चारधाम यात्रा पर फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर FIR दर्ज

रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड में संचालित चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। जनपद रुद्रप्रयाग में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक वीडियो के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन के अनुसार, वायरल वीडियो में केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं को दर्शन से वंचित किए जाने की गलत जानकारी दी जा रही थी, जिससे लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए सोनप्रयाग थाने में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा पूरी तरह सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, ट्रैफिक प्रबंधन, आपदा सुरक्षा और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन सुनिश्चित हो सके। प्रशासन ने बताया कि ऐसे 4-5 अन्य संदिग्ध वीडियो भी चिन्हित किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की 24×7 निगरानी की जा रही है।

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने आम जनता और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और किसी भी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को साझा करने से बचें।

उत्तराखंड : महिला आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस का धरना, सरकार पर लगाया गुमराह करने का आरोप

देहरादून : उत्तराखंड में विधानसभा और संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने गुरुवार को विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में विधानसभा भवन के निकट आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार महिला आरक्षण के मुद्दे को जानबूझकर उलझा रही है और जनता को गुमराह किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पार्टी महिला आरक्षण बिल के समर्थन में पहले भी खड़ी थी और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी।

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मांग की कि परिसीमन की जटिलता को जल्द सुलझाकर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और महिला आरक्षण विधेयक को पारित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 से मौजूदा लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा की संरचना के आधार पर 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना उचित नहीं है और यदि इसे लागू करना है तो 543 लोकसभा सीटों के आधार पर तुरंत 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी चाहिए। धरने में नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने पंचायत स्तर पर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की थी, जिससे देशभर में महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा मिला।

चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, 8 की मौत, 2 घायल

टिहरी : चंबा-कोटी कॉलोनी मार्ग पर नैल के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां एक वाहन गहरी खाई में गिर गया। हादसे के समय वाहन में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें से सभी की मौके पर ही मौत हो गई।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने आठ लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं, हादसे में दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार सभी मृतक घनसाली क्षेत्र के चांजी, ठेला और चकरेड़ा गांव के निवासी थे। वे हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुट गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

 
 
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ खुले भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम

चमोली: भगवान श्री बद्रीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल हेतु श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बद्री विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की।

मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने हेतु हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है।
मुख्यमंत्री ने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा।

लोक संस्कृति की झलक: जागरों पर झूम उठा बद्रीनाथ धाम

कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

भंडारे का शुभारंभ, श्रद्धालुओं के साथ किया प्रसाद ग्रहण

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की।

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

 

श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले

केदारनाथ : श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी, ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई।

इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच कपाट उद्घाटन का यह दिव्य क्षण और भी अलौकिक बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।

मुख्यमंत्री ने की अपील

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने सभी उत्तराखंडवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

फूलों से सजा बाबा केदार का धाम

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए कल शाम ही धाम पहुंच चुकी थी। इसी क्रम में कपाट खुलने की प्रक्रिया आज प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हुई। इसके बाद प्रातः 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों एवं वेदपाठियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आवाहन एवं लोककल्याण के संकल्प के साथ ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट उद्घाटन के अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

ये रहे मौजूद

कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग/मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

उत्तराखंड में भीषण हादसा, खाई में गिरी कार, तीन युवकों की मौत

रुद्रप्रयाग : जिले में भीरी-ककोला मोटर मार्ग पर गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भीरी से औरिंग की ओर जा रहा एक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से करीब 250 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा, जिससे उसमें सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड पुलिस की कोतवाली ऊखीमठ टीम और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। प्रभारी निरीक्षक मनोज नेगी और एसडीआरएफ पोस्ट अगस्तमुनि से उपनिरीक्षक धर्मेंद्र पंवार के नेतृत्व में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

रात के अंधेरे और दुर्गम परिस्थितियों के बीच जवानों ने खाई में उतरकर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद दो शवों को बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीसरे शव को निकालने का प्रयास जारी रहा। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान नवीन सिंह (30 वर्ष), अंशुल (28 वर्ष) और अमित सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों मृतक रुद्रप्रयाग जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

उत्तराखंड : स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर नकेल कसने कि तैयारी, बनेगा राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण

देहरादून : उत्तराखंड में सरकारी और निजी स्कूलों के लिए जल्द ही राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। यह प्राधिकरण प्रदेश के सभी विद्यालयों के लिए न्यूनतम मानक तय करेगा, जिससे फीस की मनमानी और अन्य शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

प्रस्तावित प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, सुविधाओं की कमी और अभिभावकों की शिकायतों का समाधान करना होगा। यह राज्य के करीब 16,501 सरकारी और 5,396 निजी विद्यालयों के लिए बुनियादी मानक निर्धारित करेगा। साथ ही, स्कूलों में पढ़ाए जाने वाले विषय, फीस संरचना और अन्य आवश्यक जानकारी को सार्वजनिक करना भी अनिवार्य होगा।

प्राधिकरण को अर्धन्यायिक आयोग का दर्जा दिया जाएगा, जिसके पास विद्यालयों की मान्यता की शर्तें तय करने, उनके पालन की निगरानी करने और शिकायतों की जांच करने का अधिकार होगा। नियमों के उल्लंघन पर स्कूलों को दंडित करने या उनकी मान्यता समाप्त करने की भी शक्ति प्राधिकरण के पास होगी।

इसके अलावा, निजी विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनमान को भी तय किया जाएगा। बुनियादी ढांचा, सुरक्षा मानक और शिक्षकों की संख्या जैसे पहलुओं पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, जिनका पालन सभी सरकारी और निजी स्कूलों को करना होगा। प्राधिकरण एक स्वतंत्र इकाई के रूप में कार्य करेगा। इसके गठन को लेकर वित्त विभाग अपनी राय दे चुका है और जल्द ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस पर अहम बैठक आयोजित की जाएगी।

प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ सदस्य शामिल होंगे। अध्यक्ष पद के लिए शिक्षाविद, सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को नामित किया जाएगा। वहीं, सदस्यों में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एससीईआरटी के निदेशक, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। अपर शिक्षा निदेशक पद्मेंद्र सकलानी के अनुसार, प्राधिकरण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नए सिरे से ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसमें शिक्षा विभाग के अलावा अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी शामिल करने पर जोर दिया गया है।

उत्तराखंड पहुंचे उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर आज सी.पी. राधाकृष्णन के देवभूमि उत्तराखंड आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर गुरमीत सिंह, पुष्कर सिंह धामी सहित राज्य सरकार के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर एयरपोर्ट पर विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। उनके स्वागत के दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क नजर आईं। उपराष्ट्रपति के इस दौरे को राज्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें वे विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

सीएम धामी के चेहरे पर लड़ा जाएगा 2027 का चुनाव, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने की सीएम धामी की सराहना
  • बोले, सीएम धामी ने गुड गर्वनेंस से जीता लोगों का दिल, उम्मीदों पर उतरे खरे

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी सीएम पुष्कर सिंह धामी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास के कई नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास की गति तेज हुई है। वह जनांकांक्षाओं पर खरे उतरे हैं। उनके नेतृत्व में पारदर्शी शासन और सुदूर गांव में बुनियादी सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई हे। प्रदेश के आम जनमानस के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक प्रमुख हिन्दी न्यूज चैनल के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने इस दौरान उत्तराखंड को लेकर पूछे गऐ एक सवाल के जवाब में कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर हुआ है। नितिन नवीन ने कहा कि हर राज्य में अलग-अलग चुनौतियां होती हैं। उत्तराखंड को यदि हम गर्वेनेंस के तौर पर देखें तो या आम जनमानस के जीवन स्तर के हिसाब से आंकलन करें तो सीएम धामी के नेतृत्व में प्रदेश का विकास हुआ है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में सीएम धामी ही पार्टी का चेहरा होंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले 14 अप्रैल को देहरादून में पीएम मोदी ने भी धामी की सराहना की। जबकि हल्द्वानी में आयोजित धामी सरकार के चार साल बेमिसाल कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम धामी की जमकर तारीफ की और उन्हें धुरंधर की उपाधि दी। इससे पहले मार्च महीने में ही हरिद्वार पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने भी सीएम धामी के कार्यों और जनकल्याणकारी नीतियेां का सराहा और कहा कि उत्तराखंड में भाजपा सरकार की हैट्रिक लगेगी।