मैक्स हॉस्पिटल, देहरादून में जटिल गर्भाशय फाइब्रॉएड का उन्नत रोबोटिक सर्जरी से सफल इलाज

हरिद्वार। एक जटिल और जोखिम भरे मामले में, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून के डॉक्टरों ने 45 साल की महिला की रोबोटिक तकनीक से सफल सर्जरी की। महिला को गर्भाशय में कई बड़े फाइब्रॉएड थे, जिसकी वजह से उसे काफी परेशानी हो रही थी और उसकी रोज़मर्रा की ज़िंदगी प्रभावित हो रही थी।

देहरादून निवासी इस मरीज को लंबे समय से पेल्विक क्षेत्र में तीव्र दर्द और अत्यधिक मासिक रक्तस्राव की समस्या थी, जिससे उसकी दैनिक गतिविधियाँ बाधित हो रही थीं। विस्तृत क्लिनिकल जांच और इमेजिंग में पाया गया कि उसका गर्भाशय अत्यधिक बढ़ चुका था। लगभग 24–26 सप्ताह के गर्भ के आकार के बराबर और इसमें बड़े फाइब्रॉएड के साथ-साथ आसपास के अंगों से जुड़ी घनी टिश्यू भी मौजूद थीं, जिससे सर्जरी अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

इस जटिल स्थिति को ध्यान में रखते हुए, डॉ. रश्मि वार्ष्णेय गुप्ता एसोसिएट डायरेक्टर – स्त्री रोग, रोबोटिक एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने उन्नत रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए सर्जरी की। टीम ने अत्यधिक सटीकता और सावधानी के साथ प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया और बिना किसी चीरे के गर्भाशय से लगभग 1 किलोग्राम अतिरिक्त मास को सुरक्षित रूप से निकाल दिया।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, डॉ. रश्मि वार्ष्णेय गुप्ता ने कहा,“रोबोट-सहायता प्राप्त सर्जरी कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है, जैसे न्यूनतम रक्तस्राव, कम दर्द, शीघ्र रिकवरी और अधिक सर्जिकल सटीकता। हाई-डेफिनिशन 3D विज़ुअलाइज़ेशन सर्जन को बेहतर स्पष्टता और नियंत्रण देता है, जो विशेष रूप से जटिल मामलों में बेहद उपयोगी साबित होता है। इस केस में रोबोटिक तकनीक ने हमें अत्यधिक बढ़े हुए गर्भाशय का सुरक्षित और प्रभावी तरीके से इलाज करने में मदद की।”

सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी सुचारु रही और उसे तीसरे दिन स्थिर अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

यह केस जटिल स्त्री रोग संबंधी बीमारियों के उपचार में उन्नत रोबोटिक सर्जरी की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है और समय पर निदान एवं उपचार के महत्व को रेखांकित करता है। साथ ही, यह मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, देहरादून की अत्याधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित देखभाल के प्रति प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है।

आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल, आपदा प्रबंधन और पंचायती राज मिलकर करेंगे काम , कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने दिए निर्देश 
  • प्रथम चरण में ग्राम प्रधानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
  • आधुनिक संसाधनों से युक्त डीईओसी भी बनाए जाएंगे
देहरादून। उत्तराखण्ड को आपदा सुरक्षित बनाने की दिशा में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब आपदा प्रबंधन विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर कार्य करेंगे, ताकि ग्राम स्तर पर आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत किया जा सके और स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित हो सके। इस पहल के तहत प्रथम चरण में राज्य के ग्राम प्रधानों को आपदा प्रबंधन का व्यवहारिक एवं आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। 
मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम प्रधानों को आपदा की स्थिति में फस्र्ट रिस्पांडर के रूप में तैयार करना है ताकि वे आपदा के बाद प्रारंभिक राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें और पेशेवर बचाव दलों के पहुंचने तक स्थिति को नियंत्रित रख सकें। इसके साथ ही राज्य में व्यापक स्तर पर आपदा सुरक्षित गांव विकसित किए जाएंगे, जो भूकंप, भूस्खलन, बाढ़ और अन्य संभावित आपदाओं का सामना करने में सक्षम हों।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने गुरुवार को यूएसडीएमए में विश्व बैंक सहायतित यू-प्रिपेयर परियोजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा परियोजना के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। विशेष रूप से पुलों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन कार्यों के लिए निविदा आमंत्रित की जानी है, उनकी प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
आपदा शैल्टरों के निर्माण को लेकर मंत्री ने कहा कि उनके लिए स्थान का चयन अत्यंत सोच-समझकर किया जाए। स्थान का चयन करते समय क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आपदा जोखिम और स्थानीय आवश्यकता को प्राथमिकता दी जाए। इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उन्होंने यूएसडीएमए भवन में प्रस्तावित अत्याधुनिक राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। सभी जनपदों में स्थापित जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित कर उन्हें और अधिक सक्षम बनाने को कहा। 
उन्होंने कहा कि आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आधुनिक उपकरण और संसाधनों से सुसज्जित करना आवश्यक है। इस दिशा में पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, एसडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप सर्वोत्तम उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विभागों की क्षमता मजबूत नहीं होगी, तब तक आपदाओं का प्रभावी प्रबंधन संभव नहीं है। 
मंत्री ने कहा कि वे स्वयं राज्य के विभिन्न जनपदों का भ्रमण कर परियोजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दें और उनका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता तक पहुंचे। बैठक में परियोजना के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री ने समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में इस प्रकार की परियोजनाएं राज्य की सुरक्षा और सतत विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। 
बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन, सचिव खाद्य एवं परियोजना निदेशक आनंद स्वरूप, एसीईओ प्रशासन महावीर सिंह चैहान, एसीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ मो. ओबैदुल्लाह अंसारी, वित्त नियंत्रक अभिषेक कुमार आनंद, यूएलएमएमसी के निदेशक डाॅ. शांतनु सरकार, एपीडी एसके बिरला, डाॅ. मोहित पूनिया, पीडी माथुर आदि उपस्थित रहे।
पौड़ी गढ़वाल : पीठसैंण में भव्य हुआ क्रान्ति दिवस मेला, उमड़ा जनसैलाब

पीठसैंण : विकासखण्ड थलीसैंण के पीठसैंण (मासौं) में पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की स्मृति में आयोजित राजकीय क्रान्ति दिवस मेला इस वर्ष भी भव्यता और उत्साह के साथ मनाया गया। मेले में दूरस्थ गांवों से बड़ी संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे क्षेत्र में देशभक्ति, लोक संस्कृति और उत्सव का माहौल देखने को मिला। इस दौरान मेले में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन भी हुआ। 

कार्यक्रम का शुभारंभ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके उपरांत उन्होंने वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए और उनके अदम्य साहस, त्याग व बलिदान को नमन किया। इस दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मेले में विभिन्न विभागों द्वारा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों पर ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ ही पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण कर उन्हें मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया। साथ ही चिकित्सा विभाग द्वारा लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सा परामर्श, दवा वितरण सहित अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करायी गयी।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि क्रान्ति दिवस मेला हमारी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और वीरता का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल विकास की धारा को मजबूत करते हैं, बल्कि युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस प्रकार के बहुउद्देशीय शिविर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह क्षेत्र महान स्वतंत्रता सेनानी वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की जन्मभूमि है और उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष यह मेला बड़े ही धूमधाम से आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और उनके आश्रितों के हित में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परमवीर चक्र, महावीर चक्र सहित अन्य वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की गई है। सैनिकों के बच्चों को शिक्षा, उच्च शिक्षा, मेडिकल, पीएचडी तथा अन्य पेशेवर पाठ्यक्रमों के लिए भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेला स्थल मैदान का सौंदर्यीकरण सराहनीय ढंग से किया गया है तथा यहां एक सुंदर मंच का निर्माण भी हो चुका है। आगामी वर्ष में मैदान में शेड का निर्माण कराया जाएगा, जिससे आमजन को धूप एवं वर्षा से राहत मिल सकेगी।

मंत्री ने कहा कि बिनसर महादेव मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। आने वाले समय में वहां धर्मशाला, शौचालय तथा प्रांगण के सौंदर्यीकरण का कार्य भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पाठ्यक्रम में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के जीवन को शामिल किया गया है, जिससे प्रदेश के हजारों विद्यार्थी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सकेंगे। उन्होंने बताया कि चंद्र सिंह गढ़वाली के गांव में इंटर कॉलेज का निर्माण हो चुका है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास स्थापित किया गया है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के लगभग 100 विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा एवं आवासीय सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि चौथान क्षेत्र में आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए तीन पुलों का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और वीर सैनिकों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके उपरांत मंत्री ने नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस आवासीय छात्रावास परिसर का निरीक्षण भी किया।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली न केवल इस क्षेत्र, बल्कि पूरे देश के महान स्वतंत्रता सेनानी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने उपस्थित जनमानस से अपील करते हुए कहा कि यहां विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय जानकारी प्रदान करने एवं लाभ पहुंचाने हेतु स्टॉल लगाए गए हैं, जिनका वह अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम मेले का प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें लोक गायक दर्शन फर्स्वाण व उनकी टीम ने लोक संस्कृति, पारंपरिक गीतों और देशभक्ति की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं शैलजा सांस्कृतिक समिति द्वारा भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी गयी। 

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख थलीसैंण सुनीता रावत, जिला पंचायत सदस्य अंजली जोशी, ज्येष्ठ उप प्रमुख मनवर बिष्ट, उपजिलाधिकारी श्रेष्ठ गुनसोला, सैनिक कल्याण अधिकारी करण सिंह रावत, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती, खंड विकास अधिकारी टीका राम, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली जन विकास समिति के अध्यक्ष जय सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

ट्रैफिक से राहत के लिए दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से 12 किमी ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण तेज, एनएचएआई द्वारा 716 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना निर्माणाधीन
  • 44 प्रतिशत कार्य पूर्ण; अप्रैल 2027 तक पूरा होने की संभावना
  • पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के विशेष प्रावधान शामिल

देहरादून : क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने तथा देहरादून शहर में यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा उत्तराखंड में 12 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड चार-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड बाईपास का निर्माण किया जा रहा है। यह बाईपास दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ते हुए देहरादून के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में कार्य करेगा।

यह परियोजना झाझरा से प्रारंभ होकर पांवटा साहिब-बल्लूपुर (एनएच-7) सेक्शन को जोड़ते हुए देहरादून में आशारोड़ी चेक पोस्ट के निकट दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से जुड़ती है। लगभग 716 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही इस परियोजना का करीब 44 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और इसके अप्रैल 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है।

यह एक्सेस-कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग देहरादून शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ट्रांजिट ट्रैफिक को डायवर्ट करेगा, जिससे शहर के अंदर यातायात दबाव और वाहन प्रदूषण में कमी आएगी। इसके साथ ही यह मार्ग सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र, विकासनगर, हर्बर्टपुर (उत्तराखंड) तथा पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश) की ओर जाने वाले यातायात को सुगम बनाएगा। यह परियोजना हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश सहित उत्तरी राज्यों के साथ अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।

परियोजना को दीर्घकालिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। सड़क की डिजाइन गति 100 किमी/घंटा निर्धारित की गई है, जबकि वन क्षेत्रों में प्रभाव कम करने हेतु कुछ हिस्सों में गति 80 किमी/घंटा रखी गई है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सड़क की चौड़ाई (राइट ऑफ़ वे) को 30 मीटर तक सीमित रखा गया है, जिससे वन क्षेत्र और पेड़ों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।

वन क्षेत्रों से गुजरने के कारण परियोजना में वन्यजीव संरक्षण के विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसमें बड़े जानवरों के सुरक्षित आवागमन हेतु 350 मीटर लंबा व्हीक्युलर ओवरपास (वोओपी) तथा एक कैटल ओवरपास (सीओपी) शामिल है। इसके अतिरिक्त, 7 छोटे पुल, 21 बॉक्स कल्वर्ट तथा छोटे जीवों (जैसे सरीसृप एवं उभयचर) के लिए 5 ह्यूम पाइप कल्वर्ट का निर्माण किया जा रहा है। सुरक्षा एवं पर्यावरणीय संरक्षण को और मजबूत करने के लिए पूरे मार्ग पर फेंसिंग, संकेतक बोर्ड और वन्यजीव क्षेत्र से संबंधित चेतावनी संकेत लगाए जा रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।

परियोजना के पूर्ण होने पर देहरादून शहर में भारी वाहनों और बाहरी यातायात का दबाव कम होगा, जिससे शहरी गतिशीलता में सुधार, प्रदूषण में कमी और नागरिकों के जीवन स्तर में वृद्धि सुनिश्चित होगी। साथ ही, यह मार्ग मसूरी सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों तक बेहतर पहुंच प्रदान कर पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

टिहरी में वाहन दुर्घटना पर मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक, घायलों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद टिहरी गढ़वाल के चंबा क्षेत्र अंतर्गत नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री धामी ने दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए है कि दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित एवं समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। उन्होंने अधिकारियों को स्थिति पर सतत निगरानी बनाए रखने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

देहरादून में 24 अप्रैल को एयर रेड/ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, रात 10:05 बजे 30 मिनट का अंधेरा
देहरादून : नागरिक नागरिक सुरक्षा एयर रेड/ब्लैक आउट के सम्बन्ध में महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं गृहरक्षक,  गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्धारित एसओपी के अनुसार 24 अपै्रल 2026 को रात्रि में 10 बजे आयोजित की जाने वाले मॉक अभ्यास के सम्बन्ध में जिलाधिकारी/ अध्यक्ष जनपद आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सविन बसंल के निर्देशों के अनुपालन में सम्बन्धित रेखीय विभागों के अधिकारियों के साथ एनआईसी सभागार में टेबल टॉप बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेखीय विभाग एवं तहसील स्तर पर (तहसील सदर)  गठित आईआरएस नामित अधिकारी उपस्थित रहे।
भारत सरकार के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिक सुरक्षा तंत्र की तैयारी, समन्वय एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना है, ताकि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जनपद अंतर्गत शहर के चिन्हित प्रमुख 4 स्थानों आईएसबीटी, डिल रायपुर, घंटाघर एवं आराघर में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। रात्रि 10ः05 बजे से इन क्षेत्रों में लगभग 30 मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा, जिसके अंतर्गत स्ट्रीट लाइट, पार्क एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों की रोशनी अस्थायी रूप से बंद रखी जाएगी। मॉक ड्रिल प्रारंभ होने से पूर्व संबंधित क्षेत्रों में आपातकालीन सायरन बजाया जाएगा, जिससे आमजन को संकेत प्राप्त हो सके।
माकड्रिल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुरक्षा संगठन की तैयारी एवं क्षमता का मूल्यांकन, ब्लैकआउट एवं चेतावनी प्रणाली का परीक्षण,विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करना, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को परखना है। मॉक ड्रिल के सफल संचालन हेतु जिला स्तर पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (इओसी) की स्थापना की गई है। इसके साथ ही विभिन्न चिन्हित स्थलों पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे। दूरसंचार, मोबाइल, वायरलेस एवं हॉटलाइन माध्यमों से सतत संपर्क बनाए रखा जाएगा। सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी 24×7 कंट्रोल रूम में तैनात रहेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि यह एक पूर्व निर्धारित मॉक अभ्यास है, अतः किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट से बचें। अभ्यास के दौरान प्रशासन को सहयोग प्रदान करें तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें।
ज्ञातब्य है कि भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में सम्पूर्ण देशभर सहित प्रदेश एवं जनपद स्तर पर नागरिक सुरक्षा संगठन की तैयारी व क्षमता आदि का मूल्यांकन करने एवं आपातकालीन तैयारी का परीक्षण के दृष्टिगत मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम मे जिलें में 24 अपै्रल को इस मॉक अभ्यास का आयोजन किया जा रहा है। इस मॉकड्रिल का उद्देश्य प्रदेश एवं जनपद स्तर पर नागरिक सुरक्षा संगठन की तैयारी व क्षमता आदि का मूल्यांकन करने एवं आपातकालीन तैयारी का परीक्षण करना। ब्लैकआउट एवं चेतावनी प्रणाली का उपयोग एवं परीक्षण करना। विभागीय समन्वय सुनिश्चत करना। डिस्ट्रिक कन्ट्रोल रूम ईओसी की स्थापना। सम्बन्धित पोस्ट में कन्ट्रोल रूम। दूरसंचार, मोबाईल, वायरलेस /हॉटलाईन कन्ट्रोल रूम में रेखीय विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी 24×7 उपस्थित रहेंगे।
 जिला प्रशासन ने आमजन से अनुरोध किया कि  यह एक मॉक अभ्यास है इससे घबराएं नही इस अभ्यास में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की है। इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित समस्त रेखीय विभागों, सिविल डिफेंस, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





सीओ निहारिका सेमवाल ने कोतवाली लैंसडाउन का किया अर्द्धवार्षिक निरीक्षण, दिए निर्देश

कोटद्वार : क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल द्वारा आज 23 अप्रैल को कोतवाली लैंसडाउन का अर्द्धवार्षिक निरीक्षण किया गया। जिसमें सर्वप्रथम गार्द का निरीक्षण किया गया तत्पश्चात थाना कार्यालय, भोजनालय, कर्मचारी बैरक तथा थाना परिसर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान थाने को आवन्टित सरकारी सम्पत्ति व मालखाने का निरीक्षण करते हुये मालखाने में रखे लम्बित मालों तथा थाना परिसर में खड़े वाहनों का निस्तारण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। 

थाना कार्यालय में संचालित सीसीटीएनएस पोर्टल एवं अन्य ऑनलाइन पोर्टलों एवं थाना अभिलेखों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। साथ ही थाने को आवन्टित शस्त्रों का निरीक्षण कर शस्त्रों की नियमित साफ-सफाई करने के निर्देश दिए गए। 

प्रभारी कोतवाली लैंसडाउन सहित सभी कर्मिकों को अनुशासन/टर्नआउट उच्च कोटि का बनाऐ रखने, बैरिकों व आवासीय परिसर को साफ-सुथरा रखने, सरकारी सम्पत्ति का रखरखाव करने तथा अभिलेखों को अध्यावधिक करने व उच्चाधिकारियों से निर्गत दिशा निर्देशो का शत प्रतिशत पालन करने हेतु निर्देशित किया गया। तत्पश्चात थानें में नियुक्त समस्त कार्मिकों का सम्मेलन लेकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेकर सम्बन्धित को निराकरण करने हेतु निर्देशित किया गया।

पौड़ी गढ़वाल : सघन चेकिंग के दौरान 3 ग्राम स्मैक के साथ अभियुक्त गिरफ्तार

पौड़ी : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, नशा तस्करों की सप्लाई चेन को पूर्णतः ध्वस्त करने तथा नशे की बिक्री, आपूर्ति, परिवहन एवं वितरण से जुड़ी प्रत्येक कड़ी के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। उक्त निर्देशों के अनुपालन में समस्त थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा सतर्कता बढ़ाते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। 

आज 23 अप्रैल को क्षेत्राधिकारी श्रीनगर अनुज कुमार के पर्यवेक्षण एवं प्रभारी निरीक्षक श्रीनगर कुलदीप सिह के नेतृत्व में पुलिस व सीआईयू टीम श्रीनगर के द्वारा संयुक्त चैकिग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान कलियासौड़ क्षेत्र में संदिग्ध वाहन एवं व्यक्तियों की चोकिंगके दौरान पुलिस टीम ने सतर्क निगरानी एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए एक युवक शितेज कुमार उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से 03.00 ग्राम स्मैक बरामद हुई।

पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह स्मैक सेवन का आदी है तथा बरामद स्मैक सौरभ कुमार, निवासी श्रीनगर से खरीदी गई थी। इस संबंध में गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली श्रीनगर में मु0अ0सं0- 29/2026, धारा 8/21 NDPS Act के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है तथा गिरफ्तारशुदा अभियुक्त को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस टीम द्वारा बरामद स्मैक की खरीद-फरोख्त में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में भी गहन जानकारी संकलित कर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

 

नाम पता अभियुक्त

शितेज कुमार उर्फ लक्की, (उम्र-26 वर्ष) निवासी- श्रीनगर, मूल पता- हाफसाबाद, बिहारीपूर, बिजनौर उ0प्र0। 

 

बरामद माल

 कुल 03.00 ग्राम स्मैक (कीमत लगभाग 90,000 रू0/-)

चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, 8 की मौत, 2 घायल

टिहरी : चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक वाहन गहरी खाई में गिर गया। हादसे के समय वाहन में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें से सभी की मौके पर ही मौत हो गई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, हादसे में दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार सभी मृतक घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेड़ा गांव के निवासी थे। वे हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुट गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

 
 
चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज
  • आस्था पर प्रहार नहीं सहेंगे: चारधाम यात्रा पर अफवाह फैलाने वालों पर शिकंजा
  • चारधाम यात्रा को बदनाम करने की कोशिश नाकाम, दुष्प्रचार करने वालों पर कार्रवाई
  • धामी सरकार का सख्त संदेश: चारधाम यात्रा पर फेक न्यूज फैलाने वालों की खैर नहीं
  • भ्रामक खबरों से यात्रा प्रभावित करने की साजिश बेनकाब, पुलिस हुई सक्रिय

रुद्रप्रयाग : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड की चार धाम यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्री सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा एवं डिजिटल मॉनीटरिंग को सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन सुनिश्चित किए जा रहे हैं।

कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चार धाम यात्रा के संबंध में भ्रामक, अपुष्ट एवं तथ्यहीन वीडियो/सामग्री प्रसारित कर आम जनमानस को भ्रमित करने तथा राज्य की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया मॉनीटरिंग के दौरान एक ऐसा वीडियो संज्ञान में आया, जिसमें केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने संबंधी गलत जानकारी प्रसारित की जा रही थी।

उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। मामले की जांच प्रचलित है। साथ ही, ऐसे अन्य 4–5 संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

चार धाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाएं पूर्णतः सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन कराए जा रहे हैं।

किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार को शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) के तहत लिया जाएगा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्तराखंड की आस्था, श्रद्धा एवं चार धाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रदेशवासियों, श्रद्धालुओं एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही विश्वास करें तथा किसी भी अपुष्ट, भ्रामक या संदिग्ध सामग्री को साझा करने से बचें।