जिला योजना की कार्ययोजना के लिए बैठक संपन्न, 17 अप्रैल तक प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश

पौड़ी : मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला योजना वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में बैठक आयोजित की गयी।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना में केवल उन्हीं कार्यों को शामिल किया जाए, जिन्हें चालू वित्तीय वर्ष में पूर्ण किया जा सके या अधिकतम दो वर्षों के भीतर पूरा किया जाना संभव हो। उन्होंने अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने पर विशेष जोर दिया।

मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी कार्ययोजनाओं के प्रस्ताव 17 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि कुल बजट का 15 प्रतिशत हिस्सा स्वरोजगार से जुड़े विभागों के लिए निर्धारित किया जाएगा तथा क्लस्टर आधारित योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही उन्होंने कार्यस्थलों का चयन पूर्व में सुनिश्चित करने और भूमि संबंधी विवादों से बचने पर बल दिया, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सौंदर्यीकरण एवं साज-सज्जा से संबंधित कार्यों को जिला योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी विभागों को नवाचार आधारित कार्यों को प्राथमिकता देते हुए 3 से 4 मॉडल योजनाएं प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना का कुल परिव्यय 11,997.70 लाख रुपये निर्धारित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग डेढ़ लाख रुपये कम है। साथ ही गत वर्ष की जिला योजना से संबंधित उपयोगिता प्रमाण पत्र शीघ्र उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, अधीक्षण अभियंता जल निगम मो. मिसम, जल संस्थान के प्रवीण सैनी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेय सयाना सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

CS ने ली चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठक, सम्बन्धित विभागों से ली अद्यतन स्थिति की जानकारी
 

देहरादून : मुख्य सचिव ने सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्त्वपूर्ण बैठक ली। मुख्य सचिव ने पुलिस, लोनिवि, स्वास्थ्य विभाग आदि को अपने स्तर से पूर्ण तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 

मुख्य सचिव ने कहा कि पुलिस विभाग को जाम वाले स्थलों तथा स्लाईडिंग जोन का चिन्हित कर पुलिस बल तैनात किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैफिक जाम और लैंड स्लाइडिंग जैसे अन्य कारणों से मार्ग बाधित होने के कारण लगने वाले जाम से बचने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया चिह्नित कर यात्रियों को रुकने और खाने की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं रखी जाएं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात संकुलन और मौसम की जानकारी सहित महत्वपूर्ण जानकारियां लगातार वॉकी-टॉकी सहित एसएमएस से जानकारी उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, यात्रा के लिए रजिस्टर्ड नंबर पर वॉट्सएप चला जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को ‘सचेत ऐप‘ अनिवार्य रूप से डाउनलोड कराया जाए। उन्होंने पुलिस सहित अन्य सभी सम्बन्धित विभागों को अपनी विभागीय योजनाओं में नए रूट्स और कनेक्टिविटी को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन विभाग के मैसेजिंग एलर्ट मैकेनिज्म का प्रयोग भी यात्रा मार्ग में यात्रियों को जानकारियां उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति में हैली सेवाओं के माध्यम से बचाव एवं रेस्क्यू का उचित प्रबन्धन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सुविधाएं विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए स्थान चिह्नित करते हुए इसका प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग अपनी छोटी पब्लिक अमेनिटीज को भी विकसित कर सकता है। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों में साईनेज अनिवार्य रूप से लगाए जाने की बात भी कही ताकि किसी श्रद्धालु को अपने गंतव्य तक पहुंचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से चारों धामों में चिकित्सकों की तैनाती की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर चिकित्सकों की तैनाती की जाए। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाने के निर्देश दिए। साथ ही विभिन्न स्थानों पर स्क्रीनिंग पाइंट्स स्थापित करते हुए स्वास्थ्य जांच को बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेकिंग रूट्स पर आपातकालीन स्थिति में मेडिसिन और जांच उपकरणों की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन तथा लोक निर्माण विभाग के अपने-अपने परिक्षेत्रान्तर्गत आने वाले मोटर मार्गाे यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व दुरूस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य समय से पूर्ण हो इसके लिए लैबर की संख्या बढ़ायी जाए। उन्होंने डेंजर जोन, स्लाईडिंग जोन को चिन्हित कर मरम्मत किये जाने के साथ ही उन स्थलों पर मशीनें/उपकरण रखे जाने के भी निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने विद्युत विभाग को बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का समाधान तथा चारों धामों में निर्बाध रूप से विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम में कई बार विद्युत आपूर्ति बाधित होती है, इसके दृष्टिगत वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने चारो धामों एवं यात्रा मार्गाे पर सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के साथ ही उन्होंने जीएमवीएन को भी अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए एसओपी शीघ्र जारी करने के साथ ही सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चारों धामों में हैली सेवाओं की उपलब्धता एवं ऑफलाईन/ऑनलाईन बुकिंग की सुविधा का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित किए जाने के भी निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने सूचना विभाग को यात्रा से सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारियों को प्रचार प्रसार सुनिश्चित किए जाने एवं उन्होंने कहा कि सूचना विभाग के माध्यम से प्रचार प्रसार किया जाए। उन्होंने परिवहन विभाग को वाहनों का फिटनेस प्रमाण पत्र, ग्रीन कार्ड एवं ट्रिप कार्ड ससमय उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने आपूर्ति विभाग को चारधाम यात्रा मार्गों में रसोई गैस, कैरोसीन, पैट्रोल, डीजल आदि की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। 

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक दीपक सेठ, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय,  विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, धीराज गर्ब्याल, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित सम्बन्धित जनपदों के जिलाधिकारी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

लघु फिल्म ‘मैदान’ 18 अप्रैल को होगी रिलीज, UK13 टीम द्वारा निर्मित वास्तविक जीवन से प्रेरित संवेदनशील और प्रेरणादायक कहानी
  • कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया लघु फिल्म मैदान का पोस्टर एवं प्रोमो लांच।
  • UK13 के कलाकारों ने बनाई सचिन भंडारी और पवन बुटोला के संघर्ष पर फिल्म।
  • सचिन भंडारी और पवन बुटोला देहरादून में चलाते हैं ‘ब्राइट फ्यूचर एकेडमी’
  • कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने सचिन के हौसले की तारीफ करते हुए बताया कि, संघर्ष करने वाले बहाने नहीं बनाते बल्कि, मेहनत कर मुकाम हासिल करते हैं।

देहरादून: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने उत्तरांचल प्रेस क्लब में ‘मैदान’ फिल्म के पोस्टर और प्रोमो को लांच किया। इस मौके पर उन्होंने UK13 कलाकारों की टीम को बधाई दी। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि, माता-पिता, शिक्षक के बाद दोस्त जीवन मे सुख-दुःख से पार पाने में अहम भूमिका निभाता है। जिस तरह से माता-पिता बच्चे का भरण पोषण और शिक्षक उसके भविष्य का निर्माता होता है। इसी तरह दोस्त एक-दूसरे के संकट में काम आते हैं, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिला है। यूके 13 कलाकारों ने भी लघु फ़िल्म का फिल्मांकन इसी तरह किया है, जो दो दोस्त की जीवन गाथा पर आधारित है। फ़िल्म के प्रोमो में देखने को मिला कि, जीवन मे संघर्ष जरूरी है। इसके बिना सफलता अधूरी है। फ़िल्म में दो मित्रों की कहानी गांव से लेकर शहर तक दर्शाई गई है। जिसमे फ़िल्म निर्माता ने दोनों मित्रों की सादगी, परिश्रम और ईमानदारी का फ़िल्म में परिचय देने का काम किया है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई देने के साथ ही आमजन से फ़िल्म को प्रोत्साहित करने की अपील की।

वहीं कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष, प्रताप सिंह पंवार ने कहा कि, गांव से निकली युवाओं की टीम ने आज अपने हुनर से उत्तराखंड की फीचर फिल्मों में भी कदम बढ़ाया है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि मैती आंदोलन के जनक पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कल्याण सिंह रावत ने कहा कि, फिल्म एक मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि समाज को प्रभावित करने वाली विधा भी है। कार्यक्रम में सोशल पॉलीगॉन ग्रुप के एमडी डी.एस. पंवार ने पूरी टीम को बधाई दी और कार्यक्रम में मौजूद सुप्रसिद्ध अभिनेता बलदेव राणा ने फिल्म के पोस्टर और प्रोमो की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि, यूके 13 कलाकार की टीम अपनी संस्कृति के लिए बेहतरीन काम कर रही है। इसी का सफल परिणाम है कि, आज यूके 13 के कलाकार उत्तराखंड की फीचर फिल्मों में भी हुनर दिखा रहे हैं।

कार्यक्रम में निर्माता निर्देशक देबू रावत और सुनील बडोनी ने भी फिल्म के पोस्टर प्रोमो की जमकर तारीफ की। देबू रावत और सुनील बडोनी ने कहा कि, सचिन रावत की ‘हेमवंती’ फिल्म से प्रभावित होकर घस्यारी और सुपिन्यू में भी सह-डायरेक्टर की भूमिका दी।

“मैदान” फिल्म का सार

उत्तराखण्ड के प्रतिभाशाली कलाकारों की UK13 टीम द्वारा निर्मित फिल्म “मैदान” एक वास्तविक जीवन से प्रेरित संवेदनशील और प्रेरणादायक कहानी है। यह कहानी दो घनिष्ठ मित्रों सचिन और पवन के अटूट रिश्ते और संघर्षों की दास्तां को दर्शाती है। गाँव की सादगी में पले-बढ़े ये दोनों मित्र अपने सपनों को साकार करने के उद्देश्य से शहर की ओर कदम बढ़ाते हैं, लेकिन जीवन की राह इतनी आसान नहीं होती। शहर आने के बाद सचिन को एक गंभीर बीमारी का पता चलता है, जो उसके जीवन को पूरी तरह बदल देती है। कठिनाइयों और शारीरिक पीड़ा के बावजूद वह हार नहीं मानता। इस कठिन समय में पवन उसके साथ एक मजबूत सहारा बनकर खड़ा रहता है। दोनों मित्र मिलकर छोटे-छोटे प्रयासों से अपने सपनों की नींव रखते हैं। दोनों दोस्त मिलकर पहले एक कोचिंग सेंटर की शुरुआत करते हैं, फिर एक क्रिकेट अकादमी स्थापित करते हैं। हालात और भी चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं जब सचिन सामान्य रूप से चलने में असमर्थ हो जाता है। मानो उसके जीवन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है, फिर भी उनका हौसला और आत्मविश्वास डगमगाता नहीं। वे शहर में एक क्रिकेट मैदान बनाने का संकल्प लेते हैं और तब तक नहीं रुकते जब तक अपने इस सपने को साकार नहीं कर लेते।

“मैदान” केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि सच्ची मित्रता, अटूट धैर्य, और कठिन परिश्रम से बड़े सपनों को साकार करने की प्रेरणादायक गाथा है। इसके प्रत्येक दृश्य वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित हैं, जो दर्शकों को विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानने और अपने सपनों पर विश्वास बनाए रखने की सीख देते हैं।

एक पंक्ति में: “मैदान” सच्ची दोस्ती, आत्मविश्वास और अडिग संघर्ष की प्रेरक कहानी है।

कार्यक्रम में फिल्म की निर्माण टीम Directed by – सचिन रावत,
Produced by – UK13,
Director of Photography – सौरभ पंवार,
Music & Dubbing – अमन उनियाल,
Edited by – सूरज पंवार एवं सौरभ पंवार,
Screenplay & Dialogues – सचिन रावत,
Drone – ऋतिक राणा।

इस आयोजन में Creatiobs के छात्रों द्वारा तैयार किए गए पोस्टर्स भी प्रदर्शित किए गए, जिन्हें उपस्थित अतिथियों एवं कलाकारों द्वारा खूब सराहा गया। इन पोस्टर्स के माध्यम से छात्रों की मेहनत, रचनात्मकता और समर्पण स्पष्ट रूप से देखने को मिला।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी, राज्य मंत्री प्रताप सिंह पंवार, सोशल पॉलीगोंन ग्रुप के एमडी डी. एस. पंवार, मैती आंदोलन के जनक पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, फिल्म अभिनेता बलदेव सिंह राणा, निर्माता निर्देशक देबू रावत, सुनील बडोनी, त्यूंखर गांव की ग्राम प्रधान माधुरी देवी बुटोला, साहित्यकार गजेंद्र नौटियाल, सुनील बडौनी, CIMS & UHIMT के डायरेक्टर ललित जोशी, केशर सिंह बिष्ट, प्रणिता बडोनी, लोक गायक गिरीश सनवाल पहाड़ी, लोक गायिका पूनम सती, नितिश भंडारी, विजय भारती एवं कार्यक्रम का संचालन दीपक कैन्तुरा ने किया। इस मौके पर साहित्यिक फिल्म जगत के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे।

पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण – सीएम धामी
  • मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकने के लिए श्रमिकों को स्थानीय आवश्यकता के अनुसार दिया जाए कौशल प्रशिक्षण
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकार्पण

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा विकसित श्रमिक सेवा मोबाइल एप का लोकापर्ण करने के साथ ही 8005 श्रमिकों के खाते में 17 करोड़ से अधिक राशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तातंरण किया।

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड को अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि, अनुदान वितरण में पारदर्शिता बरते जाने के क्रम में ऑफलाईन अनुदान वितरण बन्द कर ऑनलाईन निस्तारण एवं डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के खातों में धनराशि का हस्तांतरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए अब तक 11828 लाभार्थियों को कुल 29.89 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है। आज 8005 लाभार्थियों को कुल 17.25 करोड़ की धनराशि वितरित की जा रही है। इस प्रकार विगत 06 माह में अब तक कुल 19833 लाभार्थियों को 47.14 करोड़ की धनराशि वितरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाए, खासकर पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए स्थानीय श्रमिकों को पलम्बर, इलैक्ट्रिशियन, मिस्त्री, कारपेन्टर आदि क्षेत्रों में कौशल प्रदान किया जाए। इसी तरह योगा एंव वेलनेस में रोजगार की सम्भावना को देखते हुए आगामी सत्र में श्रमिकों के बच्चों को योग एवं वेलनेस में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड निर्माण श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को कौशल प्रशिक्षण उपरान्त विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास करे। इसके लिए विदेश मंत्रालय भारत सरकार में पंजीकृत एजेन्सी के माध्यम कार्यवाही की जाए। साथ ही श्रमिकों को पीएम स्वनिधि योजना से जोड़ने और उनका समय- समय पर स्वास्थ्य परीक्षण पर भी ध्यान दिया जाए। इस हेतू श्रमिकों के कार्य स्थल पर ही चिकित्सा परीक्षण की व्यवस्था की जाए, ताकि उनके रोजगार में व्यवधान उपलब्ध न हो।

इस मौके पर श्रमायुक्त पीसी दुम्का ने बताया कि UKLCCMS Portal पोर्टल के माध्यम से अब तक 16000 अधिष्ठानों का पंजीकरण हो चुका है, जिसके जरिए शुल्क के रूप में 80,00000.00 (रूपये अस्सी लाख मात्र) धनराशि जमा हो चुकी है, साथ ही बोर्ड के पास अब तक कुल 324 करोड़ की धनराशि सेस के रूप में जमा हो चुकी है। जिसे श्रमिकों के कल्याण में उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों के बीच सामग्री वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। जिससे लाभार्थियों का लाईव फोटो एवं जियो ट्रेकिंग द्वारा सामग्री वितरण सुनिश्चित किया जायेगा। इस मौके पर उपायुक्त विपिन कुमार सहित बोर्ड के अन्य अधिकारी उपस्थित हुए।

23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ धाम के कपाट, तैयारियों को अंतिम रूप

ज्योतिर्मठ : भगवान बदरीनाथ जी के कपाट आगामी 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पावन अवसर की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने विभिन्न संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कीं। ज्योतिर्मठ में आयोजित इन बैठकों में कपाट खुलने के उत्सव को भव्य बनाने और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने पर विस्तृत रणनीति बनाई गई।

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष ने बताया कि 21 अप्रैल को रावल जी एवं आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी श्री नृसिंह मंदिर, ज्योतिर्मठ से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करेगी। इस प्रस्थान को यादगार बनाने के लिए ज्योतिर्मठ के विभिन्न संगठनों के सहयोग से भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। नृसिंह मंदिर प्रांगण से पेट्रोल पंप तक देव डोलियों को पारंपरिक विधि-विधान के साथ विदाई दी जाएगी। कार्यक्रम में स्कूली बच्चे विभिन्न वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ भाग लेंगे, वहीं स्थानीय महिलाएं अपनी पारंपरिक वेशभूषा में देव डोलियों की अगवानी करेंगी।

धामी सरकार की पहल : ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक का होगा कायाकल्प, मसूरी को मिलेगा नया शांत पर्यटन मार्ग; प्रकृति के बीच सुकून भरा सफर देगा किपलिंग ट्रैक: बंशीधर तिवारी
  • धामी सरकार की पहल, ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक का होगा कायाकल्प, मसूरी को मिलेगा नया शांत पर्यटन मार्ग
  • प्रकृति के बीच सुकून भरा सफर देगा किपलिंग ट्रैक: बंशीधर तिवारी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में राज्य में पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में देहरादून से मसूरी को जोड़ने वाले ऐतिहासिक किपलिंग ट्रैक के पुनरोद्धार की महत्वाकांक्षी योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा लगभग 498.14 लाख रुपये की लागत से 3.50 किलोमीटर लंबे इस ऐतिहासिक ट्रैक का व्यापक विकास किया जा रहा है।

यह ट्रैक शहनसाही आश्रम से झड़ीपानी तक फैला हुआ है और प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण तथा पहाड़ी दृश्यों के कारण लंबे समय से पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है। आधुनिक सड़क मार्गों पर बढ़ती भीड़ और वाहनों के शोर के बीच यह ट्रैक एक ऐसे वैकल्पिक पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पर्यटक प्रकृति के करीब शांत और सुकून भरा अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

राज्य सरकार की मंशा है कि मसूरी क्षेत्र में पर्यटन को केवल सड़क आधारित यात्रा तक सीमित न रखकर प्रकृति आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा दिया जाए। इसी सोच के साथ किपलिंग ट्रैक के संरक्षण और विकास की योजना तैयार की गई है, ताकि आने वाले समय में यह मार्ग पर्यटकों के लिए एक अनूठा और आकर्षक अनुभव बन सके।

प्राकृतिक सौंदर्य के बीच विकसित होगा ट्रैक

एमडीडीए द्वारा इस परियोजना के अंतर्गत ट्रैक के संरक्षण, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाएगा, जिससे ट्रैक सुरक्षित और टिकाऊ बन सके। साथ ही ट्रैक के किनारों पर मजबूत रेलिंग लगाई जाएंगी, ताकि पर्यटक सुरक्षित रूप से इस मार्ग पर भ्रमण कर सकें। इस मार्ग को पैदल यात्रियों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए रास्ते को समतल और व्यवस्थित भी किया जाएगा।

पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

किपलिंग ट्रैक के विकास में केवल संरचनात्मक कार्य ही नहीं बल्कि पर्यटकों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। परियोजना के अंतर्गत ट्रैक के विभिन्न स्थानों पर विश्राम स्थल विकसित किए जाएंगे, जहां आकर्षक गज़ीबो (Gazebo) बनाए जाएंगे। इन स्थानों पर बैठकर पर्यटक आसपास के पर्वतीय दृश्यों, हरियाली और प्राकृतिक वातावरण का आनंद ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त ट्रैक पर सेल्फी प्वाइंट, कैंटीन कियोस्क, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था, शौचालय, कूड़ेदान और आधुनिक लैंप पोस्ट जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन व्यवस्थाओं से न केवल पर्यटकों को सुविधा मिलेगी बल्कि ट्रैक को एक सुव्यवस्थित और आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में पहचान भी मिलेगी।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

इस परियोजना की खास बात यह है कि इसके विकास में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को प्राथमिकता दी जा रही है। ट्रैक के आसपास व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता और अधिक बढ़ेगी।

इसके अलावा पक्षियों के संरक्षण के लिए बर्ड हाउस भी बनाए जाएंगे, जिससे इस क्षेत्र में पक्षियों की उपस्थिति बढ़ेगी और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी। सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटन विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी कायम रहे और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रह सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

किपलिंग ट्रैक के विकास से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापारियों, गाइड्स, होमस्टे संचालकों और छोटे व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जुड़े कार्यों में रोजगार मिलने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल सतत पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

प्रकृति के बीच नया अनुभव देगा किपलिंग ट्रैक : बंशीधर तिवारी

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि किपलिंग ट्रैक का पुनरोद्धार राज्य के पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है, जो प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान करें। उन्होंने बताया कि देहरादून से मसूरी जाने वाले पारंपरिक सड़क मार्गों पर अक्सर भीड़भाड़ रहती है, जिससे पर्यटकों को शोर और ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। किपलिंग ट्रैक के विकसित होने से पर्यटकों को एक वैकल्पिक और शांत मार्ग मिलेगा, जहां वे पैदल चलते हुए प्रकृति की गोद में समय बिता सकेंगे। बंशीधर तिवारी ने कहा कि इस ट्रैक पर विकसित की जा रही सुविधाएं इसे एक सुरक्षित, आकर्षक और व्यवस्थित पर्यटन मार्ग के रूप में स्थापित करेंगी। यहां आने वाले पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य, पर्वतीय दृश्यों और शांत वातावरण का आनंद लेते हुए एक अलग अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद यह ट्रैक न केवल पर्यटकों बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी एक बेहतर मनोरंजन और प्रकृति से जुड़ने का स्थान बन जाएगा।

प्रकृति के अनुकूल तैयार हो रही परियोजना : मोहन सिंह बर्निया

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि किपलिंग ट्रैक के विकास की पूरी योजना प्रकृति के अनुकूल डिजाइन की गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि क्षेत्र की प्राकृतिक संरचना और जैव विविधता पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने बताया कि ट्रैक के आसपास वृक्षारोपण, बर्ड हाउस और स्वच्छता व्यवस्था जैसी पहलें इस परियोजना को एक पर्यावरण अनुकूल पर्यटन मॉडल बनाएंगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश भी मजबूत होगा।

डिजिटल क्रॉप सर्वे को मिली गति, SDM ने रौता गांव में खेतों पर पहुंचकर किया स्थलीय निरीक्षण

पौड़ी : जनपद पौड़ी गढ़वाल में डिजिटल क्रॉप सर्वे को प्रभावी ढंग से लागू करने के क्रम में उपजिलाधिकारी थलीसैंण कृष्णा त्रिपाठी ने चोपड़ाकोट क्षेत्र के रौता गांव में पहुंचकर खेतों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए स्वयं डिजिटल माध्यम से फसलों का सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 12 खेतों का बारीकी से निरीक्षण कर फसल की स्थिति, प्रकार एवं क्षेत्रफल का वास्तविक समय में आंकलन किया।

 

निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वे प्रक्रिया को संपन्न कराया और मौके पर ही डिजिटल उपकरणों के माध्यम से डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित राजस्व कार्मिकों को निर्देशित किया कि सर्वे कार्य में पूर्ण पारदर्शिता एवं सटीकता बनाए रखते हुए प्रत्येक खेत का सही विवरण दर्ज किया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे।

उपजिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे आधुनिक तकनीक पर आधारित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे फसलों का सटीक, पारदर्शी एवं समयबद्ध आकलन संभव हो रहा है। इससे कृषि संबंधी योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार आएगा और किसानों को बीमा, मुआवजा एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध हो सकेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के फील्ड विजिट का उद्देश्य पटवारियों एवं अन्य राजस्व कर्मियों को प्रेरित करना है, ताकि गुणवत्तापूर्ण सर्वे के साथ किसानों को अधिकतम लाभान्वित किया जा सके।

इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक जय प्रकाश कोहली, राजस्व उपनिरीक्षक रविंदर कुमार सहित स्थानीय ग्रामीण गिरीश चंद्र, मणिराम आदि उपस्थित रहे।

डीएम जनदर्शन : न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य उपचार, रोजगार से लेकर बिल एवं ऋणमाफी तक एक छत के नीचे मौके पर ही
  • भूमि विवाद प्रकरण में डीएम के हस्तक्षेप से वर्षों से लटके भूमि सीमांकन पूर्ण
  • जनता दर्शन में फरियादी के पुनः पंहुचने पर डीएम ने पत्रावली की तलब

देहरादून: जिलाधिकारी सविन बसंल की अध्यक्षता में आयोजित जन दर्शन/ जनता दरबार में फरियादी उम्मेद सिंह द्वारा अपने पुत्र उत्पल सिंह की निजी भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित शिकायत करते हुए भूमि सीमांकन का अनुरोध किया गया था जिस पर जिलाधिकारी ने त्वरित संज्ञान लेते हुए कार्यावाही के निर्देश दिए थे। फरियादी उम्मेद सिंह द्वारा 06 अपै्रल को पुनः जन दर्शन में फरियाद लगाई कि उनके भूमि सीमांकन में किसी प्रकार का निर्णय नही हुआ है। शिकायतकर्ता द्वारा यह शिकायत की गई कि सीमांकन कार्य में विलंब किया जा रहा है तथा अपेक्षित सहयोग नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें मानसिक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने तहसील प्रशासन डोईवाला को तलब करते हुए 07 अपै्रल 2026 तक प्रकरण पर पूर्व में दिए गए निर्देशों के परिपालन में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।

जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में अवगत कराया है कि उत्पल सिंह द्वारा 22.04.2025 को धारा 41 एल.आर. एक्ट के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसके क्रम में तहसीलदार, डोईवाला द्वारा 26.07.2025 को जांच आख्या प्रस्तुत की गई थी। इसके उपरांत पत्र 25.09.2025 के माध्यम से दोनों पक्षों को सूचित किया गया था कि फसल कटाई के उपरांत नियमानुसार सीमांकन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।

उप जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए राजस्व निरीक्षक द्वारा 11.03.2026 को मौजा बक्सरवाला स्थित खसरा संख्या 132क, 138ख एवं 139 का सीमांकन कार्य संपन्न किया गया है। प्रस्तुत अभिलेखों के अनुसार खसरा संख्या 139, रकबा 0.4120 हेक्टेयर भूमि 04.03.1993 को क्रय की गई थी। प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (दीवानी), देहरादून की विधिक राय भी प्राप्त हुई है, जिसमें संबंधित प्रकरण के निस्तारण हेतु सक्षम प्राधिकारी द्वारा चिन्हांकन/निशानदेही सुनिश्चित करने एवं आवश्यकतानुसार पुलिस प्रशासन के माध्यम से विधिक कार्यवाही किए जाने का सुझाव दिया गया है।

गैरसैंण राजधानी के मुद्दे पर यूकेडी ने फूंका बिगुल

चमोली। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) इन दिनों अपनी ‘गढ़वाल संवाद यात्रा’ के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों और विकासखंडों में जनसंपर्क अभियान को धार दे रहा है, जहाँ कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाने का मुद्दा बना हुआ है, जिसे लेकर यूकेडी नेताओं ने स्पष्ट किया कि सत्ता में आते ही पहाड़ की राजधानी को पहाड़ (गैरसैंण) में स्थापित किया जाएगा। इस संवाद यात्रा के दौरान केंद्रीय उपाध्यक्ष अरुण लाल शाह, केंद्रीय महामंत्री वीरू सजवान, जिलाध्यक्ष यदुवीर सिंह नेगी के साथ ही वरिष्ठ नेता आशीष नेगी, कुलदीप रावत और लुसुन टोडरिया ने जनसभाओं को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। नेताओं ने एकजुट स्वर में कहा कि जल, जंगल, जमीन की रक्षा और पलायन को रोकने के लिए गैरसैंण को पूर्णकालिक राजधानी बनाना अनिवार्य है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर केवल राजनीति करने का आरोप लगाते हुए गैरसैंण को जनभावनाओं और राज्य की अस्मिता का प्रतीक बताया।

कोटद्वार : खाकी ने निभाया बेटे का फर्ज, बुजुर्ग को दी सम्मानजनक अंतिम विदाई
कोटद्वार : जनपद पौड़ी पुलिस एक ओर जहां कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए निरंतर सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर मानवता, करुणा और सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। 

इसी क्रम में कोतवाली कोटद्वार के अंतर्गत चौकी कलालघाटी को सूचना प्राप्त हुई कि फैक्ट्री तिराहा, सिडकुल क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे लगभग 85 वर्षीय बुजुर्ग साधुराम का बीमारी के चलते निधन हो गया है। बुजुर्ग के पास कोई परिजन अथवा देखभाल करने वाला मौजूद नहीं था, जिससे स्थिति अत्यंत संवेदनशील एवं मानवीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण हो गई।

सूचना प्राप्त होते ही चौकी कलालघाटी पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस टीम में सम्मिलित हेड कांस्टेबल सुशील कुमार, कांस्टेबल रविंद्र भट्ट, हेड कांस्टेबल संजय पाल सिंह नेगी, हेड कांस्टेबल चमन कुमार एवं कांस्टेबल अनिल राणा द्वारा मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए आवश्यक संसाधन जुटाते हुए, पुलिस कर्मियों द्वारा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से, परिजनों के अभाव में आगे बढ़कर “बेटे का फर्ज” निभाया गया। मृतक के प्रति पूर्ण सम्मान एवं गरिमा बनाए रखते हुए समस्त आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण किया तथा धार्मिक विधि-विधान के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया।