प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा के लिए प्रेषित की शुभकामनाएं, तीर्थयात्रियों से पांच संकल्पों का पालन करने का किया आग्रह

देहरादून : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारधाम यात्रा शुरु होने पर देशवासियों को शुभकामना संदेश देते हुए, उत्तराखंड आने वाले तीर्थयात्रियों से पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया है। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रेषित अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि – देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती पर चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि बाबा केदार के दर्शन सहित चारों धामों की यह पावन यात्रा भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना का एक भव्य उत्सव है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्राओं से भारतीय संस्कृति को एक नई दिशा दी थी। जगद्गुरु रामानुजाचार्य और जगद्गुरु माध्वाचार्य ने भी अपने धर्मविचारों को समृद्ध करने के लिए बद्रीनाथ की यात्रा की थी।

आज भी हिमालय की गोद में विराजमान ये चारों धाम हमारी शाश्वत आस्था और विश्वास के दिव्य केंद्र हैं। हर वर्ष विविध भाषाओं, परंपराओं और संस्कृतियों के लोग यहां पहुंचते हुए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के भाव को और अधिक सशक्त करते हैं। इस वर्ष की यात्रा भी इसी परंपरा का विस्तार है।

विकसित भारत में विकसित उत्तराखंड की भूमिका

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि विकसित भारत के संकल्प में विकसित उत्तराखंड की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले, उन्होंने बाबा केदार के द्वार पर खुद ये कहा था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आज उत्तराखंड की प्रगति इस विश्वास को साकार कर रही है। उत्तराखंड आज पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक प्रगति, तीनों क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

पिछले कुछ वर्षों से उत्तराखंड में विकास का जो महायज्ञ चल रहा है, उसने चारधाम यात्रा को पहले से अधिक सुगम, सुरक्षित और दिव्य बनाया है। जिससे श्रद्धालुओं, संतजनों और पर्यटकों को सुविधा हो रही है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड आने वाले अतिथियों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी यात्रा के दौरान डिजिटल उपवास रखते हुए, उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को जीने का प्रयास भी करें। इससे उन्हें एक अलग संतुष्टि भी मिलेगी।

पांच संकल्प

पहला संकल्प – स्वच्छता सर्वोपरि

धाम और उसके आसपास स्वच्छता बनाए रखें। नदियों को साफ रखने के लिए अपना योगदान दें। सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त यात्रा का संकल्प लें और इस पावन धरा की गरिमा को बनाए रखें।

दूसरा संकल्प – प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता

हिमालय की इस दिव्य धरा के प्रति संवेदनशील रहे। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए, एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।

तीसरा संकल्प – सेवा, सहयोग और एकता पर बल

पुरातन काल से तीर्थ यात्राएं सर्वजन की सेवा और सामाजिक समरसता को स्थापित करने का माध्यम रही हैं। आज भी लोग इसी सेवा भाव से तीर्थयात्रियों की सेवा करते हैं। इसीलिए तीर्थयात्री अपनी यात्रा के प्रत्येक दिन, किसी ना किसी रूप में, लोगों की सेवा का एक काम अवश्य करें। सहयात्रियों की सहायता करें और देश की विभिन्न जगहों से आए लोगों से जुड़े। उनकी परंपराओं का सहभागी बनकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को इस यात्रा के माध्यम से सशक्त करें।

चौथा संकल्प – वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा

अपने मूल स्थान से चलकर घर लौटने तक अपने कुल खर्च का पांच प्रतिशत हिस्सा लोकल उत्पादों को खरीदने पर जरूर खर्च करें। अगर किसी स्थानीय चीज की जरूरत इस मौसम में नहीं भी है, तो भी उसे भविष्य के इस्तेमाल के भाव से ही खरीदने का प्रयास करें।

पांचवां संकल्प – अनुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का पालन

यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करें। एक जिम्मेदार और सजग नागरिक के रूप में इस तीर्थ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाएं। हम ये प्रयास करें कि हमारी यात्रा से, इस यात्रा के आयोजन और प्रबंधन में जितने भी लोग लगे हुए हैं, उन्हें कोई असुविधा ना हो। प्रधानमंत्री ने क्रिएटर्स, इंफ्लूएंसर्स से भी उत्तराखंड की स्थानीय कहानियों और यहां की छोटी-छोटी परंपराओं को भी जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।

श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ के कपाट विधि-विधान के साथ खुले

केदारनाथ : श्रद्धा, आस्था और दिव्यता की अद्भुत त्रिवेणी, ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग केदारनाथ धाम के कपाट आज बुधवार को विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। प्रातः 8 बजे शुभ मुहूर्त में कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “जय श्री केदार” के उद्घोष से गूंज उठा। धाम में पहली पूजा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई।

इस पावन अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहे और उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर प्रदेश एवं देश की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। सिख रेजीमेंट के बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच कपाट उद्घाटन का यह दिव्य क्षण और भी अलौकिक बन गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम न केवल सनातन धर्मावलंबियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है, बल्कि यह भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा हर वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस वर्ष भी बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा ऐतिहासिक होगी।

मुख्यमंत्री ने की अपील

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने सभी उत्तराखंडवासियों से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के प्रति सेवा और आतिथ्य भाव बनाए रखने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाबा केदारनाथ का अनन्य भक्त बताते हुए कहा कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद उनके मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य एवं दिव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जो आज विश्वभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है।

फूलों से सजा बाबा केदार का धाम

भगवान केदारनाथ की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ से गुप्तकाशी, फाटा और गौरीकुंड होते हुए कल शाम ही धाम पहुंच चुकी थी। इसी क्रम में कपाट खुलने की प्रक्रिया आज प्रातः 5 बजे से प्रारंभ हुई। इसके बाद प्रातः 8 बजे रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी टी गंगाधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती सहित धर्माचार्यों एवं वेदपाठियों ने मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर विधिवत पूजा-अर्चना की। देव आवाहन एवं लोककल्याण के संकल्प के साथ ठीक 8 बजे कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट उद्घाटन के अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 51 क्विंटल से अधिक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

ये रहे मौजूद

कपाट खुलने के अवसर पर गीता धामी, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रुद्रप्रयाग पूनम कठैत, ब्लॉक प्रमुख ऊखीमठ पंकज शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर पंवार, तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग/मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा, पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर, सहित बड़ी संख्या में तीर्थ पुरोहितगण, हकहकूकधारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

 

सीएचसी यमकेश्वर में दिव्यांगजनों के लिए 25 अप्रैल को चिकित्सा शिविर का होगा आयोजन

यमकेश्वर : यमकेश्वर क्षेत्र के दिव्यांगजनों के लिए 25 अप्रैल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यमकेश्वर में विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत मिलेगी।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल मौजूद रहेगा, जिसमें अस्थि रोग, नेत्र, ईएनटी एवं फिजिशियन शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस शिविर से दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर समयबद्ध और सुगमता से प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।  उन्होंने संबंधित चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविर के आयोजन को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिविर में विभागीय स्टॉल लगाकर विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।

आरटीआई में लापरवाही पर सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुँवर का सख्त रुख, हरिद्वार के एसडीएम पर 10 हजार का जुर्माना, खनन प्रकरण में भी गंभीर आरोपों की जांच के निर्देश

देहरादून : उत्तराखण्ड सूचना आयोग, देहरादून ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत एक महत्वपूर्ण मामले में सख्त रुख अपनाते हुए हरिद्वार के लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आयोग ने यह कार्रवाई पूर्व आदेशों की लगातार अवहेलना और सूचना उपलब्ध न कराने के चलते की है।

लोक सूचना अधिकारी / उप जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया जाता है कि वे आयोग के आदेश प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर बिन्द संख्या 02. 05 में धारित सूचना एवं बिन्द संख्या 08 की सूचना धारा 5(4)5 के तहत् संबंधित पटल से प्राप्त करने के उपरांत अपीलार्थी को कार्यालय में बुलाकर चर्चा करते हुए सत्यापित सूचना अपीलार्थी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। लोक सूचना अधिकारी द्वारा आयोग के आदेश का अनुपालन नहीं किया जाता है तो अपीलार्थी सूचना का अधिकार अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 18 के अन्तर्गत आयोग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करने हेतु स्वतंत्र हैं।

आयोग द्वारा पत्रावली में संलग्न अभिलेखों का सम्यक अवलोकन / परीक्षण किया गया। उपस्थित अपीलार्थी के मौखिक कथनों का सुना गया जिससे स्पष्ट हुआ कि अपील संख्या 41467 में राज्य सूचना आयोग द्वारा पारित आदेश 27 मई 2025 के अनुपालन में लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी, हरिद्वार द्वारा शिकायतकर्ता को कोई सूचना प्रेषित नहीं की गयी। आज सुनवाई में लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी, हरिद्वार स्वयं, प्रतिनिधि अथवा हाइब्रिड मोड के माध्यम से उपस्थित नहीं हैं, न ही उनके द्वारा कोई लिखित अभिकथन आयोग को प्रेषित किया गया है, जो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के उल्लंघन के साथ-साथ आयोग के आदेश की अवहेलना है।

आज सुनवाई में लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी, हरिद्वार स्वयं, प्रतिनिधि अथवा हाइब्रिड मोड के माध्यम से उपस्थित नहीं है, न ही उनके द्वारा आयोग को लिखित आख्या / स्पष्टीकरण प्रेषित किया गया है, जो उनकी हठधर्मिता का परिचायक है। आयोग द्वारा गत सुनवाई दिनांक 10.02.2026 के अनुपालन में शिकायतकर्ता को सूचना प्रेषित नहीं की गयी है, जो उनकी हठधर्मिता का परिचायक है। अतः वर्तमान लोक सूचना अधिकारी / उप जिलाधिकारी, हरिद्वार को निर्गत कारण बताओ नोटिस की पुष्टि किया जाना न्यायोचित प्रतीत होता है। उक्तानुसार वर्तमान लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी, हरिद्वार पर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 (1) के अन्तर्गत रू0 10,000/- की शास्ति अधिरोपित की जाती है। लोक सूचना अधिकारी / उप जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया जाता है कि सूचना का अधिकार नियमावली, 2013 के नियम 11 (क) व (ड़) के अनुसार आयोग के आदेश प्राप्ति के 03 माह कि अवधि समाप्त होने पर राजकोष में जमा करेंगे तथा उनके द्वारा उक्त राशि राजकोष में जमा न कराये जाने पर जिलाधिकारी हरिद्वार उक्त राशि वर्तमान लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी, हरिद्वार के वेतन / देयकों से कटौती कर तीन किश्तों में राजकोष में जमा करायेंगे तथा कृत कार्यवाही से आयोग को भी अवगत करायेंगे।

आज सुनवाई के दौरान उपस्थित अपीलार्थी द्वारा आयोग को अवगत कराया गया कि प्रकरण से संबंधित दुर्गा स्टोन केशर, दो बार सील किया गया। स्टोन केशर सील होने के बावजूद भी मालिक द्वारा खनन विभाग से मिलिभगत कर केसर की सील तोड़कर उसके अंदर की भी मशीनरी, वाहन आदि सभी विकी कर दिए गए हैं। अपीलार्थी द्वारा खनन विभाग एवं राजस्व विभाग पर अत्यंत गम्भीर आरोप लगाये गये। अतः आज के आदेश की प्रति जिलाधिकारी हरिद्वार को इस निर्देश के साथ प्रेषित की जा रही है कि उक्त प्रकरण एवं हरिद्वार जिले के अन्तर्गत उक्त स्टोन केशर के संबंध में विस्तृत जांच कराते हुए सभी संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करने पर विचार करना चाहें।

आयोग के आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई

शिकायतकर्ता रजनीश सैनी द्वारा दायर शिकायत संख्या 16506 की सुनवाई राज्य सूचना आयुक्त दलीप सिंह कुँवर के समक्ष 13 अप्रैल 2026 को हुई। आयोग ने पाया कि पूर्व में पारित आदेश दिनांक 27 मई 2025 के बावजूद संबंधित लोक सूचना अधिकारी द्वारा मांगी गई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।

लगातार अनुपस्थित रहे अधिकारी

सुनवाई के दौरान लोक सूचना अधिकारी/उप जिलाधिकारी हरिद्वार न तो स्वयं उपस्थित हुए और न ही किसी प्रतिनिधि को भेजा। आयोग को उनकी ओर से कोई लिखित स्पष्टीकरण भी प्राप्त नहीं हुआ, जिसे आयोग ने गंभीर लापरवाही और अधिनियम की अवहेलना माना।

कारण बताओ नोटिस के बावजूद नहीं दिया जवाब

पूर्व सुनवाई में आयोग द्वारा धारा 20(1) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अधिकारी ने न तो जवाब दिया और न ही सुनवाई में भाग लिया। आयोग ने इसे “हठधर्मिता” करार देते हुए कड़ी टिप्पणी की।

10 हजार रुपये की शास्ति अधिरोपित

आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) के अंतर्गत संबंधित अधिकारी पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही निर्देश दिया कि यह राशि निर्धारित समयावधि में राजकोष में जमा की जाए, अन्यथा जिलाधिकारी द्वारा वेतन से कटौती कर वसूली की जाएगी।

खनन प्रकरण में गंभीर आरोप

सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता ने दुर्गा स्टोन क्रेशर से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सील किए जाने के बावजूद क्रेशर की सील तोड़कर मशीनरी और वाहन बेच दिए गए। इस मामले में खनन एवं राजस्व विभाग की मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं।

जांच के निर्देश जारी

आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

ई-चालान से जमा होगी जुर्माने की राशि

आयोग ने स्पष्ट किया कि अधिरोपित जुर्माना ई-चालान के माध्यम से जमा किया जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी को निर्धारित पोर्टल के जरिए भुगतान करना होगा।

 

 

16वीं जनगणना में डिजिटल क्रांति, पुलिस कर्मियों को स्व-गणना का प्रशिक्षण

पौड़ी : देश में जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सटीक एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में 16वीं जनगणना में पहली बार स्व-गणना की सुविधा लागू की जा रही है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी में विभिन्न विभागों के कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से जनगणना प्रक्रिया से जोड़ने हेतु आज पुलिस लाइन सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजित किया गया।

कार्यशाला में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप काला की उपस्थिति में पुलिस लाइन के 110 पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों को स्व-गणना का प्रशिक्षण जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला द्वारा प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल एवं मोबाइल आधारित एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा प्रविष्टि की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। साथ ही, प्रत्येक परिवार/व्यक्ति द्वारा स्वयं अपनी जनसांख्यिकीय जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया, लॉगिन/रजिस्ट्रेशन, यूनिक आईडी जनरेशन, ओटीपी आधारित सत्यापन, डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षित संप्रेषण जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी दी गयी।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं स्व-गणना की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उपस्थित कर्मियों को प्रक्रिया को समझने में सरलता हुई। अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि 16वीं जनगणना में पहली बार आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग करते हुए स्व-गणना की सुविधा प्रदान की जा रही है। इससे नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा, जिससे डेटा की शुद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों स्वगणना की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने तथा अपने परिजनों को जागरुक करने को कहा। 

जिला सूचना विज्ञान अधिकारी ने कहा कि स्व-गणना प्रक्रिया पूर्णतः डिजिटल, सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता अनुकूल बनायी गयी है। इसमें मोबाइल एप/वेब पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम डेटा एंट्री की सुविधा उपलब्ध है, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होती है। उन्होंने बताया कि डेटा एंट्री के दौरान वैलिडेशन सिस्टम लागू हैं, जिससे गलत या अपूर्ण जानकारी को तुरंत चिन्हित किया जा सकता है। साथ ही, सभी सूचनाएं सुरक्षित सर्वर पर एन्क्रिप्टेड रूप में संग्रहित की जाती हैं, जिससे गोपनीयता पूरी तरह सुनिश्चित रहती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्व-गणना प्रक्रिया को समझते हुए इसे सफल बनाने हेतु सक्रिय सहयोग का आश्वासन दिया।

बदरीनाथ धाम की यात्रा को लेकर डीएम एवं एसपी ने किया पुलिस अधिकारियों और जवानों को ब्रीफ
चमोली : बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ हेतु खोल दिए जायेंगें। श्री बद्रीनाथ धाम में दर्शन हेतु आने वाले श्रद्धालुओं/पर्यटकों की सुरक्षा एवं सुरक्षित यात्रा हेतु जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद कर दी गई हैं। यात्रा तैयारियों को अन्तिम रूप देते हुए बुधवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार एवं पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार ने चारधाम यात्रा ड्यूटी में नियुक्त समस्त पुलिस बल की श्री बद्रीनाथ धाम स्थित कृष्ण प्रणामी हॉल में ब्रीफिंग की गई।
इस दौरान जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने ड्यूटी का निर्वहन ईमानदारी से करने की बात कही। ताकि धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्री एक सुखद अनुभव लेकर धाम से लौटें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सहज एवं सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी को यात्रियों के साथ विनम्र एवं मृदु व्यवहार रखने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक चमोली ने अपने संबोधन में स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु के लिए ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी यात्रा सरल, सुगम एवं सुरक्षित हो। उन्होंने कहा कि भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ यात्रियों के साथ “अतिथि देवो भवः” एवं उत्तराखंड पुलिस की थीम “मित्रता, सेवा, सुरक्षा” की भावना के अनुरूप व्यवहार किया जाए, ताकि श्रद्धालु उत्तराखंड से सकारात्मक अनुभव लेकर लौटें।
इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक चमोली मदन सिंह बिष्ट द्वारा बाहरी जनपदों से आए पुलिस बल को जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों और चारधाम यात्रा हेतु तैयार किए गए विस्तृत यातायात प्लान की विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, पुलिस उपाधीक्षक कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गिरीश बिष्ट सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।




संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेंट की अपनी पुस्तक “पहलगाम … जब समय थम सा गया”

देहरादून । पहलगाम में पर्यटकों पर बर्बर हमले की पहली बरसी पर बुधवार को ‘पहलगाम … जब समय थम गया’ पुस्तक जनता के बीच आ गई । पुस्तक के लेखक सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में संयुक्त निदेशक केएस चौहान हैं। जो घटना के दिन सपरिवार पहलगाम में मौजूद थे, चौहान ने अपने अनुभवों को पुस्तक की शक्ल दी है।

संयुक्त निदेशक सूचना केएस चौहान ने बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर पुस्तक की प्रति उन्हें भेंट की। उन्होंने बताया कि पुस्तक में पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को घटना वाले दिन के माहौल और तमाम सारी बातों को शामिल किया गया। इसके अंत में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया गया है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहलगाम में एक वर्ष पूर्व घटित आतंकी हमले ने देश को झकझोर दिया था। उन्होंने पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर जिस तरह दुनिया को अपना दम दिखाया, वो ऐतिहासिक है।

वाहन में काली फिल्म, हूटर और हुड़दंग, श्रीनगर पुलिस ने वाहन सीज कर तुरंत लिया सख्त एक्शन

श्रीनगर : जनपद पौड़ी गढ़वाल में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने एवं चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित तथा निर्बाधित रूप से संचालित करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जनपद पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में श्रीनगर पुलिस द्वारा दैनिक चेकिंग के दौरान एक कार चालक (वाहन संख्या- DL2CBG3561) को रोका गया, जो अपने वाहन में अवैध रूप से हूटर, लाउड हेलर एवं माइक का प्रयोग कर शांत वातावरण भंग करने, अराजकता फैलाने तथा अन्य राहगीरों पर धौंस जमाने का प्रयास कर रहा था। वाहन पर काली फिल्म भी लगी हुई थी तथा चालक द्वारा वाहन को लापरवाही एवं खतरनाक ढंग से संचालित किया जा रहा था। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम द्वारा स्पष्ट संकेत देने के बावजूद चालक ने वाहन नहीं रोका, जिस पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन को रोककर सीज कर दिया। मौके पर ही वाहन से हूटर, काली फिल्म एवं माइक हटाकर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त हुड़दंग, अराजकता एवं कानून व्यवस्था भंग करने वाले अन्य तत्वों के विरुद्ध भी पुलिस अधिनियम की धारा 81 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की गई।

पौड़ी पुलिस का सख्त संदेश

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता है। हुड़दंग, स्टंट, नशे में वाहन चलाना या हूटर बजाकर धौंस जमाने जैसी हरकतों पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निरंतर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नाम पता

1. वाहन चालक हर्षित (उम्र 35 वर्ष) पुत्र नरेश  कुमार  निवासी साउथ दिल्ली (वाहन.सं0-DL2CBG3561 कार)

2. मोहित गौड पुत्र मुकेश कुमार निवासी जुड़बाग कोटला दिल्ली।

अनोखी शादी : एक परिवार में 06 शादियां, दुल्हन लेकर जाएगी बारात, गहने और शराब को लेकर भी बड़ा फैसला

चकराता : उत्तराखंड का जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और विशिष्ट परंपराओं के लिए दुनिया भर में अपनी एक अलग पहचान रखता है। यहां की ‘जोजड़े’ परंपरा आज भी पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। इस परंपरा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर नहीं जाता, बल्कि दुल्हन स्वयं बारात लेकर दूल्हे के घर पहुँचती है।

नारी सम्मान और अद्वितीय लोक संस्कृति का यह अद्भुत उदाहरण आगामी 29 अप्रैल को चकराता ब्लॉक के खारसी गाँव में देखने को मिलेगा, जहाँ एक ही परिवार में पहली बार छह शादियां एक साथ संपन्न होने जा रही हैं। खारसी गांव निवासी दौलत सिंह चौहान के परिवार में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में उनके पांच पुत्रों नरेंद्र, प्रीतम, राहुल, अमित और प्रदीप के साथ उनकी एकमात्र पुत्री राधिका का विवाह भी एक साथ होगा।

आज के दौर में जहां एकल परिवारों का चलन बढ़ रहा है, वहीं एक ही छत के नीचे रहने वाला यह संयुक्त परिवार अपनी एकता और आपसी तालमेल से समाज के सामने एक बड़ी मिसाल पेश कर रहा है। परिजनों के साथ-साथ पूरे क्षेत्रवासियों में इस सामूहिक विवाह को लेकर भारी उत्साह है, क्योंकि यह आयोजन न केवल पारिवारिक मिलन का उत्सव है, बल्कि क्षेत्रीय गौरव का भी प्रतीक है।

इस समारोह की एक और महत्वपूर्ण बात सादगी और सामाजिक सुधार पर जोर देना है। बीते वर्ष गांव के स्याणा शूरवीर सिंह पंवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फिजूलखर्ची रोकने और सामाजिक कार्यक्रमों में सादगी अपनाने का निर्णय लिया गया था। इसी के तहत इस विवाह में महिलाओं के आभूषण पहनने की सीमा तय की गई है और कान की झुमकी, नाक की फूली व मंगलसूत्र जैसे पारंपरिक गहनों तक ही इसे सीमित रखा गया है।

साथ ही, समारोह में अंग्रेजी शराब और बियर पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सामूहिक विवाह से जहाँ खर्च में कमी आती है, वहीं यह नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़े रखने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

कोटद्वार : तहसील में तहसील दिवस आयोजित, 94 शिकायतें दर्ज, अधिकांश का मौके पर निस्तारण

कोटद्वार : मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में मंगलवार को कोटद्वार तहसील सभागार में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। तहसील दिवस के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों द्वारा कुल 94 शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित शिकायतकर्ताओं को त्वरित राहत प्रदान की गयी। शेष शिकायतों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

तहसील दिवस में पूर्ति विभाग, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, अतिक्रमण तथा अन्य जनसुविधाओं से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से प्राप्त हुईं। पूर्ति विभाग से संबंधित गैस आपूर्ति के मामलों में मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता दिखाते हुए जिला पूर्ति अधिकारी को निर्देशित किया कि गैस एजेंसियों द्वारा निर्धारित वितरण स्थलों पर ही पारदर्शी तरीके से गैस वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले गैस बुक करवाई है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग क्रम में ही गैस उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि गैस वितरण में किसी प्रकार की असमानता अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसकी सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि जनपद में गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था नियमित रूप से संचालित हो रही है, अतः वितरण प्रणाली को पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित बनाया जाना आवश्यक है।

नगर क्षेत्र कोटद्वार में अतिक्रमण संबंधी शिकायतों पर उन्होंने नगर निगम प्रशासन को निर्देशित किया कि अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित एवं प्रभावी अभियान चलाया जाए, ताकि आमजन एवं वाहनों की आवाजाही सुचारु बनी रहे और किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। पेयजल से संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए कि सभी क्षेत्रों में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी तकनीकी अथवा अन्य समस्याएं हैं, उनका त्वरित समाधान किया जाए। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि चिकित्सालयों में आवश्यक सुविधाएं, दवाइयों की उपलब्धता तथा चिकित्सकीय सेवाएं सुचारु रूप से संचालित रहें, ताकि आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि तहसील दिवस शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण किया जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए तथा किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं का निस्तारण संबंधित स्तर पर ही सुनिश्चित किया जाए, जिससे अनावश्यक विलंब से बचा जा सके और शिकायतकर्ता को शीघ्र राहत मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने, उनकी प्रगति की निगरानी रखने तथा शिकायतकर्ताओं को समय-समय पर सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनसमस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी संदीप कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत नंदिता अग्रवाल, लोनिवि दुगड्डा निर्भय सिंह, ग्रामीण निर्माण खंड कोटद्वार श्रीपति डोभाल, महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग, खंड विकास अधिकारी विद्यादत्त रतूड़ी, सहायक नगर आयुक्त अजय एष्टवाल, खाद्य निरीक्षक करण क्षेत्री सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।