला, पंजाब से 5 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया।

साथ ही थाना सतपुली पुलिस टीम द्वारा न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सतपुली द्वारा निर्गत NBW सम्बन्धित फौ०वा०सं०- 43/2026, धारा- 177, 3/181 MV Act से संबंधित वारण्टी अभियुक्त शाकिर अहमद को नजीबाबाद रोड, कोटद्वार से 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारशुदा उक्त दोनों वारण्टियों को आज न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

 नाम पता वारण्टी

1. सत्यपाल सिंह (उम्र 32 वर्ष) पुत्र योगम्बर सिंह, निवासी- धुमाकोट, जनपद पौड़ी गढ़वाल, हाल निवासी- बरनाला पंजाब।

2. शाकिर अहमद (उम्र 28 वर्ष)  पुत्र स्वर्गीय मुनीर अहमद, निवासी- देवीखाल, लैंसडाउन जनपद पौड़ी गढ़वाल

उत्तरकाशी : धराली में भू-धंसाव से सेब के बागीचे को नुकसान, गंगोत्री हाईवे को खतरा

उत्तरकाशी : जिले के धराली क्षेत्र में भागीरथी नदी के कटाव से हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। नदी के तेज कटाव के चलते हुए भू-धंसाव ने गंगोत्री हाईवे के किनारे स्थित सेब के बागीचों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, हाईवे का लगभग 30 मीटर हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे सड़क पर दरारें पड़ गई हैं और यातायात के लिए खतरा बढ़ गया है।

धराली के प्रधान अजय नेगी के अनुसार, बीते रविवार को हुई बारिश के बाद स्थिति और बिगड़ गई। भारी भू-धंसाव के कारण बागीचों में लगे करीब 100 सेब के पेड़ जमीन धंसने से गिर गए। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार धंसाव जारी है, जिससे गंगोत्री हाईवे की स्थिरता पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रही, तो भू-धंसाव और तेज हो सकता है। इससे न केवल हाईवे के पूरी तरह ध्वस्त होने का खतरा है, बल्कि ऊपर बसे गांवों और बागीचों पर भी बड़ा संकट आ सकता है।

स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए, तो इसका असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है। यात्रियों की आवाजाही बाधित होने से व्यापक परेशानी खड़ी हो सकती है।

अजय नेगी ने बताया कि गत वर्ष आई आपदा के दौरान ही भागीरथी नदी से कटाव शुरू हो गया था, जो लगातार बढ़ता जा रहा था। इस संबंध में बागीचा मालिकों ने कई बार जिला प्रशासन और अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर सुरक्षात्मक कार्यों की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। अब स्थिति विकराल रूप लेती जा रही है और क्षेत्र में बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

डेंगू का अलर्ट : स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को एडवाइजरी जारी, 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव

देहरादून : जिले के सरकारी अस्पतालों में मार्च से अब तक करीब 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को डेंगू और मलेरिया से निपटने के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जाएं। इन वार्डों में मच्छरदानी और जरूरी दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। पॉजिटिव मामलों को आईडीएसपी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल ELISA जांच में पॉजिटिव मरीजों को ही डेंगू का मामला माना जाएगा, क्योंकि कार्ड टेस्ट में कई बार गलत परिणाम सामने आ जाते हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि आमतौर पर डेंगू के मामले जुलाई के बाद सामने आते हैं, लेकिन मार्च-अप्रैल में मामलों का सामने आना सतर्कता का संकेत है। उन्होंने कहा कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विभाग ने पहले से तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि डेंगू और मलेरिया के फैलाव को रोका जा सके। यह कदम जिले में मच्छरों के प्रकोप और जलभराव के बढ़ते खतरे को देखते हुए उठाया गया है, जिससे नागरिकों को समय रहते सुरक्षा और उपचार मिल सके।

जौलीग्रांट से बदरीनाथ–केदारनाथ हेली सेवा 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना

देहरादून। चारधाम यात्रा के मद्देनज़र जौलीग्रांट हेलीपैड से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 26 अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। निजी कंपनी रुद्राक्ष एविएशन अपने एमआई-17 डबल इंजन हेलीकॉप्टर के जरिए यह सेवा संचालित करेगी। फिलहाल कंपनी सभी आवश्यक मंजूरियों और औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है।

बताया जा रहा है कि रुद्राक्ष एविएशन पिछले तीन वर्षों से लगातार जौलीग्रांट से बदरी-केदार धाम के लिए उड़ानें संचालित कर रही है। इस वर्ष कंपनी 26 अप्रैल से 15 जून तक, यानी मानसून शुरू होने से पहले तक, यह सेवा चलाने की तैयारी में है। बरसात के बाद सितंबर माह में सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा।

हेलीकॉप्टर सुबह करीब 6:30 बजे जौलीग्रांट से उड़ान भरेगा, जिससे श्रद्धालु एक ही दिन में दोनों धामों के दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही यात्रियों के लिए रात्रि विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। मौसम अनुकूल रहने पर दिन में दो उड़ानें संचालित की जा सकती हैं।

किराए की बात करें तो इस बार एमआई-17 हेलीकॉप्टर से दो धामों की यात्रा के लिए प्रति व्यक्ति लगभग 1.35 लाख रुपये खर्च करने होंगे, जबकि रात्रि विश्राम सहित यह किराया करीब 1.5 लाख रुपये तक हो सकता है। पिछले वर्ष यह किराया क्रमशः लगभग 1.21 लाख और 1.41 लाख रुपये था।

गौरतलब है कि इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुल रहे हैं। ऐसे में यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों बाद हेली सेवा के संचालन से श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

रुद्राक्ष एविएशन के संचालक पी.के. छाबरी के अनुसार, “26 अप्रैल से सेवा शुरू करने की तैयारी है। सभी औपचारिकताएं पूरी होते ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू कर दी जाएगी।”