मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने मनाया ‘विश्व लिवर दिवस’; जागरूकता बढ़ाई और शुरुआती जांच व जीवनशैली में बदलाव का किया आग्रह

देहरादून। लिवर के स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 19 अप्रैल को विश्व स्तर पर मनाए जाने वाले ‘विश्व लिवर दिवस’ के अवसर पर, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून ने एक जागरूकता अभियान आयोजित किया। इस अभियान का उद्देश्य लिवर की देखभाल के महत्व और लिवर की बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाने की आवश्यकता को उजागर करना था। लिवर से जुड़े विकार-जिनमें फैटी लिवर रोग, हेपेटाइटिस और सिरोसिस शामिल हैं-आजकल स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चिंताओं के रूप में उभर रहे हैं। इसका मुख्य कारण अस्वस्थ खान-पान की आदतें, शराब का बढ़ता सेवन, मोटापा और गतिहीन जीवनशैली है।

लिवर शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्य करता है, जिनमें हानिकारक पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना (डिटॉक्स करना), पाचन में सहायता करना, चयापचय (मेटाबॉलिज्म) को नियंत्रित करना और आवश्यक पोषक तत्वों को जमा करना शामिल है। हालांकि, लिवर की बीमारियां अक्सर चुपचाप बढ़ती रहती हैं, और कई लोगों को अपनी बीमारी के बारे में तब तक पता नहीं चलता, जब तक कि वह गंभीर या उन्नत चरण तक नहीं पहुंच जाती।

इस अवसर पर बोलते हुए, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लिवर ट्रांसप्लांट के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. मयंक नौटियाल ने कहा, “लिवर की बीमारियों को अक्सर ‘चिकित्सकीय रूप से मूक बीमारियां’ (clinically silent diseases) कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती चरणों में मरीजों को कोई खास लक्षण महसूस नहीं होते। जब तक लक्षण दिखाई देते हैं, तब तक लिवर को काफी नुकसान हो चुका होता है। शुरुआती निदान और प्रभावी प्रबंधन के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर स्क्रीनिंग (जांच) करवाना अत्यंत आवश्यक है। जीवनशैली में कुछ साधारण बदलाव करके लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है। लोगों को संतुलित आहार पर ध्यान देना चाहिए, अपना वजन स्वस्थ सीमा में रखना चाहिए, मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित रखना चाहिए, शारीरिक रूप से सक्रिय रहना चाहिए, और शराब के सेवन व बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने (सेल्फ-मेडिकेशन) से बचना चाहिए; क्योंकि दवाओं का अत्यधिक या अनुचित उपयोग लिवर के कामकाज पर बुरा असर डाल सकता है।”

डॉ. नौटियाल ने आगे ‘लिवर फंक्शन टेस्ट’ (लिवर की कार्यक्षमता की जांच) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये जांचें लिवर में होने वाली असामान्यताओं का शुरुआती चरण में ही पता लगाने और उन्हें गंभीर जटिलताओं में बदलने से रोकने में मदद कर सकती हैं। यदि किसी व्यक्ति को लगातार थकान, पेट में बेचैनी, पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), जी मिचलाना, भूख न लगना, या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होने जैसे लक्षण महसूस हों, तो उन्हें तुरंत किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ (डॉक्टर) से परामर्श करना चाहिए; क्योंकि ये लक्षण लिवर से जुड़ी किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकते हैं।

‘विश्व लिवर दिवस’ के अवसर पर, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, देहरादून लोगों से आग्रह करता है कि वे नियमित जांच, समय पर चिकित्सकीय परामर्श और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के माध्यम से अपने लिवर के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। बढ़ती जागरूकता, समय पर निदान और निवारक देखभाल, लिवर की बीमारियों के बढ़ते बोझ को कम करने और समग्र स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अस्पताल, सामुदायिक जागरूकता को बढ़ावा देने और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद करने के लिए उन्नत चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

पौड़ी गढ़वाल : राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन को लेकर समन्वय बैठक आयोजित

पौड़ी : राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 9 मई 2026 (शनिवार) को जिला न्यायालय, पौड़ी गढ़वाल सहित जनपद के समस्त बाह्य न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन प्रस्तावित है।

उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन एवं अधिकाधिक वादों के निस्तारण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में परिवहन विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक आयोजित की गयी।

बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वादों को चिन्हित करते हुए उन्हें निस्तारण हेतु प्रस्तुत किया जाए, ताकि लंबित मामलों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके। साथ ही विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्यवाही को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने पर विशेष बल दिया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा भी अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव प्रस्तुत किए गए तथा राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया।

सड़क सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, सभी विभाग समन्वय के साथ करें कार्य – डीएम स्वाति एस. भदौरिया

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए चालान अभियान को और अधिक व्यापक एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया।

जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि आमजन को प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण बड़े स्तर पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि दुर्घटना की स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विशेष रूप से मौके पर तैनात रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से देने को कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को उपचार देने से कोई भी चिकित्सालय मना नहीं कर सकता। इसके लिए ई-डार प्रणाली के संबंध में प्रशिक्षण भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक पार्क के निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि इसे गांधी पार्क में विकसित किया जाएगा, जिससे विशेषकर बच्चों एवं युवाओं में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। उन्होंने पुलिस एवं परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि सड़कों पर अवैध रूप से खड़े वाहनों के विरुद्ध नियमित चालान अभियान चलाया जाए। रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने तथा सड़क किनारे खड़े वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाकर सीसीटीवी निगरानी वाले स्थानों पर रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित पार्किंग यातायात जाम का प्रमुख कारण है।

जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चालान की कार्यवाही को सुदृढ़ करने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की फोटो लेकर त्वरित चालान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान संचालित किए जाएं।

सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत (पॉटहोल फिलिंग) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए। छोटे गड्ढों को समय रहते भरने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा जनजागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने परिवहन विभाग को लोक निर्माण विभाग एवं नगर निकायों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने तथा चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में छायादार विश्राम स्थलों एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को दी गई आर्थिक सहायता की समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुआवजे से संबंधित कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए तथा सभी मामलों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, जिसमें सहायता राशि, दुर्घटना के कारण एवं बीमा कंपनियों द्वारा दी गई सहायता का विवरण शामिल हो।

जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिन्हित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। साथ ही आरटीओ को अन्य संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर अनुपयुक्त एवं जोखिमपूर्ण मोटर मार्गों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया।

बैठक में राजस्व, पुलिस, परिवहन विभाग एवं नगर निकायों को संयुक्त अभियान चलाकर सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सड़कवार क्रैश बैरियर की आवश्यकता एवं उपलब्धता की रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा लंबित सर्वेक्षण कार्यों को मई माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने लंबित मजिस्ट्रियल जांचों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त बस अड्डों पर यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

चारधाम यात्रा को लेकर श्रीनगर में महत्वपूर्ण बैठक, व्यवस्थाओं को लेकर बनी रणनीति

श्रीनगर : चारधाम यात्रा के सफल एवं सुचारु संचालन के दृष्टिगत क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार द्वारा कोतवाली श्रीनगर में खाद्य पूर्ति निरीक्षक के साथ संयुक्त रूप से टैक्सी चालकों, व्यापारियों एवं होटल एसोसिएशन प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। 

बैठक में यात्रा सीजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, यातायात संचालन, मूलभूत सुविधाओं एवं समन्वय व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेष रूप से गैस आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श करते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने तथा आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया। 

अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों, व्यापारिक संगठनों एवं सेवा प्रदाताओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा यात्रा अवधि में सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने प्रशासन एवं पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

चमोली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी आर्मी जवान बनकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला शातिर गिरफ्तार

चमोली : सोशल मीडिया की चकाचौंध के पीछे छिपे एक शातिर अपराधी को चमोली पुलिस ने बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। सेना का फर्जी जवान बनकर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने और फिर उनकी निजी तस्वीरों के दम पर ब्लैकमेल करने वाले कुलदीप भंडारी को कर्णप्रयाग पुलिस ने रुड़की के ढंडेरा से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

 

17 अप्रैल को वादिनी द्वारा कोतवाली कर्णप्रयाग में एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया गया कि वर्ष 2024 में उसकी फेसबुक के माध्यम से रुड़की निवासी एक युवक से मित्रता हुई थी। वर्ष 2025 में उक्त युवक से रुड़की रेलवे स्टेशन पर मुलाकात हुई, जहां उसने अपना नाम कुलदीप भंडारी बताते हुए स्वयं को आर्मी में कार्यरत बताया।

आरोपी के झांसे में आकर वादिनी ने अपनी निजी फोटो एवं वीडियो उसके साथ साझा कर दी। इसके बाद आरोपी द्वारा इन निजी फोटो/वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वादिनी को ब्लैकमेल किया गया तथा पैसों की मांग की गई। भयवश वादिनी द्वारा आरोपी के खाते में ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) स्थानांतरित कर दिए गए।

पीड़िता की शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक चमोली, सुरजीत सिंह पँवार ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। कोतवाली कर्णप्रयाग में BNS की नई धाराओं (78(2), 308(4), 351(3)) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया तथा अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु विशेष पुलिस टीम गठित की गई।

पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा व प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल के निर्देशन में गठित पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से अभियुक्त की लोकेशन रुड़की क्षेत्र के ढंडेरा में ट्रेस की गई। टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए दिनांक 18-04-2026 को अभियुक्त कुलदीप भंडारी पुत्र रमेश सिंह निवासी मकान संख्या 297/3, ढंडेरा, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार, उम्र 22 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया गया।

अभियुक्त के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन रेडमी नोट 13 प्रो भी बरामद कर पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरांत 14 दिवस की रिमांड हेतु माननीय न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कर्णप्रयाग के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

पंजीकृत अभियोग: मु.अ.सं. 15/2026, धारा 78(2), 308(4), 351(3) BNS

चमोली पुलिस आमजन से अपील करती है कि सोशल मीडिया पर अंजान व्यक्तियों से सतर्क रहें तथा किसी भी प्रकार की निजी जानकारी, फोटो या वीडियो साझा करने से पूर्व पूरी सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ब्लैकमेलिंग की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना अथवा साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

देहरादून: पवित्र अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आज से उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का विधिवत आगाज़ हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और “जय मां गंगा” व “जय मां यमुना” के गगनभेदी जयकारों के बीच गंगोत्री धाम और यमुनोत्री मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए।

इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं मौजूद रहे और इस दिव्य क्षण के साक्षी बने। गंगोत्री धाम में कपाट खुलने के समय हजारों श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में उपस्थित रहे। “हर-हर गंगे” और “मां गंगा की जय” के जयकारों से पूरा धाम भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।

निर्धारित शुभ मुहूर्त के अनुसार दोपहर 12:15 बजे गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए। इस दौरान श्रद्धालुओं के स्वागत में हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा भी की गई, जिसने माहौल को और भी भव्य बना दिया।

इससे पूर्व रविवार तड़के मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। भैरव घाटी में विशेष पूजा-अर्चना के बाद विधि-विधान के साथ डोली यात्रा आगे बढ़ी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की रौनक बढ़ने की उम्मीद है और लाखों श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है।

कोटद्वार : पुलिस ने 2 वारंटी अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही के साथ-साथ माननीय न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (N.B.W.) की शत-प्रतिशत तामील कर, अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।

जिसके क्रम में कोतवाली कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा न्यायालय द्वारा निर्गत NBW सम्बन्धित फौ०वा०सं० 5135/23, धारा 279/427 भादवि में वारण्टी अभियुक्त दिनेश सिंह तथा  वा०सं० 6074/23, धारा 138 एनआई एक्ट में वारण्टी अभियुक्त अरुण चालर्स को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारशुदा दोनों वारण्टी को  न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

नाम पता गिरफ्तार वारंटी

1-दिनेश, निवासी, कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल।

2- अरूण चालर्स, निवासी निकट एमडी एसडी ई चर्च, बिष्ट कालोनी शिवपुर  कोटद्वार।

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, ओंकारेश्वर मंदिर से निकली पंचमुखी डोली

रुद्रप्रयाग: विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया आज विधिवत शुरू हो गई। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से भव्य रूप में धाम के लिए रवाना हुई।

वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच डोली ने मंदिर की परिक्रमा की, जिसके बाद यात्रा आगे बढ़ी। इस दौरान पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। डोली प्रस्थान के समय सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले।

मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ओंकारेश्वर मंदिर को करीब आठ कुंतल फूलों से सजाया गया। इससे पहले शनिवार रात्रि को भैरवनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां विश्वनाथ मंदिर में कुछ समय विश्राम कर श्रद्धालुओं को दर्शन देगी। इसके बाद डोली फाटा के लिए रवाना होगी, जहां रात्रि विश्राम किया जाएगा।

यात्रा के अगले चरण में 20 अप्रैल को डोली फाटा से प्रस्थान कर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुंचेगी और वहीं रात्रि विश्राम करेगी। 21 अप्रैल को डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए प्रस्थान कर मंदिर भंडार पहुंचेगी।

इसके पश्चात 22 अप्रैल को सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही केदारनाथ यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा।

यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति द्वारा सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

कोटद्वार में विकास को मिली नई रफ्तार, सड़क और पुल परियोजनाओं से बदली तस्वीर

कोटद्वार : उत्तराखंड के जनपद पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में विकास की रफ्तार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणाओं के अनुरूप सड़क और सेतु निर्माण से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं अब पूरी हो चुकी हैं, जिससे क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है।

जिलाधिकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा भी मिल रही है।

लोक निर्माण विभाग, दुगड्डा द्वारा चिल्लरखाल–सिगड्डी–कोटद्वार–पाखरौ मोटर मार्ग के 12 किलोमीटर हिस्से का सुदृढ़ीकरण किया गया है। लगभग 18 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से तैयार यह मार्ग अब सिगड्डी औद्योगिक क्षेत्र सहित किशनपुर, झण्डीचौड़, हल्दूखाता, मोटाढांग और दुर्गापुरी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को कोटद्वार शहर से बेहतर तरीके से जोड़ रहा है। इतना ही नहीं, यह मार्ग कोटद्वार-नजीबाबाद मार्ग के बाधित होने पर हरिद्वार के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक रास्ता भी बन गया है, जिससे करीब 80 हजार लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है।

दूसरी बड़ी उपलब्धि है हल्दूखाता-सिगड्डी मार्ग पर तेलीस्रोत में बना 30 मीटर स्पान का आरसीसी सेतु और कल्वर्ट। लगभग 2 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से बने इस पुल ने औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के बीच संपर्क को और आसान बना दिया है, जिससे वर्षभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हुआ है।

इसके अलावा, विकासखंड दुगड्डा के लालपानी–सनेह मार्ग पर चार स्थानों पर पुलियों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। लगभग 3 करोड़ 69 लाख रुपये की लागत से बने इन ढांचों ने बरसात के समय होने वाले जलभराव और आवागमन की समस्याओं को खत्म कर दिया है। अब यह मार्ग पहले से अधिक सुरक्षित हो गया है, जिससे लालपानी, बिशनपुर, कुम्भीचौड़ और ग्रास्टनगंज सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से कोटद्वार क्षेत्र में विकास की नई राह खुली है, जहां अब लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी, सुरक्षा और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल रहा है।

पौड़ी गढ़वाल : हिस्ट्रीशीटरों पर पुलिस की सख्ती, थानों में बुलाकर किया सत्यापन

कोटद्वार : जनपद पौड़ी गढ़वाल में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटरों पर निगरानी तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों के क्रम में जिले भर में एक विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसके तहत सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पंजीकृत हिस्ट्रीशीटरों को थाने बुलाकर उनकी हाजिरी सुनिश्चित कराई।

इसी अभियान के तहत कोतवाली कोटद्वार में कुल 14 हिस्ट्रीशीटरों को थाने पर उपस्थित कराया गया। जो व्यक्ति अपने कार्य या व्यवसाय के चलते नगर क्षेत्र से बाहर थे, उनसे दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए और उन्हें निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार कोतवाली पौड़ी और थाना रिखणीखाल सहित अन्य थानों में भी हिस्ट्रीशीटरों को बुलाकर उनकी निगरानी और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।

हाजिरी के दौरान सभी उपस्थित हिस्ट्रीशीटरों का भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस द्वारा उनकी वर्तमान गतिविधियों, व्यवसाय, पारिवारिक स्थिति और सामाजिक आचरण के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई गई। साथ ही यह सुनिश्चित किया गया कि वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों और उनका व्यवहार पूरी तरह कानून के अनुरूप बना रहे।

पुलिस ने सभी हिस्ट्रीशीटरों को सख्त चेतावनी भी दी कि यदि भविष्य में किसी भी अवैध या असामाजिक गतिविधि में उनकी संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा, ऐसे हिस्ट्रीशीटर जो अब वृद्ध हो चुके हैं, लंबे समय से शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे हैं या जिनका निधन हो चुका है, उनकी हिस्ट्रीशीट को बंद करने की प्रक्रिया भी नियमानुसार शुरू की जा रही है।

पुलिस का यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि जनपद में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।