बागेश्वर : 3 पैथोलॉजी लैब्स सीज, प्रत्येक पर ₹2.50 लाख का जुर्माना

बागेश्वर : महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग उत्तराखण्ड और जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमित मिश्रा द्वारा गुरुवार को जनपद में संचालित विभिन्न लैब्स का औचक निरीक्षण किया गया।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान मां भगवती लैब, शिवम पैथोलॉजी लैब तथा कालिका लैब में बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, फायर सेफ्टी, पॉल्यूशन एवं क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट से संबंधित आवश्यक पंजीकरण दस्तावेजों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। साथ ही ब्लड जांच रिपोर्ट्स में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर न होने सहित अन्य नियमों के उल्लंघन पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग ने इन गंभीर कमियों को देखते हुए तीनों लैब्स पर क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत प्रत्येक पर ₹2.50 लाख का अर्थदंड लगाया तथा तत्काल प्रभाव से सीज करने की कार्रवाई की। वहीं, चन्दन डायग्नोस्टिक लैब के निरीक्षण में कुछ कमियां पाई गई है कमियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।

ऑपरेशन ‘प्रहार’ के तहत कोटद्वार पुलिस की कार्रवाई, NBW वांछित अभियुक्त गिरफ्तार

कोटद्वार : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी द्वारा जनपद के समस्त थाना प्रभारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि ऑपरेशन प्रहार के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही के साथ-साथ न्यायालय से प्राप्त गैर-जमानती वारंट (N.B.W.) की शत-प्रतिशत तामील कर, अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए। जिसके क्रम में कोटद्वार पुलिस टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा निर्गत NBW सम्बन्धित फौ०वा0सं0-2180/2024, धारा- 60 आबकारी अधिनियम से संबंधित वारण्टी अभियुक्त रतिराम, निवासी- कोटद्वार को गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

गिरफ्तार वारण्टी

  • रतिराम (उम्र 50 वर्ष), निवासी- कोटद्वार
डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने शशिधर भट्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम का किया निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दिए सख्त निर्देश

कोटद्वार : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा शशिधर भट्ट खेल स्टेडियम, कोटद्वार का विस्तृत एवं गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर में खेल सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, निर्माण कार्यों, हॉस्टल एवं खिलाड़ियों को उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से जायज़ा लिया गया। इस दौरान विभिन्न कमियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीआरडी कार्मिकों की जानकारी ली तथा स्टेडियम में मल्टीपर्पज कार्मिकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए, जिससे व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन हो सके। बॉक्सिंग हॉल एवं टीटी हॉल का अवलोकन करते हुए उन्होंने पाया कि फ्लोरिंग, दीवारों एवं जालियों की स्थिति ठीक नहीं है। इस पर उन्होंने जिला खेल अधिकारी को शीघ्र डीपीआर तैयार कर मरम्मत कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।

स्टेडियम परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित स्वच्छता कर्मचारी को हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक सप्ताह के भीतर समुचित स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उपजिलाधिकारी को पंद्रह दिन बाद पुनः निरीक्षण कर स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि स्थिति में सुधार नहीं पाया गया तो संबंधित टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।

हॉस्टल एवं डाइनिंग हॉल का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई की खराब स्थिति पर हॉस्टल वार्डन का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। हॉस्टल में नियमित सफाई सुनिश्चित करने, खिड़कियों के शीशे ठीक कराने तथा जहां आवश्यक हो वहां जालियां लगाने को कहा गया। गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक कमरे में कूलर लगाने हेतु धनराशि जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। कैंटीन में गंदगी पाए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

खेल सुविधाओं के अंतर्गत वॉलीबॉल कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट एवं हॉकी मैदान का निरीक्षण किया गया। बैडमिंटन कोर्ट में टूट-फूट एवं वेंटिलेशन की कमी पाए जाने पर मरम्मत एवं सुधार के निर्देश दिए गए। मरम्मत कार्यों के लिए कोचों की समिति बनाकर एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया। वॉलीबॉल कोर्ट की मरम्मत तथा हॉकी मैदान के रखरखाव के निर्देश भी दिए गए। साथ ही स्टेडियम के समुचित रखरखाव हेतु ग्रास कटर एवं स्प्रिंकलर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण कर कोच की नियुक्ति तथा क्रिकेट कोच की भी नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम में क्रिकेट तथा बास्केटबॉल का प्रशिक्षण भी शीघ्र शुरू किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने जिला खनिज न्यास अंतर्गत किए जा रहे कार्यों के निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता तथा ठेकेदार से वार्ता करते हुए मरम्मत एवं निर्माण कार्य तत्काल प्रारंभ कर 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्माणदायी संस्था आरडब्ल्यूडी के इंजीनियर को भी निर्देशित किया गया कि कार्यों की नियमित एवं गुणवत्ता युक्त जांच सुनिश्चित करें।

निरीक्षण में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई, जिस पर ठेकेदार ने अगले दिन से कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिलाधिकारी ने खेल अधिकारी को निर्देश दिए कि स्टेडियम के रेनोवेशन हेतु मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत प्रस्ताव शीघ्र प्रेषित किया जाए। उन्होंने अवगत कराया कि डीएमएफ के तहत इंटरलॉकिंग टाइल्स, ड्रेनेज एवं गेट निर्माण का कार्य प्रगति पर है, जिसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

स्टेडियम के समीप स्थित ट्रेंचिंग जोन के कारण परिसर में कूड़ा आने की समस्या पर खेल अधिकारी द्वारा अवगत कराए जाने पर जिलाधिकारी ने ‘व्यू कटर’ लगाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा ओपन जिम, शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। इस दौरान छात्रावास में रहने वाले खिलाड़ियों से संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव एवं फीडबैक प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने उनके भोजन, पढ़ाई, पुस्तकें आदि सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और सुधार के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि स्टेडियम में शिकायत पंजिका अनिवार्य रूप से बनाई जाए, ताकि खिलाड़ियों को किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक प्रभावी माध्यम उपलब्ध हो सके। साथ ही उपजिलाधिकारी को प्रत्येक माह निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल की व्यायामशाला का निरीक्षण किया। व्यायामशाला की स्थिति अत्यंत खराब पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायी। व्यायामशाला के प्रशिक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि नयी व्यायामशाला के निर्माण हेतु प्रस्ताव पूर्व में प्रस्तुत किया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्ताव पर शीघ्र संज्ञान लेते हुए इसे और सुदृढ़ एवं आधुनिक रूप में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने व्यायामशाला में नए जिम्नेजियम हॉल, पेयजल, शौचालय, ऑफिस कक्ष, रेलिंग सहित आगणन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही सफाई व्यवस्था में सुधार कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्टेडियम एवं व्यायामशाला की व्यवस्थाओं में त्वरित सुधार सुनिश्चित करते हुए खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, ताकि खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी श्रीपति डोभाल, जिला क्रीड़ा अधिकारी जयबीर सिंह रावत, जिला युवा कल्याण अधिकारी रविन्द्र फोनिया, प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र सनवाल सहित अन्य अधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

रुद्रपुर में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार, 4 महिलाओं का रेस्क्यू

रुद्रपुर : उधम सिंह नगर के रुद्रपुर में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश करते हुए इलाके में हड़कंप मचा दिया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे पर छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और चार महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला।

कैसे हुआ खुलासा?

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आवास-विकास तिराहे के पास सन सिटी कॉम्प्लेक्स में स्थित “कोहिनूर स्पा सेंटर” में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना मिलते ही निरीक्षक मनोहर सिंह दसौनी के नेतृत्व में टीम ने तुरंत एक्शन लिया और मौके पर छापा मार दिया।

छापेमारी में क्या मिला?

छापे के दौरान कुछ लोग भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन आरोपियों को मौके से ही दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में:

  • विकास कुमार (22)
  • ओमविजय (28)
  • हरीश साह (39, स्पा संचालक)
  • तलाशी में पुलिस को नकदी, मोबाइल फोन, कस्टमर रजिस्टर और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ।

 

महिलाओं का चौंकाने वाला खुलासा

रेस्क्यू की गई महिलाओं ने बताया कि उन्हें स्पा जॉब का लालच देकर यहां लाया गया था, लेकिन बाद में दबाव बनाकर देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया। वे पिछले कई महीनों से इस जाल में फंसी हुई थीं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 व अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया है।

क्षेत्राधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और बरामद मोबाइल फोन भी जांच में शामिल किए जाएंगे। रेस्क्यू की गई महिलाओं को सुरक्षा में रखा गया है और उनके परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।

उत्तराखंड : चमोली में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, क्षेत्र पंचायत सदस्य गिरफ्तार

कर्णप्रयाग (चमोली): कर्णप्रयाग पुलिस ने करीब एक महीने पुराने सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए हत्यारोपी नरेन्द्र सिंह तोपाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी क्षेत्र पंचायत सदस्य बताया जा रहा है, जिसने उधारी और सामाजिक अपमान से तंग आकर इस वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम ने वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के आधार पर इस जटिल मामले की गुत्थी सुलझाई।

दरअसल, 10 मार्च 2026 को अलकनंदा नदी किनारे लंगासू क्षेत्र में चंडिका माता मंदिर के नीचे एक अज्ञात शव बरामद हुआ था। शव के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या की आशंका जताई गई। मृतक के हाथ पर “SOORAJ PUROHIT” लिखा मिला, लेकिन तत्काल पहचान नहीं हो सकी।

पुलिस ने फिंगरप्रिंट और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू की, लेकिन 72 घंटे तक पहचान न होने पर पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इसी बीच मृतक के हाथ पर लिखे नाम को आधार बनाकर पुलिस ने ‘पुरोहित’ उपनाम से जुड़े क्षेत्रों में जांच तेज की।

जांच में तकनीकी सर्विलांस के जरिए सुराग नंदप्रयाग तक पहुंचा। 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर जारी तस्वीरों से शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। इसके बाद 24 मार्च को कोतवाली कर्णप्रयाग में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।

तफ्तीश के दौरान पता चला कि सूरज पुरोहित नंदप्रयाग के एक होटल में ठहरा हुआ था और आरोपी नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से एक ढाबे में काम कर रहा था। पूछताछ में शुरू में आरोपी ने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों ने सच्चाई उजागर कर दी।

फुटेज में आरोपी को 16 फरवरी की रात शव को प्लास्टिक के कट्टे में कार (अल्टो UK12A 3212) की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाते और बाद में वाहन धोते हुए देखा गया। सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने सूरज की हत्या कर शव को पुल से नदी में फेंक दिया था और साक्ष्य मिटाने के लिए मोबाइल व अन्य सामान भी बहा दिए।

उधारी और अपमान बना हत्या का कारण

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने मृतक से ₹10,000 उधार लिए थे। मृतक द्वारा बार-बार सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने और पैसे की मांग को लेकर वह मानसिक रूप से आक्रोशित था, जिसके चलते उसने हत्या की योजना बनाई।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार और रस्सी बरामद कर ली है। वहीं, FSL टीम ने वाहन से अहम साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेजे हैं। इस मामले के सफल खुलासे पर उच्च अधिकारियों ने पुलिस टीम की सराहना की है और टीम को ₹5,000 का नगद पुरस्कार भी प्रदान किया गया है।

 

ज्योति विद्यालय के शाश्वत और तेजस साह ने किया विद्यालय का नाम रोशन

ज्योतिर्मठ । नगर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ‘ज्योति विद्यालय इंटरमीडिएट कॉलेज’ के छात्र-छात्राओं ने काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (ICSE) द्वारा घोषित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट (ISC) सत्र 2025-26 के परीक्षा परिणामों में अपनी मेधा का शानदार प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि से विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और क्षेत्र के अभिभावकों में भारी हर्ष और गौरव का माहौल है। विद्यालय की इस शानदार सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

इंटरमीडिएट (ISC) की परीक्षा में शाश्वत ने 86 प्रतिशत अंक हासिल कर विद्यालय की वरीयता सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए साम्य निश्चय ने 85.75 प्रतिशत और अक्षत ने 85 प्रतिशत अंकों के साथ अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता दर्ज कराई। विद्यालय के गौरव को और बढ़ाते हुए छात्रा श्रेया और छात्र आयुष रावत ने समान रूप से 81.5 प्रतिशत तथा अनुभव ने 81.25 प्रतिशत अंक अर्जित किए हैं। इन सभी मेधावियों ने अपनी सफलता से न केवल अपने माता-पिता बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

वहीं, हाईस्कूल (ICSE) के परिणामों में छात्र तेजस शाह ने 93 प्रतिशत अंकों के साथ विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी विशेष पहचान बनाई है। उनके बाद छात्रा आराध्या जैन ने 92.4 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन की इसी कड़ी में छात्रा परिधि ने 92 प्रतिशत और कविता ने 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी योग्यता का लोहा मनवाया है। इस वर्ष विद्यालय के शैक्षणिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ इंटरमीडिएट के 16 और हाईस्कूल के 36 छात्र-छात्राओं ने ‘विशेष योग्यता’ के साथ सफलता प्राप्त कर विद्यालय की कीर्ति को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है।

इस ऐतिहासिक अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक फादर जिंटोऔर प्रधानाध्यापिका सिस्टर दीप्ति जी ने सभी सफल विद्यार्थियों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। उन्होंने इस सफलता का मुख्य श्रेय विद्यार्थियों के अटूट परिश्रम, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन और अभिभावकों के निरंतर सहयोग को दिया है। प्रधानाध्यापिका ने विशेष तौर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक वर्ग की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षकों के निस्वार्थ सेवा भाव और कुशल शिक्षण पद्धति के कारण ही आज ज्योति विद्यालय सीमांत क्षेत्र के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।

धामी कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले, इन पर लगी मुहर

देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार  सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में सरकार ने 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक में प्रशासनिक, परिवहन, शिक्षा, वन एवं वित्तीय मामलों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के विकास और रोजगार पर पड़ेगा।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:

परिवहन विभाग में प्रवर्तन अधिकारियों के लिए नई वर्दी को मंजूरी दी गई है। साथ ही विभाग के लिए 250 नई बसों की खरीद को स्वीकृति मिली है। जीएसटी दरों में बदलाव के चलते अब 100 के बजाय 109 बसें खरीदी जाएंगी।

कुंभ मेले के कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों का निर्धारण किया गया है। इसके तहत 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।

उद्योग विभाग में दरों में वृद्धि करते हुए इसे 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। वहीं वित्त विभाग के अंतर्गत आबकारी नीति में 6 प्रतिशत दर को राज्य कर विभाग द्वारा अपनाने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग में भर्ती से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। इसके अलावा डी श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है।

वन क्षेत्र से जुड़े इलाकों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से मधुमक्खी पालन नीति को मंजूरी दी गई है। साथ ही “मधुमक्खी आधारित आजीविका योजना 2026” को भी स्वीकृति दी गई, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। मदरसा मान्यता नियमों में बदलाव करते हुए कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता देने का प्रावधान किया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेना अनिवार्य होगा।

कार्मिक विभाग ने प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता को अब अधिकतम एक वर्ष तक सीमित कर दिया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप विशेष शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए संबंधित नियमावली को मंजूरी दी गई है।

लोक निर्माण विभाग (PWD) में वर्ष 2023 की जेई भर्ती से संबंधित 6 नए पद सृजन को स्वीकृति मिली है। वहीं वर्कचार्ज कर्मचारियों से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 21 अशासकीय कॉलेजों को भी इसका लाभ देने का निर्णय लिया गया है।

कैबिनेट के इन फैसलों को प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

स्वच्छता ही सेवा- केदारनाथ में एक सप्ताह में जमा किया एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट, ग्रीन चारधाम यात्रा के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई
  • एकत्रित कचरे को 15 श्रेणियों में बांटा गया, एकत्रित्र कचरे से होगी नगर पंचायत की कमाई

केदारनाथ : केदारनाथ धाम में उमड़ती तीर्थयात्रियों की भीड़ के बीच, नगर पंचायत केदारनाथ ने धाम को प्लास्टिक वेस्ट से मुक्त रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यात्रा के पहले एक सप्ताह में ही पालिका ने करीब एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित करते हुए, कॉम्पेक्ट कर लिया है। पालिका गीले कचरे के निस्तारण के लिए भी पक्के पिट बनाने जा रही है।

ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार, 22 अप्रैल को खोले गए थे। यात्रा के पहले ही दिन से धाम में तीर्थयात्रियों की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है, इस कारण धाम में भारी मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट पहुंच रहा है, जिसका मुख्य कारण पानी की बोतलें हैं। हालांकि नगर पंचायत केदारनाथ इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयार थी। इसके लिए नगर पंचायत की ओर से धाम में 3 हजार वर्गफिट क्षेत्र में मटीरियल रिकवरी फैसीलिटी स्थापित की गई है। जहां धाम में एकत्रित होने वाले प्लास्टिक वेस्ट और अन्य ठोस कचरे को जमा कर, 15 अलग- अलग श्रेणियों में छांटा जा रहा है। इसमें मुख्य रूप से प्लास्टिक वेस्ट, कांच और टिन, कपड़े जैसा कचरा शामिल होता है। यही पर नगर पंचायत की ओर से कॉम्पेक्टर मशीन भी लगाई गई है, जो बोतल आदि प्लास्टिक वेस्ट को पिचकाकर, 30 से 40 किलो की गठरी के तौर पर तैयार कर देती है।

नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी नीरज कुकरेती ने बताया कि इस तरह पहले एक हफ्ते ही करीब एक हजार किलो प्लास्टिक वेस्ट एकत्रित किया जा चुका है, जिसे अब बेचा जाएगा, इससे नगर पंचायत को राजस्व की भी प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि कांच, टिन सहित दूसरे वेस्ट को भी मौके पर ही जमा किया जा रहा है, बाद में इसे भी सोनप्रयाग लाकर कबाड़ के तौर पर बेचा जाएगा। नगर पंचायत की ओर से धाम में दो शिफ्ट में सुबह शाम सफाई कराई जा रही है। इसके लिए 55 सफाई कर्मी नियुक्त किए गए हैं, जबकि यात्रा मार्ग पर दूसरी संस्था द्वारा सफाई कराई जा रही है। इस कारण धाम में स्वच्छता बनी हुई है।

प्रधानमंत्री कर चुके हैं अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उत्तराखंड आने वाले तीर्थ यात्रियों से सिंगल यूज प्लास्टिक कचरा न फैलाने की अपील कर चुके हैं। इसी माह दिल्ली – देहरादून एक्सप्रेस वे लोकार्पण के लिए देहरादून पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से की गई अपनी पांच अपील में, पर्यावरण संरक्षण के साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने को भी शामिल किया है।

उत्तराखंड देवभूमि के साथ ही अपने नाजुक पारिस्थितिक तंत्र के लिए जाना जाता है। इसलिए यहां आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री से हमारी विनम्र अपील है कि वो प्लास्टिक वेस्ट या अन्य तरह का कचरा इधर- उधर न डालें। उत्तराखंड सरकार, तीर्थ स्थलों के साथ ही यहां की पवित्र नदियों और पर्वतराज हिमालय के पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। धामों के साथ ही यात्रा मार्ग पर नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों के माध्यम से लगातार सफाई कराई जा रही है।
पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को दी बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं
  • महात्मा बुद्ध का अहिंसा, करुणा और शान्ति का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए है अमूल्य निधि – मुख्यमंत्री

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध का अहिंसा, करुणा और शान्ति का संदेश सम्पूर्ण मानवता के लिए अमूल्य निधि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध की शिक्षा हमें जीवन में नैतिक मूल्यों और अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करती है। महात्मा बुद्ध ने विश्व कल्याण के लिए मैत्री भावना तथा बिना किसी भेदभाव के संगठित रहने पर बल दिया। मानव मात्र के लिए उनके संदेश सदैव ही प्रासंगिक बने रहेंगे।

डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने PHC दुगड्डा का किया औचक निरीक्षण, जर्जर भवन पर सख्त रुख, लैब व डायग्नोस्टिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के दिए निर्देश, प्रभारी चिकित्साधिकारी का रोका वेतन
  • स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार हेतु डीएम के निर्देश, अव्यवस्थाओं पर प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोका गया
  • संस्थागत प्रसव बढ़ाने, दवाओं का डिजिटल रिकॉर्ड व नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दुगड्डा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की जर्जर स्थिति, चिकित्सा सुविधाओं की कमी एवं व्यवस्थागत खामियों पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीएचसी भवन की जर्जर स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देशित किया कि यदि भवन उपयोग के योग्य नहीं है तो उसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाए, अन्यथा प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रचार-प्रसार सामग्री के लंबे समय से भंडारण पर नाराजगी जताते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में शीघ्र वितरित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं की जानकारी अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सके।

निरीक्षण के दौरान फ्री डायग्नोस्टिक सेवा के प्रतिनिधि ओपीडी समय पर भी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने उनके बिल भुगतान और रोक लगाने के निर्देश सीएमओ को दिए। लैब टेक्नीशियन एवं डायग्नोस्टिक सुविधाओं के अभाव को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को इसकी समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने ओपीडी, दवा वितरण व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति, दवा भंडारण एवं उपलब्धता का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सालय में उपलब्ध दवाओं की सूची को डिजिटल रूप में तैयार करने तथा नियमित अद्यतन रखने पर जोर दिया, जिससे दवाओं की उपलब्धता की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।

निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों से संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र में बीपी एवं हाइपरटेंशन के बढ़ते मामलों की जानकारी ली और इनके प्रभावी उपचार एवं निगरानी के निर्देश दिए। आशा कार्यकर्ताओं एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि पिछले चार माह में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कराए गए प्रसवों का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि आशा समन्वयक द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं संस्थागत प्रसवों का समुचित सत्यापन नहीं किया जा रहा है तथा जमीनी स्तर पर निगरानी भी प्रभावी नहीं है। इस पर उन्होंने सीएमओ कार्यालय को तत्काल सत्यापन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समयबद्ध तरीके से सत्यापन नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने अस्पताल में उपलब्ध उपकरणों, शल्य कक्ष, लैब, पेयजल एवं शौचालय व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उपकरणों की जानकारी लेने पर स्टॉक रजिस्टर नहीं पाया गया, जिस पर प्रभारी चिकित्साधिकारी की अनभिज्ञता पर नाराजगी जताते हुए सभी उपकरणों का अद्यतन रजिस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उपकरणों के समुचित संधारण पर विशेष ध्यान देने को कहा।

उन्होंने लेडी मेडिकल ऑफिसर को निर्देशित किया कि जिन गर्भवती महिलाओं का आगामी दो माह में प्रसव संभावित है, उनसे नियमित संपर्क बनाए रखते हुए बर्थ प्लानिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि सुरक्षित एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिल सके। साथ ही जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को नियमित निरीक्षण, बैठक एवं समीक्षा सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय भ्रमण पंजिका को अद्यतन रखने तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी, नायब तहसीलदार राजेंद्र सेमवाल, खंड विकास अधिकारी विद्यादत्त रतूड़ी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।